Judiciary

हमारी न्याय व्यवस्था का भारतीयकरण करने की ज़रूरत: सीजेआई एनवी रमना

दिवंगत न्यायाधीश जस्टिस मोहन शांतानागौदर को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने कहा कि हमारी न्याय व्यवस्था कई बार आम आदमी के लिए कई अवरोध खड़े कर देती है. अदालतों के कामकाज और कार्यशैली भारत की जटिलताओं से मेल नहीं खाते. हमारी प्रणालियां, प्रक्रियाएं और नियम मूल रूप से औपनिवेशिक हैं और ये भारतीय आबादी की ज़रूरतों से पूरी तरह मेल नहीं खाते.

सुप्रीम कोर्ट पर ‘अपमानजनक’ टिप्पणी को लेकर यूट्यूबर अजीत भारती पर होगी अवमानना कार्यवाही

‘डू पॉलिटिक्स’ नाम का यूट्यूब चैनल चलाने वाले अजीत भारती के एक वीडियो में शीर्ष अदालत और इसके न्यायाधीशों को लेकर ‘आपत्तिजनक’ टिप्पणियों को लेकर अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने आपराधिक अवमानना ​​​​कार्यवाही शुरू करने की सहमति दी है. उन्होंने कहा कि यह न्यायपालिका के लिए बेहद अपमानजनक है और इसका मक़सद स्पष्ट रूप से अदालतों को बदनाम करना है.

हमारा संविधान; अनुच्छेद 21: एके गोपालन मामले से लेकर मेनका गांधी संबंधी फैसला

वीडियो: संविधान का अनुच्छेद 21 क्या कहता है और इसका क्या इतिहास है, क्यों इसे मूल अधिकारों में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है? अनुच्छेद 21 में दिए गए अधिकार को अमेरिकी संविधान की तुलना में सुप्रीम कोर्ट ने कैसे देखा, बता रही हैं सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अवनि बंसल.

कॉलेजियम ने हाईकोर्ट में 68 जजों की सिफ़ारिश की, इसमें से 12 पर केंद्र ने जताई थी आपत्ति

सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने केंद्र की दलीलों को दरकिनार करते हुए 12 ऐसे नामों को दोहराया है, जिस पर मोदी सरकार ने पूर्व में आपत्ति जताई थी. नियम के मुताबिक यदि कॉलेजियम किसी सिफ़ारिश को दोहराती है तो केंद्र सरकार को हर हाल में उसकी नियुक्ति सुनिश्चित करनी होगी.

पेगासस जासूसीः जांच के लिए सरकार का विशेषज्ञ समिति का प्रस्ताव, याचिकाकर्ताओं ने जताई आपत्ति

सुप्रीम कोर्ट में एक हलफ़नामा दाख़िल कर नरेंद्र मोदी सरकार ने कहा कि कुछ निहित स्वार्थों द्वारा दिए गए किसी भी ग़लत विमर्श को दूर करने और उठाए गए मुद्दों की जांच करने के उद्देश्य से विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया जाएगा. हालांकि, सरकार ने यह नहीं बताया कि वह ऐसा कब करेगी, समिति में कौन होगा या समिति जांच में कितना समय लेगी.

पेगासस: एफआईआर दर्ज करने की पुरानी याचिका खुलवाने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे गोविंदाचार्य

आरएसएस के पूर्व विचारक केएन गोविंदाचार्य ने अपनी ताज़ा याचिका में भारत में पेगासस के उपयोग का दायरा और इसके लिए ज़िम्मेदार संस्थाओं का पता लगाने के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने जासूसी के कथित आरोपों पर फेसबुक, वॉट्सऐप और एनएसओ समूह के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज कराने और एनआईए जांच की भी मांग की हैं.

पेगासस जासूसी: संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों ने स्पायवेयर तकनीक की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञों के एक पैनल ने कहा कि यह रोक तब तक लगाई जानी चाहिए जब तक कि विभिन्न सरकारें ऐसे स्पायवेयर के इस्तेमाल को लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के पालन की मज़बूत व्यवस्था न बना लें. विशेषज्ञों ने कहा कि वे चिंता में हैं कि मानवाधिकार रक्षकों, पत्रकारों और राजनीतिक विरोधियों पर नज़र रखने, ​​​​उन्हें डराने एवं चुप कराने के लिए निगरानी उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

निगरानी सॉफ़्टवेयर ख़रीदने के लिए कोई बजट आवंटित नहीं किया: आईटी मंत्रालय

इससे पहले रक्षा मंत्रालय ने संसद में कहा था कि उसने इज़राइल स्थित एनएसओ ग्रुप के पेगासस स्पायवेयर को ख़रीदने को लेकर कोई लेन-देन नहीं किया है. एनएसओ समूह पर भारत सहित कई देशों में पत्रकार, कार्यकर्ता और नेताओं के फोन पर नज़र रखने के लिए पेगासस स्पायवेयर का इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं.

