Indian Army

विदेश मंत्री एस. जयशंकर. (फोटो: पीटीआई)

गलवान झड़प के बाद भारत-चीन के रिश्ते गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं: एस.जयशंकर

न्यूयॉर्क में हुए एक कार्यक्रम में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बड़ी संख्या में हथियारों से लैस चीनी सैनिकों की मौजूदगी भारत के समक्ष ‘बहुत गंभीर’ सुरक्षा चुनौती है.

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो. (फोटो: रॉयटर्स)

चीन ने भारत की उत्तरी सीमा पर 60,000 सैनिकों को तैनात किया: अमेरिकी विदेश मंत्री

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने यह टिप्पणी हिंद-प्रशांत क्षेत्र, दक्षिण चीन सागर और पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के आक्रामक सैन्य बर्ताव को लेकर अमेरिका, जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुई बैठक के बाद की. जापान में हुई बैठक में पोम्पिओ ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की थी.

शोपियां फर्जी मुठभेड़ में मारे गए राजौरी के तीनों युवकों के कब्र से निकाले गए शव. (फोटो: स्पेशन अरेंजमेंट)

शोपियां फ़र्ज़ी मुठभेड़: राजौरी के तीन युवकों के शव कब्र से निकालकर परिवार को सौंपे गए

सेना ने जम्मू कश्मीर के शोपियां इलाके में बीते 18 जुलाई को तीन आतंकियों के मुठभेड़ में मारे जाने का दावा किया था. हालांकि, 18 सितंबर को सेना ने स्वीकार किया कि तीनों युवक राजौरी के रहने वाले थे और ऑपरेशन के दौरान आफस्पा, 1990 के तहत मिलीं शक्तियों का उल्लंघन हुआ था.

कथित शोपियां मुठभेड़ में मारे गए तीनों युवकों की माताएं. (फोटो: स्पेशल अरेंजमेंट)

डीएनए टेस्ट में पुष्टि, सेना द्वारा कथित शोपियां मुठभेड़ में मारे गए तीन युवक राजौरी के थे

सेना ने जम्मू कश्मीर के शोपियां इलाके में बीते 18 जुलाई को तीन आतंकियों के मुठभेड़ में मारे जाने का दावा किया था. अब डीएनए टेस्ट से राजौरी के तीन परिवारों के उन दावों की पुष्टि हो गई है, जिसमें उनका कहना था कि मुठभेड़ में मारे गए लोग आतंकी नहीं, बल्कि मज़दूर थे.

भारत-चीन तनाव के बीच सैन्य सामग्री लेकर लद्दाख जाती सेना की गाड़ियां. (फोटो: पीटीआई)

सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों की संख्या और न बढ़ाने पर सहमत हुए भारत और चीन

सीनियर कमांडर स्तर की छठे दौर की बातचीत के एक दिन बाद भारत और चीन ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि वे सीमा पर सैनिकों की और अधिक संख्या न बढ़ाने और ज़मीन पर स्थिति में एकतरफ़ा बदलाव करने से बचने पर सहमत हुए हैं.

राजौरी के तीन युवा मजदूर जो जुलाई में शोपियां में लापता हो गए थे. (फोटो साभार: ट्विटर)

शोपियां कथित मुठभेड़: सेना ने आफस्पा का उल्लंघन स्वीकार किया, कहा- मारे गए लोग राजौरी से थे

सेना ने जम्मू कश्मीर के शोपियां इलाके में बीते 18 जुलाई को तीन आतंकियों के मुठभेड़ में मारे जाने का दावा किया था. वहीं राजौरी के तीन परिवारों का कहना था कि मुठभेड़ में मारे गए लोग आतंकी नहीं, बल्कि मज़दूर थे.

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भारत-चीन सीमा विवाद: पांच मुद्दों पर बनी सहमति

वीडियो: भारत-चीन सीमा पर जारी तनाव को लेकर 10 सितंबर को भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच बैठक हुई. इस पूरे मुद्दे को लेकर वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण साहनी की नज़रिया.

(फोटो: रॉयटर्स)

असम राइफल्स के नियंत्रण को लेकर 12 हफ़्तों में फ़ैसला करे केंद्र सरकार: दिल्ली हाईकोर्ट

असम राइफल्स पर पूर्ण नियंत्रण को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के बीच विवाद है. गृह मंत्रालय चाहता है कि उसे पूरा नियंत्रण मिले, लेकिन भारतीय सेना इसके विरोध में है. वर्तमान में पूर्वोत्तर में तैनात असम राइफल्स का प्रशासनिक नियंत्रण गृह मंत्रालय के पास है और ऑपरेशनल कंट्रोल सेना के पास है.

