Jammu Kashmir Police

जम्मू कश्मीर: कैसे सैयद गिलानी के शव को उनके परिवार से लेकर जल्दी में दफ़नाया गया

अलगावादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के परिवार का कहना है कि पहले जम्मू कश्मीर पुलिस इस बात पर सहमत हुई थी कि उनके परिजन उन्हें दफ़नाने के इंतज़ाम कर सकेंगे, लेकिन बाद में पुलिसकर्मी उनका शव लेकर चले गए.

जम्मू कश्मीर: सैयद गिलानी के शव को पाकिस्तान के झंडे में लपेटने पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज

बडगाम पुलिस ने अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के इंतक़ाल के बाद उनके शव को पाकिस्तान के झंडे में लपेटने और कथित ‘राष्ट्र विरोधी’ नारेबाज़ी के मामले में यूएपीए और आईपीसी की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है.

जम्मू कश्मीर: अनुच्छेद 370 हटने के बाद 23 भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की हत्या हुई

भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ़ ठाकुर के अनुसार, पिछले दो सालों में इन 23 लोगों में से 12 नेताओं और कार्यकर्ताओं की हत्या कश्मीर घाटी और 11 की जम्मू में हुई है. उन्होंने कहा कि इनमें से अकेले नौ भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की हत्या पिछले एक साल में कुलगाम ज़िले में हुई है, जो चिंता का विषय है.

‘पुलिस ने मेरे भाई को मार दिया और अब वे नहीं चाहते कि हम उसकी क़ब्र पर दुआ भी पढ़ पाएं’

बीते दिनों जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा एक मुठभेड़ में इमरान क़यूम नाम के शख़्स को आतंकवादी बताते हुए मार गिराने के बाद उनको दफ़ना दिया गया. इमरान के परिवार ने पुलिस के दावों का खंडन करते हुए कहा है कि यह फ़र्ज़ी एनकाउंटर था. उन्होंने मामले की जांच के लिए उपराज्यपाल और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पत्र भी लिखा है.

Jammu: Army personnel stand guard at Gujjar Nagar area during a curfew, imposed on the third day after the clash between two communities over the protest against the Pulwama terror attack, in Jammu, Sunday, Feb. 17, 2019. (PTI Photo)(PTI2_17_2019_000035B)

जम्मू कश्मीर: भाजपा के दो कार्यकर्ता आतंकवादी हमले का नाटक रचने के आरोप में गिरफ़्तार

जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा ज़िले के अधिकारियों ने कहा कि भाजपा के दो कार्यकर्ताओं इशफ़ाक़ मीर तथा बशारत अहमद ने अपनी सुरक्षा बढ़वाने के लिए सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर बीते 16 जुलाई की रात कुपवाड़ा के गुलगाम में हमला करवाया था. इस दौरान भाजपा ज़िलाध्यक्ष मोहम्मद शफ़ी मीर के बेटे के हाथ में चोट आई थी. घटना के बाद भाजपा ने मोहम्मद शफ़ी मीर को निलंबित कर दिया है.

कश्मीर: 2006 के एक हादसे पर वॉट्सऐप स्टेटस लगाने के चलते पत्रकार के ख़िलाफ़ केस दर्ज

कश्मीर घाटी के बांदीपोरा क़स्बे के रहने वाले पत्रकार साजिद रैना ने साल 2006 में एक नाव हादसे में मारे गए 22 बच्चों की तस्वीर अपने वॉट्सऐप पर लगाते हुए उन्हें ‘वुलर झील के शहीद’ कहा था, जिसे लेकर उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.

जम्मू-कश्मीर: आतंकी मामले में गिरफ़्तार पुलिस अधिकारी को बर्ख़ास्त किया गया

जम्मू कश्मीर पुलिस ने जनवरी 2020 में पुलिस अधिकारी दविंदर सिंह को श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर एक गाड़ी में दो आतंकियों के साथ पकड़ा था. सिंह पर एनआईए ने आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन को मदद देने का आरोप लगाया है.

जम्मू कश्मीर: अलगाववादी नेता की हिरासत के दौरान मौत के बाद उनके बेटे यूएपीए के तहत गिरफ़्तार

अलगाववादी नेता मोहम्मद अशरफ सेहराई जम्मू कश्मीर पुलिस की पीएसए के तहत निवारक हिरासत के दौरान अस्पताल में भर्ती थे, जहां पांच मई को उनकी मौत हो गई. आरोप है कि उनके जनाज़े में उनके दो बेटों- 35 वर्षीय राशिद सेहराई और 33 वर्षीय मुजाहिद सेहराई ने देशद्रोही नारे लगाए थे.

