Jammu Kashmir Administration

Patna: Union Defence Minister and senior BJP leader Rajnath Singh speaks during the party's Jan Jagran programme on removal of Article 370, in Patna, Sunday, Sept. 22, 2019. (PTI Photo) (PTI9_22_2019_000057B)

फारूक, उमर और मुफ्ती की जल्द रिहाई के लिए प्रार्थना करेंगे: राजनाथ सिंह

भाजपा की विचारधारा का जिक्र करते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मुसलमान जिगर का टुकड़ा है और सांप्रदायिक राजनीति का सवाल ही पैदा नहीं होता.

लेबर पार्टी की ब्रिटिश सांसद डेब्बी अब्राहम. (फोटो: Twitter/@Debbie_abrahams)

ब्रिटिश सांसद को वापस भेजने के मामले में सरकार ने उनकी भारत विरोधी गतिविधियों का हवाला दिया

जम्मू कश्मीर पर एक ब्रिटिश संसदीय दल की अध्यक्ष और लेबर पार्टी की सांसद डेब्बी अब्राहम को बीते सोमवार को नई दिल्ली हवाईअड्डे पर पहुंचने पर भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी.

लेबर पार्टी की ब्रिटिश सांसद डेब्बी अब्राहम. (फोटो: Twitter/@Debbie_abrahams)

अनुच्छेद 370 पर केंद्र सरकार के रुख की विरोधी ब्रिटिश सांसद को भारत में प्रवेश से रोका गया

केंद्र सरकार द्वारा कश्मीर की स्थिति में बदलाव किए जाने के तुरंत बाद लेबर पार्टी की सांसद एवं कश्मीर पर सर्वदलीय संसदीय दल की अध्यक्ष डेब्बी अब्राहम ने ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त को एक पत्र लिखा था, जिसमें कहा गया कि यह कार्रवाई कश्मीर के लोगों के विश्वास को धोखा देती है.

Srinagar: Former chief minister and National Conference vice-president Omar Abdullah addresses a press conference after an all-party meeting, in Srinagar, Thursday, Sept 13, 2018. (PTI Photo) (PTI9_13_2018_000100B)

उमर अब्दुल्ला की हिरासत पर सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर प्रशासन से जवाब मांगा

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को जन सुरक्षा क़ानून के तहत हिरासत में लिए जाने के ख़िलाफ़ उनकी बहन सारा अब्दुल्ला पायलट ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है. पिछले साल अगस्‍त में राज्य का विशेष दर्जा ख़त्म किए जाने के बाद से ही उमर नज़रबंद हैं.

Foreign diplomats are seen in boats as Indian security force personnel stand guard on the banks of Dal Lake in Srinagar February 12, 2020. REUTERS/Danish Ismail

जम्मू कश्मीर को केंद्रीय जेल में क्यों नहीं बदल देती केंद्र सरकार: यूसुफ़ तारिगामी

जम्मू कश्मीर के पूर्व विधायक और वरिष्ठ माकपा नेता यूसुफ़ तारिगामी ने प्रदेश के बड़े नेताओं की हिरासत को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि अगर जम्मू कश्मीर में हालात सामान्य हैं तो सरकार वहां चुनाव क्यों नहीं कराती.

Srinagar: Former chief minister and National Conference vice-president Omar Abdullah addresses a press conference after an all-party meeting, in Srinagar, Thursday, Sept 13, 2018. (PTI Photo) (PTI9_13_2018_000100B)

उमर अब्दुल्ला हिरासत मामला: सुप्रीम कोर्ट जज ने सुनवाई से खुद को अलग किया

आज जब सुनवाई शुरु हुई तो तीन न्यायाधीशों की पीठ में शामिल जस्टिस मोहन शांतानागौदर ने खुद को इसकी सुनवाई से अलग कर लिया. बहन सारा अब्दुल्ला पायलट ने जन सुरक्षा कानून के तहत उमर अब्दुल्ला की हिरासत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.

(फोटो: पीटीआई)

उमर अब्दुल्ला और महबूबा पर पीएसए लगाने के लिए जम्मू कश्मीर प्रशासन ने दिए अजीबो-गरीब तर्क

जम्‍मू कश्‍मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के खिलाफ जो पीएसए लगाने के लिए जो आरोप लगाए गए हैं उनमें उनकी बड़ी संख्या में वोट हासिल करने की क्षमता का जिक्र किया गया है. वहीं, खतरनाक साजिश रचने की क्षमता के कारण पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को ‘डैडी गर्ल’ और ‘कोटा रानी’ कहा गया.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: उमर अब्दुल्ला की पीएसए के तहत हिरासत के खिलाफ उनकी बहन सुप्रीम कोर्ट पहुंची

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को पीएसए के तहत नजरबंद करने के खिलाफ उनकी बहन सारा अब्दुल्ला पायलट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका कर उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है.

