Indian Media

फोटो साभार: cobrapost.com

दिल्ली हाईकोर्ट ने रद्द किया कोबरापोस्ट की डॉक्यूमेंट्री सार्वजनिक करने से रोकने वाला आदेश

बीते मई में दिल्ली हाईकोर्ट ने कोबरापोस्ट के ऑपरेशन- 136 पर दैनिक भास्कर समूह की याचिका के बाद रोक लगा दी थी. शुक्रवार को इस आदेश को रद्द करते हुए अदालत ने कहा कि जब तक यह साबित न हो कि कथित अपमानजनक सामग्री दुर्भावनापूर्ण या झूठी है, तब तक एकतरफा रोक का आदेश नहीं दिया जाना चाहिए.

People watch television sets displaying India's Finance Minister Arun Jaitley presenting the budget in parliament, at an electronic shop in the northern Indian city of Chandigarh February 28, 2015. Jaitley on Saturday announced a budget aimed at high growth, saying the pace of cutting the fiscal deficit would slow as he seeks to boost investment and ensure that ordinary people benefit. REUTERS/Ajay Verma (INDIA - Tags: BUSINESS)

न्यूज़ चैनल अब जनता के नहीं, सरकार के हथियार हैं

2019 का चुनाव जनता के अस्तित्व का चुनाव है. उसे अपने अस्तित्व के लिए लड़ना है. जिस तरह से मीडिया ने इन पांच सालों में जनता को बेदख़ल किया है, उसकी आवाज़ को कुचला है, उसे देखकर कोई भी समझ जाएगा कि 2019 का चुनाव मीडिया से जनता की बेदख़ली का आख़िरी धक्का होगा.

वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर का निधन

आपातकाल के दौरान इसका विरोध करने की वजह से जेल गए. तकरीबन 15 किताबें लिखने वाले कुलदीप नैयर तमाम प्रतिष्ठित अख़बारों के संपादक रह चुके थे.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi addresses the media ahead of Parliament's monsoon session, in New Delhi on Wednesday, July 18, 2018. Parliamentary Affairs Minister Ananth Kumar, Union Minister for Development of North Eastern Region (DoNER) Jitendra Singh and Union MoS for Parliamentary Affairs Vijay Goel are also seen. (PTI Photo/ Kamal Singh)(PTI7_18_2018_000019B)

क्या सत्ता के सामने भारतीय मीडिया रेंगने लगा है?

संपादकों का काम सत्ता के प्रचार के अनुकूल कंटेट को बनाए रखने का है और हालात ऐसे हैं कि सत्तानुकूल प्रचार की एक होड़ मची हुई है. धीरे-धीरे हालात ये भी हो चले हैं कि विज्ञापन से ज़्यादा तारीफ़ न्यूज़ रिपोर्ट में दिखाई दे जाती है.

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भारत में दलितों की परवाह किसे है?

अनेक ‘शुभचिंतक’ दलों के बावजूद भेदभावों के ख़िलाफ़ दलितों की लड़ाई अभी लंबी ही है. ये ‘शुभचिंतक’ दल दलितों के वोट तो पाना चाहते हैं लेकिन उन पर हो रहे अत्याचारों के लिए जोखिम उठाने को तैयार नहीं हैं.

बॉम्बे हाई कोर्ट (फोटो : पीटीआई)

मीडिया ‘दलित’ शब्द का इस्तेमाल न करे, निर्देश जारी करने पर विचार करे सरकार: बॉम्बे हाईकोर्ट

याचिकाकर्ता ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी उस परिपत्र का हवाला दिया था जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों को ‘दलित’ शब्द का इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी गई थी.

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पत्रकारिता को स्टिंग ऑपरेशन से ज़्यादा ख़तरा ज़हर फैला रहे मीडिया से है

मीडिया मालिक अख़बारों और न्यूज़ चैनलों को सुधारने के लिए कुछ करें या न करें, लेकिन यह तो तय है कि जब तक हर रोज़, हर न्यूज़रूम में प्रतिरोध की आवाज़ें मौजूद रहेंगी, तब तक भारतीय पत्रकारिता बनी रहेगी.

बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड के कार्यकारी अध्यक्ष संजीव शाह (बाएं) और टाइम्स समूह के एमडी विनीत जैन (दाएं). (स्क्रीनग्रैब: कोबरापोस्ट)

हम कोबरापोस्ट का ‘रिवर्स स्टिंग’ कर रहे थे: टाइम्स समूह

टाइम्स समूह ने अपने बयान में कहा है, ‘हमें पता था कि कोबरापोस्ट का रिपोर्टर संदेहास्पद है. हमारे वरिष्ठ अधिकारियों ने उसकी सच्चाई जानने के लिए उसे लपेटे में लिया ताकि उसके पीछे कौन है, इसका पता लगाया जा सके.’