Srinagar: Policemen patrolling at Lal Chowk after restrictions were lifted, in Srinagar, Tuesday, Aug. 20, 2019. Barricades around the Clock Tower in Srinagar's city centre Lal Chowk were removed after 15 days, allowing the movement of people and traffic in the commercial hub, as restrictions eased in several localities while continuing in others. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI8_20_2019_000114B)

जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा एनकाउंटर स्थलों से रिपोर्टिंग पर रोक अलोकतांत्रिक: एडिटर्स गिल्ड

पुलिस का दावा है कि ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि हिंसा को फैसले से रोका जा सके, क्योंकि एनकाउंटर वाले स्थान से रिपोर्टिंग करने पर ‘देशविरोधी भावना’ भड़कती है. हालांकि एडिटर्स गिल्ड ने कहा है कि सत्य बताने में कुछ भी ग़लत नहीं है.

विश्वसनीय ख़ुफ़िया जानकारियां होने के बावजूद हुआ था पुलवामा हमला: रिपोर्ट

फ्रंटलाइन पत्रिका की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2 जनवरी 2019 से 13 फरवरी 2019 तक मिली श्रृंखलाबद्ध ख़ुफ़िया जानकारियों पर अगर सुरक्षा एजेंसियों ने सफलतापूर्वक कार्रवाई की होती, तो पुलवामा आतंकी हमले को रोका जा सकता था.

जम्मू कश्मीरः उमर अब्दुल्ला का दावा- उन्हें और उनके परिवार को नज़रबंद किया गया

नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने रविववार को एक ट्वीट में कहा, ‘अगस्त 2019 के बाद यह नया जम्मू कश्मीर है. हमें बिना कारण बताए हमारे घरों में क़ैद कर दिया गया है.’ वहीं श्रीनगर पुलिस का कहना है कि पुलवामा हमले की बरसी के चलते वीआईपी और अन्य लोगों की आवाजाही कम की गई है.

जम्मू कश्मीर: शोपियां स्कूल मामले में अदालत का पत्रकारों को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार

जम्मू कश्मीर के न्यूज़ पोर्टल द कश्मीर वाला के दो पत्रकारों के ख़िलाफ़ यह मामला सेना की शिकायत पर उनकी एक रिपोर्ट के लिए दर्ज किया गया है. रिपोर्ट में बताया गया था कि शोपियां ज़िले के एक मदरसे को गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित करने के लिए सेना द्वारा मजबूर किया गया था.

Srinagar: Policemen patrolling at Lal Chowk after restrictions were lifted, in Srinagar, Tuesday, Aug. 20, 2019. Barricades around the Clock Tower in Srinagar's city centre Lal Chowk were removed after 15 days, allowing the movement of people and traffic in the commercial hub, as restrictions eased in several localities while continuing in others. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI8_20_2019_000114B)

जम्मू कश्मीर: ‘देशविरोधी’, ‘कट्टरतावादी’ पोस्ट पर नज़र रखेगी पुलिस, रखे जाएंगे साइबर वालंटियर

जम्मू कश्मीर पुलिस ने लोगों से ‘साइबर क्राइम वालंटियर’ बनने की अपील की है, जो ऑनलाइन उपलब्ध ग़ैर क़ानूनी बातें जैसे चाइल्ड पोर्नोग्राफी, आतंकवाद, कट्टरता, राष्ट्रविरोध आदि के बारे में सरकार को बताएंगे. कार्यकर्ताओं का कहना है कि इसे सत्ता के ख़िलाफ़ बोलने वालों के विरुद्ध इस्तेमाल किया जा सकता है.

शोपियां मुठभेड़: सेना के कैप्टन और दो अन्य आरोपियों ने साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश की

जम्मू कश्मीर के शोपियां के अमशीपुरा इलाके में पिछले साल 18 जुलाई को तीन मज़दूरों को आतंकी बताकर मुठभेड़ में सेना द्वारा मार दिया गया था. एसआईटी ने अपने आरोप पत्र में कहा है कि सेना के कैप्टन सहित तीनों आरोपी पुरस्कार के 20 लाख रुपये पाने के लिए ग़लत सूचनाएं देते रहे. हालांकि सेना ने पुरस्कार दिए जाने की बात से इनकार किया है.

जम्मू कश्मीर: ज़मानत के ठीक बाद वहीद पारा को अन्य आतंकी मामले में हिरासत में लिया गया

टेरर फंडिंग के आरोप में एनआईए द्वारा गिरफ़्तार पीडीपी की युवा इकाई के नेता वहीद पारा को शनिवार को अदालत ने ज़मानत देते हुए कहा था कि उन पर लगाए आरोपों का कोई अर्थ नहीं है. इसी दिन उनकी रिहाई के फौरन बाद पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने एक अन्य मामले में उन्हें हिरासत में ले लिया.