Indian Journalism

पत्रकार और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्यामा प्रसाद प्रदीप.

जब संघ प्रमुख के कार्यक्रम को भाव न देने पर पत्रकार श्यामा प्रसाद को नौकरी गंवानी पड़ी

पुण्यतिथि विशेष: पत्रकार और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्यामा प्रसाद ‘प्रदीप’ का सिद्धांत था, ‘पत्रकार को नौकरी बचाने के फेर में पड़े बिना ही काम करना चाहिए वरना पत्रकारिता छोड़ कुछ और करना चाहिए.’

के. रामाराव. (जन्म: 09 नवंबर 1896 - अवसान: 24 मई 1953) (ग्राफिक्स: मनिंदर पाल सिंह)

के. रामाराव, जो मानते थे कि पत्रकारों को हमेशा सरकार के विरोध में रहना चाहिए

विशेष: नेशनल हेराल्ड अख़बार के संस्थापक संपादक र​हे के. रामाराव ने लोकतंत्र और स्वतंत्रता के लिए लड़ रहीं ताक़तों के समर्थन की अपनी प्रतिबद्धता से कभी समझौता नहीं किया.

वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर का निधन

आपातकाल के दौरान इसका विरोध करने की वजह से जेल गए. तकरीबन 15 किताबें लिखने वाले कुलदीप नैयर तमाम प्रतिष्ठित अख़बारों के संपादक रह चुके थे.

Episode 43

मीडिया बोल, एपिसोड 43: सांप्रदायिक दंगा, चुनाव और मीडिया

मीडिया बोल की 43वीं कड़ी में उर्मिलेश देश में दंगा, चुनाव और मीडिया कवरेज पर वरिष्ठ पत्रकार नीरजा चौधरी और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. रतन लाल के साथ चर्चा कर रहे हैं.

Episode 42 copy

मीडिया बोल, एपिसोड 42: एजेंडा पत्रकारिता और डेटा लीक

मीडिया बोल की 42वीं कड़ी में उर्मिलेश सोशल मीडिया पर वायरल हुए अररिया वीडियो की मीडिया रिपोर्टिंग, राज्यसभा चुनाव और कैंब्रिज एनालिटिका को लेकर हुए डेटा लीक विवाद पर चर्चा कर रहे हैं.

(जन्म 26 अक्टूबर 1890- अवसान: 25 मार्च 1931)

गोदी मीडिया के दौर में गणेश शंकर विद्यार्थी की पत्रकारिता को याद किया जाना चाहिए

गणेश शंकर विद्यार्थी पत्रकारिता के ज़रिये ब्रिटिश शासन के साथ-साथ देसी सामंतों को भी निशाने पर लेते थे. उनका दफ़्तर क्रांतिकारियों की शरणस्थली था तो युवाओं के लिए पत्रकारिता का प्रशिक्षण केंद्र.

Episode 41

मीडिया बोल, एपिसोड 41: फेक न्यूज़ और डिजिटल मीडिया पर अंकुश की तैयारी

मीडिया बोल की 41वीं कड़ी में उर्मिलेश सोशल मीडिया पर वायरल हुए अररिया के वीडियो, उपचुनाव परिणाम की मीडिया कवरेज और डिजिटल मीडिया पर अंकुश को लेकर दिए स्मृति ईरानी के हालिया बयान पर चर्चा कर रहे हैं.

Episode 40

मीडिया बोल, एपिसोड 40: किसान का दर्द और टीवी में पार्टी-एंकर

मीडिया बोल की 40वीं कड़ी में उर्मिलेश मुंबई में किसान रैली और समाचार चैनल आज तक पर एंकरिंग करने वाले भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा पर नेशनल हेराल्ड समूह की सीनियर एडिटर भाषा सिंह और आज तक के पूर्व एक्ज़ीक्यूटिव एडिटर अमिताभ श्रीवास्तव से चर्चा कर रहे हैं.

Episode 39

मीडिया बोल, एपिसोड 39: पूर्वोत्तर के चुनावी नतीजे और बाथटब पत्रकारिता

मीडिया बोल की 39वीं कड़ी में उर्मिलेश पूर्वोत्तर के चुनावी नतीजों और श्रीदेवी की मौत से जुड़ी रिपोर्टिंग पर पत्रकार संदीप भूषण और द वायर की डिप्टी एडिटर संगीता बरूआ पिशारोती से चर्चा कर रहे हैं.

Episode 38

मीडिया बोल, एपिसोड 38: सेनाध्यक्ष बिपिन रावत का विवादित बयान

मीडिया बोल की 38वीं कड़ी में उर्मिलेश सेनाध्यक्ष बिपिन रावत के विवादित बयान पर फोर्स मैगज़ीन की कार्यकारी संपादक ग़ज़ाला वहाब और आॅब्ज़र्वर रिसर्च फाउंडेशन के डिस्टींगुइश फेलो मनोज जोशी से चर्चा कर रहे हैं.

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मीडिया बोल, एपिसोड 35: सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना का सच

मीडिया बोल की 35वीं कड़ी में उर्मिलेश बजट में स्वास्थ्य को लेकर किए गए वादों पर एनडीटीवी के पत्रकार हृदेश जोशी और अंबेडकर ​विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर दीपा सिन्हा से चर्चा कर रहे हैं.

New Delhi: A woman sells the Indian national flag on a roadside ahead of Republic Day, in New Delhi on Wednesday. (PTI Photo by Ravi Choudhary)(PTI1_24_2018_000293B)

भारत में कमज़ोर हुआ लोकतंत्र, पत्रकारों के लिए बना ख़तरनाक

रूढ़िवादी धार्मिक विचारधाराओं के उभार, धर्म के नाम पर अनावश्यक सतर्कता और अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ हिंसा बढ़ने के कारण भारत सर्वे में लोकतंत्र के मामले में 10 पायदान नी​चे लुढ़क गया है.

Media Bol Episode 34

मीडिया बोल, एपिसोड 34: करणी सेना का उत्पात और कासगंज सांप्रदायिक हिंसा

मीडिया बोल की 34वीं कड़ी में उर्मिलेश फिल्म पद्मावत के विरोध में करणी सेना के उत्पात और कासगंज में हुई सांप्रदायिक हिंसा पर द हिंदू सेंटर फॉर पॉलीटिक्स एंड पब्लिक पॉलिसी की सीनियर फेलो​ स्मिता गुप्ता और अमर उजाला के सलाहकार संपादक विनोद अ​ग्निहोत्री से चर्चा कर रहे हैं.

Media Bol Episode 33

मीडिया बोल, एपिसोड 33: दलितों पर अत्याचार और बलात्कार

मीडिया बोल की 33वीं कड़ी में उर्मिलेश देशभर में दलितों पर हो रहे अत्याचार और बलात्कार की मीडिया कवरेज पर दिल्ली विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर कौशल पंवार और वरिष्ठ पत्रकार पूर्णिमा जोशी से चर्चा कर रहे हैं.