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हरियाणा: संदिग्ध आतंकी की गिरफ़्तारी की जगह ग़लत प्रकाशित करने के आरोपी पत्रकार को ज़मानत

हरियाणा की अंबाला पुलिस ने संदिग्ध आतंकी की गिरफ़्तारी की जगह ग़लत प्रकाशित करने के मामले में दैनिक भास्कर के पत्रकार सुनील बरार और न्यूज़ एडिटर संदीप शर्मा के ख़िलाफ़ विभिन्न वर्गों के बीच वैमनस्य पैदा करने का आरोप लगाते हुए आईपीसी की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कराया था. पत्रकार को ज़मानत देते हुए अदालत ने कहा कि मामले में ऐसा कुछ भी नहीं, जिससे विभिन्न वर्गों के बीच दुश्मनी पैदा की जा सके.

जर्मन प्रसारण कंपनी कंपनी डॉयचे वेले के 10 संवाददाताओं को अफ़ग़ानिस्तान से निकाला गया

जर्मन प्रसारण कंपनी ‘डॉयचे वेले’ ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में उसके नौ संवाददाता और एकमात्र महिला संवाददाता शुक्रवार को अपने परिवार के साथ देश छोड़कर निकलने में सफल रहे. इन संवाददाताओं को जर्मनी के बॉन शहर ले जाया जाना है.

झारखंड सरकार ने कोविड-19 से पत्रकारों की मौत न होने का दावा किया, मीडिया संगठन ने इसका खंडन किया

कांग्रेस विधायक बंधु तिर्की के एक सवाल का लिखित जवाब देते हुए झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोविड-19 से पत्रकारों की मौत के संदर्भ में किसी स्रोत से ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली और न ही जिला आपदा प्रबंधन टीमों ऐसी कोई सूचना दर्ज की है. झारखंड पत्रकार संघ ने कहा है कि राज्य में कोरोना से 30 पत्रकारों की मौत हुई है. इसका ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री और जनसंपर्क विभाग को पत्र लिखा गया है.

किसी भी व्यक्ति को देश में कहीं भी रहने-घूमने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता: अदालत

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस वी. रामसुब्रमण्यम की पीठ ने यह टिप्पणी महाराष्ट्र के अमरावती शहर में ज़िला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा एक पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता के ख़िलाफ़ जारी ज़िलाबदर आदेश को रद्द करते हुए की. ज़िलाबदर आदेशों में किसी व्यक्ति की कुछ स्थानों पर आवाजाही पर रोक लगाई जा सकती है.

यूपी पुलिस के ‘लापरवाह हलफनामे’ पर नाराज़ हाईकोर्ट, कहा- गिर रहा है मानक

एक सोशल मीडिया पोस्ट में विहिप नेता चंपत राय पर ज़मीन हड़पने के आरोप लगाने वाले पत्रकार विनीत नारायण और अन्य के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है. इस संबंध में दायर हलफनामे में लापरवाही का उल्लेख करते हुए अदालत ने पुलिस की आलोचना करते हुए कहा कि इससे पुलिस विभाग, विशेष रूप से उच्च अधिकारियों में गिरते मानकों का पता चलता है. 

दिल्लीः मणिपुर के पत्रकार ने पड़ोसियों पर लगाया उत्पीड़न का आरोप, केस दर्ज

मामला दक्षिण दिल्ली के महरौली इलाके का है. मणिपुर के पत्रकार रोनेंद्र सिंह सपम ने अपनी शिकायत में कहा है कि पूरी तरह तैयार हुए बिना और साज-सज्जा के बग़ैर फ्लैट देने पर बिल्डर के ख़िलाफ़ जब उन्होंने आवाज उठाने की कोशिश की, तब उनके पड़ोसियों ने उन्हें धमकी दी और उत्पीड़न किया.

पीएम मोदी की आलोचना करने पर आज तक ने पत्रकार श्याम मीरा को नौकरी से किया बर्ख़ास्त

वीडियो: इंडिया टुडे ग्रुप के समाचार चैनल आज तक में कार्यरत श्याम मीरा सिंह को ट्विटर पर प्रधानमंत्री की आलोचना करने के लिए नौकरी से बर्ख़ास्त कर दिया गया है. श्याम मीरा सिंह ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है. इस मामले पर श्याम मीरा सिंह से द वायर की बातचीत.

