Indian Muslim

नई दिल्ली का निज़ामुद्दीन मरकज इलाका (फोटो: पीटीआई)

कोविड-19 संक्रमण की आपराधिक जवाबदेही तबलीग़ी जमात के माथे ही क्यों है?

डब्ल्यूएचओ कहता है कि नागरिकों का स्वास्थ्य सरकारों की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है. लेकिन भारत सरकार के यात्राओं पर प्रतिबंध, हवाई अड्डों पर सबकी स्क्रीनिंग के निर्णय में हुई देरी पर बात नहीं हुई, न ही कोविड जांच की बेहद कम दर की बात उठी. जमात ने ग़लती की है पर क्या सरकारों को कभी उनकी नाकामियों के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा?

New Delhi: A medic wearing a protective suit as a preventive measure against coronavirus, stands outside the building gate of Lok Nayak Jai Prakash Narayan (LNJP) hospital, in New Delhi, Friday, April 3, 2020. LNJP is among few hospitals in Delhi where COVID 19 patients are attended round the clock. (PTI Photo/ Shahbaz Khan)(PTI03-04-2020_000114B)

कोरोना: तबलीग़ी जमात की ग़लती गंभीर है लेकिन महामारी का सांप्रदायीकरण भी कम आपराधिक नहीं है

इस देश का दुर्भाग्य है कि इतने बड़े संकट में घिरे होने के बाद भी हम भारतीय अपनी कट्टरता, अंधविश्वास और पूर्वाग्रह से बाहर न निकलकर एक वैश्विक महामारी को भी हिंदू-मुसलमान का मुद्दा बनाए दे रहे हैं.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे. (फोटो: ट्विटर)

कोरोना पर फेक न्यूज और सांप्रदायिक संदेश फैलाने वालों को नहीं छोड़ेंगे: उद्धव ठाकरे

दिल्ली के निजामुद्दीन मामले को लेकर सोशल मीडिया पर अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण संदेशों पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि कोरोना वायरस के अलावा बांटने वाला भी एक वायरस है. मैं ऐसे लोगों को चेतावनी देता हूं कि मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि कोई कानून आपको न बचा पाए.

Prayagraj: Police personnel during a search operation for devotees who had recently attended the religious congregation at Tabligh-e-Jamaats Markaz in Delhis Nizamuddin area, in Prayagraj, Wednesday, April 1, 2020. 24 people who attended the Markaz were found positive for COVID-19 as Nizamuddin area became countrys hotspot for the disease. (PTI Photo)(PTI01-04-2020 000087B)

तबलीग़ी जमात के बहाने मुसलमानों के ख़िलाफ़ पुरानी नफ़रत का हमला

मुसलमानों के शुभचिंतक तबलीग़ वालों को कड़ी सज़ा देने, यहां तक कि उसे प्रतिबंधित करने की मांग कर रहे हैं. इस एक मूर्खतापूर्ण हरकत ने सामान्य हिंदुओं में मुसलमानों के ख़िलाफ़ बैठे पूर्वाग्रह पर एक और परत जमा दी है. ऐसा सोचने वालों को क्या यह बताने की ज़रूरत है कि हिंदू हों या ईसाई, उनमें बैठे मुसलमान विरोध का कारण मुसलमानों की जीवनशैली या उनके एक हिस्से की मूढ़ता नहीं है.

तबरेज़ अंसारी. (फोटो साभार: फेसबुक)

झारखंड लिंचिंगः तबरेज़ अंसारी की हत्या के मामले के छह आरोपियों को ज़मानत

झारखंड के सरायकेला खरसावां ज़िले में बीते 18 जून को चोरी के आरोप में तबरेज़ अंसारी नाम के युवक को भीड़ ने एक खंभे से बांधकर बेरहमी से कई घंटों तक पीटा था, जिससे उनकी मौत हो गई थी.

(फोटो: पीटीआई)

आज हिंदुस्तानी मुसलमान को एक नए सामाजिक आंदोलन की ज़रूरत है

आज बहुत सुनियोजित ढंग से आरएसएस परिवार को छोड़कर सारी आवाज़ों को दबा दिया गया है. अगर कोई आवाज़ उठती भी है तो वह सिर्फ उनकी होती है, जो मुसलमानों को पिछड़ा, दकियानूसी और क़बायली साबित करती हैं.

