Indian Constitution

हमारा संविधान: अनुच्छेद-21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अर्थ

वीडियो: अनुच्छेद-21 में जिन शब्दों का उपयोग हुआ है, उनकी सुप्रीम कोर्ट ने कैसे व्याख्या की है? अपराधियों के अधिकार से लेकर महिलाओं के अधिकारों तक- फेयर ट्रायल, स्पीड ट्रायल और पर्यावरण की सुरक्षा को भी कोर्ट ने अनुच्छेद-21 में बताया है. इस विषय में विस्तार से बता रही हैं सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अवनि बंसल.

हमारा संविधान; अनुच्छेद 21: एके गोपालन मामले से लेकर मेनका गांधी संबंधी फैसला

वीडियो: संविधान का अनुच्छेद 21 क्या कहता है और इसका क्या इतिहास है, क्यों इसे मूल अधिकारों में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है? अनुच्छेद 21 में दिए गए अधिकार को अमेरिकी संविधान की तुलना में सुप्रीम कोर्ट ने कैसे देखा, बता रही हैं सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अवनि बंसल.

मुझे नज़रबंद किया गया, कश्मीर में स्थिति सामान्य होने के दावों की सच्चाई सामने आई: मुफ़्ती

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने केंद्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां भारत सरकार अफ़ग़ानिस्तान में लोगों के अधिकारों के लिए चिंता व्यक्त कर रही है, वहीं कश्मीरियों को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है.

संविधान का अनुच्छेद-20: आत्म दोषारोपण से सुरक्षा

वीडियो: आपको किसी ऐसे अपराध के लिए सज़ा नहीं सुनाई जा सकती, जो अपराध था ही नहीं जब आपने उसे अंजाम दिया. इसी प्रकार से एक ही अपराध के लिए आपको दो बार सज़ा नहीं सुनाई जा सकती. आप पर ये दबाव भी नहीं बनाया जा सकता है कि आप अपने ही ख़िलाफ़ गवाही दें. आइए समझते है, भारत के संविधान का अनुच्छेद-20 को, जो इन तीनों बातों की संविधानिक सुरक्षा प्रदान करता है.

महबूबा मुफ़्ती ने केंद्र को चेताया- अगर जम्मू कश्मीर ने सब्र खोया, तो आप गायब हो जाएंगे

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि केंद्र के पास अब भी जम्मू कश्मीर में एक संवाद प्रक्रिया शुरू करने का अवसर है जैसे पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी ने किया था और उनके पास सूबे की पहचान को अवैध रूप से और असंवैधानिक तरीके से छीनकर की गई ग़लती को सुधारने का एक मौक़ा है, अन्यथा बहुत देर हो जाएगी.

सीआईसी ने अनुच्छेद 370 से जुड़ीं फाइलों को सार्वजनिक करने से किया इनकार, कहा- सुरक्षा को ख़तरा है

गृह मंत्रालय में एक आरटीआई आवेदन दायर कर संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से जुड़े सभी दस्तावेज़, पत्राचार, फाइल नोटिंग्स, रिकॉर्ड इत्यादि की प्रतियां मांगी गई थीं.

हमारा संविधान: अनुच्छेद-19 (1) (6) व्यापार, व्यवसाय और व्यापार या पेशा का अधिकार

वीडियो: क्या कुछ व्यापारों पर सरकार एकाधिकार कर सकती है? क्या शराब का व्यापार, मूल अधिकार माना जा सकता है? क्या कोई व्यक्ति पटाखे बनाने की फैक्ट्री को मूल अधिकार के रूप में मांग कर सकता है? क्या शैक्षणिक संस्थान चलाने वाले व्यापार कर रहे है? इन सभी सवालों पर हमारा संविधान क्या कहता है समझा रही हैं सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अवनि बंसल.

आतंकवाद से पलायन कर गए कश्मीर में हिंदुओं की नौ संपत्तियां लौटाई गईं: केंद्र सरकार

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बताया कि सरकार कश्मीर में आतंकवादी हिंसा के चलते अपने घरों से पलायन कर गए कश्मीरी पंडितों की पैतृक संपत्ति को बहाल करने के प्रयास कर रही है तथा अभी तक नौ संपत्तियों को उनके उचित एवं वास्तविक स्वामियों को वापस कर दिया गया है. 