कश्मीर में पुलिसकर्मियों पर पत्रकार से मारपीट और प्रताड़ित करने का आरोप

जम्मू कश्मीर के अनंतनाग ज़िले की घटना. स्वतंत्र पत्रकार आकाश हसन का कहना है कि उन्हें उनके पत्रकार होने की वजह से निशाना बनाया गया. उन्होंने कहा कि आरोपी पुलिसकर्मियों को दंडित किया जाना चाहिए, ताकि वह दोबारा ऐसा नहीं करें. पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ़्ती ने इस हमले को अस्वीकार्य और शर्मनाक बताते हुए कश्मीर के आईजीपी विजय कुमार से पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करने का अनुरोध किया है.

यूपी: संदिग्ध परिस्थितियों में पत्रकार की मौत पर विपक्ष और भाजपा सांसद ने उठाए सवाल

एबीपी गंगा में कार्यरत प्रतापगढ़ के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव ने शराब माफिया से धमकी मिलने का संकेत देते हुए इलाहाबाद पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी. पुलिस ने दावा किया है कि सोमवार की रात सड़क दुर्घटना में उनकी मृत्यु हुई है. एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया समेत विपक्ष के नेताओं ने पुलिस के दावे पर सवाल उठाए हैं.

उत्तर प्रदेश: शराब माफिया से धमकी मिलने के बाद पत्रकार की मौत

प्रतापगढ़ ज़िले के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव एबीपी गंगा में कार्यरत थे. शराब माफिया के बारे में ख़बर लिखने के बाद बीते 12 जून को उन्होंने धमकी मिलने का संकेत देते हुए इलाहाबाद के अपर पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की थी. पुलिस ने दावा किया कि उनकी मौत सड़क दुर्घटना में हुई है.

त्रिपुरा: पत्रकारों पर हमले बढ़े, पुलिस ने 2020 से अब तक 24 मामले दर्ज किए

साल 2018 में राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से ही पत्रकारों पर हमले हो रहे हैं और बीते सितंबर में मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब के पत्रकारों को धमकी देने के बाद से इसमें इज़ाफ़ा हुआ है. 2020 में पत्रकारों पर हमले के 17 मामले दर्ज किए हुए जबकि 2021 में अब तक ऐसे सात मामले दर्ज किए गए हैं.

त्रिपुराः भाजपा समर्थकों ने किया वरिष्ठ पत्रकार के घर पर हमला

2018 में राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से त्रिपुरा के वरिष्ठ पत्रकार समीर धर के आवास पर हुआ यह इस तरह का तीसरा हमला है. आरोप है कि पिछले साल सितंबर में मुख्यमंत्री बिप्लब देव द्वारा सार्वजनिक बैठक में मीडिया को धमकाने के बाद से पत्रकारों पर इस तरह के हमले तेज़ हुए हैं.

भोपाल गैस त्रासदी के लिए आगाह करने वाले वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार केसवानी का निधन

72 वर्षीय राजकुमार केसवानी बीते दिनों कोविड-19 से पीड़ित होने के बाद हुए फेफड़ों के संक्रमण के चलते भोपाल के एक अस्पताल में भर्ती थे, जहां शुक्रवार को उनका देहांत हो गया. वे भोपाल गैस त्रासदी से पहले यूनियन कार्बाइड की सुरक्षा चूक पर ध्यान दिलाने की रिपोर्टिंग और उनके साप्ताहिक सिनेमा कॉलम के लिए जाने जाते थे.

बंगाल: भाजपा ने पत्रकार की फोटो को हिंसा में मृत पार्टी कार्यकर्ता बताया, आपत्ति के बाद दी सफाई

भाजपा ने इंडिया टुडे के पत्रकार अभ्रो बनर्जी के फोटो का इस्तेमाल करते हुए दावा किया वह पश्चिम बंगाल के सीतलकुची में मारे गए उनके पार्टी कार्यकर्ता मानिक मोइत्रा हैं. बाद में भाजपा ने अपनी सफाई में कहा कि पत्रकार की तस्वीर गलती से वीडियो में शामिल हो गई.

पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करें, प्राथमिकता के आधार पर हो टीकाकरण: एडिटर्स गिल्ड

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा है कि समाचार संगठन लगातार महामारी, चुनाव आदि मामलों को कवर कर रहे हैं जिससे पाठकों तक ख़बरों व सूचनाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो. समाचार मीडिया आवश्यक सेवाओं में शामिल है, इसलिए यह उचित होगा कि पत्रकारों को संरक्षण के दायरे में लाया जाए.