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(फोटो साभार: ट्विटर/यूपी पुलिस)

उत्तर प्रदेश: पुलिस की मारपीट का वीडियो बना रहे पत्रकार को गिरफ़्तार किया

मामला नोएडा सेक्टर-58 का है, जहां बुधवार को एक पत्रकार वाहन चेकिंग के दौरान हुई पुलिस की झड़प का वीडियो बना रहा था. वीडियो बनाने से नाराज़ पुलिस ने उसे पीटा और रात भर हवालात में रखा.

फोटो: द वायर

जब पत्रकार सत्ता की भाषा बोलने लगें…

सरकार के हस्तक्षेप या प्रबंधन के दबाव का आरोप लगाना एक कमज़ोर बहाना है- मीडिया पेशेवरों ने स्वयं ही ख़ुद को अपने आदर्शों से दूर कर लिया है. वे बेआवाज़ को आवाज़ देने या सत्ताधारी वर्ग से जवाबदेही की मांग करने वाले के तौर पर अपनी भूमिका नहीं देखते हैं. अगर वे खुद व्यवस्था का हिस्सा बन जाएंगे, तो वे व्यवस्था से सवाल कैसे पूछेंगे?

Ravish Kumar Photo The Wire

ख़बरनवीस ख़ुद ख़बर बन जाए यह बिरले होता है

किसी एक पत्रकार को तब कितना अकेलापन लगता होगा जब उसके सारे हमपेशा ख़ुद को राष्ट्रनिर्माता या राष्ट्ररक्षक मान बैठे हों! रवीश कुमार इसी बढ़ते अकेलेपन के बीच उसी को अपनी शक्ति बनाकर काम करते रहे.

पत्रकार रवीश कुमार। (फोटो: द वायर)

पत्रकार रवीश कुमार को मिला 2019 का रेमन मैग्सेसे पुरस्कार

एशिया का नोबेल माना जाने वाला मैग्सेसे पुरस्कार रवीश कुमार को पत्रकारिता में उनके योगदान के लिए दिया गया है. अवॉर्ड फाउंडेशन ने उनके कार्यक्रम को आम लोगों से जुड़ा बताते हुए कहा कि अगर आप बेआवाज़ों की आवाज़ बनते हैं, तब आप एक पत्रकार हैं.

पत्रकार रेवती पोगदादंदा. (फोटो साभार: revathitweets/Twitter)

तेलंगाना: पुलिस ने महिला पत्रकार को हिरासत में लिया, पत्रकार ने लगाया उत्पीड़न का आरोप

हैदराबाद पुलिस ने कहा कि पत्रकार के चैनल के डिबेट में आए एक मेहमान ने उनके खिलाफ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया है, जिसके आधार पर उन्हें हिरासत में लिया गया है.

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गुजरातः सरकारी परियोजना पर रिपोर्ट के चलते पत्रकार पर हमला, एक गिरफ़्तार

मामला गुजरात के वलसाड का है. आरोप है कि एक तालाब के सौंदर्यीकरण की परियोजना को लेकर छपी ख़बर से गांव का पूर्व सरपंच नाराज़ था और उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर पत्रकार और उनके परिवार पर हमला किया.

(फोटो साभार: अमेज़ॉन)

पुस्तक समीक्षा: पत्रकार करण थापर के साक्षात्कारों के पीछे की कहानियां

नेताओं के स्तुतिगान करने के इस दौर में आमने-सामने बैठकर आंखों में आंखें डालकर कड़े और कठिन सवालों के लिए जाने जाने वाले करण थापर की किताब ‘मेरी अनसुनी कहानी’ को पढ़ना सुकून देता है, क्योंकि असहमति और सवाल पूछना ही लोकतंत्र की ताक़त है.

Ghulam Jeelani-Qadri Greater Kashmir

जम्मू कश्मीर: 28 साल पुराने मामले में गिरफ़्तार उर्दू अख़बार के संपादक को ज़मानत मिली

जम्मू कश्मीर पुलिस ने उर्दू दैनिक आफ़ाक़ के संपादक ग़ुलाम जिलानी क़ादरी को सोमवार देर रात गिरफ़्तार किया था. मंगलवार को उन्हें ज़मानत देते हुए स्थानीय अदालत ने पुलिस को फटकारते हुए कहा कि अगर क़ादरी ‘घोषित अपराधी’ थे तो दो बार उनका पासपोर्ट वेरीफिकेशन कैसे हुआ.

