Judiciary

Court-Hammer-2

देश के 25 उच्च न्यायालयों में जजों के 414 पद ख़ाली

उच्च न्यायालयों में कुल 1,079 न्यायाधीश होने चाहिए. क़ानून मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक एक सितंबर को हाईकोर्ट में जजों के 414 पद खाली थे, जो इस साल की अब तक की सर्वाधिक रिक्तियां हैं.

Justice AA Kureshi Photo Live Law

जस्टिस एए क़ुरैशी की नियुक्ति पर 14 अगस्त तक फ़ैसला ले केंद्र: सुप्रीम कोर्ट

केंद्र सरकार ने 22 जुलाई को बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस एए क़ुरैशी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने की सुप्रीम कोर्ट कॉलिजियम की सिफ़ारिश पर निर्णय लेने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा था. केंद्र सरकार ने अब और दस दिन का समय मांगा है.

दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एपी शाह. (फोटो साभार: यूट्यूब)

सीजेआई के ख़िलाफ़ शिकायत से निपटने में आंतरिक कमेटी की प्रक्रिया सवाल खड़े करती है: पूर्व जज

दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस एपी शाह ने यह टिप्पणी अप्रैल में सीजेआई रंजन गोगोई पर सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कर्मचारी द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न और प्रताड़ना के आरोपों के संदर्भ में की है. उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया को न्यायिक स्वतंत्रता की सुरक्षा के नाम पर गोपनीयता में बदल दिया गया.

सीजेआई रंजन गोगोई (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई यौन उत्पीड़न: शिकायतकर्ता महिला पर रिश्वत लेने का आरोप लगाने वाला शख़्स लापता

अप्रैल में सीजेआई रंजन गोगोई पर सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न और प्रताड़ना के आरोप लगाए थे. तब शिकायतकर्ता महिला पर नवीन कुमार नाम के व्यक्ति ने नौकरी के लिए रिश्वत लेने का आरोप लगाया था. दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया है कि नवीन बीते अप्रैल से ही लापता हैं.

Justice Ranganath Pandey and PM Modi

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज ने पीएम को पत्र लिख कहा- कॉलेजियम सिस्टम में है भाई-भतीजावाद और जातिवाद

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस रंगनाथ पांडेय ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट दोनों के जजों की नियुक्ति लॉबिंग और पक्षपात के आधार पर होती है. जस्टिस पांडेय 4 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले हैं.

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क्या अमित शाह को हिरासत में भेजने वाले जस्टिस क़ुरैशी की पदोन्नति रोक रही है मोदी सरकार?

सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम की चार सिफ़ारिशों में से मोदी सरकार द्वारा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में सिर्फ़ जस्टिस एए क़ुरैशी की नियुक्ति को मंज़ूरी नहीं दी गई है.

Indian Prime Minister Narendra Modi gestures towards his supporters after the election results at Bharatiya Janata Party (BJP) headquarter in New Delhi, India, May 23, 2019. REUTERS/Adnan Abidi

मोदी सरकार ने फिर जता दिया है कि असहमतियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

बीते एक महीने में ही बहुमत से दोबारा सत्ता में आई नरेंद्र मोदी सरकार ने जता दिया है कि अपनी आलोचना के प्रति सहिष्णुता दिखाने का उसका कोई इरादा नहीं है.

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सीजेआई गोगोई पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला के पति की नौकरी बहाल

सीजेआई के ख़िलाफ़ उत्पीड़न की शिकायत करने वाली महिला ने एक हलफनामे में आरोप लगाया था कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट कर्मचारी के रूप में बर्ख़ास्त किए जाने के बाद दिल्ली पुलिस में कार्यरत उनके पति और पति के भाई को निलंबित कर दिया गया था.

जस्टिस मदन बी. लोकुर. (फोटो साभार: फेसबुक/National Commission for Protection of Child Rights)

सीजेआई यौन उत्पीड़न: जस्टिस लोकुर ने कहा- संस्थागत भेदभाव हुआ, शिकायतकर्ता को मिले जांच रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस मदन बी लोकुर ने कहा कि शिकायतकर्ता महिला को मामले की सुनवाई करने वाली आंतरिक शिकायत समिति की रिपोर्ट निश्चित तौर पर मिलनी चाहिए ताकि शिकायतकर्ता महिला को उन सवालों का जवाब मिल सके, जो उसने उठाए हैं.

(फोटो: पीटीआई)

क्या देश का क़ानून हर व्यक्ति के लिए समान है?

2016 में सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में जांच की थी कि क्या किसी पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोपों को ‘राजनीतिक साज़िश’ कहा जा सकता है.