(फोटो: पीटीआई)

कश्मीरः महबूबा, उमर अब्दुल्ला के खिलाफ जन सुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज

इसके साथ ही दो अन्य नेताओं पर भी इस कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिनमें नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता अली मोहम्मद सागर और पीडीपी के सरताज मदनी शामिल हैं. पिछले साल अगस्‍त में जम्‍मू कश्‍मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद से ही उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती नजरबंद हैं.

दक्षिण एवं मध्य एशिया मामलों की कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री एलिस जी वेल्स. (फोटो: ट्विटर)

जम्मू कश्मीर: शीर्ष अमेरिकी अधिकारी ने भारत से राजनीतिक बंदियों को रिहा करने की अपील की

भारत सरकार द्वारा आयोजित रायसीना वार्ता में भाग लेने के बाद वापस लौटकर दक्षिण और मध्य एशिया की कार्यवाहक सहायक सचिव एलिस वेल्स ने नागरिकता संशोधन अधिनियम पर राष्ट्रव्यापी विरोध पर कहा कि एक जोरदार लोकतांत्रिक समीक्षा होनी चाहिए चाहे वह सड़कों पर हो, चाहे राजनीतिक विपक्ष, मीडिया या अदालतों द्वारा हो.

पिछले साल नवंबर में जम्मू कश्मीर में इंटरनेट पाबंदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते पत्रकार. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर में आज से 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल

जम्मू कश्मीर प्रशासन के गृह विभाग की एक अधिसूचना के मुताबिक मोबाइल फोन पर 2जी स्पीड के साथ इंटरनेट सुविधा 25 जनवरी से चालू हो जाएगी. सोशल मीडिया साइटों तक घाटी के लोगों की पहुंच नहीं होगी और तय वेबसाइटों तक ही उनकी पहुंच हो सकेगी.

महबूबा मुफ्ती (फोटो: रॉयटर्स)

राजनीतिक बंदियों की रिहाई से कश्मीर में स्थिति सामान्य होगी, न कि फोटो खिंचवाने से: महबूबा

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने गुरुवार को कहा कि कश्मीर में राजनीतिक बंदियों की रिहाई, इंटरनेट बहाल करने और घाटी में लोगों का डर दूर करने से स्थिति सामान्य होगी, न कि विभिन्न मंत्रियों के फोटो खिंचवाने से.

नीति आयोग के सदस्य वीके सारस्वत. (फोटो: ट्विटर/@VKSaraswat1949)

जम्मू कश्मीर में इंटरनेट का इस्तेमाल गंदी फिल्में देखने के लिए होता है: नीति आयोग सदस्य

नीति आयोग के सदस्य वीके सारस्वत जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं. वहां जारी विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि जेएनयू एक राजनीतिक युद्ध का मैदान बन गया है. यह 10 रुपये से लेकर 300 रुपये तक फीस वृद्धि का मुद्दा नहीं है. हर कोई लड़ाई जीतने की कोशिश कर रहा था. मैं राजनीतिक दलों का नाम नहीं लूंगा.

Srinagar: A woman talks to her son, in Srinagar, Monday, Oct. 14, 2019. Mobile phone services on postpaid connections were restored in Kashmir after remaining suspended for 70 days following abrogation of Article 370 and bifurcation of Jammu and Kashmir into two union territories.(PTI Photo/S. Irfan)(PTI10_14_2019_000186A)

जम्मू कश्मीर में बहाल हुई प्रीपेड मोबाइल सेवाएं

जम्मू कश्मीर प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में सभी स्थानीय प्रीपेड मोबाइल फोन पर कॉल करने और एसएमएस भेजने की सुविधा बहाल कर दी गई है. इंटरनेट सेवा प्रदाताओं से जम्मू क्षेत्र के सभी दस जिलों और उत्तरी कश्मीर के दो जिलों कुपवाड़ा और बांदीपोरा में फिक्स लाइन इंटरनेट संचार सेवा प्रदान करने को कहा गया है.

