Hindu

1993 में मुंबई दंगों का एक दृश्य. (फोटो: सुधाकर ओल्वे)

बंबई दंगे: ज़ख़्म तो भर गए, लेकिन निशां अभी बाकी हैं

बाबरी विध्वंस के 25 साल: बाबरी विध्वंस के बाद छिड़े सांप्रदायिक दंगों की आंच बंबई तक भी पहुंची थी. लोगों का कहना है कि वे इससे आगे बढ़ चुके हैं पर मुस्लिमों पर हुए हमलों की हालिया घटनाएं उन्हें डराती हैं.

फोटो: पीटीआई

भारत किसी ख़ास धर्म के लोगों का नहीं, तमाम ख़ूबसूरत फूलों का एक गुलदस्ता है: अब्दुल्ला

फारूक़ अब्दुल्ला ने संघ को दी उन्माद से बचने की नसीहत, कहा- धार्मिक आधार पर देश को बांटने का चलन राष्ट्रहित के लिए घातक. इधर आरएसएस के भैयाजी जोशी ने कहा, हिंदुत्व से बदलेगा समाज.

Ayodhya-pti2

बाबरी विध्वंस के 25 साल: जलती मशालों के बीच का अकेलापन

बाबरी मस्जिद विध्वंस और उसके बाद के रक्तरंजित दौर की तरफ पच्चीस साल बाद फिर लौटते हुए हम नए सिरे से उस पुराने द्वंद्व से रूबरू होते हैं जो हर ऐसे सांप्रदायिक दावानल के बहाने उठता है.

Babri Reuters

अयोध्या का फ़ैसला हिंदुओं के पक्ष में होगा, अगर नहीं होगा तो करवाया जाएगा: भाजपा नेता

मध्य प्रदेश के मंत्री ने कहा, अयोध्या जैसा आंदोलन दो बार और करना है. अभी तो अयोध्या मंदिर का हुआ. मथुरा एवं काशी के मंदिरों के लिए बाक़ी है.

इलस्ट्रेशन: एलिजा बख़्त

कम से कम हमारे हिंदुस्तान में तो ऐसा कुछ नहीं होता…

अफ़राज़ुल हत्याकांड: ये तीन लोगों की कहानी है. भगवान, अल्लाह, गॉड, इलाही जिसको भी आप मानते हो, वो कहता है, साउंड, कैमरा, एक्शन और एक सीन शुरू होता है.

फोटो: रॉयटर्स

दूसरे धर्म में शादी करने से महिला की धार्मिक पहचान खो जाए, ऐसा कोई क़ानून नहीं: सुप्रीम कोर्ट

शीर्ष अदालत ने कहा कि कोई भी क़ानून शादी के बाद महिला के धर्म परिवर्तन की बात नहीं कहता है.

इलस्ट्रेशन: एलिजा बख़्त

अफ़राज़ुल की हत्या हमारे सामाजिक पतन की दास्तान है

सिर्फ ये कहना कि ये किसी पार्टी विशेष की सरकार के कारण हुआ, समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियों से बचना है. सरकार की ज़िम्मेदारी है पर यह समझना भी ज़रूरी है कि हम ख़ुद अपने घरों में क्या बात कर रहे हैं.

A make shift Ram temple comes up in place of Babri Masjid which was demolished by the Kar Sewaks a day before, Paramilitary force personal at the Make shift temple on 7th Dec 1992.

बाबरी विध्वंस: आज़ाद भारत का ख़त्म न होने वाला शर्मनाक अध्याय

इस अपराध की साज़िश रचने वालों ने खूब तरक्की की है और आज वे सत्ता में हैं. एक हिंदू वोट बैंक की कल्पना को साकार करने का अभियान उतनी ही शिद्दत से जारी है.

Carsewak Ayodhya

‘आडवाणी ने हमें कहा कि उन्हें 6 दिसंबर के बाद बाबरी मस्जिद नहीं चाहिए’

‘हम वहां राम मंदिर निर्माण के लिए कारसेवा करने गये थे, मस्जिद गिराने नहीं’, बाबरी मस्जिद विध्वंस में शामिल रहे कारसेवकों ने बताया उनका अनुभव.