Ghulam Jeelani-Qadri Greater Kashmir

जम्मू कश्मीर: 28 साल पुराने मामले में उर्दू अख़बार के संपादक गिरफ़्तार

श्रीनगर से निकलने वाले उर्दू दैनिक आफ़ाक़ के संपादक और मालिक ग़ुलाम जिलानी क़ादरी को सोमवार देर रात उनके घर से गिरफ़्तार किया गया. पुलिस का कहना है कि 1992 में हुए एक मामले के संबंध में टाडा कोर्ट के समन पर ऐसा किया गया, वहीं क़ादरी के परिजनों का कहना है कि इसका उद्देश्य उन्हें प्रताड़ित करना है.

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शुजात बुख़ारी की हत्या के एक साल बाद दर्द और सवाल दोनों ज़िंदा हैं

जून 2018 में भाजपा ने महबूबा सरकार से गठबंधन तोड़ते समय राज्यपाल शासन लगाने के कारणों में शुजात बुख़ारी की हत्या का ज़िक्र भी किया था. लेकिन, एक साल बाद भी बुख़ारी की हत्या का रहस्य बना हुआ है.

राजनाथ सिंह सूर्य. (फोटो साभार: फेसबुक)

वरिष्ठ पत्रकार एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य राजनाथ सिंह सूर्य का निधन

राजनाथ सिंह सूर्य भाजपा के प्रदेश महामंत्री और 1996 से 2002 तक राज्यसभा सदस्य रहे. कई वर्षों तक दैनिक ‘आज’ के ब्यूरो प्रमुख और 1988 में ‘दैनिक जागरण’ के सहायक सम्पादक बने और बाद में ‘स्वतंत्र भारत’ के सम्पादक रहे.

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द वायर बुलेटिन: चार राज्यों के करीब 85 फीसदी उज्ज्वला लाभार्थी मिट्टी के चूल्हे पर भोजन पकाने को मजबूर

रासुका के तहत गिरफ़्तार पत्रकार को रिहा करने के मणिपुर हाईकोर्ट के आदेश समेत आज की बड़ी ख़बरें. दिनभर की महत्वपूर्ण ख़बरों का अपडेट.

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मणिपुर हाईकोर्ट ने रासुका के तहत गिरफ़्तार पत्रकार को रिहा करने का आदेश दिया

मणिपुर के पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम को सोशल मीडिया पर वायरल एक यूट्यूब वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी, राज्य के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह और आरएसएस की आलोचना करने के लिए नवंबर 2018 में रासुका के तहत गिरफ़्तार किया गया था.

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नॉर्थ ईस्ट डायरी: मणिपुर सरकार की आलोचना के चलते गिरफ़्तार पत्रकार गंभीर रूप से बीमार

पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम को राज्य की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह की आलोचना के आरोप में रासुका के तहत एक साल की क़ैद की सज़ा सुनाई गई है. वे दिसंबर 2018 से जेल में हैं.

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नॉर्थ ईस्ट डायरी: ‘पत्रकारों पर रासुका लगाने के पीछे सरकार का उद्देश्य बाकी पत्रकारों को डराना है’

बीते नवंबर में मणिपुर के पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ़्तार कर एक साल के लिए जेल में डाल दिया गया. उन पर सोशल मीडिया पर राज्य की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की आलोचना करने का आरोप है. किशोरचंद्र की पत्नी रंजीता एलांगबम और उनके वकील श्रीजी भावसार से मीनाक्षी तिवारी की बातचीत.

New Delhi: Congress President Rahul Gandhi addresses the national convention of Other Backward Classes (OBC) department of AICC, at Talkatora Stadium in New Delhi on Monday, June 11, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI6_11_2018_000092B)

मणिपुर: रासुका के तहत जेल भेजे गए पत्रकार को राहुल गांधी ने लिखा पत्र, जताया समर्थन

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मणिपुरी पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम के क़ैद की निंदा करते हुए लिखा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बुरी ताकतें हिंसा फैला रही हैं, जबकि राज्य से जवाबदेही लेने वालों को जेल की सज़ा हो रही है.’

एआईयूडीएफ प्रमुख बदरूद्दीन अजमल (फोटो: पीटीआई)

असम: पत्रकार के सवाल पर भड़के एआईयूडीएफ प्रमुख, बोले- यहां से जाओ वरना सिर फोड़ दूंगा

गुवाहाटी में एक कार्यक्रम में एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल से एक पत्रकार ने लोकसभा चुनाव के समय पार्टी की गठबंधन की योजना पर सवाल किया, जिस पर वे भड़क गए.

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मणिपुर: राज्य सरकार और मुख्यमंत्री की आलोचना करने वाले पत्रकार को एक साल की जेल

इम्फाल के पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम को बीते 26 नवंबर को सोशल मीडिया पर राज्य की भाजपा सरकार की आलोचना करते वीडियो अपलोड करने और मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को कथित तौर पर अपमानजनक शब्द बोलने के चलते राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ़्तार किया गया था.