तबरेज़ अंसारी. (फोटो साभार: फेसबुक)

झारखंड: तबरेज़ अंसारी की मॉब लिंचिंग के आरोपियों पर पुलिस ने फिर लगाई हत्या की धारा

इससे पहले झारखंड पुलिस ने तबरेज़ अंसारी की मॉब लिंचिंग मामले के 11 आरोपियों के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र में हत्या की धारा 302 के स्थान पर गैर इरादतन हत्या की धारा 304 लगा दी थी.

तबरेज़ अंसारी. (फोटो साभार: फेसबुक)

झारखंड: आरोपपत्र में पुलिस ने तबरेज़ हत्याकांड के 11 आरोपियों पर से हत्या के आरोप हटाए

बीते जून में झारखंड के सरायकेला खरसावां में तबरेज़ अंसारी की चोरी के आरोप में भीड़ ने बेरहमी से पिटाई की थी, जिसके कुछ रोज़ बाद अंसारी की मौत हो गई थी.

तबरेज़ अंसारी. (फोटो साभार: फेसबुक)

झारखंड लिंचिंग: पुलिस और डॉक्टरों की लापरवाही से हुई थी तबरेज़ की मौत

बीते जून में झारखंड के सरायकेला खरसावां में तबरेज अंसारी की चोरी के आरोप में भीड़ ने बेरहमी से पिटाई की, जिसके कुछ रोज़ बाद अंसारी की मौत हो गई थी. मामले की जांच कर रहे दल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि जहां पुलिस ने मुस्तैदी नहीं दिखाई, वहीं डॉक्टर अंसारी की चोट का पता नहीं लगा सके.

Sarai Vaishali

बिहार: चोरी के शक में युवक की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या

घटना वैशाली ज़िले के सराय की है, जहां मृतक को कथित तौर पर लोहा काटने वाले औज़ार के साथ एक घर के पास देखा गया था. पुलिस का कहना है कि उसने एक घर में चोरी की कोशिश की और पकड़ा गया.

Bikaner: Muslim activists protest against the recent incidents of mob lynching, in Bikaner, Friday, June 28, 2019. (PTI Photo) (PTI6_28_2019_000160B)

मॉब लिंचिंग के ख़िलाफ़ मालेगांव में प्रदर्शन, एंटी-लिंचिंग क़ानून बनाने की मांग की

महाराष्ट्र प्रशासन को सौंपे गए एक पत्र में मॉब लिंचिंग के प्रत्येक पीड़ित के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवज़ा देने की भी मांग की गई है.

फोटो: रॉयटर्स

क्या पाकिस्तान मोदी की जीत के लिए जैश-ए-मोहम्मद का इस्तेमाल कर रहा है

पाकिस्तान के सांप्रदायिक एजेंडे के लिए नरेंद्र मोदी की एक और जीत से अच्छा कुछ नहीं हो सकता है. उनकी नीतियों ने पाकिस्तानियों को यह यक़ीन दिलाने का काम किया है कि भारत में मुस्लिम कभी भी सुरक्षित नहीं रह सकते हैं.

muslim-women Talaq Reuters

हलाला और बहुविवाह मामले में जल्द सुनवाई पर विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को हलाला और बहु विवाह के मामले में जल्द जवाब दाख़िल करने का निर्देश दिया है. मामले में याचिकाकर्ताओं में से एक समीना बेगम की ओर से पेश अधिवक्ता शेखर और अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि उनकी मुवक्किल को धमकी दी जा रही है.

फोटो: रॉयटर्स

‘तीन तलाक़ को सियासी हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए’

मुस्लिम महिला कार्यकर्ताओं ने कहा, प्रस्तावित क़ानून में तीन तलाक़ के साथ निकाह, हलाला और बहुविवाह भी शामिल हो. सभी दल मिलकर मुस्लिम महिलाओं के मुद्दों का समाधान करें.

New Delhi: Activists  of Joint Movement Committee protest on the issue of 'Triple Talaq' at Jantar Mantar in New Delhi on Wednesday. PTI Photo by Kamal Singh (PTI5_10_2017_000223A)

शाहबानो का गला घोंटा गया तब सेकुलरिज़्म ख़तरे में नहीं आया था?

अब तक तीन तलाक़, हलाला, मुता निक़ाह जैसी कुप्रथाएं चली आ रही हैं. उनके ख़िलाफ़ आपने कभी आवाज़ नहीं उठाई. जब प्रताड़ित मुस्लिम औरतें ख़ुद बाहर निकलीं तो सेक्यु​लरिज़्म याद आ रहा है!