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Ayodhya: FILE - In this Oct. 29, 1990, file photo, Indian security officer guards the Babri Mosque in Ayodhya, closing off the disputed site claimed by Muslims and Hindus. India’s top court is expected to pronounce its verdict on Saturday, Nov. 9, 2019, in the decades-old land title dispute between Muslims and Hindus over plans to build a Hindu temple on a site in northern India. In 1992, Hindu hard-liners demolished a 16th century mosque in Ayodhya, sparking deadly religious riots in which about 2,000 people, most of them Muslims, were killed across India. AP/PTI(AP11_9_2019_000012B)

अयोध्या फैसला: पुनर्विचार याचिका दाखिल करेंगे मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलमा-ए-हिंद

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि अयोध्या जमीन विवाद मामले में जो फैसला आया उसने न्याय नहीं किया.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

अयोध्या: इंसाफ के बजाय इंसाफ से फासला बढ़ाने वाला फ़ैसला

सुप्रीम कोर्ट भी विवादित भूमि रामलला को देते हुए यह नहीं सोचा कि उसका फ़ैसला न सिर्फ छह दिसंबर, 1992 के ध्वंस बल्कि 22-23 दिसंबर, 1949 की रात मस्जिद में मूर्तियां रखने वालों की भी जीत होगी. ऐसे में अदालत का इन दोनों कृत्यों को ग़ैर-क़ानूनी मानने का क्या हासिल है?

New Delhi: A group photo of the five-judge bench comprised of Chief Justice of India Ranjan Gogoi (C) flanked by (L-R) Justice Ashok Bhushan, Justice Sharad Arvind Bobde, Justice Dhananjaya Y Chandrachud, Justice S Abdul Nazeer after delivering the verdict on Ayodhya land case, at Supreme Court in New Delhi, Saturday, Nov. 9, 2019. (PTI Photo) (PTI11_9_2019_000298B)

क्या अयोध्या मामले में न्याय को तरजीह नहीं दी गई?

बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि ज़मीन विवाद में ‘सार्वजनिक शांति और सौहार्द’ बनाए रखने के लिए विवादित ज़मीन को न बांटने का जजों का निर्णय बहुसंख्यक दबाव से प्रभावित लगता है, जिसमें मुस्लिम पक्षकारों के क़ानूनी दावे को नज़रअंदाज़ कर दिया गया.

(फोटो: द वायर)

प्रधानमंत्री मोदी की अपील दरकिनार कर फ़ैसले का ‘जश्न’ मना रहे हैं अयोध्या के भाजपाई

अयोध्या में भाजपा के निर्वाचित सांसद, विधायक और पदाधिकारियों ने शनिवार को फ़ैसले के दिन दीप जलाए और मिठाइयां बांटी. सोमवार को पार्टी जिला मुख्यालय पर सार्वजनिक रूप से रामायण पाठ आयोजित हुआ, जहां नेता व कार्यकर्ता बधाइयां देते और लेते रहे. मंगलवार को 1992 की कारसेवा के दौरान पुलिस फायरिंग में मारे गए कारसेवकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई.

(फोटो साभार: India Rail Info)

अयोध्या: मुस्लिम धर्मगुरु और मुद्दई बोले- 67 एकड़ अधिग्रहीत भूमि में से ही दी जाए मस्जिद की ज़मीन

मुस्लिम धर्मगुरुओं का कहना है कि सरकार द्वारा अधिग्रहीत 67 एकड़ भूमि से ज़मीन मिलती है तभी स्वीकार किया जाएगा. मुस्लिम समुदाय मस्जिद बनाने के लिए अपने पैसे से ज़मीन ख़रीद सकते हैं और वे इसके लिए केंद्र सरकार पर निर्भर नहीं हैं. इधर, केंद्र सरकार ने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के गठन की प्रक्रिया शुरू की.

फाइल फोटो: रॉयटर्स

अयोध्या विवाद आस्था और तार्किकता के बीच की लड़ाई है: इतिहासकार डीएन झा

साक्षात्कार: प्रख्यात इतिहासकार डीएन झा से बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद, इससे जुड़े ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांप्रदायिक पहलुओं पर बातचीत.

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हम भी भारत: अयोध्या फ़ैसले से बदलेगी भारत की राजनीति?

वीडियो: हम भी भारत की इस कड़ी में द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि ज़मीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय और इसके राजनीतिक मायनों पर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद और द वायर के डिप्टी एडिटर अजय आशीर्वाद से चर्चा कर रही हैं.