Jammu: Security personnel stand guard near Civil Secretariat ahead of presidential decree giving assent to the bifurcation of Jammu and Kashmir into two Union Territories, in Jammu, Wednesday, Oct. 30, 2019. (PTI Photo)(PTI10_30_2019_000087B)

जम्मू कश्मीर: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ब्रॉडबैंड, 2जी इंटरनेट सेवा आंशिक रूप से बहाल

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते अपने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसले में जम्मू कश्मीर प्रशासन को आदेश दिया था कि वे एक हफ्ते के भीतर सभी प्रतिबंध आदेशों पर पुनर्विचार करें. ये प्रतिबंध पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के बाद से लगाए गए थे.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने 26 लोगों पर लगा पीएसए हटाया

जिन 26 लोगों पर से जन सुरक्षा कानून हटाया गया है उनमें से कुछ केंद्र शासित प्रदेश से बाहर उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में बंद हैं. इनमें जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नजीर अहमद रोंगा भी शामिल हैं, जिन्हें उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद सेंट्रल जेल में हिरासत में रखा गया है.

(फोटो: पीटीआई)

अनिश्चितकाल के लिए इंटरनेट बैन की इजाजत नहीं, कश्मीर प्रशासन सभी प्रतिबंधों पर पुनर्विचार करे

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कि इंटरनेट का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत बोलने एवं अभिव्यक्ति की आजादी का हिस्सा है. इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाने का कोई भी आदेश न्यायिक जांच के दायरे में होगा.

Kashmiri journalists display laptops and placards during a protest demanding restoration of internet service, in Srinagar, November 12, 2019. REUTERS/Danish Ismail - RC2O9D9L2D29

मीडिया का काम बुरी तरह प्रभावित, अविलंब इंटरनेट बहाल करे सरकार: कश्मीर प्रेस क्लब

कश्मीर प्रेस क्लब ने मीडिया के लिए इंटरनेट सेवाओं को तुरंत बहाल करने की मांग करते हुए कहा कि सरकार ने जानबूझकर ऐसी रोक लगाई है, ताकि सूचना के प्रवाह पर रोक लगाई जा सके.

A deserted road in Srinagar on Monday. Restrictions were in force across Kashmir and in several parts of Jammu. (REUTERS/Danish Ismail)

जम्मू कश्मीर मानवाधिकार संगठन ने कहा- 2019 में 600 से अधिक लोगों पर लगाया गया पीएसए

वार्षिक मानवाधिकार रिपोर्ट कहती है कि 662 लोगों ने जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दाखिल की और अपने खिलाफ लगाए गए पीएसए को रद्द करने की मांग की.

Jammu: Security personnel stand guard along a road in Jammu, Thursday, Oct. 31, 2019. Security has been tightened across Jammu region ahead of bifurcation of Jammu and Kashmir into two union territories which came into existence after midnight. (PTI Photo)  (PTI10_31_2019_000186B)

जम्मू कश्मीर: हिरासत में चार महीने तक रखे जाने के बाद पांच कश्मीरी राजनीतिक नेता रिहा

जम्मू कश्मीर के अधिकारियों ने बताया कि रिहा किए गए पांचों नेता नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी के हैं, जिन्हें एहतियातन हिरासत में रखा गया था. 5 अगस्त से पूर्ववर्ती राज्य के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों- फारुक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के साथ मुख्यधारा और अलगाववादी खेमे दोनों के सैकड़ों नेताओं को एहतियातन हिरासत में रखा है.

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट. (फोटो साभार: फेसबुक)

जम्मू कश्मीर: हाईकोर्ट ने पीएसए के तहत हिरासत में लिए जाने के तीन आदेश रद्द किए

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने अगले साल के लिए घोषित सरकारी अवकाश की सूची में पूर्व मुख्यमंत्री शेख अब्दुल्ला की जयंती और शहीद दिवस को हटा दिया है, लेकिन 26 अक्टूबर जिसे ‘विलय दिवस’ के तौर पर मनाया जाता है, उसे इस सूची में जगह दी गई है.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

फारूक अब्दुल्ला की हिरासत अवधि जन सुरक्षा कानून के तहत तीन महीने और बढ़ी

जन सुरक्षा कानून के तहत किसी भी व्यक्ति को बिना किसी सुनवाई के तीन महीने से दो साल तक हिरासत में रखा जा सकता है.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट में जम्मू कश्मीर में पाबंदियों के ख़िलाफ़ याचिकाओं पर सुनवाई पूरी, फ़ैसला सुरक्षित

जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाने के साथ ही वहां संचार माध्यमों पर लगी पाबंदियों को चुनौती देते हुए कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद, कश्मीर टाइम्स की संपादक अनुराधा भसीन और अन्य लोगों ने याचिकाएं दायर की थीं.