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सीजेआई यौन उत्पीड़न: नौकरी से निकालने के ख़िलाफ़ शिकायतकर्ता करेंगी सीजेआई से अपील

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि सीजेआई रंजन गोगोई द्वारा किए गए आपत्तिजनक व्यवहार का विरोध करने के कारण उन्हें कोर्ट से बर्ख़ास्त कर दिया गया था.

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई यौन उत्पीड़न मामले पर केंद्र सरकार से मतभेद के चलते इस्तीफ़ा दे सकते हैं अटॉर्नी जनरल

एक्सक्लूसिव: सीजेआई पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच कर रही समिति में एक बाहरी सदस्य शामिल करने की मांग करते हुए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों को पत्र लिखा था. इस पर केंद्र सरकार द्वारा उन्हें स्पष्टीकरण देने को कहा गया कि ये उनकी ‘निजी राय’ है न कि केंद्र की.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई यौन उत्पीड़न मामला: शिकायतकर्ता ने कहा- ‘हम सब खो चुके हैं, अब कुछ नहीं बचा’

एक्सक्लूसिव: यौन उत्पीड़न के आरोपों पर सीजेआई रंजन गोगोई को सुप्रीम कोर्ट की आंतरिक समिति द्वारा क्लीनचिट मिलने के बाद शिकायतकर्ता महिला से विशेष बातचीत.

CJI

आरफ़ा का इंडिया: इंसाफ़ के मंदिर में इंसाफ़ नहीं?

वीडियो: सुप्रीम कोर्ट की आंतरिक जांच समिति द्वारा यौन उत्पीड़न मामले में भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को क्लीनचिट देने पर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.

सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलु. (फोटो: धीरज मिश्रा/द वायर)

सीजेआई गोगोई को क्लीनचिट देने वाली रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए: पूर्व सूचना आयुक्त

पूर्व सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलु कहा, ‘जनहित का मामला लोगों को जानने का अधिकार देता है. इसलिए यौन उत्पीड़न के मामले में जो जानकारी सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए, उसे छिपाते हुए आंतरिक समिति द्वारा दिए गए फैसले की रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए.’

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला ने मांगी जांच रिपोर्ट की कॉपी

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व महिला कर्मचारी ने जस्टिस एसए बोबडे की जांच समिति को पत्र लिखकर कहा कि मुझे रिपोर्ट पाने का अधिकार है. जिस तरह से सीजेआई को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में रिपोर्ट की एक कॉपी दी गई उसी तरह से मुझे भी एक कॉपी पाने का अधिकार है.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगाई. (फोटो: पीटीआई)

अदालत ने अपने मुखिया की रक्षा में न्याय व्यवस्था पर जनता के विश्वास की हत्या कर डाली

यौन उत्पीड़न के मामलों में सबसे आवश्यक माना जाता है कि अगर आरोपी किसी संस्था में निर्णयकारी स्थिति में है, तो वहां से उसे हटाया जाए. पिछले दिनों ऐसे कितने ही प्रसंग हमारे सामने आए जिनमें संस्था के प्रमुखों को कार्य से मुक्त किया गया. निष्पक्षता की यह पहली शर्त मानी जाती है. लेकिन सुप्रीम कोर्ट से जुड़े इस विशेष मामले में ऐसा नहीं हुआ.

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सीजेआई गोगोई को क्लीनचिट: 350 महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने फैसले को ख़ारिज किया

कार्यकर्ताओं ने कहा, ‘आज एक अंधकारमय और दुखद दिन है. सुप्रीम कोर्ट ने हमें बताया है कि जब बात अपने पर आती है तो, ताकत का असंतुलन मायने नहीं रखता, तय प्रक्रिया मायने नहीं रखता और न्याय के बुनियादी मानदंड मायने नहीं रखते हैं.’

SC Protest

सीजेआई को क्लीनचिट मिलने के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन, कई कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि कुल 52 महिलाओं और तीन पुरुषों को सुबह 10.45 बजे से हिरासत में लिया गया है और पुलिस ने बताया है कि उन्हें ‘ऊपर से आदेश’ आने के बाद रिहा किया जाएगा.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई को क्लीनचिट मिलने पर महिला शिकायतकर्ता ने कहा- सबसे बुरा डर सच साबित हुआ

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व महिला कर्मचारी द्वारा सीजेआई रंजन गोगोई पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोप मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय आंतरिक समिति ने सीजेआई को क्लीनचिट दे दी थी.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

यौन उत्पीड़न मामले में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को क्लीनचिट

सुप्रीम कोर्ट के महासचिव द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया, ‘आंतरिक समिति ने पाया कि 19 अप्रैल 2019 को सुप्रीम कोर्ट की एक पूर्व कर्मचारी द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों में कोई दम नहीं है.’

