Justice Ranjan Gogoi

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सीजेआई गोगोई पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला के पति की नौकरी बहाल

सीजेआई के ख़िलाफ़ उत्पीड़न की शिकायत करने वाली महिला ने एक हलफनामे में आरोप लगाया था कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट कर्मचारी के रूप में बर्ख़ास्त किए जाने के बाद दिल्ली पुलिस में कार्यरत उनके पति और पति के भाई को निलंबित कर दिया गया था.

जस्टिस मदन बी. लोकुर. (फोटो साभार: फेसबुक/National Commission for Protection of Child Rights)

सीजेआई यौन उत्पीड़न: जस्टिस लोकुर ने कहा- संस्थागत भेदभाव हुआ, शिकायतकर्ता को मिले जांच रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस मदन बी लोकुर ने कहा कि शिकायतकर्ता महिला को मामले की सुनवाई करने वाली आंतरिक शिकायत समिति की रिपोर्ट निश्चित तौर पर मिलनी चाहिए ताकि शिकायतकर्ता महिला को उन सवालों का जवाब मिल सके, जो उसने उठाए हैं.

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सीजेआई यौन उत्पीड़न: नौकरी से निकालने के ख़िलाफ़ शिकायतकर्ता करेंगी सीजेआई से अपील

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि सीजेआई रंजन गोगोई द्वारा किए गए आपत्तिजनक व्यवहार का विरोध करने के कारण उन्हें कोर्ट से बर्ख़ास्त कर दिया गया था.

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई यौन उत्पीड़न मामले पर केंद्र सरकार से मतभेद के चलते इस्तीफ़ा दे सकते हैं अटॉर्नी जनरल

एक्सक्लूसिव: सीजेआई पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच कर रही समिति में एक बाहरी सदस्य शामिल करने की मांग करते हुए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों को पत्र लिखा था. इस पर केंद्र सरकार द्वारा उन्हें स्पष्टीकरण देने को कहा गया कि ये उनकी ‘निजी राय’ है न कि केंद्र की.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई यौन उत्पीड़न मामला: शिकायतकर्ता ने कहा- ‘हम सब खो चुके हैं, अब कुछ नहीं बचा’

एक्सक्लूसिव: यौन उत्पीड़न के आरोपों पर सीजेआई रंजन गोगोई को सुप्रीम कोर्ट की आंतरिक समिति द्वारा क्लीनचिट मिलने के बाद शिकायतकर्ता महिला से विशेष बातचीत.

सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलु. (फोटो: धीरज मिश्रा/द वायर)

सीजेआई गोगोई को क्लीनचिट देने वाली रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए: पूर्व सूचना आयुक्त

पूर्व सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलु कहा, ‘जनहित का मामला लोगों को जानने का अधिकार देता है. इसलिए यौन उत्पीड़न के मामले में जो जानकारी सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए, उसे छिपाते हुए आंतरिक समिति द्वारा दिए गए फैसले की रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए.’

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला ने मांगी जांच रिपोर्ट की कॉपी

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व महिला कर्मचारी ने जस्टिस एसए बोबडे की जांच समिति को पत्र लिखकर कहा कि मुझे रिपोर्ट पाने का अधिकार है. जिस तरह से सीजेआई को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में रिपोर्ट की एक कॉपी दी गई उसी तरह से मुझे भी एक कॉपी पाने का अधिकार है.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगाई. (फोटो: पीटीआई)

अदालत ने अपने मुखिया की रक्षा में न्याय व्यवस्था पर जनता के विश्वास की हत्या कर डाली

यौन उत्पीड़न के मामलों में सबसे आवश्यक माना जाता है कि अगर आरोपी किसी संस्था में निर्णयकारी स्थिति में है, तो वहां से उसे हटाया जाए. पिछले दिनों ऐसे कितने ही प्रसंग हमारे सामने आए जिनमें संस्था के प्रमुखों को कार्य से मुक्त किया गया. निष्पक्षता की यह पहली शर्त मानी जाती है. लेकिन सुप्रीम कोर्ट से जुड़े इस विशेष मामले में ऐसा नहीं हुआ.

