Journalism

कश्मीरी पत्रकार पर पीएसए लगाते हुए पुलिस ने कहा, सरकार के हित में कम रिपोर्ट करते थे

पत्रकार सज्जाद गुल को मुठभेड़ में मारे गए लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकी के परिवार का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था. जन सुरक्षा क़ानून के तहत लगे आरोपों में कहा गया है कि सज्जाद हमेशा राष्ट्र-विरोधी ट्वीट्स की तलाश में रहते हैं और केंद्रशासित जम्मू कश्मीर की नीतियों के प्रति नकारात्मक रहे हैं. वह लोगों को सरकार के ख़िलाफ़ भड़काने के लिए बिना तथ्यात्मक जांच के ट्वीट करते हैं.

उत्तर प्रदेश: वरिष्ठ पत्रकार कमाल ख़ान का निधन

वरिष्ठ पत्रकार और एनडीटीवी इंडिया के एग्जीक्यूटिव एडिटर कमाल ख़ान का शुक्रवार को लखनऊ में हृदयाघात से निधन हो गया. वे अपनी नफ़ासत भरी शैली और भाषा पर पकड़ के लिए जाने जाते थे.

जम्मू कश्मीर: राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के आरोप में पत्रकार गिरफ़्तार

समाचार पोर्टल ‘द कश्मीर वाला’ के पत्रकार सज्जाद अहमद डार को इस हफ्ते की शुरुआत में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकी के परिवार का वीडियो कथित तौर पर अपलोड करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा सोशल मीडिया पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के आरोप में ब्रिटेन में रह रहे कश्मीरी व्यक्ति के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया है.

द वायर की रिपोर्ट के लिए धीरज मिश्रा, सीमी पाशा को प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका पत्रकारिता अवॉर्ड

साल 2019 के लिए गवर्नेंस और पॉलिटिक्स श्रेणी में क्रमशः ‘डिजिटल मीडिया’ और ‘ब्रॉडकास्ट मीडिया’ वर्ग में द वायर हिंदी के रिपोर्टर धीरज मिश्रा और स्वतंत्र पत्रकार सीमी पाशा को प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका पत्रकारिता पुरस्कार दिया गया है. चार साल के सफर में द वायर हिंदी के रिपोर्टर को मिला यह दूसरा रामनाथ गोयनका अवॉर्ड है.

क्या सरकार की ख़राब नीति के चलते हुआ 4600 करोड़ रुपये का दाल घोटाला?

वीडियो: हाल ही में दाल मिल मालिकों द्वारा 4600 करोड़ रुपये का घोटाला किए जाने का मामला सामने आया है. ये ख़ुलासा दो पत्रकारों नितिन सेठी और श्रीगिरीश ने किया है. इनकी रिपोर्ट के अनुसार मिल मालिक सरकार को घटिया गुणवत्ता की दाल की आपूर्ति करने के लिए ज़िम्मेदार थे. इस मामले पर दोनों पत्रकारों से द वायर के इंद्र शेखर सिंह की बातचीत.

विनोद दुआ ने द वायर को क्या दिया…

स्मृति शेष: विनोद दुआ का चालीस सालों का टीवी न्यूज़ का अनुभव और दर्शकों से उनका दुर्लभ जुड़ाव उनके पहले डिजिटल प्रयास में ही इतनी आसानी से घुल-मिल गया कि जल्द ही उन्होंने बड़े पैमाने पर दर्शकों को आकर्षित किया.

सीखें! अख़बार में छपी निगेटिव ख़बरों को पॉज़िटिव बनाने की विधि

व्यंग्य: बीते दिनों आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि वे शुरू से ही मीडिया को संदेश देते रहे हैं कि निगेटिव ख़बरों को भी पॉज़िटिव तरीके से छापें. देश के एक वरिष्ठ पत्रकार ने उनकी राय पर अमल करते हुए ‘नो निगेटिव न्यूज़’ वाले अख़बार में प्रकाशित एक ख़बर के साथ ऐसा करने की कोशिश की है.

द वायर को मिला इंटरनेशनल प्रेस इंस्टिट्यूट का 2021 फ्री मीडिया पायनियर अवॉर्ड

द इंटरनेशनल प्रेस इंस्टिट्यूट की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बारबरा ट्रियंफी ने कहा कि द वायर भारत के डिजिटल न्यूज़ क्षेत्र में हुए बदलाव का प्रमुख नाम है और इसकी गुणवत्तापूर्ण व स्वतंत्र पत्रकारिता को लेकर प्रतिबद्धता दुनिया भर के आईपीआई सदस्यों के लिए एक प्रेरणा है.