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सीजेआई यौन उत्पीड़न: जस्टिस बोबडे से मिलकर जस्टिस चंद्रचूड़ ने की फुल कोर्ट सुनवाई की मांग

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने जांच समिति का दायरा बढ़ाने के लिए एक बाहरी सदस्य को भी शामिल करने की मांग की है. इसके लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की तीन रिटायर्ड महिला जजों के नाम का सुझाव भी दिया है.

जस्टिस डीवी चंद्रचूड़. (फोटो साभार: यूट्यूब ग्रैब/Increasing Diversity by Increasing Access)

जस्टिस चंद्रचूड़, नरीमन द्वारा सीजेआई मामले की जांच समिति से मुलाकात का दावा, सुप्रीम कोर्ट ने नकारा

सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस नरीमन द्वारा जस्टिस एसए बोबडे से शिकायतकर्ता की गैरमौजूदगी में जांच नहीं करने के संबंध में मुलाकात करने की ख़बर का खंडन करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया. हालांकि, अदालत ने जांच समिति को पत्र लिखने की बात को खारिज नहीं किया.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई यौन उत्पीड़न मामला: 300 से अधिक महिलाओं ने शिकायतकर्ता के जांच छोड़ने का समर्थन किया

महिला वकीलों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि हम फिर दोहराते हैं कि तीन जजों की समिति का गठन पूरी तरह से ग़लत है क्योंकि सीजेआई शिकायत की सुनवाई करने वाले तीनों जजों से वरिष्ठ और संस्थान के प्रमुख हैं.

New Delhi: Chief Justice of India Justice Dipak Misra and CJI-designate Justice Ranjan Gogoi during the launch of SCBA Group Life Insurance policy, at the Supreme court lawns, in New Delhi, Tuesday, Sep 26, 2018. (PTI Photo/ Shahbaz Khan) (PTI9_26_2018_000111B)

यौन उत्पीड़न मामले में जांच समिति के सामने पेश हुए सीजेआई रंजन गोगोई

सूत्रों ने बताया कि आंतरिक जांच समिति के सदस्य जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी ने एक अनुरोध पत्र जारी कर सीजेआई रंजन गोगोई को समिति के सामने आने को कहा था. उस अनुरोध पर वह यौन उत्पीड़न मामले में समिति के सामने पेश हुए.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई यौन उत्पीड़न: शिकायतकर्ता ने कहा- न्याय मिलने की संभावना नहीं, जांच समिति में पेश होने से इनकार

सीजेआई यौन उत्पीड़न मामले में शिकायतकर्ता महिला ने कहा कि शुरुआत में मुझे लगता था कि जज निष्पक्ष जांच करेंगे लेकिन तीन सुनवाइयों के बाद लगा कि जज मेरी शिकायत को संवेदनशीलता से नहीं बल्कि शक की नजरों से अधिक देखते हैं.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई के ख़िलाफ़ लगे आरोपों के प्रकाशन पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका ख़ारिज

दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है और हाईकोर्ट इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता है.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई के ख़िलाफ़ लगे आरोपों के प्रकाशन पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर

सीजेआई रंजन गोगोई के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के आरोपों को प्रकाशित अथवा प्रसारित करने से मीडिया पर तब तक तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है, जब तक तीन न्यायाधीशों वाली जांच समिति किसी नतीजे तक नहीं पहुंच जाती है.

New Delhi: Chief Justice of India Justice Dipak Misra and CJI-designate Justice Ranjan Gogoi during the launch of SCBA Group Life Insurance policy, at the Supreme court lawns, in New Delhi, Tuesday, Sep 26, 2018. (PTI Photo/ Shahbaz Khan) (PTI9_26_2018_000111B)

सीजेआई यौन उत्पीड़न मामले को साज़िश बताने के दावों की जांच शुरू करने से जस्टिस पटनायक का इनकार

सीजेआई रंजन गोगोई पर सुप्रीम कोर्ट की एक पूर्व कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. एक वकील ने इस आरोप के पीछे साज़िश होने का दावा किया था. जस्टिस एके पटनायक का कहना है कि जब तक आंतरिक जांच पूरी नहीं हो जाती, वे साज़िश के दावों की जांच शुरू नहीं करेंगे.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई यौन उत्पीड़न मामला: जांच से पहले ही मेरे चरित्र पर उंगलियां उठाई जाने लगीं- शिकायतकर्ता

सीजेआई रंजन गोगोई के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच कर रही समिति को लिखे पत्र में शिकायतकर्ता ने कहा कि मुझे केवल तभी न्याय मिल सकता है जब निष्पक्ष और पारदर्शी सुनवाई का मौका दिया जाए.