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सीजेआई गोगोई को क्लीनचिट: 350 महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने फैसले को ख़ारिज किया

कार्यकर्ताओं ने कहा, ‘आज एक अंधकारमय और दुखद दिन है. सुप्रीम कोर्ट ने हमें बताया है कि जब बात अपने पर आती है तो, ताकत का असंतुलन मायने नहीं रखता, तय प्रक्रिया मायने नहीं रखता और न्याय के बुनियादी मानदंड मायने नहीं रखते हैं.’

SC Protest

सीजेआई को क्लीनचिट मिलने के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन, कई कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि कुल 52 महिलाओं और तीन पुरुषों को सुबह 10.45 बजे से हिरासत में लिया गया है और पुलिस ने बताया है कि उन्हें ‘ऊपर से आदेश’ आने के बाद रिहा किया जाएगा.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई को क्लीनचिट मिलने पर महिला शिकायतकर्ता ने कहा- सबसे बुरा डर सच साबित हुआ

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व महिला कर्मचारी द्वारा सीजेआई रंजन गोगोई पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोप मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय आंतरिक समिति ने सीजेआई को क्लीनचिट दे दी थी.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

यौन उत्पीड़न मामले में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को क्लीनचिट

सुप्रीम कोर्ट के महासचिव द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया, ‘आंतरिक समिति ने पाया कि 19 अप्रैल 2019 को सुप्रीम कोर्ट की एक पूर्व कर्मचारी द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों में कोई दम नहीं है.’

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सीजेआई यौन उत्पीड़न: जस्टिस बोबडे से मिलकर जस्टिस चंद्रचूड़ ने की फुल कोर्ट सुनवाई की मांग

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने जांच समिति का दायरा बढ़ाने के लिए एक बाहरी सदस्य को भी शामिल करने की मांग की है. इसके लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की तीन रिटायर्ड महिला जजों के नाम का सुझाव भी दिया है.

जस्टिस डीवी चंद्रचूड़. (फोटो साभार: यूट्यूब ग्रैब/Increasing Diversity by Increasing Access)

जस्टिस चंद्रचूड़, नरीमन द्वारा सीजेआई मामले की जांच समिति से मुलाकात का दावा, सुप्रीम कोर्ट ने नकारा

सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस नरीमन द्वारा जस्टिस एसए बोबडे से शिकायतकर्ता की गैरमौजूदगी में जांच नहीं करने के संबंध में मुलाकात करने की ख़बर का खंडन करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया. हालांकि, अदालत ने जांच समिति को पत्र लिखने की बात को खारिज नहीं किया.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई यौन उत्पीड़न मामला: 300 से अधिक महिलाओं ने शिकायतकर्ता के जांच छोड़ने का समर्थन किया

महिला वकीलों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि हम फिर दोहराते हैं कि तीन जजों की समिति का गठन पूरी तरह से ग़लत है क्योंकि सीजेआई शिकायत की सुनवाई करने वाले तीनों जजों से वरिष्ठ और संस्थान के प्रमुख हैं.

New Delhi: Chief Justice of India Justice Dipak Misra and CJI-designate Justice Ranjan Gogoi during the launch of SCBA Group Life Insurance policy, at the Supreme court lawns, in New Delhi, Tuesday, Sep 26, 2018. (PTI Photo/ Shahbaz Khan) (PTI9_26_2018_000111B)

यौन उत्पीड़न मामले में जांच समिति के सामने पेश हुए सीजेआई रंजन गोगोई

सूत्रों ने बताया कि आंतरिक जांच समिति के सदस्य जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी ने एक अनुरोध पत्र जारी कर सीजेआई रंजन गोगोई को समिति के सामने आने को कहा था. उस अनुरोध पर वह यौन उत्पीड़न मामले में समिति के सामने पेश हुए.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई यौन उत्पीड़न: शिकायतकर्ता ने कहा- न्याय मिलने की संभावना नहीं, जांच समिति में पेश होने से इनकार