स्वतंत्र पत्रकारिता को दबाने के लिए सरकारी एजेंसियों के इस्तेमाल से चिंतित हैं: एडिटर्स गिल्ड

आयकर विभाग ने कर चोरी के आरोपों में दो प्रमुख मीडिया समूहों- दैनिक भास्कर और उत्तर प्रदेश के हिंदी समाचार चैनल भारत समाचार के परिसरों पर बीते 22 जुलाई को छापा मारा था. एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा कि दैनिक भास्कर द्वारा कोविड-19 महामारी पर की गई उस गहन रिपोर्टिंग की पृष्ठभूमि के ख़िलाफ़ ये छापेमारी की गई हैं, जिसमें सरकारी अधिकारियों द्वारा घोर कुप्रबंधन और मानव जीवन के भारी नुकसान को सामने लाया गया था.

द वायर के मैनेजर राधाकृष्ण मुरलीधर का जाना…

स्मृति शेष: दुनिया के हर देश के किसी भी सामान्य मीडिया संस्थान में मुरली जैसे लोग होते हैं. ये स्वतंत्र प्रेस के अनदेखे-अनसुने नायक होते हैं, जिनकी मेहनत के चलते पत्रकार वो कर पाते हैं, जो वो करते हैं. उनके लिए कोई अवॉर्ड, कोई सराहना नहीं होती पर रिपोर्टर द्वारा संस्थान को मिल रहे सम्मान को वे अपना समझकर संजोते हैं.

ग़ुलाम मीडिया के रहते कोई मुल्क आज़ाद नहीं होता…

डिजिटल मीडिया आज़ाद आवाज़ों की जगह है और इस पर ‘सबसे बड़े जेलर’ की निगाहें हैं. अगर यही अच्छा है तो इस बजट में प्रधानमंत्री जेल बंदी योजना लॉन्च हो, मनरेगा से गांव-गांव जेल बने और बोलने वालों को जेल में डाल दिया जाए. मुनादी की जाए कि जेल बंदी योजना लॉन्च हो गई है, कृपया ख़ामोश रहें.

ऑनलाइन धोखाधड़ी: टीवी पत्रकार निधि राज़दान ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई

समाचार चैनल एनडीटीवी की पूर्व कार्यकारी संपादक निधि राज़दान ने जून 2020 में ट्वीट कर बताया था कि उन्हें अमेरिका स्थित प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से एसोसिएट प्रोफ़ेसर की नौकरी का प्रस्ताव मिला है, जिसके बाद उन्होंने पत्रकारिता को अलविदा कह दिया था. ऑनलाइन धोखाधड़ी के इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की साइबर अपराध शाखा करेगी.

लगातार पांचवां साल, जब विश्व में कम से कम 250 पत्रकार हिरासत में: कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स

कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर इस महीने की शुरुआत में कम से कम 274 पत्रकारों को जेल जाना पड़ा जिनमें 36 महिला पत्रकार हैं. पत्रकारों को जेल में रखने के मामले में चीन सबसे ऊपर है.

पत्रकारों का काम सरकारों का प्रवक्ता बनना नहीं, उनसे सवाल पूछना है

पत्रकारिता और देशभक्ति का साथ विवादास्पद है. देशभक्ति अक्सर सरकार के पक्ष का आंख मूंदकर समर्थन करती है और फिर प्रोपगेंडा में बदल जाती है. आज सरकार राष्ट्रवाद के नाम पर अपना प्रोपगेंडा फैलाने की कला में पारंगत हो चुकी है और जिन पत्रकारों पर सच सामने रखने का दारोमदार था, वही इसमें सहभागी हो गए हैं.

मोदी सरकार प्रेस की आज़ादी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध, इसकी आवाज़ कुचलने वालों के ख़िलाफ़: अमित शाह

राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत शीर्ष नेताओं ने स्वतंत्र प्रेस को ‘लोकतंत्र की आत्मा’ बताया और कहा कि प्रेस की आज़ादी पर किसी भी प्रकार का हमला राष्ट्रीय हितों के लिए नुकसानदेह है और हर किसी को इसका विरोध करना चाहिए.