Justice AM Khanwilkar

सबरीमाला मंदिर (फोटो साभार: facebook.com/sabrimalaofficial)

धर्म के मामलों में तार्किकता की कोई जगह नहीं: जस्टिस इंदु मल्होत्रा

सबरीमाला मंदिर मामले में अन्य 4 जजों से सहमत न होते हुए पीठ की एकमात्र महिला जज जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने कहा कि धार्मिक प्रथाओं को केवल समानता के अधिकार के आधार पर नहीं परखा जा सकता.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

बोहरा मुस्लिम समुदाय में महिलाओं का ख़तना संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन है: सुप्रीम कोर्ट

केंद्र सरकार ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह प्रथा आईपीसी और पॉक्सो क़ानून के तहत एक दंडनीय अपराध है. इस प्रथा पर 42 देशों में प्रतिबंध है.

खाप पंचायत प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रायटर्स)

दो वयस्कों के विवाह में किसी भी प्रकार का दखल पूरी तरह ग़ैरकानूनी: सुप्रीम कोर्ट

एक खाप पंचायत अध्यक्ष ने कहा है, ‘हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध करेंगे. हम वेदों को मानते हैं और वेदों में सगोत्रीय विवाहों को अनुमति नहीं दी गई है. एक ही गांव में रह रहे लोग भाई-बहन होते हैं, वे पति-पत्नी कैसे बन सकते हैं?’

(फोटो: पीटीआई)

चुनावी बॉन्ड के ख़िलाफ़ माकपा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

चुनावी बॉन्ड जारी करने के केंद्र के फैसले को चुनौती देते हुए माकपा ने याचिका में कहा है कि यह क़दम लोकतंत्र को कमतर करके आंकने वाला है. इससे राजनीतिक भ्रष्टाचार और अधिक बढ़ जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट और सीजेआई दीपक मिश्रा. ​​(फोटो: पीटीआई)

प्रमुख मुद्दों की सुनवाई के लिए संविधान पीठ का गठन, सीजेआई की आलोचना करने वाले जज शामिल नहीं

सीजेआई दीपक मिश्रा की अध्यक्षता में हुआ पीठ का गठन. 17 जनवरी को पीठ महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई शुरू करेगी.