सीजेआई यौन उत्पीड़न मामले में शिकायतकर्ता महिला ने कहा कि शुरुआत में मुझे लगता था कि जज निष्पक्ष जांच करेंगे लेकिन तीन सुनवाइयों के बाद लगा कि जज मेरी शिकायत को संवेदनशीलता से नहीं बल्कि शक की नजरों से अधिक देखते हैं.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई के ख़िलाफ़ लगे आरोपों के प्रकाशन पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका ख़ारिज

दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है और हाईकोर्ट इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता है.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई के ख़िलाफ़ लगे आरोपों के प्रकाशन पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर

सीजेआई रंजन गोगोई के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के आरोपों को प्रकाशित अथवा प्रसारित करने से मीडिया पर तब तक तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है, जब तक तीन न्यायाधीशों वाली जांच समिति किसी नतीजे तक नहीं पहुंच जाती है.

New Delhi: Chief Justice of India Justice Dipak Misra and CJI-designate Justice Ranjan Gogoi during the launch of SCBA Group Life Insurance policy, at the Supreme court lawns, in New Delhi, Tuesday, Sep 26, 2018. (PTI Photo/ Shahbaz Khan) (PTI9_26_2018_000111B)

सीजेआई यौन उत्पीड़न मामले को साज़िश बताने के दावों की जांच शुरू करने से जस्टिस पटनायक का इनकार

सीजेआई रंजन गोगोई पर सुप्रीम कोर्ट की एक पूर्व कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. एक वकील ने इस आरोप के पीछे साज़िश होने का दावा किया था. जस्टिस एके पटनायक का कहना है कि जब तक आंतरिक जांच पूरी नहीं हो जाती, वे साज़िश के दावों की जांच शुरू नहीं करेंगे.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई यौन उत्पीड़न मामला: जांच से पहले ही मेरे चरित्र पर उंगलियां उठाई जाने लगीं- शिकायतकर्ता

सीजेआई रंजन गोगोई के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच कर रही समिति को लिखे पत्र में शिकायतकर्ता ने कहा कि मुझे केवल तभी न्याय मिल सकता है जब निष्पक्ष और पारदर्शी सुनवाई का मौका दिया जाए.

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जस्टिस एके पटनायक करेंगे सीजेआई पर यौन उत्पीड़न के आरोपों की कथित साज़िश की जांच

शीर्ष अदालत ने सीजेआई के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के आरोपों को ‘साज़िश’ बताने वाले वकील उत्सव बैंस के दावों की जांच की ज़िम्मेदारी रिटायर्ड जज एके पटनायक को दी है. पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि वह यौन उत्पीड़न के आरोपों संबंधी शिकायत पर गौर नहीं करेगी.

(फोटो: द वायर)

सीजेआई यौन उत्पीड़न मामला: 250 से अधिक महिलाओं ने की आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई पर सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कर्मचारी द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों पर 250 से अधिक महिला वकीलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं आदि ने पत्र लिखकर कहा है कि इस मामले में सीजेआई और सुप्रीम कोर्ट ने सीधे-सीधे विशाखा गाइडलाइन्स का उल्लंघन किया है.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई पर यौन उत्पीड़न के आरोपों की कथित साज़िश पर दिल्ली पुलिस, सीबीआई और आईबी प्रमुख तलब

सीजेआई रंजन गोगोई के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कर्मचारी के यौन उत्पीड़न के आरोपों को वकील उत्सव बैंस ने साज़िश कहा था. जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस आरएफ नरीमन और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने इस सिलसिले में इन तीनों संस्थाओं के प्रमुखों को बुलाया है.

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सीजेआई के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच जस्टिस एसए बोबडे करेंगे

सीजेआई रंजन गोगोई पर लगे यौन उत्पीड़न की जांच के लिए गठित इस समिति में जस्टिस एसए बोबडे के अलावा जस्टिस एन वी रमन और जस्टिस इंदिरा बनर्जी भी हैं.

Arun Jaitley PTI

सीजेआई पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोप पर जेटली ने कहा, यह न्यायपालिका के साथ खड़े होने का समय

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने ब्लॉग में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख के ख़िलाफ़ अपुष्ट आरोपों का समर्थन कर चीफ जस्टिस की संस्था को अस्थिर करने का प्रयास करने वाले ऐसे लोगों का काम रूकावटें खड़ी करना है.

