Journalism

(फोटो: रॉयटर्स/इलस्ट्रेशन: द वायर)

द हिंदू ने 20 पत्रकारों को निकाला, बंद हो सकता है मुंबई संस्करण

कोरोना महामारी और लॉकडाउन के चलते मीडिया में नौकरियों के जाने का सिलसिला लगातार जारी है. सोमवार को द हिंदू के मुंबई ब्यूरो के 20 पत्रकारों को एचआर विभाग की ओर से इस्तीफ़ा देने को कहा गया है.

(फोटो: पीटीआई)

पत्रकारिता सिर्फ एक व्यक्ति से की गई उम्मीद से नहीं सिस्टम और संसाधन से चलती है

रिपोर्टिंग की प्रथा को संस्थानों के साथ समाज ने भी ख़त्म किया, वह अपनी राजनीतिक पसंद के कारण मीडिया और जोख़िम लेकर ख़बरें करने वालों को दुश्मन की तरह गिनने लगा. कोई भी रिपोर्टर एक संवैधानिक माहौल में ही जोखिम उठाता है, जब उसे भरोसा होता है कि सरकारें जनता के डर से उस पर हाथ नहीं डालेंगी.

(फोटो: द वायर)

संपादकीय: द वायर के पांच साल

पांच साल पहले हमने कहा था कि हम नये तरीके से ऐसे मीडिया का निर्माण करना चाहते हैं जो पत्रकारों, पाठकों और जिम्मेदार नागरिकों का संयुक्त प्रयास हो. हम अपने इस सिद्धांत पर टिके रहे हैं और यही आगे बढ़ने में हमारी मदद करेगा.

(फोटो: रॉयटर्स)

प्रेस की आजादी के दमन के लिए दुनियाभर की सरकारें कोरोना वायरस का इस्तेमाल कर रहीं: रिपोर्ट

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि मिस्र में बीते चार साल से मीडिया घरानों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है, असंतुष्ट आवाजों को इस हद तक दबाया जा रहा है कि वहां पत्रकार होना एक अपराध बन गया है.

DW Freedom of Speech award

द वायर के सिद्धार्थ वरदराजन समेत विश्व के 17 पत्रकारों को मिला डीडब्ल्यू फ्रीडम ऑफ स्पीच अवॉर्ड

साल 2015 से डॉयचे वेले द्वारा यह सालाना सम्मान मीडिया के क्षेत्र में मानवाधिकार और बोलने की आज़ादी के प्रति प्रतिबद्धता से काम करने के लिए दिया जाता रहा है. इस बार यह विश्व भर के उन पत्रकारों को दिया जा रहा है, जिन्होंने कोरोना संकट के दौरान उनके देशों में सत्ता द्वारा उत्पीड़न और कार्रवाई का सामना किया है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

विहिप ने अयोध्या को रणक्षेत्र बनाया तो ‘हिंदू’ हुई हिंदी पत्रकारिता

मुख्यधारा की पत्रकारिता तो शुरुआती दिनों से ही राम जन्मभूमि आंदोलन का अपने व्यावसायिक हितों के लिए इस्तेमाल करती और ख़ुद भी इस्तेमाल होती रही. 1990-92 में इनकी परस्पर निर्भरता इतनी बढ़ गई कि लोग हिन्दी पत्रकारिता को हिंदू पत्रकारिता कहने लगे.

फोटो: द वायर

जब पत्रकार सत्ता की भाषा बोलने लगें…

सरकार के हस्तक्षेप या प्रबंधन के दबाव का आरोप लगाना एक कमज़ोर बहाना है- मीडिया पेशेवरों ने स्वयं ही ख़ुद को अपने आदर्शों से दूर कर लिया है. वे बेआवाज़ को आवाज़ देने या सत्ताधारी वर्ग से जवाबदेही की मांग करने वाले के तौर पर अपनी भूमिका नहीं देखते हैं. अगर वे खुद व्यवस्था का हिस्सा बन जाएंगे, तो वे व्यवस्था से सवाल कैसे पूछेंगे?

