Jammu Kashmir Government

Pathankot: A police bus carrying all the accused involved in the rape and murder of a nomadic minor girl in Jammu and Kashmir's Kathua, arrives at the Judicial Courts Complex for the verdict, in Pathankot, Monday, June 10, 2019. (PTI Photo)(PTI6_10_2019_000034B)

कठुआ गैंगरेप और हत्या मामला: तीन दोषियों को उम्रक़ैद और तीन को पांच साल की सज़ा

पिछले साल जनवरी में जम्मू कश्मीर के कठुआ ज़िले के रसाना गांव में आठ साल की बच्ची का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था और फिर उसकी हत्या कर दी गई थी. कोर्ट ने मामले में छह लोगों को दोषी ठहराया था.

Ahmedabad: School and Madarsa students display placards as they protest over government's alleged 'inaction' in Kathua and Unnao rape cases, in Ahmedabad on Sunday. PTI Photo by Santosh Hirlekar (PTI4_15_2018_000053B)

कठुआ गैंगरेप मामला: पठानकोट कोर्ट ने छह आरोपियों को दोषी ठहराया, एक बरी

पिछले साल जनवरी में जम्मू कश्मीर के कठुआ ज़िले के रसाना गांव में आठ साल की बच्ची का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था और फिर उसकी हत्या कर दी गई थी.

(फोटो साभार: एएनआई)

जम्मू कश्मीर: शोपियां में महिला पुलिस अधिकारी की गोली मारकर हत्या की

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि विशेष पुलिस अधिकारी खुशबू जान को शोपियां के वेहिल इलाके में उनके घर के बाहर आतंकवादियों ने गोली मार दी. पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है.

(फोटो: संबंधित अखबार)

जम्मू कश्मीर: सरकारी विज्ञापन न देने के ख़िलाफ़ अख़बारों ने ख़ाली छोड़े फ्रंट पेज

जम्मू कश्मीर के कई बड़े अख़बारों ने सरकार द्वारा ग्रेटर कश्मीर और कश्मीर रीडर अख़बारों को बिना कोई स्पष्ट कारण बताए विज्ञापन न देने के फ़ैसले के विरोध में रविवार को अपने पहले पन्ने को ख़ाली छोड़ दिया.

रविवार को पटना में सीआरपीएफ इंस्पेक्टर पिंटू कुमार सिंह के परिवार का एक सदस्य उन्हें श्रद्धाजंलि देते हुए. (फोटो: पीटीआई).

बिहार: मोदी की रैली में व्यस्त रहे मंत्री, सीआरपीएफ जवान का शव लेने नहीं पहुंचे

जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकियों के साथ हुए मुठभेड़ में शहीद होने वाले सीआरपीएफ इंस्पेक्टर पिंटू कुमार सिंह के चाचा संजय कुमार सिंह ने कहा कि पिंटू को वह सम्मान नहीं मिला जो उन्हें राज्य सरकार से मिलना चाहिए था. एनडीए का कोई भी नेता वहां मौजूद नहीं था.

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जम्मू कश्मीर: 72 घंटे चली मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए, सीआरपीएफ के अधिकारी सहित चार जवान शहीद

जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा में गुरुवार से शुरू हुई मुठभेड़ रविवार को समाप्त हो गई. मुठभेड़ में एक स्थानीय नागरिक की भी मौत हो गई.

New Delhi: A view of Supreme Court of India in New Delhi, Thursday, Nov. 1, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_1_2018_000197B)

लश्कर आतंकी को तिहाड़ जेल स्थानांतरित करने को लेकर उच्चतम न्यायालय पहुंची जम्मू कश्मीर सरकार

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी ज़ाहिद फ़ारुख़ को सुरक्षा बलों ने 19 मई 2016 को सीमा पर लगी बाड़ को पार कर भारत में दाख़िल होने की कोशिश करते समय गिरफ्तार किया था. राज्य सरकार ने कहा कि खुफिया एजेंसियों से जानकारी मिली है कि जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े आतंकी जेल में बंद अन्य कैदियों को प्रभावित करने का काम कर रहे हैं.

शाह फैसल (फोटो: फेसबुक प्रोफाइल)

सिविल सेवा परीक्षा में टॉपर रहे पहले कश्मीरी आईएएस अधिकारी शाह फैसल का इस्तीफ़ा

2010 सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया टॉपर रहे पहले कश्मीरी आईएएस अधिकारी शाह फैसल ने ‘कश्मीर में हो रही हत्याओं, हिंदुत्ववादियों द्वारा भारतीय मुसलमानों को हाशिये पर धकेलने, असहिष्णुता और बढ़ती नफ़रत’ का हवाला देते हुए इस्तीफ़ा दे दिया.