New Delhi: Chief Justice of India Justice Dipak Misra and CJI-designate Justice Ranjan Gogoi during the launch of SCBA Group Life Insurance policy, at the Supreme court lawns, in New Delhi, Tuesday, Sep 26, 2018. (PTI Photo/ Shahbaz Khan) (PTI9_26_2018_000111B)

यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद सीजेआई के समर्थन में आया बार काउंसिल

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट की एक पूर्व महिला कर्मचारी द्वारा सीजेआई रंजन गोगोई पर लगाए यौन उत्पीड़न के आरोपों को ‘झूठा और मनगढंत’ बताते हुए कहा कि पूरा बार चीफ जस्टिस के साथ है.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

चीफ जस्टिस पर सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कर्मचारी ने लगाए यौन उत्पीड़न और प्रताड़ना के आरोप

सुप्रीम कोर्ट के 22 जजों को भेजे गए हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जूनियर कोर्ट असिस्टेंट ने आरोप लगाया है कि अक्टूबर 2018 में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने अपने घर पर बने ऑफिस में उसके साथ बदसलूकी की थी, जिसका विरोध करने के बाद उन्हें और उनके परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल का आरोपों से इनकार.

**FILE** New Delhi: File photo dated Nov 10, 2018, Interim director of the CBI M Nageshwara Rao speaks during the 'Synergy' programme in New Delhi. The Supreme Court on Tuesday, Feb. 12, 2019, held then acting CBI director Rao and the Director of Prosecution (DoP) of the agency S Bhasu Ram guilty of its contempt and asked them to remain seated in the courtroom till it rises as punishment. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI2_12_2019_000010B)

नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बनाने के मामले में दखल देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस नवीन सिन्हा की पीठ ने कहा कि नए सीबीआई निदेशक की नियुक्त हो जाने के कारण वे इस मामले में कोई दखल नहीं देंगे. इसके अलावा पीठ ने नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने के लिए दिशानिर्देश जारी करने से भी इनकार कर दिया.

(फोटो: रॉयटर्स)

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा, अब तक सीबीआई का स्थायी निदेशक नियुक्त क्यों नहीं किया गया

जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस नवीन सिन्हा की पीठ ने केंद्र सरकार से कहा कि जांच ब्यूरो के निदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया अब तक पूरी हो जानी चाहिए थी क्योंकि यह पहले से ही मालूम था कि एजेंसी प्रमुख जनवरी में सेवानिवृत्त हो रहे हैं.

एम. नागेश्वर राव. (फोटो साभार: फेसबुक)

चीफ जस्टिस, जस्टिस सीकरी के बाद जस्टिस रमना ने नागेश्वर राव मामले की सुनवाई से खुद को अलग किया

जस्टिस एनवी रमना ने ये कहते हुए सुनवाई करने से मना कर दिया कि वे नागेश्वर राव के बेटी की शादी में गए थे. राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक नियुक्त करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है.

जस्टिस एके सीकरी. (फोटो: पीटीआई)

चीफ जस्टिस के बाद अब जस्टिस सीकरी ने भी नागेश्वर राव मामले की सुनवाई से खुद को अलग किया

एम. नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक नियुक्त करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है. याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील दुष्यंत दवे से जस्टिस एके सीकरी ने कहा, ‘कृपया मेरी स्थिति को समझें. मैं ये मामला नहीं सुन सकता हूं.’

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

सीबीआई के अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव पर सुनवाई से अलग हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई

मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि वह नए सीबीआई निदेशक की नियुक्ति के लिए 24 जनवरी 2019 को उच्च स्तरीय समिति की बैठक में भाग ले रहे हैं, इसलिए वे इस मामले में सुनवाई के लिए पीठ का हिस्सा नहीं हो सकते हैं.

