Hydroxychloroquine

(फोटो: रॉयटर्स)

अमेरिका ने क्लोरोक्वीन और हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के आपात इस्तेमाल पर रोक लगाई

अमेरिकी खाद्य और दवा नियामक संस्था ने कोविड-19 के उपचार के लिए आपात स्थिति में क्लोरोक्वीन और हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के इस्तेमाल को दी गई मंज़ूरी वापस लेते हुए कहा कि ये मलेरिया रोधी दवाएं कोरोना वायरस संक्रमण रोकने में संभवत: प्रभावी नहीं हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना: हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन को लेकर मेडिकल पत्रिका- लांसेट और एनईजेएम ने अध्ययन वापस लिए

विश्व के क़रीब 100 से अधिक वैज्ञानिकों ने दोनों पत्रिकाओं के संपादकों को लिखे गए खुले पत्र में दोनों अध्ययनों में इस्तेमाल डेटा की गुणवत्ता में विसंगति का मुद्दा उठाया था. पत्र में डेटा की सत्यता और अध्ययन में इससे जिस तरह का विश्लेषण किया गया, उन सबको लेकर चिंता जताई गई थी.

(फोटो: रॉयटर्स)

डब्ल्यूएचओ ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का क्लिनिकल ट्रायल दोबारा शुरू किया

मई के आख़िरी सप्ताह में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना मरीजों पर हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के परीक्षण पर रोक लगाई थी. अब मेडिकल जर्नल द लांसेट द्वारा उसके कोविड-19 के इलाज में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के लाभों पर सवाल उठाने वाले अध्ययन पर चिंता जताए जाने के बाद यह क़दम उठाया गया है.

(फोटो: रॉयटर्स)

हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन से स्वास्थ्यकर्मियों में कोरोना संक्रमण का कम खतरा: आईसीएमआर

आईसीएमआर के अध्ययन में यह भी पाया गया कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन और दवाओं के विपरित प्रभाव के बीच कोई खास संबंध नहीं है.

(फोटो: रॉयटर्स)

हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन: डब्ल्यूएचओ के परीक्षण रोकने के बाद भी भारत को इस पर भरोसा क्यों है

कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ों पर हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा के परीक्षण पर हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अस्थायी तौर पर रोक लगा दी है. हालांकि भारत सरकार का कहना है कि इसके इस्तेमाल के बारे में देश में पर्याप्त अनुभव है, विभिन्न अध्ययन इसके उपयोग को सही ठहराते हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

डब्ल्यूएचओ ने कोरोना मरीजों पर हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के परीक्षण पर रोक लगाई

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने कहा कि मेडिकल जर्नल द लैंसेट में पिछले सप्ताह प्रकाशित एक अध्ययन में दिखाया गया था कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन लेने वाले लोगों में इसे न लेने वाले लोगों की तुलना में हृदय की समस्याओं और मौत का अधिक खतरा है.

(फोटो: रॉयटर्स)

हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन से कोरोना मरीजों में हृदय संबंधी परेशानियों और मौत का खतरा: अध्ययन

मेडिकल जर्नल द लैंसेट में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि कोविड-19 मरीजों पर मलेरिया रोधी क्लोरोक्वीन या हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाओं का इस्तेमाल क्लिनिकल ट्रायल्स के अलावा नहीं किया जाना चाहिए. इससे हृदय संबंधी परेशानियों के साथ मौत का खतरा भी बढ़ जाता है.

हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा. (फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना वायरस: हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के दुष्प्रभावों पर अमेरिकी प्रशासन ने दी चेतावनी

अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कहा कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन और क्लोरोक्वीन दवाओं का इस्तेमाल केवल अस्पतालों या क्लिनिकल परीक्षणों में किया जाना चाहिए.

हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा. (फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के उपयोग से कोई लाभ नहीं: रिपोर्ट

कोविड-19 मरीजों के उपचार में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के उपयोग को जोर-शोर से बढ़ावा देने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह इन रिपोर्टों पर गौर करेंगे.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस. (फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना से जंग में अन्य देशों की मदद के लिए भारत जैसे राष्ट्रों को सलामः संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र महासिचव एंतोनियो गुतारेस का यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में भारत ने अमेरिका समेत कई देशों को कोरोना वायरस संक्रमण का संभावित उपचार मानी जा रही मलेरिया रोधी दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन की आपूर्ति की है.

8 April 2020.00_17_26_22.Still002

ट्रंप की धमकी के आगे झुके मोदी: भारत की मलेरिया की दवा में कोरोना का इलाज?

वीडियो: मलेरिया की दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की आपूर्ति को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत को दी गई चेतावनी पर चर्चा कर रही हैं आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: रॉयटर्स)

ट्रंप की चेतावनी के बाद भारत ने ‘हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन’ के निर्यात पर लगा प्रतिबंध हटाया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद मोदी से ‘हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन’ दवाई की खेप अमेरिका भेजने की अनुमति देने के लिए कहा था. भारत द्वारा इसकी बढ़ती मांग के चलते निर्यात पर रोक थी. सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगर भारत ने ये दवा नहीं दी, तो यक़ीनन उन्हें इसके नतीजे भुगतने होंगे.