Srinagar: Policemen patrolling at Lal Chowk after restrictions were lifted, in Srinagar, Tuesday, Aug. 20, 2019. Barricades around the Clock Tower in Srinagar's city centre Lal Chowk were removed after 15 days, allowing the movement of people and traffic in the commercial hub, as restrictions eased in several localities while continuing in others. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI8_20_2019_000114B)

दस्तावेज़ों से पता चलता है कि जम्मू कश्मीर पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट की निगरानी कर रही है

जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा अनजाने में पत्रकारों को भेजे गए ई-मेल में ‘डीएनए फाइल’ नाम से एक फाइल थी, जिसमें ऐसे सोशल मीडिया पोस्ट्स के स्क्रीनशॉट थे, जो कि कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म करने के संबंध में लिखे गए थे.

A deserted road in Srinagar on Monday. Restrictions were in force across Kashmir and in several parts of Jammu. (REUTERS/Danish Ismail)

कश्मीर में लगी पाबंदियों पर उठे हर सवाल का जवाब दे प्रशासन: सुप्रीम कोर्ट

कश्मीर में लगी पाबंदी पर याचिका दाखिल करने वालों की ओर से पेश एक वकील ने प्रतिदिन हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बावजूद हांगकांग हाईकोर्ट द्वारा प्रदर्शनकारियों पर से सरकारी प्रतिबंध हटा लेने का उदाहरण दिया. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों को बनाए रखने में भारत का सर्वोच्च न्यायालय कहीं अधिक श्रेष्ठ है.

**EDS: FILE PHOTO** Srinagar: In this file photo dated Aug. 4, 2019, are National Conference President Farooq Abdullah and PDP President Mehbooba Mufti during an all party meeting, in Srinagar. The Supreme Court on Monday, Sept. 16, 2019, has sought response from the Centre and the Jammu and Kashmir administration on a plea seeking to produce before court Abdullah, who is allegedly under detention following the scrapping of the state's special status. (PTI Photo) (PTI9_16_2019_000042B)

कश्मीर में हालात सामान्य होने के अमित शाह के दावे को नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी ने पाखंड बताया

संसद सत्र में फारूक अब्दुल्ला को हिस्सा लेने की इजाजत देने की विपक्ष की मांग पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस ने आपातकाल के दौरान 30 सांसदों को हिरासत में रखा था. इस पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा कि रेड्डी की टिप्पणी इस बात की स्वीकार्यता है कि जम्मू कश्मीर आपातकाल के बुरे दौर से गुजर रहा है.

Srinagar: Security personnel keep vigil at Lal Chowk after bifurcation of the Jammu and Kashmir state came into existence, in Srinagar, Thursday, Oct. 31, 2019. (PTI Photo/S. Irfan) (PTI10_31_2019_000132B)

जम्मू कश्मीर में 4 अगस्त से अब तक 5000 लोग गिरफ्तार: गृहमंत्री अमित शाह

गृह मंत्रालय ने लोकसभा में कहा कि जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के बाद पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी आई है. हालांकि, आंकड़े बताते हैं कि जनवरी से 4 अगस्त तक औसतन हर महीने पत्थरबाजी की 50 घटनाएं हुईं. वहीं, 5 अगस्त के बाद ऐसे मामले औसतन हर महीने बढ़कर 55 हो गए.

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आरफ़ा का इंडिया: कश्मीर में तालाबंदी के सौ दिन

जम्मू कश्मीर से अनुछेद 370 हटने के 100 दिन पूरे हो गए हैं. इस मुद्दे पर द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.

Srinagar:A girl runs for cover after throwing stones during a protest in Srinagar, Tuesday, Oct. 29, 2019. A delegation of 23 European Union MPs is on a visit to Jammu and Kashmir for a first-hand assessment of the situation in the Valley following the revocation of the state''s special status under Article 370. (PTI Photo) (PTI10_29_2019_000140A)

केंद्र ने कोर्ट से कहा, कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने के फैसले की न्यायिक समीक्षा नहीं हो सकती

सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ 14 नवंबर से इस मामले की सुनवाई करेगी. केंद्र को पांच अगस्त के राष्ट्रपति आदेश के खिलाफ दायर याचिकाओं पर अपना जवाबी हलफनामा दायर करने के लिए कहा गया था.

Ahmedabad: Social activists hold a placard and candles during a silent protest against government on Kashmir issue, in Ahmedabad, Thursday, Oct. 17, 2019. (PTI Photo)(PTI10_17_2019_000172B)

जम्मू कश्मीर: सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिगों को हिरासत में लेने के आरोपों की फिर से जांच के आदेश दिए

आरोप है कि सुरक्षा बलों ने इन नाबालिगों को जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा समाप्त करने संबंधी अनुच्छेद 370 के ज़्यादातर प्रावधानों को निरस्त करने के फैसले के बाद हिरासत में लिया था.