कश्मीरी पत्रकार ने कहा- डिलीट ट्वीट को लेकर पुलिस ने पांच घंटे तक पूछताछ की

कश्मीरी पत्रकार इरफ़ान अमीन मलिक ने जम्मू कश्मीर की फिल्म नीति के बारे में सात अगस्त की शाम को एक ट्वीट पोस्ट किया था. हालांकि ट्वीट पोस्ट करने के दो मिनट के भीतर ही उन्होंने उसे डिलीट कर दिया था, लेकिन जम्मू कश्मीर पुलिस ने आठ अगस्त को मलिक को दक्षिण कश्मीर के त्राल पुलिस स्टेशन बुलाया, जहां उनसे इस संबंध में पांच घंटे तक पूछताछ की गई.

अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद जम्मू कश्मीर में बाहर के दो लोगों ने दो संपत्तियां ख़रीदीं: सरकार

पांच अगस्त, 2019 से पहले जब जम्मू कश्मीर को अनुच्छेद 370 के तहत विशेष दर्ज़ा प्राप्त था तो राज्य विधानसभा को किसी नागरिक को परिभाषित करने का संवैधानिक अधिकार था. केवल वे परिभाषित नागरिक ही राज्य में नौकरियों के लिए आवेदन करने या अचल संपत्ति ख़रीदने के हक़दार होते थे.

हमारा संविधान: अनुच्छेद-19; निवास, आने-जाने का अधिकार और पुलिस निगरानी के ख़िलाफ़ अधिकार

वीडियो: भारत के सभी नागरिकों को अधिकार है, कि वे किसी भी भाग में आ-जा सकें और अपना घर बना सके या बस सके. इसी प्रकार से डिपोर्टेशन ऑर्डर जिसके द्वारा किसी भी व्यक्ति को देश निकाला दिया जा सकता है, उस पर भी संवैधानिक अंकुश है. इस वीडियो में अधिवक्ता अवनि बंसल ने पुलिस निगरानी पर सुप्रीम कोर्ट के अलग-अलग फैसलों द्वारा अनुच्छेद-19 (1) (डी) और 19 (1) (ई) को समझा रही हैं.

हमारा संविधान: अनुच्छेद-19 एकत्र होने और संगठन बनाने का अधिकार

वीडियो: क्या भारत के नागरिक शांतिपूर्वक मिलकर बिना हथियारों के मीटिंग या धरना कर सकते है? यदि हां, तो सरकार किन आधारों पर इस अधिकार पर अंकुश लगा सकती है? इसी प्रकार क्या भारत के नागरिक यूनियन या संगठन बना सकते है? क्या सरकार इन संगठनों पर रोक लगा सकती है? इस पर भारत का संविधान क्या कहता है बता रहीं हैं सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अवनि बंसल.

हमारा संविधान: अनुच्छेद-19 (2) भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर उचित प्रतिबंध

वीडियो: क्या सरकार हमारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगा सकती है? क्या सरकार हमसे अपने भाषण का अधिकार, लिखने का अधिकार, छीन सकती है? इस वीडियो में सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अवनि बंसल समझा रही हैं कि अनुच्छेद 19 2 में वो कौन से कारण हैं, जिसके आधार पर सरकार अभिव्यक्ति के अधिकार को सीमित कर सकती है.

​हमारा संविधान: अनुच्छेद 19; प्रेस की स्वतंत्रता और असहमति का अधिकार

वीडियो: हमारा संविधान की इस कड़ी में अधिवक्ता अवनि बंसल संविधान के अनुच्छेद 19 में शामिल प्रेस की स्वतंत्रता और असहमति के अधिकार के बारे में जानकारी दे रही हैं. असहमति का अधिकार भी अभिव्यक्ति के अधिकार का अभिन्न अंग है. इसलिए सभी नागरिकों को ये अधिकार है कि वो सरकार की नीतियों पर अपनी बात खुलकर कह सके और उसे लोगों तक पहुंचा सके.

कोरोना टीकाकरण के लिए दबाव बनाना मौलिक अधिकारों का हननः मेघालय हाईकोर्ट

मेघालय हाईकोर्ट ने कहा कि दुकानदारों, टैक्सी ड्राइवरों आदि को अपना व्यवसाय दोबारा शुरू करने के लिए टीका लगाने के लिए मजबूर करना इससे जुड़े भलाई के मूल उद्देश्य को प्रभावित करता है.