Jammu Kashmir Police

दीपिका सिंह राजावत (फोटोः पीटीआई)

कठुआ मामले में पीड़ित पक्ष की वकील पर हिंदू धर्म की भावनाएं आहत करने के लिए एफआईआर

कठुआ गैंगरेप-हत्या मामले में पीड़ित पक्ष की वकील रहीं दीपिका सिंह राजावत ने 20 अक्टूबर को ट्विटर पर दो स्केच पोस्ट किए थे, जिन्हें लेकर उन पर हिंदू धर्म की भावनाएं आहत करने का आरोप लगा है. दीपिका का कहना कि एफआईआर क़ानून का दुरुपयोग करते हुए भाजपा और अन्य भगवा संगठनों के दबाव में दर्ज की गई है.

कश्मीरी वकील बाबर कादरी. (फोटो: ट्विटर/@BabarTruth)

जम्मू कश्मीर: जान का ख़तरा बताने के तीन दिन बाद वकील की गोली मारकर हत्या

जम्मू कश्मीर में मानवाधिकारों और नाबालिगों से जुड़े केस लड़ने वाले वकील बाबर क़ादरी ने तीन दिन पहले एक ट्वीट कर पुलिस से उनके ख़िलाफ़ दुष्प्रचार करने वाले एक फेसबुक उपयोगकर्ता के ख़िलाफ़ केस दर्ज करने का अनुरोध किया था. उनका कहना था कि इससे उनकी जान को ख़तरा हो सकता है.

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कश्मीर: हिरासत में लिए जाने के बाद युवक की मौत, परिवार ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया

जम्मू कश्मीर पुलिस ने आतंकियों को आश्रय देने के आरोप में 23 वर्षीय इरफ़ान अहमद डार नाम के एक युवक को हिरासत में लिया था. पुलिस का दावा है कि इरफ़ान हिरासत से भाग गए थे और बाद में उनका शव मिला था, लेकिन उसने मौत का कोई कारण नहीं बताया है.

(फोटो: ट्विटर/@kamranyousuf_)

जम्मू कश्मीर: दो पत्रकारों ने मुठभेड़ कवर करने के दौरान पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाया

दोनों फोटो पत्रकारों दक्षिण कश्मीर के पुलवामा के मारवाल गांव में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच गोलीबारी की घटना को कवर करने गए थे.

प्रतीकात्मक तस्वीर.

जम्मू कश्मीर: यूएपीए के मामले में फार्मासिस्ट को ज़मानत देते हुए अदालत ने कहा- झूठा फंसाने का प्रयास किया गया

जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ ज़िले की मारवाह तहसील के निवासी ज़हूर अहमद को 6 जनवरी को गिरफ़्तार किया गया था. उन पर आतंकवादियों को शरण देने और आतंकवादी संगठन को समर्थन देने के आरोप लगाए गए थे. उन पर यूएपीए के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया था.

(फोटोः पीटीआई)

जम्मू कश्मीरः आतंकी हमलों के डर से भाजपा नेताओं ने किया इस्तीफ़ों का ऐलान

कश्मीर में बीते एक हफ़्ते में ही भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है, जिसके बाद स्थानीय नेताओं ने सुरक्षा की मांग की है, वहीं दर्जनभर से ज़्यादा कार्यकर्ताओं ने पार्टी से इस्तीफ़ा देने का ऐलान किया है. केंद्र के एक नेता का कहना है कि ये हमले यह निर्वाचित प्रतिनिधियों को डराने का प्रयास हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

down in Srinagar, Tuesday, Oct. 29, 2019. A delegation of 23 European Union MPs is on a visit to Jammu and Kashmir for a first-hand assessment of the situation in the Valley following the revocation of the state''s special status under Article 370.(PTI Photo/S. Irfan)(PTI10_29_2019_000100B)

कश्मीर: बडगाम ज़िले में भाजपा कार्यकर्ता को गोली मारी, एक हफ़्ते में तीसरी घटना

भाजपा नेता अब्दुल हामिद नज़र को गोली मारी गई है. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वह मध्य कश्मीर के बडगाम के मोहिंदपुरा इलाके के रहने वाले हैं. इससे पहले दक्षिण कश्मीर में एक सरपंच की हत्या कर दी गई थी और एक अन्य सरपंच पर हमला किया गया था.

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शेख वसीम अहमद बारी. (फोटो: ट्विटर/DrJitendraSingh)

जम्मू कश्मीर: भाजपा नेता, उनके पिता और भाई की गोली मारकर हत्या, 10 पुलिसकर्मी गिरफ़्तार

मामला उत्तर कश्मीर के बांदीपोरा का है. जम्मू कश्मीर पुलिस ने बताया कि भाजपा के 27 वर्षीय पूर्व ज़िलाध्यक्ष वसीम अहमद बारी और उनके परिवार की सुरक्षा में लगाए गए 10 पुलिसकर्मियों को उनकी सुरक्षा करने में नाकाम होने के कारण गिरफ़्तार कर लिया गया है.

