Indian government

फ्रीडम हाउस रिपोर्ट में इंटरनेट पाबंदी, नए आईटी नियमों को लेकर भारत सरकार पर निशाना साधा

फ्रीडम ऑफ द नेट रिपोर्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म मानवाधिकारों की स्थिति का वार्षिक विश्लेषण करती है. इस रिपोर्ट के 11वें संस्करण के तहत जून 2020 से मई 2021 के बीच 70 देशों में 88 फीसदी वैश्विक इंटरनेट यूज़र्स को शामिल किया गया है. रिपोर्ट कहती है कि लगातार ग्यारहवें वर्ष वैश्विक स्तर पर इंटरनेट स्वतंत्रता कम हुई है.

दुनियाभर में सबसे अधिक सरकारी सूचना अनुरोध भारत से आए: ट्विटर

ट्विटर की द्विवार्षिक पारदर्शिता रिपोर्ट में कहा गया कि साल 2020 की दूसरी छमाही के दौरान सरकारी सूचनाओं के लिए भारत से जो अनुरोध आए, वो वैश्विक संख्या का 25 फीसदी हिस्सा है.

भारत सरकार के कुछ कदम लोकतांत्रिक मूल्यों के परस्पर विरोधी: शीर्ष अमेरिकी अधिकारी

दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिका के कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री डीन थॉम्पसन ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बढ़ते प्रतिबंध और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की नज़रबंदी पर चिंता जताई है.

इतालवी नौसैनिक मामला: मारे गए मछुआरों के लिए मुआवज़ा राशि जमा कराए केंद्र- सुप्रीम कोर्ट

साल 2012 में भारत ने इटली के दो नौसैनिकों पर दो भारतीय मछुआरों की हत्या का आरोप लगाया था. अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत ने भारत को इनके ख़िलाफ़ आपराधिक कार्यवाही को रोकने का आदेश दिया था और कहा था कि भारत इस मामले में मुआवज़े का हक़दार है.

सफूरा की गिरफ़्तारी भारत द्वारा हस्ताक्षरित अंतरराष्ट्रीय संधियों का उल्लंघन: यूएन निकाय

यूनाइटेड नेशंस वर्किंग ग्रुप ऑन आर्बिट्रेरी डिटेंशन ने कहा कि जामिया मिलिया इस्लामिया की छात्रा सफूरा ज़रगर की मेडिकल स्थिति को देखते हुए गंभीर से भी गंभीर आरोप में भी तत्काल गिरफ़्तारी की कोई ज़रूरत नहीं थी. निकाय ने भारत से उनकी हिरासत की परिस्थितियों पर एक स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने को कहा है.

भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोप में दो इतालवी नौसैनिकों पर भारत में नहीं चलेगा मुक़दमा

साल 2012 में भारत ने इटली के दो नौसैनिकों पर दो भारतीय मछुआरों की हत्या का आरोप लगाया था. अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत ने भारत को इनके ख़िलाफ़ आपराधिक कार्यवाही को रोकने का आदेश दिया है और कहा कि भारत इस मामले में मुआवज़े का हक़दार है.

सुप्रीम कोर्ट ने नौसेना में महिला अधिकारियों के लिए स्थायी कमीशन को दी मंजूरी

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि देश की सेवा करने वाली महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने से इनकार करने पर न्याय की हत्या होगी. नौसेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन प्रदान करने में लैंगिक भेदभाव नहीं किया जा सकता.

वित्त मंत्रालय ने गोपनीयता के आधार पर भारतीयों के स्विस बैंक खातों का ब्योरा देने से मना किया

आरटीआई के तहत वित्त मंत्रालय से स्विट्जरलैंड के बैंकों में भारतीयों के खातों के बारे में मिली जानकारी का ब्योरा मांगा गया था. मंत्रालय से दूसरे देशों से काले धन के बारे में उसे मिली सूचना के बारे में भी जानकारी मांगी गई थी.

भारतीय राजनयिक के इज़राइल की तरह कश्मीरी पंडितों को घाटी में बसाने वाले बयान पर विवाद

अमेरिका में भारत के शीर्ष राजयनिक संदीप चक्रवर्ती ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि कश्मीरी पंडित जल्द ही घाटी लौट सकते हैं, क्योंकि अगर इज़राइली लोग यह कर सकते हैं तो हम भी यह कर सकते हैं.

स्विस बैंकों में भारतीयों के निष्क्रिय खातों का कोई दावेदार नहीं

स्विट्जरलैंड सरकार ने 2015 में निष्क्रिय खातों के ब्योरे को सार्वजनिक करना शुरू किया था, जिसमें 10 खाते भारतीयों के हैं. स्विस प्राधिकरणों के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले छह साल के दौरान इनमें से एक भी खाते पर किसी भारतीय ने सफलतापूर्वक दावा नहीं किया है.

भारत को स्विस बैंक खातों की पहली लिस्ट मिली, अगला ब्यौरा सितंबर, 2020 में

स्विट्जरलैंड द्वारा साझा की गई सूचना में पहचान, खाता और वित्तीय जानकारी शामिल है. इनमें निवासी के देश, नाम, पते और कर पहचान नंबर के साथ वित्तीय संस्थान, खाते में शेष और पूंजीगत आय का ब्यौरा दिया गया है.

हैदराबाद के निज़ामों की संपत्ति पर पाकिस्तान के दावे को ब्रिटिश अदालत ने ख़ारिज किया

ब्रिटेन की अदालत ने ने 1947 में विभाजन के समय हैदराबाद के निज़ाम के धन को लेकर इस्लामाबाद के साथ चल रही दशकों पुरानी क़ानूनी लड़ाई और इसे लंदन के एक बैंक में जमा कराने के मामले में भारत के पक्ष में फैसला सुनाया.

स्विट्जरलैंड ने बैंकों से जुड़ी कुछ जानकारी भारत को मुहैया कराई, अधिकतर सूचनाएं बंद खातों की हैं

बैंक अधिकारियों ने कहा कि स्विट्जरलैंड की सरकार के निर्देश पर वहां के बैंकों ने डेटा इकट्ठा किया और भारत को सौंपा. इसमें हर उस खाते के लेन-देन का पूरा विवरण दिया गया है जो 2018 में एक भी दिन सक्रिय रहे हों.

विरोध करना कब से लोकतंत्र और देश विरोधी हो गया?

हॉन्ग कॉन्ग और कश्मीर दोनों ही इस समय इतिहास के एक जैसे दौर से गुजर रहे हैं; दोनों की स्वायत्तता के नाम पर की गई संधि खतरे में है और उनसे संधि करने वाले देशों की सरकार इन संधियों से मुकर रही हैं.