Srinagar: Security personnel keep vigil at Lal Chowk after bifurcation of the Jammu and Kashmir state came into existence, in Srinagar, Thursday, Oct. 31, 2019. (PTI Photo/S. Irfan) (PTI10_31_2019_000132B)

जम्मू कश्मीर: 5 अगस्त के बाद से 450 लोगों की विदेश यात्रा पर लगी है अस्थायी रोक

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने राज्य का विशेष दर्जा ख़त्म करने और दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के बाद यहां के साढ़े चार सौ से अधिक कारोबारियों, पत्रकारों, वकीलों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की एक सूची तैयार की है, जिनके विदेश जाने पर रोक लगाई गई है. प्रशासन ने किसी भी व्यक्ति को नहीं बताया है कि यह प्रतिबंध कब तक रहेगा.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

कश्मीर के हालात पर दाख़िल याचिकाओं को निपटाने में सुप्रीम कोर्ट की गति धीमी: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार मामलों के उच्चायुक्त के प्रवक्ता रूपर्ट कोलविले ने कहा कि हम अत्यंत चिंतित हैं कि कश्मीर में लोग लगातार व्यापक मानवाधिकारों से वंचित हैं और हम भारतीय अधिकारियों से स्थिति को ठीक करने तथा लोगों के अधिकारों को पूरी तरह बहाल करने का आग्रह करते हैं.

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जम्मू कश्मीरः मानवाधिकार, सूचना आयोग सहित सात आयोग बंद

इस संबंध में जारी एक आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के तहत इन आयोगों को बंद करने का फैसला किया गया है. ये आदेश 31 अक्‍टूबर से प्रभावी हो जाएंगे.

(फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर में और कितने दिन लागू रहेगी पाबंदी, साफ-साफ जवाब दें: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट जम्मू कश्मीर में नाबालिगों को हिरासत में लेने, संचार माध्यमों पाबंदी लगाने जैसे कई मामलों पर दायर याचिकाओं की सुनवाई कर रहा है.

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कश्मीर में शर्तों पर मिल रही रिहाई, अनुच्छेद 370 पर बोलने पर भेज दिया जाएगा जेल

रिहाई की शर्त के रूप में हिरासत में लिए गए लोगों को यह वादा करना पड़ रहा है कि वे एक साल तक जम्मू कश्मीर की हालिया घटनाओं के संबंध में न तो कोई टिप्पणी करेंगे और न ही कोई बयान जारी करेंगे.

New Delhi: A view of Supreme Court of India in New Delhi, Thursday, Nov. 1, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_1_2018_000197B)

संचार व्यवस्था पर प्रतिबंध लागू करने संबंधी आदेश पेश करे जम्मू कश्मीर प्रशासन: सुप्रीम कोर्ट

जम्मू कश्मीर प्रशासन की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि राष्ट्रहित में लिए गए प्रशासनिक फैसलों की अपील पर कोई नहीं बैठ सकता. केवल न्यायालय ही इसे देख सकती है और याचिकाकर्ता इसे नहीं देख सकते.

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अनुच्छेद 370 के विरोध में प्रदर्शन कर रहीं फ़ारूक़ अब्दुल्ला की बहन और बेटी समेत 13 महिलाएं गिरफ़्तार

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के विरोध में प्रदर्शन कर रहीं इन महिलाओं को सीआरपीसी की धारा 107 के तहत हिरासत में लेकर श्रीनगर केंद्रीय जेल में रखा गया है.

(फोटो: पीटीआई)

पीएसए के तहत हिरासत में हैं उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती: अमित शाह

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने से पहले हिरासत में लिया गया था.

A view of Srinagar's Lal Chowk on Wednesday October 9th 2019. Photo: PTI

जम्मू कश्मीर: पर्यटकों का स्वागत, पर प्रेस काउंसिल को मनाही

जम्मू कश्मीर सरकार ने पर्यटकों को राज्य में आने की अनुमति देने के बाद प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से कहा है कि उनकी फैक्ट-फाइंडिंग टीम 4 नवंबर के बाद ही राज्य में आ सकती है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

कश्मीर में लगातार 68वें दिन जनजीवन अस्त-व्यस्त, सरकार ने विज्ञापन देकर कहा- डरने की ज़रूरत नहीं

जम्मू कश्मीर के अख़बारों में विज्ञापन देकर प्रशासन ने कहा है कि पिछले 70 साल से अब तक जम्मू कश्मीर के लोगों को गुमराह किया गया. प्रशासन लोगों से सामान्य गतिविधियां बहाल करने की अपील की है.