Babri Masjid Wikipedia

संप्रदायवादियों की दिलचस्पी धर्म में नहीं, उसके राजनीतिक इस्तेमाल में है: बिपन चंद्र

अयोध्या मंदिर-मस्जिद विवाद वास्तविक मुद्दा नहीं हैं, क्योंकि जनता इस मुद्दे को लेकर शांतिपूर्ण रह रही है. वास्तविक मुद्दा सांप्रदायिकता का विकास और सांप्रदायिक संगठनों द्वारा सांप्रदायिक तनाव को हवा देना है.

अयोध्या. (फोटो साभार: ​टूरिज़्म आॅफ इंडिया)

अयोध्या एक शहर का नाम है जिसमें इंसान रहते हैं

यह वह अयोध्या नहीं है जिसको सार्वजनिक कल्पना में विहिप और भाजपा या दिल्ली के तथाकथित लिबरल्स व मार्क्सवादी बुद्धिजीवियों ने स्थापित किया है. यह एक सामान्य शहर है.

Ayodhya Wikimedia

अयोध्या विवाद: इस देश की राजनीति धर्मनिरपेक्ष विरासत और संकल्प भूल चुकी है

देश के वामपंथी और समाजवादी बौद्धिकों ने धर्मनिरपेक्षता की रक्षा का पूरा दारोमदार मंडलवादी और आंबेडकरवादी आंदोलनों पर डाल दिया लेकिन इन आंदोलनों ने देश को इतने भ्रष्ट नेता दिए कि उनके पास धर्मनिरपेक्षता की रक्षा का नैतिक बल ही नहीं बचा.

अयोध्या के नया घाट स्थि​त सरयूतट. (फोटो: कृष्णकांत)

छह दिसंबर हिंदुओं के लिए पश्चाताप, क्षमायाचना और आत्मचिंतन का दिन होना चाहिए

पच्चीस साल पहले आज ही के दिन स्वयं को रामभक्तों की सेना कहने वालों ने एक ऐसा जघन्य कृत्य किया था जिसके कारण पूरी दुनिया के सामने हिंदू धर्म का सिर हमेशा के लिए कुछ नीचे हो गया.

प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स

अगर राम मंदिर बन भी जाता है तो इससे आम हिंदू की ज़िंदगी में रत्ती भर फ़र्क नहीं पड़ेगा

राम मंदिर था या नहीं, ये बहस अनंत काल तक चलाई जा सकती है, लेकिन मुद्दा इतिहास का नहीं बल्कि धर्म के नाम पर बरगलाने का है.

फाइल फोटो: पीटीआई

विहिप ने अयोध्या को रणक्षेत्र बनाया तो ‘हिंदू’ हुई हिंदी पत्रकारिता

मुख्यधारा की पत्रकारिता तो शुरुआती दिनों से ही राम जन्मभूमि आंदोलन का अपने व्यावसायिक हितों के लिए इस्तेमाल करती और ख़ुद भी इस्तेमाल होती रही.

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उत्तरी गुजरात के गांवों में पाटीदारों का गुस्सा बिगाड़ सकता है भाजपा का खेल

ग्राउंड रिपोर्ट: भाजपा शासन से उपजे मोहभंग के कारण तेज़ मिजाज़ पाटीदारों ने अब आर्थिक मोर्चे पर इसकी नाक़ामियों को सामने रखना शुरू कर दिया है.

फोटो: पीटीआई

हिंदू वोट बैंक बचाए रखने की ख़ातिर नये-नये दुश्मन गढ़ना ज़रूरी है

विदेशी दुश्मनों को ज़रूरत से ज़्यादा निचोड़ लिया गया है. अब नये दुश्मन की ज़रूरत है. अब घर में तलाश की जा रही है. इसके लिए इतिहास को काम पर लगाया गया है.

(फोटो साभार:पत्रिका)

यूपी निकाय चुनाव: भाजपा नेता की मुस्लिमों को चेतावनी, भाजपा को वोट दें नहीं तो होगी परेशानी

बाराबंकी के इस भाजपा नेता के भाषण के समय योगी सरकार के दो कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान और रामापति शास्‍त्री भी मंच पर मौजूद थे.

गिरिराज सिंह. (फोटो साभार: फेसबुक)

बहुसंख्यकों की आबादी गिरेगी, उस दिन लोकतंत्र ख़तरे में होगा: केंद्रीय मंत्री

केंद्र सरकार में मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, भारत में जम्हूरियत भी तभी तक है और लोकतंत्र तभी तक सुरक्षित है जब तक बहुसंख्यकों की आबादी है.