New Delhi: Chief Justice of India Justice Dipak Misra and CJI-designate Justice Ranjan Gogoi during the launch of SCBA Group Life Insurance policy, at the Supreme court lawns, in New Delhi, Tuesday, Sep 26, 2018. (PTI Photo/ Shahbaz Khan) (PTI9_26_2018_000111B)

मास्टर ऑफ रोस्टर अब मास्टर ऑफ कॉलेजियम भी बन गए हैं

उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण फैसले और प्रस्ताव मुख्य न्यायाधीश द्वारा कॉलेजियम की सहमति दरकिनार करते हुए मनमाने और अनौपचारिक तरीके से लिए जा रहे हैं.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

लोकपाल पर सर्च कमेटी फरवरी अंत तक नाम की सिफारिश करे: सुप्रीम कोर्ट

याचिकाकर्ता की तरफ से पेश हुए वकील प्रशांत भूषण द्वारा लोकपाल के लिए प्रस्तावित नामों की सूची को वेबसाइट पर डालने की मांग को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने किया खारिज. कहा, मामले में हो रही प्रगति को सकारात्मक नजरिए से देखें.

(L-R) Justices Kurian Joseph, Jasti Chelameswar, Ranjan Gogoi and Madan Lokur address the media at a news conference in New Delhi, India January 12, 2018. PTI

हमें लगा था कि ‘बाहरी नियंत्रण’ में काम कर रहे थे पूर्व सीजेआई दीपक मिश्रा: जस्टिस कुरियन जोसेफ

सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों द्वारा बुलाई गई अप्रत्याशित प्रेस कॉन्फ्रेंस के बारे में सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए जस्टिस कुरियन जोसेफ ने कहा कि तब उन्हें और बाकी जजों को ऐसा लगा था कि मामलों का आवंटन राजनीतिक दुर्भावना से किया जा रहा था.

(फोटो: रॉयटर्स)

जजों की नियुक्ति: एनजेएसी क़ानून को निरस्त करने के फैसले पर पुनर्विचार याचिका ख़ारिज

सुप्रीम कोर्ट ने 16 अक्टूबर 2015 को जजों द्वारा जजों की नियुक्ति की 22 साल पुरानी कॉलेजियम प्रणाली की जगह लेने वाले एनजेएसी क़ानून, 2014 को असंवैधानिक और अमान्य घोषित किया था.

New Delhi: Justice Ranjan Gogoi takes his oath of office after he was appointed as the 46th Chief Justice of India, at Rashtrapati Bhawan in New Delhi, Wednesday, Oct 3, 2018. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI10_3_2018_000034B)

देश के प्रधान न्यायाधीश बने रंजन गोगोई, पद संभालने वाले पूर्वोत्तर के पहले व्यक्ति

देश के 46वें मुख्य न्यायाधीश बने जस्टिस रंजन गोगोई. जस्टिस रंजन गोगोई का कार्यकाल 13 महीने से थोड़ी अधिक अवधि का होगा और वह 17 नवंबर, 2019 को सेवानिवृत होंगे.

New Delhi: Outgoing Chief Justice of India Justice Dipak Misra (R), CJI-designate Justice Ranjan Gogoi and Attorney General of India K. K. Venugopal during the former's farewell function on the Supreme Court lawns in New Delhi, Monday, Oct 1, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI10_1_2018_000181B)

शायद हम धर्म, जाति के आधार पर पहले से कहीं अधिक बंटे हुए हैं: जस्टिस गोगोई

देश के मनोनीत प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा कि हमें क्या पहनना चाहिए, क्या खाना चाहिए, क्या कहना चाहिए, क्या पढ़ना और सोचना चाहिए, ये सब अब हमारी निजी ज़िंदगी के छोटे और महत्वहीन सवाल नहीं रह गए है.

New Delhi: Chief Justice of India Justice Dipak Misra (R) and Justice Ranjan Gogoi at the farewell ceremony of Justice Adarsh Kumar Goel, in New Delhi on Friday, July 6, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary)  (PTI7_6_2018_000148B)

प्रधान न्यायाधीश पद पर जस्टिस गोगोई की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका ख़ारिज

जस्टिस रंजन गोगोई की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका में शीर्ष अदालत के चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों जिसमें जस्टिस गोगोई भी शामिल थे, की 12 जनवरी की प्रेस कॉन्फ्रेंस को आधार बनाया गया था.