Karnataka

Prayagraj: A mother covers her childs head to beat the heat while waiting to board a bus to reach her native place after arriving via special train at Prayagraj Junction, during the ongoing COVID-19 lockdown, in Prayagraj, Tuesday, May 26, 2020. (PTI Photo)(PTI26-05-2020 000043B)

स्पेशल ट्रेन चलने के बाद भी क्यों श्रमिकों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं?

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में अपने घरों को लौट रहे प्रवासी मज़दूरों को न सिर्फ़ खाने-पीने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, बल्कि रेलवे द्वारा रूट बदलने के कारण कई दिनों की देरी से वे अपने गंतव्य तक पहुंच पा रहे हैं. इस दौरान भूख-प्यास और भीषण गर्मी के कारण मासूम बच्चों समेत कई लोग दम तोड़ चुके हैं.

Noida: A boy sits on the staircase of his house, during a nationwide lockdown to curb the spread of coronavirus, at a slum in Noida Sec-8, Wednesday, April 8, 2020. 200 people residing in the slum were taken to a quarantine facility on Tuesday night after they were traced to being in contact with positive COVID-19 patients. (PTI Photo/Vijay Verma)(PTI08-04-2020_000091B)

‘अब श्रमिक स्पेशल ट्रेन का और इंतज़ार नहीं होता, सफ़र की तारीख नहीं मिली तो पैदल ही चल देंगे’

दूसरे राज्यों में फंसे कामगारों को उनके गृह राज्य पहुंचाने के लिए चलाई गई श्रमिक स्पेशल ट्रेन के रजिस्ट्रेशन की जद्दोजहद के बाद यात्रा की तारीख तय न होने से मज़दूर हताश हैं. कर्नाटक, कश्मीर और गुजरात के कई कामगार इस स्थिति से निराश होकर साइकिल या पैदल निकल चुके हैं या ऐसा करने के बारे में सोच रहे हैं.

ट्रेन के लिए राह देख रहे प्रवासी मजदूर (फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन: ‘जिस तकलीफ़ से घर लौटा हूं, अब से काम के लिए दूसरे राज्य जाने की हिम्मत नहीं होगी’

श्रमिक स्पेशल ट्रेन के किराये को लेकर सरकार के विभिन्न दावों के बीच गुजरात से बिहार लौटे कामगारों का कहना है कि उन्होंने टिकट ख़ुद खरीदा था. उन्होंने यह भी बताया कि डेढ़ हज़ार किलोमीटर और 31 घंटे से ज़्यादा के इस सफ़र में उन्हें चौबीस घंटों के बाद खाना दिया गया.

कठुआ में प्रदर्शन कर रहे मजदूर (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: पूरी मज़दूरी देने और घर भेजने की मांग को लेकर श्रमिकों का हिंसक प्रदर्शन

जम्मू कश्मीर के कठुआ ज़िले के चेनाब टेक्सटाइल मिल्स के श्रमिकों ने आरोप लगाया कि उन्हें मासिक वेतन के रूप में कम का भुगतान किया गया. वहीं, कर्नाटक के मेंगलुरु में सैकड़ों प्रवासी मज़दूरों ने भी घर भेजे जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है.

Thane: Migrant workers from Lucknow walk along Mumbai-Nashik highway to reach their native places, during a nationwide lockdown in the wake of coronavirus, in Thane, Wednesday, April 29, 2020. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad) (PTI29-04-2020_000060B)

क्या समाज के लिए मज़दूर सीमेंट, ईंट और गारे की तरह संसाधन मात्र हैं?

मज़दूरों के हित निजी संपत्ति के मालिकों के हितों पर ही निर्भर हैं. सरकार सामाजिक व्यवस्था भी उन्हीं के लिए कायम करती है. अंत में यही कहा जाएगा कि उसने रेल भी मज़दूरों के हित में रद्द की हैं, उन्हें रोज़गार देने के लिए!

जमानत पर रिहा होने के बाद सीआरपीएफ कोबरा कमांडो सचिन सावंत अपने साथियों के साथ. (फोटो: ट्विटर)

कर्नाटक: लॉकडाउन का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार सीआरपीएफ जवान को मिली जमानत

कर्नाटक पुलिस ने कोबरा कमांडो को लॉकडाउन उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया था. प्रदेश के गृहमंत्री बसवराज बोम्माई ने पुलिस प्रमुख को घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं.