फोटो साभार: ranjana-bisht.blogspot.in

कृष्णा सोबती: स्त्री मन की गांठ खोलने वाली कथाकार

‘मित्रो मरजानी’ के बाद सोबती पर पाठक फ़िदा हो उठे थे. ये इसलिए नहीं हुआ कि वे साहित्य और देह के वर्जित प्रदेश की यात्रा पर निकल पड़ी थीं. ऐसा हुआ क्योंकि उनकी महिलाएं समाज में तो थीं, लेकिन उनका ज़िक्र करने से लोग डरते थे.

(फोटो: पीटीआई)

कथित लव जिहाद मामले में राजस्थान पुलिस को हाईकोर्ट की फटकार, सरकार से जवाब तलब

अदालत ने पूछा, पुलिस कैसे मान सकती है कि 10 रुपये के स्टांप पर हलफ़नामा देने से लड़की का धर्म परिवर्तन क़ानूनन जायज़ है जबकि क़ानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है.

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कोई भी सरकार या अवतार केवल अपने बूते देश को बड़ा नहीं बना सकता: संघ प्रमुख

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हिंदुस्तान हिंदुओं का देश है. इसका मतलब यह कतई नहीं है कि हिंदुस्तान दूसरे लोगों का देश नहीं है.

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पीएन ओक: वो व्यक्ति जिसने ताजमहल को तेजोमहालय बताने वाले विवाद की शुरुआत की

भारत के इतिहास को सेक्युलर और मार्क्सवादी इतिहासकारों द्वारा गढ़ा बताने वाले ओक दावा करते हैं कि क्रिश्चियनिटी और इस्लाम ‘वैदिक’ विश्वासों की विकृतियों के तौर पर पैदा हुए हैं.

केरल हाईकोर्ट (फोटो: पीटीआई)

अंतरधार्मिक विवाह को ‘लव जिहाद’ बताकर सांप्रदायिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए: केरल हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने अंतरजातीय और अंतर-धार्मिक विवाह को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

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सरोजिनी नायडू के इमाम हुसैन को राजनीति ने शिया मुसलमान बना दिया

हमारी बदनसीबी ही है कि जिस सोच ने देश को तीन टुकड़ों में बांट दिया, आज भी हमारे दिमागों में काई की तरह जमी हुई है और सड़ांध फैला रही है.

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जितने मुंह, उतनी व्याख्याओं के लिए तैयार है हिंदू धर्म

हिंदू धर्म आज तक अगर प्राणवान रहा है तो राजाओं, अदालतों और पुलिस या लठैतों के बल पर नहीं. उसकी प्राणवत्ता परस्पर विरोधी स्वरों को सुनने और बोलने देने की उसकी तत्परता में रही है. उसे किसी मध्यस्थ की आवश्यकता नहीं.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi pays floral tributes to the bust of Shyama Prasad Mukherjee at BJPs national executive meeting at Talkatora stadium, in New Delhi on Monday. PTI Photo by Kamal Kishore (PTI9 25 2017 000034B)

दीनदयाल उपाध्याय: जो मुसलमानों को समस्या और धर्मनिरपेक्षता को देश की आत्मा पर हमला मानते थे

अंत्योदय का नारा देने वाले दीनदयाल उपाध्याय का कहना था कि अगर हम एकता चाहते हैं, तो हमें भारतीय राष्ट्रवाद को समझना होगा, जो हिंदू राष्ट्रवाद है और भारतीय संस्कृति हिंदू संस्कृति है.

Haridwar: RSS chief Mohan Bhagwat offers prayers to Ganga River as he celebrates his birthday with sadhus, in Haridwar on Monday. PTI Photo (PTI9_11_2017_000088B)

विश्व में एकमात्र धर्म हिंदू, बाकी सब संप्रदाय: मोहन भागवत

संघ प्रमुख ने कहा कि हिंदू धर्म के दरवाजे सभी के लिए आज भी खुले हुए हैं, क्योंकि हम यह मानते हैं कि हम सबके पूर्वज हिंदू ही हैं.