New Delhi: Police personnel stand guard inside the Supreme Court premises ahead of the court's verdict on Ayodhya land case, in New Delhi, Saturday, Nov. 9, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI11_9_2019_000222B)

बाबरी-रामजन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला विरोधाभासों पर टिका है

इस मामले पर फ़ैसला देते हुए शीर्ष अदालत की संवैधानिक पीठ ने कहा कि मुस्लिम वादी यह साबित नहीं कर सके हैं कि 1528 से 1857 के बीच मस्जिद में नमाज़ पढ़ी जाती थी और इस पर उनका विशिष्ट अधिकार था. हालांकि हिंदू पक्षकारों के भी यह प्रमाणित न कर पाने पर उन्हें ज़मीन का मालिकाना हक़ दे दिया गया है.

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज अशोक कुमार गांगुली. (फोटोः पीटीआई)

अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला समझना मेरे लिए मुश्किल: सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज अशोक कुमार गांगुली ने बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि जमीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि संविधान के लागू होने के बाद वहां पहले क्या था, यह सुप्रीम कोर्ट की जिम्मेदारी नहीं है. उस समय भारत कोई लोकतांत्रिक गणतंत्र नहीं था. अगर हम इस तरह बैठकर फैसला देंगे तो बहुत सारे मंदिर, मस्जिद और अन्य ढांचों को तोड़ना पड़ेगा.

जनवरी, 2009 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट सौंपते जस्टिस एमएस लिब्रहान. (फोटो: पीटीआई)

अयोध्या विवाद: विध्वंस के बारे में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी लिब्रहान आयोग जैसी

राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद ज़मीन विवाद पर अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बाबरी मस्जिद गिराया जाना एक सोचा समझा कृत्य था. 1992 में बाबरी विध्वंस मामले की जांच लिए बने लिब्राहन आयोग ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इसे योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया था.

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अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के मायने

वीडियो: रामजन्मभूमि न्यास को मिलेगा 2.77 एकड़ ज़मीन का मालिकाना हक़. मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार को तीन महीने के अंदर बनाना होगा ट्रस्ट. सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को अयोध्या में ही पांच एकड़ ज़मीन दी जाएगी. इस मुद्दे पर द वायर के सह संस्थापक सिद्धार्थ वरदराजन से चर्चा कर रही हैं द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.

लाल कृष्ण आडवाणी. (फोटो साभार: यूट्यूब)

मेरे रुख की पुष्टि हुई, मैं खुद को धन्य महसूस कर रहा हूं: लालकृष्ण आडवाणी

राम जन्मभूमि आंदोलन के शिल्पकार एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या में मस्जिद बनाने के लिए मुस्लिम पक्ष को पांच एकड़ ज़मीन अलग से देने के फैसले का भी स्वागत किया.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi addresses the nation after the Supreme Court earlier in the day delivered the Ayodhya verdict, in New Delhi, Saturday, Nov. 9, 2019. (Twitter/PTI Photo) (PTI11_9_2019_000293B)

नौ नवंबर मिल-जुलकर आगे बढ़ने की तारीख़ है: नरेंद्र मोदी

अयोध्या ज़मीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हर परिस्थिति में संविधान और न्याय प्रणाली पर विश्वास बनाए रखना चाहिए. समाधान निकलने में भले ही कुछ समय लगे लेकिन फिर भी धैर्य बनाकर रखना ही सर्वोचित है.

नई दिल्ली स्थित जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुख़ारी और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी (बाएं). (फोटो: पीटीआई)

अयोध्या मामले को अब आगे बढ़ाना ठीक नहीं, पुनर्विचार याचिका न दायर की जाए: इमाम बुख़ारी

अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि फैसला हमारी उम्मीद के मुताबिक नहीं, लेकिन हम निर्णय को मानते हैं.

विहिप द्वारा प्रस्तावित राम मंदिर का एक मॉडल देश भर में कई जगह पर ले जाया गया था. इस मॉडल के साथ अशोक सिंघल (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

विहिप को उम्मीद, अयोध्या में राम जन्मभूमि न्यास के डिजाइन के मुताबिक होगा मंदिर निर्माण

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद काशी और मथुरा के धार्मिक स्थलों को लेकर विहिप की आगामी योजना के बारे में पूछे जाने पर विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे ने कहा कि बाकी विषयों पर समाज के रुख को राम मंदिर निर्माण के बाद देखा जाएगा.

