Jyotirao Govindrao Phule

सुनील यादव (फोटो: सुनील के फेसबुक प्रोफाइल से)

‘मैं मैला ढोता हूं लेकिन मैला ढोने वाले के रूप में मरूंगा नहीं’

टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान से पीएचडी करने वाले सुनील यादव दिन में पढ़ाई करते हैं और रात में सफ़ाई कर्मचारी का काम करते हैं. वे डॉ. अंबेडकर को अपना आदर्श और पढ़ाई को बदलाव का औज़ार मानते हैं.

Jyotiba

हर मनुष्य को आज़ाद होना चाहिए, यही उसकी बुनियादी ज़रूरत है: जोतिबा फुले

किसी समय ब्राह्मणों की राजसत्ता में हमारे पूर्वजों पर जो भी कुछ ज़्यादतियां हुईं, उनकी याद आते ही हमारा मन घबरा कर थरथराने लगता है.