Hindutva

New Delhi: A view of Supreme Court of India in New Delhi, Thursday, Nov. 1, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_1_2018_000197B)

विवादित धर्मस्थलों पर दावे की हिंदू संगठन की याचिका के ख़िलाफ़ जमीयत सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

अयोध्या में राम जन्मभूमि के अलावा अन्य विवादित धर्म स्थलों पर दावे के लिए वाद का रास्ता खोलने की एक हिंदू संगठन की याचिका का विरोध करते हुए जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कहा कि ऐसा करने से राष्ट्र के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को नुकसान पहुंचेगा.

बॉम्बे हाईकोर्ट (फोटो: पीटीआई)

मालेगांव धमाकों के मुकदमे में देरी पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने एनआईए से मांगी सफाई

महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव में 29 सितंबर, 2008 को हुए बम विस्फोट में छह लोगों की मौत हुई थी और 101 से अधिक घायल हो गए थे. भोपाल से भाजप सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर मामले की मुख्य आरोपी हैं.

विनायक दामोदर सावरकर. (फोटो साभार: ट्विटर/@VasundharaBJP)

अंडमान प्रशासन के पास सावरकर की दया याचिकाओं का रिकॉर्ड नहीं: सरकार

अंडमान सेल्युलर जेल के लाइट एंड साउंड शो में सावरकर द्वारा अंग्रेज़ों को लिखी गई दया याचिकाओं का कोई उल्लेख न होने को लेकर राज्यसभा में सवाल पूछा गया था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अमित शाह (फोटो: रॉयटर्स)

देश में राजनीति के नई करवट लेने के संकेत मिल रहे हैं

सीएए और एनआरसी को लेकर हो रहे राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन और व्यापक स्तर पर संविधान की बुनियाद पर हमले को लेकर बनी समझ भारतीय राजनीति को एक महत्वपूर्ण बिंदु पर ले आए हैं. इस पृष्ठभूमि में क्षेत्रीय और उप-राष्ट्रीय अस्मिताओं की बढ़ती मुखरता नई राजनीति के लिए एक मज़बूत ज़मीन तैयार कर रही है. तमाम संसाधनों और हिंदू वोट बैंक के बावजूद मोदी और शाह इसे हल्के में नहीं ले सकते.

Ayodhya: FILE - In this Oct. 29, 1990, file photo, Indian security officer guards the Babri Mosque in Ayodhya, closing off the disputed site claimed by Muslims and Hindus. India’s top court is expected to pronounce its verdict on Saturday, Nov. 9, 2019, in the decades-old land title dispute between Muslims and Hindus over plans to build a Hindu temple on a site in northern India. In 1992, Hindu hard-liners demolished a 16th century mosque in Ayodhya, sparking deadly religious riots in which about 2,000 people, most of them Muslims, were killed across India. AP/PTI(AP11_9_2019_000012B)

अयोध्या: आस्था का एक प्रतीक गिराकर उस पर दूसरा प्रतीक खड़ा करना शांति का रास्ता नहीं है

एक धर्म की आस्था की निशानी को जमींदोज़ कर उस पर दूसरे धर्म के आस्था का प्रतीक स्थापित करने से स्थायी शांति आएगी, ऐसा भ्रम पालना हानिकारक साबित होगा.

Ayodhya: Sadhus read newspaper fronted with headlines on Ayodhya case verdict, in Ayodhya, Sunday, Nov. 10, 2019. The Supreme Court in a historic verdict on Saturday, Nov. 9, 2019, backed the construction of a Ram temple by a trust at the disputed site in Ayodhya and ruled that an alternative five-acre plot must be found for a mosque in the Hindu holy town.  (PTI Photo/Nand Kumar)
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अयोध्या: यह किसी अध्याय का अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है

अयोध्या के फैसले के बाद ‘शांति’ और मामले के आखिरकार ‘ख़त्म’ होने की बातों के बीच उन हज़ारों लोगों को भुला दिया गया है, जिनकी ज़िंदगी बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद बर्बाद हो गई.