असदुद्दीन ओवैसी. (फोटो: पीटीआई)

दान में मिली पांच एकड़ ज़मीन की ज़रूरत नहीं, मस्जिद को लेकर समझौता नहीं होगा: ओवैसी

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद ज़मीन विवाद के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने तथ्यों पर विश्वास की जीत क़रार दिया. उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय सर्वोच्च है, लेकिन उससे भी गलती हो सकती है.

New Delhi: Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) chief Mohan Bhagwat addresses after the Supreme Court pronounces its verdict on Ayodhya land case, in New Delhi, Saturday, Nov. 9, 2019. The apex court on Saturday cleared the way for the construction of a Ram Temple at the disputed site at Ayodhya, and directed the Centre to allot a 5-acre plot to the Sunni Waqf Board for building a mosque. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI11_9_2019_000131B)(PTI11_9_2019_000135B)

अतीत की बातों को भुलाकर सभी मिलकर भव्य राम मंदिर का निर्माण करेंगे: संघ प्रमुख

अयोध्या के बाद काशी और मथुरा में भावी योजना के बारे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ आंदोलन नहीं करता, संघ का काम मनुष्य निर्माण है.

(फोटो: पीटीआई)

बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि ज़मीन विवाद: पढ़ें सुप्रीम कोर्ट का पूरा फ़ैसला

सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय 2010 के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फ़ैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आया है. हाईकोर्ट ने अपने फ़ैसले में 2.77 एकड़ ज़मीन को सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और रामलला विराजमान के बीच बराबर बांटने का आदेश दिया था.

इक़बाल अंसारी. (फोटो साभार: एएनआई)

अयोध्या मामले में अदालत के फैसले से खुश हूं: इक़बाल अंसारी

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले के पक्षकार रहे हाशिम अंसारी के बेटे और मुद्दई इक़बाल अंसारी ने कहा कि इस बात की सबसे ज़्यादा खुशी है कि यह मसला सुलझ गया है. उन्होंने कहा कि वह अदालत के फैसले को चुनौती नहीं देंगे.

New Delhi: Sunni Waqf Board lawyer Zafaryab Jilani along with other advocates comes out  of the Supreme Court after the Ayodhya case verdict, in New Delhi, Saturday, Nov. 9, 2019. (PTI Photo/Arun Sharma)  (PTI11_9_2019_000065B) *** Local Caption ***

सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन इससे संतुष्ट नहीं: ज़फ़रयाब जिलानी

बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि ज़मीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के वकील ज़फ़रयाब जिलानी ने कहा कि वे वकीलों से बात करने के बाद पुनर्विचार याचिका दायर करने के बारे में निर्णय लेंगे.

(फोटो साभार: विकिपीडिया/पीटीआई)

विवादित स्थल पर मुस्लिम पक्ष का दावा ख़ारिज, हिंदू पक्ष को मिलेगी ज़मीन: सुप्रीम कोर्ट

बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि विवाद: रामजन्मभूमि न्यास को मिलेगा 2.77 एकड़ ज़मीन का मालिकाना हक़. मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार को तीन महीने के अंदर बनाना होगा ट्रस्ट. सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को अयोध्या में ही पांच एकड़ ज़मीन दी जाएगी.

सुप्रीम कोर्ट. (फोटो: पीटीआई)

अयोध्या: फैसले का स्वागत करते हुए नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने की शांति बनाए रखने की अपील

रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद ज़मीन विवाद मामले पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष का दावा ख़ारिज कर दिया है. रामजन्मभूमि न्यास को मिलेगा 2.77 एकड़ ज़मीन का मालिकाना हक़. मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार को तीन महीने के अंदर बनाना होगा ट्रस्ट. सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को अयोध्या में ही पांच एकड़ ज़मीन दी जाएगी.