Karnataka Workers Lockdown (1)

प्रधानमंत्री जी! आप ही बताएं कि हम लोग कोरोना से लड़ें कि भूख से…

उत्तर प्रदेश और बिहार के 34 मज़दूर कर्नाटक के शिमोगा ज़िले में फंसे हैं. बालू खनन का काम करने वहां गए मज़दूरों का कहना है कि जो थोड़े-बहुत पैसे थे, वो अब तक के लॉकडाउन के दौरान ख़त्म हो चुके हैं. अब अगर यहां से नहीं निकाला गया तो भुखमरी जान ले लेगी.

(फोटो: पीटीआई)

कोरोना वायरस: कर्नाटक में संक्रमित व्यक्ति ने पांचवीं मंजिल से कूदकर की आत्महत्या

मामला कर्नाटक के बेंगलुरु का है. अस्पताल के मुताबिक, शुक्रवार को व्यक्ति को श्वसन संबंधी शिकायतों के साथ अस्पताल में भर्ती किया गया था.

(फोटो साभार: ट्विटर)

लॉकडाउन के बीच कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के बेटे की शादी हुई

लॉकडाउन नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कर्नाटक के रामनगर ज़िले के भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि अब तक रामनगर कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षित है. अगर ज़िले में यह वायरस फैलता है तो इसकी पूरी ज़िम्मेदारी देवेगौड़ा परिवार की होगी. जद (एस) ने आरोपों का खंडन किया है.

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री एमवी राजशेखरन. (फोटो: पीटीआई)

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री एमवी राजशेखरन का निधन

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री एमवी राजशेखरन का सोमवार को बेंगलुरु के एक अस्पताल में निधन हो गया. वह 91 वर्ष के थे. कांग्रेस नेता वृद्धावस्था संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन: गंभीर मरीज़ों को कर्नाटक प्रवेश की अनुमति न मिलने से दो लोगों की मौत

कोरोना वायरस से सुरक्षा के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के बाद कर्नाटक ने राज्यों से जुड़ी अपनी सभी सीमाएं भी सील कर दी हैं. इसके वजह से केरल से आने वाले मरीज़ों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.

स्वतंत्रता सेनानी एचएस दोरोस्वामी (फोटो साभारः विकिपीडिया)

102 वर्षीय दोरेस्वामी को देना पड़ रहा स्वतंत्रता सेनानी होने का प्रमाण, भाजपा ने उठाया था सवाल

कर्नाटक के बीजापुर से भाजपा विधायक बीपी यत्नाल ने स्वंतत्रता सेनानी एचएस दोरेस्वामी को फर्जी स्वतंत्रता सेनानी बताते हुए उनसे स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल होने के सबूत मांगे थे.

भारतीय सुप्रीम कोर्ट (फोटो: रायटर्स)

सीएए विरोध: 22 लोगों को जमानत देने के कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

पिछले साल 19 दिसंबर को सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और पुलिस पर हमले के आरोप में मैंगलोर पुलिस ने 22 लोगों को आरोपी बनाया था. बीते 17 फरवरी को कर्नाटक हाईकोर्ट ने ठोस सबूत नहीं होने की बात कहते हुए सभी 22 लोगों को जमानत दे दी थी.

(फोटो: पीटीआई)

राजद्रोह क़ानून का दुरूपयोग रोकने के लिए दिशानिर्देश देने की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई

कर्नाटक के बीदर में एक स्कूल में हुए नाटक को लेकर दर्ज हुई राजद्रोह की एफआईआर रद्द कराने के लिए एक मानवाधिकार कार्यकर्ता द्वारा शीर्ष अदालत में दायर याचिका में कहा गया था कि ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज करने से पहले शिकायत की जांच के लिए एक समिति बनाई जानी चाहिए.

कर्नाटक के भाजपा विधायक आनंद सिंह. (फोटो: एएनआई)

कर्नाटक: अवैध खनन एवं वन अपराधों के 15 मामलों के आरोपी को बनाया गया वन एवं पर्यावरण मंत्री

लौह अयस्क समृद्ध बेल्लारी जिले से चार बार के विधायक आनंद सिंह को सोमवार को कर्नाटक की बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बनाया गया था लेकिन पोर्टफोलियों में बदलाव की मांग के एक दिन बाद ही उन्हें वन, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी मंत्री बना दिया गया.