दविंदर सिंह. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह समेत छह के ख़िलाफ़ एनआईए ने चार्जशीट दायर की

जम्मू की विशेष अदालत में एनआईए ने कहा कि संवेदनशील जानकारियां हासिल करने के लिए जम्मू कश्मीर के निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह को पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा तैयार किया गया था और उन्होंने सीमा पर हिजबुल मुजाहिदीन आतंकियों को हथियार हासिल करने में मदद की.

दविंदर सिंह. (फोटो: पीटीआई)

हिजबुल आतंकियों के साथ पकड़े गए जम्मू पुलिस के डीएसपी को ज़मानत मिली

इस साल जनवरी में कथित तौर पर हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों के साथ गिरफ़्तार जम्मू कश्मीर के निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह को दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल द्वारा दर्ज एक मामले में 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दायर करने में विफल रहने के बाद ज़मानत मिली है.

Jammu: Workers carry milk cans on a deserted road during a nationwide lockdown for 21 days in the wake of coronavirus pandemic, in Jammu,Wednesday, March 25, 2020. (PTI Photo)(PTI25-03-2020 000036B)

जम्मू के गुज्जर समुदाय का आरोप, तबलीग़ी जमात को लेकर चले नफ़रत भरे अभियान के बाद हुआ बहिष्कार

जम्मू के दूध उत्पादक गुज्जर समुदाय का कहना है कि दिल्ली में हुए तबलीग़ी जमात के कार्यक्रम में शामिल कई लोगों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद से उन्हें इससे जोड़कर ‘नफ़रत भरा अभियान’ चलाते हुए कहा गया कि वे संक्रमण ला रहे हैं इसलिए उनसे दूध न खरीदा जाए.

(फोटो: पीटीआई)

अनुच्छेद 370: चुनौती देने वाली याचिकाओं को बड़ी पीठ के पास भेजने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

23 जनवरी की सुनवाई के दौरान अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द किए जाने की वैधता को चुनौती देनी वाली याचिकाओं को पेश करने वाले वकीलों ने मांग की थी कि जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने को चुनौती देने वाले मामलों को सात जजों की बड़ी पीठ के पास भेजा जाए क्योंकि अनुच्छेद 370 से जुड़े पिछले दो फैसले पांच जजों की पीठ द्वारा दिए गए थे और दोनों में विवाद था.

Srinagar: Former chief minister and National Conference vice-president Omar Abdullah addresses a press conference after an all-party meeting, in Srinagar, Thursday, Sept 13, 2018. (PTI Photo) (PTI9_13_2018_000100B)

उमर अब्दुल्ला की हिरासत पर सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर प्रशासन से जवाब मांगा

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को जन सुरक्षा क़ानून के तहत हिरासत में लिए जाने के ख़िलाफ़ उनकी बहन सारा अब्दुल्ला पायलट ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है. पिछले साल अगस्‍त में राज्य का विशेष दर्जा ख़त्म किए जाने के बाद से ही उमर नज़रबंद हैं.

Foreign diplomats are seen in boats as Indian security force personnel stand guard on the banks of Dal Lake in Srinagar February 12, 2020. REUTERS/Danish Ismail

जम्मू कश्मीर को केंद्रीय जेल में क्यों नहीं बदल देती केंद्र सरकार: यूसुफ़ तारिगामी

जम्मू कश्मीर के पूर्व विधायक और वरिष्ठ माकपा नेता यूसुफ़ तारिगामी ने प्रदेश के बड़े नेताओं की हिरासत को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि अगर जम्मू कश्मीर में हालात सामान्य हैं तो सरकार वहां चुनाव क्यों नहीं कराती.

Srinagar: Former chief minister and National Conference vice-president Omar Abdullah addresses a press conference after an all-party meeting, in Srinagar, Thursday, Sept 13, 2018. (PTI Photo) (PTI9_13_2018_000100B)

उमर अब्दुल्ला हिरासत मामला: सुप्रीम कोर्ट जज ने सुनवाई से खुद को अलग किया

आज जब सुनवाई शुरु हुई तो तीन न्यायाधीशों की पीठ में शामिल जस्टिस मोहन शांतानागौदर ने खुद को इसकी सुनवाई से अलग कर लिया. बहन सारा अब्दुल्ला पायलट ने जन सुरक्षा कानून के तहत उमर अब्दुल्ला की हिरासत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.