टाइम्स समूह के एमडी विनीत जैन. (फोटो साभार: फेसबुक/vineettimes, इलस्ट्रेशन: कर्णिका कोहली/द वायर)

टाइम्स समूह को लेकर कोबरापोस्ट का स्टिंग दिखाता है कि पैसा ही सबसे बड़ा है

कोबरापोस्ट के स्टिंग आॅपरेशन में टाइम्स समूह के एमडी विनीत जैन कहते नज़र आ रहे हैं कि एक कॉरपोरेट के तौर पर हमें निष्पक्ष दिखना है, मतलब देखने में निष्पक्ष लगना चाहिए.

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कोबरापोस्ट स्टिंग पर देश के प्रमुख अख़बारों की कवरेज कुछ ऐसी रही

मीडिया की कोबरापोस्ट स्टिंग पर कवरेज दिखाती है कि जब ख़ुद मीडिया पर सवाल उठते हैं, तब वह उसे कैसे रिपोर्ट करता है.

फोटो साभार: cobrapost.com

कोबरापोस्ट के स्टिंग में पत्रकारिता का सौदा करने को तैयार दिखे तमाम मीडिया संस्थान

कोबरापोस्ट के स्टिंग ‘ऑपरेशन 136’ की दूसरी कड़ी में देश के कई नामचीन मीडिया संस्थान सत्ताधारी दल के लिए चुनावी हवा तैयार करने के लिए आध्यात्मिकता और धार्मिक प्रवचन के ज़रिये हिंदुत्व को बढ़ावा देने के लिए सहमत होते नज़र आए.

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कोबरापोस्ट स्टिंग: दो बांग्ला अख़बारों का हिंदुत्ववादी प्रोपेगेंडा से इनकार

जब कोबरापोस्ट के स्टिंग में देश के प्रमुख मीडिया संस्थान बिकने को बेताब दिखे, वहीं पश्चिम बंगाल के बर्तमान पत्रिका और दैनिक संबाद अख़बारों ने कोबरापोस्ट की पेशकश यह कहते हुए ठुकरा दी कि इस तरह का कंटेंट प्रकाशित करना कंपनी पॉलिसी और संस्थान की आत्मा के ख़िलाफ़ है.

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पेड न्यूज़ को लेकर कोबरापोस्ट के खुलासे से पहले दैनिक भास्कर पहुंचा हाईकोर्ट, मिली राहत

दिल्ली हाईकोर्ट ने वेब पोर्टल कोबरापोस्ट के उस खुलासे पर रोक लगा दी है, जिसमें वह पेड न्यूज़ से जुड़ी अपनी खोजी रिपोर्ट को सार्वजनिक करने वाला था.

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जागरण समूह के अख़बार ने वाराणसी फ्लाईओवर हादसे के लिए ग्रहों को ज़िम्मेदार ठहराया

‘आई नेक्स्ट’ अख़बार ने वाराणसी के फ्लाईओवर हादसे के लिए सूर्य, मंगल और शनि ग्रह के त्रिकोण को ज़िम्मेदार बताते हुए लिखा कि इन ग्रहों के कारण आगे ऐसी और भी घटनाएं होने की आशंका है.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (फोटो साभार: फेसबुक/शिवराज सिंह चौहान)

विज्ञापनों पर शिवराज सरकार द्वारा सरकारी खज़ाना लुटाना कोई नई बात नहीं

‘नई दुनिया’ अख़बार के 26 अप्रैल के मध्य प्रदेश संस्करण में 24 में से 23 पृष्ठों पर सरकारी विज्ञापन छपे थे. शेष बचे एक पृष्ठ पर अख़बार के संपादक का लेख ‘देश को गति देती मध्य प्रदेश की योजनाएं’ शीर्षक से छपा था.

(फोटो :पीटीआई)

लोगों की सहानुभूति के लिए बलात्कार पीड़िता की पहचान उजागर करना ठीक नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

कठुआ रेप पीड़िता के नाम का खुलासा करने पर अदालत में चल रही सुनवाई में एक मीडिया घराने ने बचाव में कहा कि उसने जनभावनाएं जगाने, सहानुभूति बटोरने तथा न्याय सुनिश्चित करने के लिए बच्ची का नाम और तस्वीर प्रकाशित की.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

बलात्कार पीड़िता की पहचान के खुलासे पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, मृतक की भी गरिमा होती है

उच्चतम न्यायालय ने कहा, ‘मीडिया रिपोर्टिंग पीड़ित का नाम लिए बगैर भी की जा सकती है. भले ही पीड़ित नाबालिग या विक्षिप्त हो तो भी उसकी पहचान का खुलासा नहीं करना चाहिए.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

मीडिया को अपने बयानों से ‘मसाला’ न दें, इससे पार्टी की छवि ख़राब होती है: मोदी

प्रधानमंत्री ने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि हम कैमरा देखते ही बयान देने लग जाते हैं. मीडिया जो हिस्सा उपयोगी समझता है, उसका इस्तेमाल करता है. यह उसकी ग़लती नहीं है. हमें ख़ुद को रोकना होगा.