पेगासस जासूसी विवाद: सरकार ने कहा, रक्षा मंत्रालय ने एनएसओ समूह के साथ कोई लेन-देन नहीं किया

इज़रायल के एनएसओ समूह ने सैन्य स्तरीय जासूसी स्पायवेयर पेगासस को विकसित किया है, जिस पर भारत सहित कई देशों में तमाम नेताओं, पत्रकार और कार्यकर्ताओं आदि के फोन पर नज़र रखने के आरोप लग रहे हैं. रक्षा मंत्रालय के एसएसओ समूह से लेन-देन के संबंध में इनकार पर कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि रक्षा मंत्रालय सही है, तो एक मंत्रालय/विभाग को इससे अलग कर देते हैं, लेकिन शेष सभी मंत्रालयों/विभागों की ओर से केवल प्रधानमंत्री ही जवाब दे सकते हैं.

पेगासस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, इस पर बहस सोशल मीडिया या वेबसाइट पर नहीं होनी चाहिए

इज़रायल स्थित एनएसओ ग्रुप के स्पायवेयर पेगासस से कथित तौर पर जासूसी कराए जाने के मामले की स्वतंत्र जांच कराने का अनुरोध करने वाले कुछ याचिकाकर्ताओं के सोशल मीडिया और वेबसाइटों पर समानांतर वाद-विवाद करने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराज़गी ज़ाहिर की है.  मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत वाद-विवाद की विरोधी नहीं है, लेकिन जब मामला अदालत में लंबित है तो इस पर चर्चा यहीं होनी चाहिए.

विपक्ष ने पेगासस व किसान मुद्दों पर जारी किया वीडियो, कहा- सरकार हमारी सुने

पेगासस जासूसी विवाद एवं कृषि क़ानूनों पर चर्चा के लिए विपक्षी दलों ने मिलकर तीन मिनट का एक वीडियो बनाते हुए कहा है कि केंद्र सरकार उनकी मांगों को सुने.

पुलिसिया क्रूरता पर काम करने वाले पंजाब के वकील के फोन में मिले पेगासस के निशान

पेगासस प्रोजेक्ट: एमनेस्टी इंटरनेशनल की सिक्योरिटी लैब द्वारा किए गए फॉरेंसिक परीक्षण में तरनतारन के वकील जगदीप सिंह रंधावा के फोन में पेगासस की गतिविधि के प्रमाण मिले हैं. साथ ही लुधियाना के एक वकील जसपाल सिंह मंझपुर का नाम सर्विलांस के संभावित निशानों की लिस्ट में मिला है.

पेगासस: सात देशों के 17 पत्रकारों ने पेरिस में एनएसओ ग्रुप के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई

सात देशों के 17 पत्रकारों ने रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स के साथ मिलकर एनएसओ ग्रुप के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई है. संगठन की ओर से कहा गया है कि जांच में उन सभी लोगों की पहचान करनी चाहिए, जो इसमें शामिल थे, फिर चाहे वह कंपनी के कार्यकारी अधिकारी हो या संबंधित देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी. एक ऐसे स्कैंडल में जिसमें प्रेस की स्वतंत्रता को खामियाजा भुगतना पड़े, किसी तरह का संदेह नहीं रहना चाहिए.

सरकार पेगासस पर मेरे सवाल का जवाब नहीं देना चाहती, मतलब कुछ छिपाया जा रहा है: भाकपा सांसद

केंद्र सरकार ने इस सप्ताह की शुरुआत में राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर कहा था कि भाकपा सांसद बिनॉय विश्वम द्वारा पूछे गए प्रश्न का जवाब नहीं दिया जाना चाहिए. विश्वम ने पूछा था कि क्या सरकार ने पूरे देश में साइबर सुरक्षा के माध्यम से आतंकी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए इज़रायली कंपनी एनएसओ समूह के साथ किसी एमओयू समझौता किया है? सरकार ने जवाब न देने के पीछे तर्क दिया था कि यह मामला अदालत में विचारधीन है. 

जजों की जासूसी न्यायपालिका की आज़ादी पर बहुत बड़ा हमला है

वीडियो: पेगासस जासूसी मामले में एक के बाद एक नया पर्दाफ़ाश द वायर कर रहा है, अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस अरुण मिश्रा और दो रजिस्ट्रार का नाम सामने आया है. इसके बाद न्यायपालिका के कामकाज को लेकर भी कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं. इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की सीनियर अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.