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मणिपुर: मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की आलोचना करने पर पत्रकार रासुका के तहत गिरफ़्तार

इम्फाल के पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम को सोशल मीडिया पर राज्य की भाजपा सरकार की आलोचना करते वीडियो अपलोड करने और मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को कथित तौर पर अपमानजनक शब्द बोलने के चलते राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ़्तार किया गया है

वसुधा काटजू और उमा चक्रवर्ती. (ग्राफिक्स: मनिंदर पाल सिंह)

‘यौन उत्पीड़न पर ख़ामोश रहने का फ़ायदा सिर्फ़ आरोपी को मिलता है’

साक्षात्कार: कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न और मीटू आंदोलन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानी-मानी इतिहासकार व नारीवादी उमा चक्रवर्ती और आंबेडकर विश्वविद्यालय की शिक्षक वसुधा काटजू से सृष्टि श्रीवास्तव की बातचीत.

गौरव सावंत, (फोटो साभार: ट्विटर)

इंडिया टुडे के कार्यकारी संपादक गौरव सावंत पर यौन उत्पीड़न का आरोप

#मीटू: पत्रकार विद्या कृष्णन ने 15 साल पहले हुई घटना का ज़िक्र करते हुए बताया कि एक असाइनमेंट के दौरान गौरव सावंत ने उनके साथ छेड़छाड़ और बदसलूकी की. विद्या उस समय ‘द पॉयनियर’ अख़बार में काम करती थीं.

पूर्व संपादक और विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर (फोटो: पीआईबी)

एमजे अकबर पर अमेरिकी पत्रकार ने लगाया बलात्कार का आरोप

पल्लवी गोगोई ने ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ में एक लेख में अपनी जिंदगी के ‘सबसे कष्टकारी क्षणों’ के बारे में एमजे अकबर द्वारा किए गए उत्पीड़न को बताया. अकबर ने पल्लवी गोगोई द्वारा लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों को नकारा है, पत्नी ने भी किया बचाव.

सुहेल सेठ. (फोटो साभार: फेसबुक)

यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद टाटा सन्स द्वारा सुहेल सेठ के साथ क़रार ख़त्म करने की सूचना

लेखक और सलाहकार सुहेल सेठ पर मीटू अभियान के तहत अब तक छह महिलाएं यौन उत्पीड़न का आरोप लगा चुकी हैं.

पूर्व संपादक एमजे अकबर (फोटो: पीआईबी)

यौन उत्पीड़न के आरोपों से घिरे केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने दिया इस्तीफा

मीटू अभियान के तहत पूर्व संपादक एमजे अकबर पर तकरीबन 16 महिलाएं यौन उत्पीड़न का आरोप लगा चुकी हैं.

New Delhi: Minister of State for External Affairs MJ Akbar leaves MEA at South Block, in New Delhi, Monday, Oct 15, 2018. Akbar has filed a private criminal defamation complaint against journalist Priya Ramani who recently levelled charges of sexual misconduct against him as the #MeToo campaign raged in India. (PTI Photo/Kamal Singh) (PTI10_15_2018_000158B)

प्रिया रमानी के समर्थन में आईं 20 महिला पत्रकार, एमजे अकबर के ख़िलाफ़ गवाही को तैयार

केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने पत्रकार प्रिया रमानी के ख़िलाफ़ दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत में एक निजी आपराधिक मानहानि शिकायत दायर की है.

पूर्व संपादक और विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर (फोटो: पीआईबी)

ग़ज़ाला वहाब का एमजे अकबर को जवाब

प्रताड़ना और उत्पीड़न की मेरी कहानी को ख़ारिज करते हुए अकबर अपने ‘प्लाईवुड और कांच के छोटे-से क्यूबिकल’ में छिप रहे हैं. या तो वे झूठ बोल रहे हैं या उन पर उम्र का असर होने लगा है.

Media Bol ep 71

​मीडिया बोल, एपिसोड 71: #मीटू मुहिम और मीडिया  

मीडिया बोल की 71वीं कड़ी में उर्मिलेश #मीटू मुहिम और मीडिया पर इंडियन वीमेंस प्रेस कॉर्प्स की अध्यक्ष टीके राजलक्ष्मी और वरिष्ठ पत्रकार सांत्वना भट्टाचार्य से चर्चा कर रहे हैं.​

पूर्व संपादक और विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर (फोटो साभार: फेसबुक)

एमजे अकबर का बयान निराशाजनक, मानहानि के ख़िलाफ़ लड़ने के लिए तैयार हूं: प्रिया रमानी

यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पत्रकार प्रिया रमानी के ख़िलाफ़ केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने पटियाला हाउस कोर्ट में एक निजी आपराधिक मानहानि मुक़दमा दायर किया है.