Ravish Kumar Photo The Wire

ख़बरनवीस ख़ुद ख़बर बन जाए यह बिरले होता है

किसी एक पत्रकार को तब कितना अकेलापन लगता होगा जब उसके सारे हमपेशा ख़ुद को राष्ट्रनिर्माता या राष्ट्ररक्षक मान बैठे हों! रवीश कुमार इसी बढ़ते अकेलेपन के बीच उसी को अपनी शक्ति बनाकर काम करते रहे.

पत्रकार रवीश कुमार। (फोटो: द वायर)

पत्रकार रवीश कुमार को मिला 2019 का रेमन मैग्सेसे पुरस्कार

एशिया का नोबेल माना जाने वाला मैग्सेसे पुरस्कार रवीश कुमार को पत्रकारिता में उनके योगदान के लिए दिया गया है. अवॉर्ड फाउंडेशन ने उनके कार्यक्रम को आम लोगों से जुड़ा बताते हुए कहा कि अगर आप बेआवाज़ों की आवाज़ बनते हैं, तब आप एक पत्रकार हैं.

पत्रकार नेहा दीक्षित (फोटो: द वायर)

पत्रकार नेहा दीक्षित को मिला इंटरनेशनल प्रेस फ्रीडम अवॉर्ड

कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स की ओर से दुनियाभर के साहसी पत्रकारों को सम्मानित करते हुए यह अवॉर्ड चार देशों के पांच पत्रकारों को दिया गया है. नेहा दीक्षित को यह सम्मान विभिन्न राज्यों में हुई ग़ैर-न्यायिक हत्याओं और रासुका के दुरुपयोग को लेकर की गई उनकी रिपोर्ट्स के लिए मिला है.

Barkha Kapil Sibal PTI

तिरंगा टीवी: बरखा दत्त ने कपिल सिब्बल पर लगाया कर्मचारियों का वेतन रोकने का आरोप

समाचार चैनल तिरंगा टीवी की सलाहकार संपादक बरखा दत्त ने कहा कि चैनल के प्रमोटर और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने जनवरी 2019 में चैनल के कर्मचारियों की नियुक्ति करते समय न्यूनतम दो साल का कार्यकाल देने की बात कही थी, अब वे इससे पीछे हट रहे हैं.

Sudhir Chaudhary Mahua Moitra DNA

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने पत्रकार सुधीर चौधरी पर मानहानि का मुक़दमा दायर किया

ज़ी न्यूज़ के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी ने अपने कार्यक्रम में दावा किया था कि महुआ मोइत्रा द्वारा संसद में फासीवाद को लेकर दिया गया भाषण ‘चोरी किया हुआ’ था.

दिल्ली यूनिवर्सिटी (फोटो: विकिमीडिया)

डीयू: पत्रकारिता कोर्स को लेकर विवाद, आरएसएस और प्रधानमंत्री की गलत छवि पेश करने का आरोप

दिल्ली विश्वविद्यालय के अंग्रेज़ी पत्रकारिता के नए पाठ्यक्रम में मुज़फ़्फ़रनगर दंगों और मॉब लिंचिंग से संबंधित पाठ शामिल किए गए हैं. आरोप है कि इसके ज़रिये आरएसएस और उससे संबद्ध संगठनों यहां तक कि प्रधानमंत्री को भी निशाना बनाया जा रहा है. एबीवीपी ने कुलपति के खिलाफ प्रदर्शन किया.

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गुजरातः सरकारी परियोजना पर रिपोर्ट के चलते पत्रकार पर हमला, एक गिरफ़्तार

मामला गुजरात के वलसाड का है. आरोप है कि एक तालाब के सौंदर्यीकरण की परियोजना को लेकर छपी ख़बर से गांव का पूर्व सरपंच नाराज़ था और उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर पत्रकार और उनके परिवार पर हमला किया.

Red Ink Award Arfa Faiyaz

द वायर की आरफ़ा ख़ानम शेरवानी और फ़ैयाज़ अहमद वजीह को मिला रेड इंक अवॉर्ड

उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए मुंबई प्रेस क्लब की ओर से दिया जाने वाला यह पुरस्कार राजनीति श्रेणी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी को श्री श्री रविशंकर के साक्षात्कार और फ़ैयाज़ अहमद वजीह को कला श्रेणी में एक पब्लिशिंग हाउस के बारे में की गई वीडियो रिपोर्ट के लिए मिला है.