CJI Ranjan Gogoi PTI

जस्टिस एके पटनायक करेंगे सीजेआई पर यौन उत्पीड़न के आरोपों की कथित साज़िश की जांच

शीर्ष अदालत ने सीजेआई के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के आरोपों को ‘साज़िश’ बताने वाले वकील उत्सव बैंस के दावों की जांच की ज़िम्मेदारी रिटायर्ड जज एके पटनायक को दी है. पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि वह यौन उत्पीड़न के आरोपों संबंधी शिकायत पर गौर नहीं करेगी.

(फोटो: द वायर)

सीजेआई यौन उत्पीड़न मामला: 250 से अधिक महिलाओं ने की आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई पर सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कर्मचारी द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों पर 250 से अधिक महिला वकीलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं आदि ने पत्र लिखकर कहा है कि इस मामले में सीजेआई और सुप्रीम कोर्ट ने सीधे-सीधे विशाखा गाइडलाइन्स का उल्लंघन किया है.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई पर यौन उत्पीड़न के आरोपों की कथित साज़िश पर दिल्ली पुलिस, सीबीआई और आईबी प्रमुख तलब

सीजेआई रंजन गोगोई के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कर्मचारी के यौन उत्पीड़न के आरोपों को वकील उत्सव बैंस ने साज़िश कहा था. जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस आरएफ नरीमन और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने इस सिलसिले में इन तीनों संस्थाओं के प्रमुखों को बुलाया है.

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सीजेआई के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच जस्टिस एसए बोबडे करेंगे

सीजेआई रंजन गोगोई पर लगे यौन उत्पीड़न की जांच के लिए गठित इस समिति में जस्टिस एसए बोबडे के अलावा जस्टिस एन वी रमन और जस्टिस इंदिरा बनर्जी भी हैं.

Arun Jaitley PTI

सीजेआई पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोप पर जेटली ने कहा, यह न्यायपालिका के साथ खड़े होने का समय

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने ब्लॉग में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख के ख़िलाफ़ अपुष्ट आरोपों का समर्थन कर चीफ जस्टिस की संस्था को अस्थिर करने का प्रयास करने वाले ऐसे लोगों का काम रूकावटें खड़ी करना है.

New Delhi: Chief Justice of India Justice Dipak Misra and CJI-designate Justice Ranjan Gogoi during the launch of SCBA Group Life Insurance policy, at the Supreme court lawns, in New Delhi, Tuesday, Sep 26, 2018. (PTI Photo/ Shahbaz Khan) (PTI9_26_2018_000111B)

यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद सीजेआई के समर्थन में आया बार काउंसिल

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट की एक पूर्व महिला कर्मचारी द्वारा सीजेआई रंजन गोगोई पर लगाए यौन उत्पीड़न के आरोपों को ‘झूठा और मनगढंत’ बताते हुए कहा कि पूरा बार चीफ जस्टिस के साथ है.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

चीफ जस्टिस पर सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कर्मचारी ने लगाए यौन उत्पीड़न और प्रताड़ना के आरोप

सुप्रीम कोर्ट के 22 जजों को भेजे गए हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जूनियर कोर्ट असिस्टेंट ने आरोप लगाया है कि अक्टूबर 2018 में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने अपने घर पर बने ऑफिस में उसके साथ बदसलूकी की थी, जिसका विरोध करने के बाद उन्हें और उनके परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल का आरोपों से इनकार.

Ranchi: Chief Election Commissioner Sunil Arora after a review meeting with Jharkhand police officers and deputy commissioners to review the preparations for the upcoming Lok Sabha elections, in Ranchi, Wednesday, Jan. 30, 2019. (PTI Photo)(PTI1_30_2019_000125B)

मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनाव आयोग के लिए अधिक स्वायत्तता की मांग की

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने सरकार के नियंत्रण से पूरी आज़ादी की मांग करते हुए दो अन्य चुनाव आयुक्तों को भी संवैधानिक संरक्षण देने और वित्तीय स्वंतत्रता की मांग रखी.

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी. (फोटो: पीटीआई)

राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के चलते चुनाव सुधार लंबित: पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी द ग्रेट मार्च ऑफ डेमोक्रेसी: सेवेन डेकेड्स ऑफ इंडियाज इलेक्शंस की प्रस्तावन में कहा कि जितने भी चुनावी सुधार हुए हैं, वे सभी न्यायपालिका के हस्तक्षेप से हुए हैं.

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कॉलेजियम की सिफारिश पर राष्ट्रपति को पूर्व जज ने लिखी चिट्ठी, कहा- वरिष्ठता की अनदेखी की गई

रिटायर्ड जज जस्टिस कैलाश गंभीर ने राष्ट्रपति को भेजे पत्र में लिखा, ‘अगर 32 न्यायाधीशों की वरिष्ठता की अनदेखी करके जस्टिस संजीव खन्ना को जज बनाया जाता है तो ये न्यायपालिका के इतिहास का काला दिन होगा.’