People participate in a "MeToo" protest march for survivors of sexual assault and their supporters in Hollywood, California last Noember. Less than four months after the #MeToo movement inspired a national conversation about sexual misconduct and led to the downfall of dozens of powerful American men, a backlash seems to be underway. File/Lucy Nicholson, Reuters

#मीटू: दिल्ली में पत्रकारों का प्रदर्शन, कहा कार्यस्थल पर यौन शोषण स्वीकार्य नहीं

नई दिल्ली के संसद मार्ग पर हुए प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न के आरोपियों के ख़िलाफ़ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की.

मध्य प्रदेश में भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष लता केलकर (फोटो साभार: एएनआई)

#मीटू: भाजपा नेता बोलीं, महिला पत्रकार इतनी मासूम नहीं कि उनका फायदा उठाया जा सके

मध्य प्रदेश में भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष लता केलकर ने मंत्री और पूर्व संपादक एमजे अकबर पर महिला पत्रकारों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों पर कहा कि पत्रकार बहनों को मैं इतना मासूम नहीं मानती कि कोई उनका ग़लत फायदा उठा ले.

Suhel seth Facebook featured

लेखक सुहेल सेठ पर फिल्मकार और पत्रकार सहित 4 महिलाओं ने लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप

#मीटू: सोशल मीडिया पर सामने आई कई महिलाओं ने लेखक सुहेल सेठ द्वारा किए गए अनुचित व्यवहार और अश्लील मैसेज भेजने के बारे में बताया है. सुहेल की ओर से अब तक इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया गया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

‘लड़कियों के लिए न्यूज़रूम तक पहुंचना जितना मुश्किल है, उससे ज़्यादा मुश्किल वहां टिके रहना है’

न्यूज़रूम की कहानियां: मेरे साथ किसी तरह की बदतमीज़ी नहीं की गई, खुले तौर पर कोई दुर्व्यवहार नहीं हुआ, पर संगठित होकर इस तरह का माहौल बनाया गया, जिसमें काम करना मुश्किल होता गया और आख़िरकार मैंने नौकरी छोड़ दी.

पूर्व संपादक और विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर (फोटो साभार: फेसबुक)

मोदी सरकार में मंत्री और पूर्व संपादक एमजे अकबर पर 8 महिला पत्रकारों ने लगाया यौन शोषण का आरोप

इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि ताक़तवर पदों पर बैठे पुरूष अक्सर ऐसा करते हैं. किसी के भी ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए क्योंकि आमतौर पर महिलाएं इस बारे में बोलने से डरती हैं.

People participate in a "MeToo" protest march for survivors of sexual assault and their supporters in Hollywood, California last Noember. Less than four months after the #MeToo movement inspired a national conversation about sexual misconduct and led to the downfall of dozens of powerful American men, a backlash seems to be underway. File/Lucy Nicholson, Reuters

एडिटर्स गिल्ड ने मीडिया संस्थानों से यौन उत्पीड़न के मामलों में पूरी जांच कराने को कहा

‘मीटू’ अभियान को लेकर एडिटर्स गिल्ड ने कहा है कि यौन उत्पीड़न के दोषी पाए गए किसी भी शख़्स को क़ानून के हिसाब से दंडित किया जाना चाहिए. देश में प्रेस की आज़ादी के लिए निष्पक्ष, न्यायोचित और सुरक्षित कार्य वातावरण ज़रूरी है.

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आम आदमी पार्टी के इस अंजाम से भाजपा और कांग्रेस के लिए भी कई सबक हैं

कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा सबक यह है कि उसका पुनर्जीवन राहुल के करिश्मे की प्रतीक्षा में नहीं, नीतियों के पुनर्निर्धारण व अमल में है, जबकि भाजपा के लिए यह कि नीतिविहीनता के उसके वर्तमान हालात में नरेंद्र मोदी का खत्म होने को आ रहा करिश्मा कभी भी उसके सपनों के महल की सारी ईंटें भरभराकर गिरा देगा.

वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर का निधन

आपातकाल के दौरान इसका विरोध करने की वजह से जेल गए. तकरीबन 15 किताबें लिखने वाले कुलदीप नैयर तमाम प्रतिष्ठित अख़बारों के संपादक रह चुके थे.

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आशुतोष के बाद अब आशीष खेतान ने भी आम आदमी पार्टी छोड़ी

पूर्व पत्रकार आशीष खेतान ने निजी कारणों से सक्रिय राजनीति से दूर होने की बात कही है. हालांकि आगामी आम चुनाव के लिए दिल्ली की पांच सीटों के लिए चयनित प्रभारियों में नाम नहीं शामिल किए जाने को भी नाराज़गी की वजह बताया जा रहा है.