(फोटो साभार: अल्ट न्यूज़)

कठुआ में बच्ची के साथ बलात्कार न होने की ‘दैनिक जागरण’ की​ रिपोर्ट झूठी है

विशेष रिपोर्ट: दैनिक जागरण ने बीते 20 अप्रैल को ‘कठुआ में बच्ची से नहीं हुआ था दुष्कर्म’ शीर्षक से एक रिपोर्ट अपने सभी प्रिंट और आॅनलाइन संस्करणों में प्रमुखता से प्रकाशित की थी.

साभार: cobrapost.com

कोबरापोस्ट का ख़ुलासा, पैसे के एवज़ में ख़बरें छापने को राज़ी दिखे देश के कई मीडिया हाउस

ख़ुफ़िया कैमरे की मदद से किए गए कोबरापोस्ट के ‘ऑपरेशन 136’ में देश के कई नामचीन मीडिया संस्थान सत्ताधारी दल के लिए चुनावी हवा तैयार करने को राज़ी होते नज़र आ रहे हैं.

(जन्म 26 अक्टूबर 1890- अवसान: 25 मार्च 1931)

गोदी मीडिया के दौर में गणेश शंकर विद्यार्थी की पत्रकारिता को याद किया जाना चाहिए

गणेश शंकर विद्यार्थी पत्रकारिता के ज़रिये ब्रिटिश शासन के साथ-साथ देसी सामंतों को भी निशाने पर लेते थे. उनका दफ़्तर क्रांतिकारियों की शरणस्थली था तो युवाओं के लिए पत्रकारिता का प्रशिक्षण केंद्र.

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मीडिया को नियंत्रित करने के लिए दक्षिण-वाम सब साथ हैं

साल दर साल भारत में मीडिया पर नियंत्रण और सेंसरशिप ख़त्म होने के बजाय बढ़ रही है. इस मामले में सभी राजनीतिक दल एक जैसे हैं. वे आज़ाद मीडिया की जगह नियंत्रित मीडिया को प्यार करते हैं.

वरिष्ठ पत्रकार नीलाभ मिश्रा. (फोटो साभार: नेशनल हेराल्ड)

हिंदी में काम करने में गुमनाम रहने का जोखिम है लेकिन नीलाभ ने इसे चुना

शोर के इस दौर में समझदार, ख़ामोश लेकिन नीलाभ जैसी दृढ़ आवाज़ का शांत हो जाना बड़ा अभाव है लेकिन जीवन में आनंद लेने और उसे स्वीकार करने वाले मित्र का न रहना जो शिकायती न हो, ज़्यादा बड़ा नुकसान है.

वरिष्ठ पत्रकार नीलाभ मिश्रा. (फोटो साभार: नेशनल हेराल्ड)

वरिष्ठ पत्रकार नीलाभ मिश्रा का निधन

नीलाभ ने साल 2016 में नेशनल हेराल्ड को एक डिजिटल वेबसाइट के रूप में दोबारा शुरू किया था. इसकी स्थापना साल 1938 में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने की थी.

स्विट्ज़रलैंड के दावोस शहर में हो रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: रॉयटर्स)

आख़िर विदेशी मीडिया ने प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की अनदेखी क्यों की?

विश्व आर्थिक मंच की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो कुछ कहा वो सब वे तीन साल से बोल रहे हैं. आपको बुरा लगेगा लेकिन आप प्रधानमंत्री के भाषण में भारत की व्याख्या देखेंगे तो वह दसवीं कक्षा के निबंध से ज़्यादा का नहीं है.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 170: मीडिया ज़रूरी मुद्दों को क्यों नहीं उठाता?

जन गण मन की बात की 170वीं कड़ी में विनोद दुआ मीडिया द्वारा ज़रूरी मुद्दों की अनदेखी और बेवजह के विषयों पर तमाशा खड़ा करने पर चर्चा कर रहे हैं.

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मीडिया बोल, एपिसोड 23: फिल्म पद्मावती पर हंगामा है क्यों बरपा?

