judicial custody

त्रिपुरा: पुलिस हिरासत में व्यक्ति की मौत का आरोप, न्यायिक जांच की मांग

त्रिपुरा के सिपाहीजाला ज़िले में डकैती और मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में एक 35 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया था. उनके परिवार ने उन्हें सोनमुरा थाने में प्रताड़ित कर हत्या करने का आरोप लगाया है.

मध्य प्रदेश: पुलिस हिरासत में युवक की मौत के बाद चार पुलिसकर्मी निलंबित

मामला खंडवा ज़िले के ओंकारेश्वर थाने का है, जहां बाइक चोरी के मामले में पूछताछ के लिए लाए गए एक व्यक्ति की कथित रूप से पुलिस हिरासत में मौत हो गई. मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं और संबंधित थाना प्रभारी, एक सहायक उप निरीक्षक और दो आरक्षकों को निलंबित किया गया है.

मध्य प्रदेश: न्यायिक हिरासत में आदिवासी की मौत, खरगोन पुलिस अधीक्षक हटाए गए

मध्य प्रदेश के खरगोन ज़िले में बिशन भील नामक व्यक्ति को चार सितंबर को पुलिस ने 11 अन्य लोगों के साथ एक गांव में लूट और डकैती के मामले में गिरफ़्तार किया था. खरगोन उप-जेल में सात सितंबर को उनकी मौत हो गई थी. घटना के बाद सरकार ने सात सितंबर को चार पुलिसकर्मियों और एक जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया था. मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत में मौत की सीबीआई जांच का निर्देश दिया

उत्तर प्रदेश के जौनपुर ज़िले में 24 वर्षीय एक व्यक्ति की कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी. इस मामले में अजय कुमार यादव ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पुलिस उनके भाई को 11 फरवरी, 2021 को जबरदस्ती अपने साथ ले गई और उन्हें थाने में रखा था. अगले दिन बताया गया कि उनके भाई की मौत हो गई है.

पुलिस हिरासत में मौत हमेशा से चिंता का विषय रहा है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1997 में एक व्यक्ति की हिरासत में मौत के मामले में पुलिसकर्मी को ज़मानत देने से इनकार करते हुए यह टिप्पणी की. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि 28 दिसंबर, 1997 को कुछ पुलिसकर्मी उनके घर आए और उनके पिता को अपने साथ ले गए. उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके पिता को बेरहमी से पीटा गया, जिसकी वजह से थाने में ही उनकी मृत्यु हो गई.

वकीलों की अपील- स्टेन स्वामी के परिजनों को उनके नाम से जुड़ा लांछन मिटाने का हक़

एल्गार परिषद मामले में गिरफ़्तार दिवंगत कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी के वकीलों ने जमशेदपुर जेसुइट प्रोविंस की ओर से बॉम्बे हाईकोर्ट को पत्र लिखकर कहा है कि संविधान का अनुच्छेद 21 मृत व्यक्तियों पर भी समान रूप से लागू होता है. जिस तरह अपीलकर्ता को जीवित रहते हुए अपना नाम बेदाग़ करने का अधिकार होता, यही समान हक़ उसके क़रीबियों का भी है.

पिछले तीन वर्षों में पुलिस हिरासत में 348 और न्यायिक हिरासत में 5,221 लोगों की मौत: सरकार

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में कहा कि उत्तर प्रदेश में 2018 से 2020 के दौरान 23 लोगों की पुलिस हिरासत में मौत हो गई, जबकि न्यायिक हिरासत में 1,295 लोगों की जान गई. मध्य प्रदेश में इस अवधि के दौरान पुलिस हिरासत 34, जबकि न्यायिक हिरासत में 441 लोगों की मौत के मामले सामने आए हैं.

स्टेन स्वामी: अदालत ने कहा, कितने वर्षों तक लोगों को बिना सुनवाई के जेल में रखा जा सकता है

भीमा कोरेगांव-एल्गार परिषद मामले में यूएपीए के तहत पिछले साल आठ अक्टूबर को गिरफ़्तार किए गए 84 वर्षीय आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता स्टेन स्वामी का निधन ​पांच जुलाई को मेडिकल आधार पर ज़मानत का इंतज़ार करते हुए अस्पताल में हो गया था. मेडिकल आधार पर ज़मानत याचिका ख़ारिज किए जाने के विशेष अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ स्वामी ने हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसकी अदालत उनके मरणोपरांत सुनवाई कर रही है.

दिल्ली दंगाः हाईकोर्ट ने छात्र कार्यकर्ता गुलफ़िशा फ़ातिमा की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका ख़ारिज की

दिल्ली दंगों संबंधी मामले में आरोपी छात्र कार्यकर्ता गुलफ़िशा फ़ातिमा ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर कहा था कि उन्हें हिरासत में रखना ग़ैर क़ानूनी है, जिस पर अदालत ने कहा कि वे न्यायिक हिरासत में है और इसे अवैध नहीं कहा जा सकता.

पत्रकार विनोद वर्मा 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में

मंत्री की अश्लील सीडी मामले में गिरफ़्तार पत्रकार की तीन दिन की पुलिस हिरासत ख़त्म होने पर पुलिस ने न्यायित हिरासत की मांग की थी.