Ayodhya: Police personnel stand guard at a barricade point ahead of 'Deepotsav' festival, in Ayodhya, Wednesday, Oct. 23, 2019. (PTI Photo) (PTI10_23_2019_000031B)

उत्तर प्रदेश: अयोध्या में कड़ी सुरक्षा, सभी ज़िलों में बनाई गई अस्थायी जेल, स्कूल बंद

राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद ज़मीन विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनज़र अयोध्या छावनी में तब्दील. अयोध्या के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पूरे उत्तर प्रदेश में सुरक्षा कड़ी की गई. धारा 144 लागू. 21 ज़िलों को संवेदनशील घोषित किया गया.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

विहिप ने अयोध्या को रणक्षेत्र बनाया तो ‘हिंदू’ हुई हिंदी पत्रकारिता

मुख्यधारा की पत्रकारिता तो शुरुआती दिनों से ही राम जन्मभूमि आंदोलन का अपने व्यावसायिक हितों के लिए इस्तेमाल करती और ख़ुद भी इस्तेमाल होती रही. 1990-92 में इनकी परस्पर निर्भरता इतनी बढ़ गई कि लोग हिन्दी पत्रकारिता को हिंदू पत्रकारिता कहने लगे.

New Delhi: A group photo of the five-judge bench comprised of Chief Justice of India Ranjan Gogoi (C) flanked by (L-R) Justice Ashok Bhushan, Justice Sharad Arvind Bobde, Justice Dhananjaya Y Chandrachud, Justice S Abdul Nazeer after delivering the verdict on Ayodhya land case, at Supreme Court in New Delhi, Saturday, Nov. 9, 2019. (PTI Photo) (PTI11_9_2019_000298B)

अयोध्या मामले की सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट के पांच जज कौन हैं?

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की पीठ आज ऐतिहासिक फैसला सुनाएगी. इस पीठ में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस अब्दुल नजीर शामिल हैं.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

अयोध्या: फैसले से पहले सीजेआई गोगोई उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस प्रमुख से मिले

अयोध्या में विवादित भूमि को लेकर अगले सप्ताह सुनाए जाने की संभावना है, क्योंकि चीफ जस्टिस रंजन गोगाई 17 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. पूरे राज्य सहित 78 बड़े स्टेशनों तथा ट्रेनों में चौकसी बढ़ा दी है. अर्द्धसैनिक बलों के करीब 4,000 जवानों को भेजा गया है.

(फोटो: पीटीआई)

आज हिंदुस्तानी मुसलमान को एक नए सामाजिक आंदोलन की ज़रूरत है

आज बहुत सुनियोजित ढंग से आरएसएस परिवार को छोड़कर सारी आवाज़ों को दबा दिया गया है. अगर कोई आवाज़ उठती भी है तो वह सिर्फ उनकी होती है, जो मुसलमानों को पिछड़ा, दकियानूसी और क़बायली साबित करती हैं.

Srinagar: Security personnel keep vigil at Lal Chowk after bifurcation of the Jammu and Kashmir state came into existence, in Srinagar, Thursday, Oct. 31, 2019. (PTI Photo/S. Irfan) (PTI10_31_2019_000132B)

जम्मू कश्मीर: 5 अगस्त के बाद से 450 लोगों की विदेश यात्रा पर लगी है अस्थायी रोक

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने राज्य का विशेष दर्जा ख़त्म करने और दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के बाद यहां के साढ़े चार सौ से अधिक कारोबारियों, पत्रकारों, वकीलों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की एक सूची तैयार की है, जिनके विदेश जाने पर रोक लगाई गई है. प्रशासन ने किसी भी व्यक्ति को नहीं बताया है कि यह प्रतिबंध कब तक रहेगा.

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सावरकर को भारत रत्न देना आज़ादी के नायकों का अपमान है

क्या ऐसा शख़्स, जिसने अंग्रेज़ सरकार के पास माफ़ीनामे भेजे, जिन्ना से पहले धर्म के आधार पर राष्ट्र बांटने की बात कही, भारत छोड़ो आंदोलन के समय ब्रिटिश सेना में हिंदू युवाओं की भर्ती का अभियान चलाया, भारतीयों के दमन में अंग्रेज़ों का साथ दिया और देश की आज़ादी के अगुआ महात्मा गांधी की हत्या की साज़िश का सूत्रसंचालन किया, वह किसी भी मायने में भारत रत्न का हक़दार होना चाहिए?

New Delhi: Uttar Pradesh Shia Central Board of Waqfs Chairman Syed Waseem Rizvi addresses a press conference in New Delhi on Monday. (PTI Photo/Kamal Singh) (PTI5_14_2018_000151B)

मुस्लिमों को सभी विवादित स्थलों पर दावा छोड़ हिंदुओं को सौंपना चाहिए: शिया वक़्फ़ बोर्ड अध्यक्ष

उत्तर प्रदेश शिया वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिज़वी का कहना है कि अयोध्या विवाद के समाधान के बाद ऐसे और मसले उठ खड़े होंगे क्योंकि देश में ऐसे ग्यारह और विवादित स्थल हैं. इसलिए पूर्वजों की गलतियां सुधारते हुए मुस्लिमों को देश में शांति के लिए इन्हें हिंदुओं को दे देना चाहिए.