सुप्रीम कोर्ट. (फोटो: द वायर)

कठुआ मामले की सीबीआई जांच करवाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

इस साल जनवरी में जम्मू में हुए कठुआ बलात्कार और हत्या मामले के एक आरोपी ने केस में हुई जांच को दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए दोबारा जांच की मांग की थी, जिसे शीर्ष अदालत ने ख़ारिज कर दिया.

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जम्मू कश्मीर: कठुआ मामले में आरोपियों के वकील को सरकार ने दिया एडिशनल एडवोकेट जनरल का पद

असीम साहनी जम्मू के चर्चित वकील एके साहनी के बेटे हैं, जो कठुआ मामले के आरोपियों के प्रमुख वकील हैं. असीम भी मामले में आरोपियों की ओर से पेश हो चुके हैं.

महबूबा मुफ़्ती. (फोटो: पीटीआई)

कठुआ मामले में सीबीआई जांच की ज़रूरत नहीं, राज्य की पुलिस ने अच्छी जांच की है: महबूबा मुफ़्ती

जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने इस मामले को अच्छी तरह संभाला है. कोई भी गलत कदम ऐसे हालातों को जन्म दे सकता था जहां पूरा राज्य सांप्रदायिकता की आग में जल गया होता.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

कठुआ गैंगरेप: सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान, जम्मू कश्मीर के बार एसोसिएशनों को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए बार काउन्सिल ऑफ इंडिया, राज्य बार काउन्सिल, जम्मू हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और कठुआ जिला बार एसोसिएशन को नोटिस जारी कर 19 अप्रैल तक जवाब मंगा हैं.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 193: बदहाल उत्तर प्रदेश और लाचार जम्मू कश्मीर सरकार

जन गण मन की बात की 193वीं कड़ी में विनोद दुआ विभिन्न क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश की बदहाली और जम्मू कश्मीर में भाजपा पीडीपी गठबंधन की असफलताओं पर चर्चा कर रहे हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

क्यों कश्मीर में सेना और नागरिकों को आमने-सामने खड़ा किया जा रहा है?

कश्मीर के हालात अब न सैनिकों के लिए अच्छे रह गए हैं, न वहां की जनता के लिए. दोनों के मन में एक-दूसरे के प्रति संदेह का पहाड़ खड़ाकर कर दिया गया है जो रास्ता छोड़ने को तैयार नहीं.

महबूबा मुफ़्ती. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर से अफस्पा हटाने से महबूबा का इनकार, सेना को बताया दुनिया में सबसे अनुशासित

जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि कश्मीर की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति की वजह से घाटी में सेना की तैनाती में इज़ाफ़ा हुआ है. यदि स्थिति बिगड़ती है, तो सुरक्षा बलों की संख्या में बढ़ोतरी होगी.

Srinagar: Students shout slogans during a protest rally against the fresh incidents of braid chopping in the Valley, at Kashmir University in Srinagar on Thursday. PTI Photo  (PTI10_12_2017_000150B)

कश्मीर में चोटी काटने की घटनाएं बदला लेने का नया तरीका बन गई हैं

पुलिस ने पाया कि चोटी काटने के लिए हुई पिटाई के मामले प्रेम-प्रसंग, व्यापार, निजी रंज़िश या वसूली से जुड़े थे.

Women shout slogans and block a road during a protest against braid choping incidents in Srinagar valley. PTI

कश्मीर में चोटी काटने की अब तक 100 घटनाएं, शैक्षणिक संस्थाएं दो दिन के लिए बंद

इन घटनाओं से जुड़ी अफवाह उड़ाने के संबंध में कश्मीर पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया. घटनाओं को लेकर घाटी में प्रदर्शन जारी.

(फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: गैर-मुसलमानों को अल्पसंख्यक दर्जा देने के मामले में केंद्र को मिली मोहलत

मामले में केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय से मांगा था समय. शीर्ष अदालत ने तीन महीने के भीतर फैसला लेने को कहा.

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किसी भी तरह के उकसावे पर सैन्य बलों को ग़ैर-क़ानूनी तरीकों का सहारा नहीं लेना चाहिए

सरकार के हिंसा पर एकाधिकार को तब ही स्वीकार किया जा सकता है जब वह क़ानून के दायरे में हो; अगर ऐसा नहीं है तब कोई उसके इस एकाधिकार को तोड़ता है तो उसे ग़लत नहीं ठहराया जा सकता.

(फाइल फोटो: शोम बसु/द वायर)

पैलेट गन की जगह अन्य विकल्पोंं पर विचार करे केंद्र: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह जम्मू कश्मीर में पथराव करने वाली भीड़ से निपटने के लिए पैलेट गनों की बजाय अन्य प्रभावी तरीकों का प्रयोग करे क्योंंकि यह ज़िंदगी और मौत का मामला है.