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अयोध्या के फ़ैसले पर दोबारा विचार करे अदालत

वीडियो: सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में विवादित ज़मीन पर मुस्लिम पक्ष का दावा ख़ारिज करते हुए हिंदू पक्ष को ज़मीन देने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से हिंदुस्तान की राजनीति और समाज में क्या बदलाव आएगा, इस पर चर्चा कर रहे हैं दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद.

Ayodhya: FILE - In this Oct. 29, 1990, file photo, Indian security officer guards the Babri Mosque in Ayodhya, closing off the disputed site claimed by Muslims and Hindus. India’s top court is expected to pronounce its verdict on Saturday, Nov. 9, 2019, in the decades-old land title dispute between Muslims and Hindus over plans to build a Hindu temple on a site in northern India. In 1992, Hindu hard-liners demolished a 16th century mosque in Ayodhya, sparking deadly religious riots in which about 2,000 people, most of them Muslims, were killed across India. AP/PTI(AP11_9_2019_000012B)

अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला विचित्र तर्क पर आधारित है

यह सोचना मूर्खतापूर्ण है कि अयोध्या पर आया फ़ैसला सांप्रदायिक सद्भाव लाएगा. 1938 के म्यूनिख समझौते की तरह तुष्टीकरण सिर्फ आक्रांताओं की भूख को और बढ़ाने का काम करता है.

फाइल फोटो: संदीप शंकर

अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के भारत के भविष्य के लिए क्या मायने हैं?

शनिवार को शीर्ष अदालत ने उन लोगों के पक्ष में फ़ैसला दिया, जो सीधे तौर पर बाबरी मस्जिद गिराने के मुख्य आरोपियों से जुड़े हुए हैं. और यह देश के लिए ठीक नहीं है.

Narendra Modi Savarkar Facebook

सावरकर को भारत रत्न देना आज़ादी के नायकों का अपमान है

क्या ऐसा शख़्स, जिसने अंग्रेज़ सरकार के पास माफ़ीनामे भेजे, जिन्ना से पहले धर्म के आधार पर राष्ट्र बांटने की बात कही, भारत छोड़ो आंदोलन के समय ब्रिटिश सेना में हिंदू युवाओं की भर्ती का अभियान चलाया, भारतीयों के दमन में अंग्रेज़ों का साथ दिया और देश की आज़ादी के अगुआ महात्मा गांधी की हत्या की साज़िश का सूत्रसंचालन किया, वह किसी भी मायने में भारत रत्न का हक़दार होना चाहिए?

साभार: competitionzenith.blogspot.in

जब जेपी के जीवित रहते हुए संसद ने उन्हें श्रद्धांजलि दे दी थी…

गैरकांग्रेसवाद का सिद्धांत भले ही डाॅ. राममनोहर लोहिया ने दिया था लेकिन उसकी बिना पर कांग्रेस की केंद्र की सत्ता से पहली बेदखली 1977 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के तत्वावधान में ही संभव हुई.

नरेंद्र मोदी और अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

अनुच्छेद 370 जैसे मुद्दों की काट के लिए गुजरात के ‘खाम’ को दोहराना होगा

गुजरात का विकास मॉडल एक भ्रम था. गुजरात दंगों के बाद मुस्लिम को अलग-थलग करने का जो प्रयोग शुरू हुआ, मोदी-शाह उसी के सहारे केंद्र में सत्ता में आए. आज यही गुजरात मॉडल सारे देश में अपनाया जा रहा है. 370 का मुद्दा उसी प्रयोग की अगली कड़ी है, जिसे मोदी शाह महाराष्ट्र और हरियाणा चुनाव में भुनाने जा रहे हैं.

Nagpur: RSS Chief Mohan Bhagwat addresses after a book release during an event organised by Shree Narkesari Prakashan, in Nagpur, Monday, Oct 15, 2018. (PTI Photo) (PTI10_15_2018_000166B)

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का दावा- भारत एक हिंदू राष्ट्र और यह नहीं बदल सकता

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने दावा किया कि संगठन में एक ही विचारधारा सतत रूप से चलती चली आई है कि जो भारत भूमि की भक्ति’ करता है, वही हिंदु है.