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क्या इतिहास नफ़रत का हथियार है?

वीडियो: इतिहास की गलत तरीके से व्याख्या करने के मुद्दे पर शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता राम पुनियानी से दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद की बातचीत.

झारखंड हाईकोर्ट. (फोटो: विकिमीडिया कॉमन्स)

क़ुरान बांटने के आदेश पर चर्चा में आई छात्रा झारखंड पुलिस के ख़िलाफ़ हाईकोर्ट पहुंची

रांची की एक छात्रा ऋचा भारती को सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं काे ठेस पहुंचाने वाले पोस्ट करने के आरोप में बीते 12 जुलाई को गिरफ़्तार किया गया था. स्थानीय अदालत ने उन्हें पांच क़ुरान बांटने की शर्त पर ज़मानत दी थी. बाद में अदालत ने क़ुरान बांटने का आदेश वापस ले लिया था.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

अयोध्या विवाद: सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को छोड़ सभी मुस्लिम पक्षकारों ने सुलहनामे को अस्वीकार किया

सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को छोड़कर मामले के अन्य मुस्लिम पक्षकारों ने सुप्रीम कोर्ट में बयान दाखिल कर कहा है कि वे उन प्रस्तावों को स्वीकार नहीं करते हैं, जो मीडिया में लीक हुए हैं.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

अयोध्या विवादः ज़मीन से अपना दावा छोड़ने के लिए सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड ने सुलहनामा दायर किया

सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड ने यह सुलहनामा मध्यस्थता समिति के सदस्य श्रीराम पंचू के ज़रिये दाख़िल किया है.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

बहुत हो चुका…आज शाम पांच बजे खत्म हो जाएगी अयोध्या मामले की सुनवाई: सीजेआई रंजन गोगोई

अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले की सुनवाई करते हुए आखिरी समय में हस्तक्षेप को लेकर दाखिल किए गए एक आवेदन को अस्वीकार करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने बुधवार को कहा कि इस मामले में बहस शाम 5 बजे समाप्त हो जाएगी.

अयोध्या. (फोटो साभार: ​टूरिज़्म आॅफ इंडिया)

अयोध्या: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले 10 दिसंबर तक के लिए धारा 144 लगाई गई

अयोध्या मामले के संभावित फैसले के अलावा दीपोत्सव, चेहल्लुम और कार्तिक मेले को लेकर धारा 144 दो महीने तक अयोध्या जिले में लागू रहेगी.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi paying respects to Dr. Babasaheb Ambedkar, at Chaitya Bhoomi, in Mumbai on October 11, 2015. 
The Governor of Maharashtra, Shri C. Vidyasagar Rao, the Chief Minister of Maharashtra, Shri Devendra Fadnavis and the Union Minister for Road Transport & Highways and Shipping, Shri Nitin Gadkari and other dignitaries are also seen.

मोदी ख़ुद को आंबेडकर का ‘शिष्य’ बताते हैं, लेकिन मनु पर दोनों के नज़रिये में फ़र्क़ दिखता है

पुस्तक अंश: मोदीनामा किताब का पांचवां अध्याय ‘मनु का सम्मोहन’ बताता है कि भारत के संविधान के ऐलान को डाॅ. आंबेडकर ने मनु के शासन की समाप्ति कहा था, बावजूद इसके मनु की वापसी हो रही है.

Young girls dressed as Kumari sit in front of the idols of Hindu goddess Durga before being worshipped as part of a ritual during the Durga Puja festival celebrations at a pandal in Kolkata (Image: Reuters)

दुर्गा पूजा में राम की जयकार के क्या मायने हैं?

दुर्गा अब राष्ट्रवाद की गुलाम बना ली गई हैं. फिर उनसे वही काम लिया जा रहा है, जो कभी डरपोक-कपटी देवताओं ने उनकी आड़ में महिषासुर पर वार करके लिया था. अब दुर्गा की आड़ में आक्रमण मुसलमानों पर किया जा रहा है और हम, जो खुद को दुर्गा का भक्त कहते हैं, यह होने दे रहे हैं.