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वह चुनाव अभियान जिसने सांप्रदायिक राजनीति को बदल दिया

वर्ष 2002 में नरेंद्र मोदी के पहले राजनीतिक चुनाव प्रचार ने सबकुछ बदल दिया. पहली बार किसी पार्टी के नेता और उसके मुख्य चुनाव प्रचारक ने मुस्लिमों के ख़िलाफ़ नफ़रत भरा प्रचार अभियान चलाया.

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गणाधिपति गणेश की गाथा

माघ कृष्ण चतुर्दशी को काशी में गणेश चतुर्थी का मेला भी लगने लगा जिसमें विघ्नहर्ता, बुद्धिनिधान और विद्या के रक्षक के रूप मे बड़े देवता बन कर स्थापित हो चुके थे.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फोटो: पीटीआई)

ममता ने मुहर्रम के दिन दुर्गा मूर्ति विसर्जन पर लगाई रोक

मुहर्रम और दुर्गा मूर्ति विसर्जन एक ही दिन पड़ने से पश्चिम बंगाल सरकार ने एक अक्टूबर को मूर्ति विसर्जन पर रोक लगा दी है. सरकार ने कहा है कि 2 से 4 अक्टूबर के बीच दुर्गा मूर्ति विसर्जन किए जा सकेंगे.

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साढ़े चार आखर मनुष्यता का, पढ़े सो पंडित होय…

हजारी प्रसाद द्विवेदी सही मायने में पंडित थे. वैसे पंडित नहीं, जो शास्त्र और वेद को पढ़कर जड़ और हिंसक हो जाता है, बल्कि वैसे, जो कबीर की तरह प्रेम या मनुष्यता का ढाई आखर पढ़कर पंडित होता है.

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झारखंड सरकार गांधी की छवि और जनता का पैसा ईसाईयों के ख़िलाफ़ नफरत फैलाने में इस्तेमाल कर रही है

11 अगस्त को झारखंड के अधिकतर हिंदी अख़बारों में छपे एक सरकारी विज्ञापन में गांधी के नाम से धर्मांतरण के संबंध में वो बातें लिखी गईं, जो उन्होंने कभी कही ही नहीं थीं.

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दो दशक बाद पाक सरकार में किसी हिंदू को मिली जगह

शाहिद खाक़न अब्बासी की नई सरकार के मंत्रिमंडल में सिंध के दर्शन लाल को चार पाकिस्तानी प्रांतों के बीच समन्वय की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है.

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क्या स्कूली बच्चों को प्रतियोगिता के नाम पर भाजपा हिंदुत्व की घुट्टी पिलाना चाहती है?

भारत हिंदू राष्ट्र है, विवेकानंद ने शिकागो धर्म सभा में हिंदुत्व का प्रतिनिधित्व किया था जैसी बातें उस बुकलेट में हैं, जो भाजपा यूपी में होने वाली एक प्रतियोगिता के लिए स्कूलों में बांटेगी.

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मलयाली लेखक को धमकी: 6 महीने में इस्लाम क़ुबूलो वरना सज़ा के लिए तैयार रहो

केरल साहित्य अकादमी अवार्ड से सम्मानित मलयाली लेखक केपी रमनउन्नी को मिली एक अनाम चिट्ठी में उनके लेखों से लोगों के आस्था के रास्ते से भटकने का आरोप लगाते हुए ऐसा न करने की चेतावनी दी गई है.

Chetan Bhagat Amatnath Terror Attack and Zunaid Lynching

अमरनाथ बनाम जुनैद: ‘थ्री मिस्टेक्स’ आॅफ चेतन भगत

किसी एक त्रासदी के पीड़ितों को दूसरी त्रासदी के पीड़ितों के ख़िलाफ़ इस्तेमाल करना हद दर्जे का ओछापन है, जहां पीड़ितों को इंसाफ दिलाने की बजाय राजनीतिक रोटियां सेंकी जाने लगती हैं.

Calcutta Riot 1946

भारत विभाजन के पहले भी ऐसी ही भीड़-मानसिकता पैदा की गई थी

भीड़-मानसिकता को जब कोई सांप्रदायिक विचारधारा नियंत्रित करती है तो निश्चित रूप से नारे भले ही अखंड भारत के लगें, भीतर ही भीतर विभाजन की पूर्वपीठिका तैयार की जा रही होती है.