राजौरी के तीन युवा मजदूर जो जुलाई में शोपियां में लापता हो गए थे. (फोटो साभार: ट्विटर)

कश्मीर: परिवार का दावा- एनकाउंटर में मारे गए तीन लोग आतंकी नहीं, मज़दूर थे; सेना करेगी जांच

सेना ने जम्मू कश्मीर के शोपियां इलाके में बीते 18 जुलाई को तीन आतंकियों के मुठभेड़ में मारे जाने का दावा किया था. दूसरी ओर राजौरी ज़िले के तीन परिवारों का कहना है कि मुठभेड़ में मारे गए लोग आतंकी नहीं, बल्कि मज़दूर थे. परिवारवालों ने बीते छह अगस्त को तीनों की गुमशुदगी का केस दर्ज कराया था.

Ayodhya: A hoarding of PM Narendra Modi and other leaders put up beside a statue of Lord Hanuman, ahead of the foundation laying ceremony of Ram Temple, in Ayodhya, Thursday, July 30, 2020. (PTI Photo)(PTI30-07-2020 000044B)

क्या राम मंदिर की आड़ में अपनी विफलताएं छिपा रही है मोदी सरकार

यह मानने के पर्याप्त आधार हैं कि राम मंदिर के भूमि पूजन के लिए चुना गया यह समय एक छोटी रेखा के बगल में बड़ी रेखा खींचने की क़वायद है, ताकि नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की बढ़ती असफलताएं जैसे- कोविड कुप्रबंधन, बदहाल होती अर्थव्यवस्था और गलवान घाटी प्रसंग- इस परदे के पीछे चले जाएं.

Srinagar: Security personnel patrols a deserted street at Lal Chowk on the 33rd day of strike and restrictions imposed after the abrogration of Article of 370 and bifurcation of state, in Srinagar, Friday, Sept. 6, 2019. (PTI Photo) (PTI9_6_2019_000065B)

उर्दू वाला चश्मा: सलाम कश्मीर

ऑडियो: जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 और 35 ए के कई प्रावधानों के ख़त्म होने और राज्य का विशेष दर्जा ख़त्म कर दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के फ़ैसले को एक साल पूरा हो रहा है. इस बारे में गुरमेहर कौर का नज़रिया.

(फोटो: रॉयटर्स)

रक्षा मंत्रालय ने सीबीएफसी से कहा, सेना आधारित फिल्म-वेब सीरीज़ के प्रसारण से पहले एनओसी लें

सीबीएफसी को लिखे पत्र में रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उनके संज्ञान में आया है कि कुछ प्रोडक्शन हाउस सेना की पृष्ठभूमि पर फिल्में बना रहे हैं या इस तरह के कंटेट का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे भारतीय सेना की छवि धूमिल हो रही है.

(फोटो साभार: पिक्साबे)

सेना में सोशल मीडिया बैन को चुनौती देने वाले अधिकारी से कोर्ट ने कहा- आदेश मानें या इस्तीफ़ा दें

भारतीय सेना द्वारा सैन्यकर्मियों के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत 87 ऐप्स का इस्तेमाल प्रतिबंधित किए जाने के ख़िलाफ़ सेना के वरिष्ठ अधिकारी की याचिका सुनते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अगर उन्हें फेसबुक ज़्यादा पसंद है तो उनके पास इस्तीफ़ा देने का विकल्प है.

(फोटो: रॉयटर्स)

भाजपा सांसद के अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावे पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर चल रहे गतिरोध के बीच कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि भाजपा सांसद तापिर गाव ने एक साक्षात्कार में अरुणाचल प्रदेश में 50-60 किलोमीटर क्षेत्र पर चीन की सेना के कब्ज़े का दावा किया है जिस पर सरकार को तत्काल स्पष्टीकरण देना चाहिए.

19 जून को सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

सरकार कह रही है कि यह राजनीति का समय नहीं, लेकिन वह ख़ुद क्या कर रही है

मुख्य विपक्षी दल के सवाल करने को उसकी क्षुद्रता बताया जा रहा है. 20 सैनिकों के मारे जाने के बाद कहा गया कि बिहार रेजीमेंट के जवानों ने शहादत दी, यह बिहार के लोगों के लिए गर्व की बात है. अन्य राज्यों के जवान भी मारे गए, उनका नाम अलग से क्यों नहीं? सिर्फ बिहार का नाम क्यों? क्या यह क्षुद्रता नहीं?