मीडिया बोल की 23वीं कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश फिल्म पद्मावती से जुड़े विवाद पर वरिष्ठ पत्रकार रितुल जोशी और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. अपूर्वानंद से चर्चा कर रहे हैं.

Parliament Aliza Bakht The Wire इलस्ट्रेशन: एलिज़ा बख़्त

पांच लाख डॉलर देकर भारत में असहिष्णुता कम करना चाहता है अमेरिका

अमेरिका ने कहा कि वह भारत में गैर सरकारी संगठनों को करीब 5 लाख डॉलर की मदद के जरिये वहां सामाजिक सहिष्णुता में वृद्धि करना चाहता है.

Episode 22

मीडिया बोल, एपिसोड 22: वर्ष 2022 का ‘पैराडाइज़’ और मीडिया

मीडिया बोल की 22वीं कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश 2022 के आम चुनाव और मीडिया की भूमिका पर वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव और इतिहासकार मृदुला मुखर्जी से चर्चा कर रहे हैं.

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मीडिया बोल, एपिसोड 21: पत्रकारिता और पत्रकारों पर बढ़ते हमले

मीडिया बोल की 21वीं कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश पत्रकारों पर बढ़ते हमले पर अधिवक्ता व मानवाधिकार कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज और हिंदुस्तान टाइम्स के राजनीतिक संपादक विनोद शर्मा से चर्चा कर रहे हैं.

Episode 20

मीडिया बोल, एपिसोड 20: भारत में भुखमरी और अयोध्या में राम प्रतिमा

मीडिया बोल की 20वीं कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश वर्ल्ड हंगर इंडैक्स में भारत की स्थिति और अयोध्या में राम की प्रतिमा के मीडिया कवरेज पर चर्चा कर रहे हैं.

Epsiode 19

मीडिया बोल, एपिसोड 19: जय अमित शाह के मानहानि का दावा

मीडिया बोल की 19वीं कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह द्वारा द वायर के ख़िलाफ़ मानहानि के दावे को लेकर रवीश कुमार और द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु से चर्चा कर रहे हैं.

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‘भारत में हिंदुत्ववादी कट्टरपंथियों के कारण मीडिया में सेल्फ सेंसरशिप की प्रवृत्ति बढ़ी’

अंतरराष्ट्रीय संस्था रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स का कहना है कि 2015 से अब तक सरकार की आलोचना करने वाले नौ पत्रकारों की हत्या कर दी गई.

Epsiode 18

मीडिया बोल, एपिसोड 18: भाजपा-माकपा संघर्ष और दलितों पर हमला

मीडिया बोल की 18वीं कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश केरल में जारी भाजपा-माकपा संघर्ष और गुजरात में दलितों पर हो रहे ह​मले को लेकर वरिष्ठ पत्रकार वीके चेरियन और पूर्णिमा जोशी से चर्चा कर रहे हैं.

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सरकारी निरंकुशता को नया हथियार बना रही हैं भाजपा सरकारें: मायावती

बसपा सुप्रीमो ने कहा भाजपा सरकार ने दूरदर्शन और आकाशवाणी को बना दिया ‘मोदी वॉयस’, निजी मीडिया पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण, लेखकों और पत्रकारों को बनाया जा रहा निशाना.

Epsiode 17

मीडिया बोल, एपिसोड 17: मीडिया और कॉरपोरेट दबाव

मीडिया बोल की 17वीं कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश मीडिया पर कॉरपोरेट दबाव और क़ानूनी बंदिशों पर कारवां पत्रिका के राजनीतिक संपादक हरतोष सिंह बल और द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु के साथ चर्चा कर रहे हैं.

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मीडिया बोल, एपिसोड 16: बीएचयू का गुनाहगार कौन?

मीडिया बोल की 16वीं कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश बीएचयू में हुई हिंसा के मीडिया कवरेज पर वरिष्ठ न्यूज़ एंकर अमृता राय और पत्रकार अभिषेक श्रीवास्तव के साथ चर्चा कर रहे हैं.

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मीडिया बोल, एपिसोड 15: पहलू ख़ान और बुलेट ट्रेन

मीडिया बोल की 15वीं कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश, पहलू ख़ान और बुलेट ट्रेन के मीडिया कवरेज को लेकर वरिष्ठ पत्रकार सबा नक़वी और एनआर मोहंती से चर्चा कर रहे हैं.

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मीडिया बोल, एपिसोड 14: पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या और सियासत

मीडिया बोल की उर्मिलेश, वरिष्ठ पत्रकार अक्षय मुकुल और पत्रकार नेहा दीक्षित के साथ गौरी लंकेश की हत्या पर सियासत और उसके मीडिया कवरेज पर चर्चा कर रहे हैं.