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असम: गाय चोरी के संदेह में भीड़ ने एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या की

मामला तिनसुकिया ज़िले का है, जहां एक गांव में गाय को रखने के लिए बनाए गए शेड के पास दो व्यक्तियों के पाए जाने के बाद ग्रामीणों ने उन्हें बर्बर तरीके से पीटा. पुलिस ने मामले में हत्या का केस दर्ज किया है.

मेघालय: बारह दिनों से खदान में फंसे हैं पांच श्रमिक, सरकार ने नौसेना से मदद मांगी

मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स ज़िले के एक अवैध कोयला खदान में पांच श्रमिक बीते 31 मई से फंसे हुए हैं. ज़िला प्रशासन ने बताया कि खदान में पानी भरा हुआ है और बचावकर्मी जलस्तर कम होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं. अवैध खनन के आरोप में खदान के मालिक को गिरफ़्तार किया गया है.

गुजरात: अहमदाबाद की रासायनिक फैक्टरी में विस्फोट से मरने वालों की संख्या बढ़कर 12 हुई

गुजरात के अहमदाबाद शहर के बाहरी इलाके के एक औद्योगिक क्षेत्र में स्थित रासायनिक फैक्टरी में बुधवार को हुआ विस्फोट इतना जबरदस्त था कि बगल में स्थित कपड़े के गोदाम की इमारत भी ढह गई. इधर, महाराष्ट्र में रायगढ़ ज़िले की एक रासायनिक फैक्टरी में हुए विस्फोट में दो लोगों की मौत की सूचना है.

दिल्ली: सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान ज़हरीली गैस की चपेट में आने से दो मज़दूरों की मौत

यह घटना उत्तर पश्चिम दिल्ली के आज़ादपुर इलाके में हुई. पुलिस ने बताया कि मज़दूर सुरक्षा उपकरण नहीं पहने अंदर गए थे. फैक्टरी मालिक और ठेकेदार के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया है.

लॉकडाउन ख़त्म हो गया, मगर क्या प्रवासी मज़दूर और ग़रीबों की ज़िंदगी में कोई बदलाव आया?

वीडियो: कोरोना वायरस के मद्देनज़र लगाए गए लॉकडाउन के बाद अनलॉक फेज़ शुरू हो गया है, लेकिन कई दैनिक वेतनभोगी अभी भी लॉकडाउन की स्थिति में जी रहे हैं. लॉकडॉउन के दौरान हुए वित्तीय नुकसान से नहीं उबर पा रहे हैं.

उत्तर प्रदेश: दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की पीट-पीट कर हत्या

उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद ज़िले में पैसों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में एक मज़दूर की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. दूसरी ओर बहराइच ज़िले में कथित तौर पर चोरी करते पकड़े गए एक व्यक्ति की ग्रामीणों ने पीट-पीट कर हत्या कर दी.

असम: तीन कथित बांग्लादेशी पशु चोरों की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या

मामला असम के करीमगंज ज़िले का है. पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है और मामले में अब तक किसी की गिरफ़्तारी भी नहीं हुई है.

उत्तर प्रदेश: ललितपुर और बांदा ज़िलों में किसान और सफाईकर्मी ने आत्महत्या की

उत्तर प्रदेश ललितपुर ज़िले में ग़रीबी और क़र्ज़ से कथित तौर पर परेशान 40 वर्षीय किसान ने ज़हर खा लिया. वहीं, बांदा ज़िले के नरैनी पंचायत में कार्यरत सफाईकर्मी ने कथित तौर पर घरेलू कलह से परेशान होकर जान दे दी.

राज्य सरकारें सुनिश्चित करें कि मज़दूर अपने गंतव्य तक विशेष श्रमिक ट्रेनों में जा सकें: केंद्र

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा है कि वे यह सुनिश्चित करें कि अब कोई प्रवासी मज़दूर सड़कों और रेलवे ट्रैक पर न पाया जाए और उन्हें विशेष बसों या विशेष श्रमिक ट्रेनों में बिठाकर उनके गंतव्य रवाना जाए.

लॉकडाउन: यूपी में अलग-अलग सड़क हादसों में तीन प्रवासी मज़दूरों की मौत, 71 अन्य घायल

एक दुर्घटना में जालौन के गिर थान के पास ट्रक ने मेटाडोर को टक्कर मारी, जिसमें एक महिला सहित दो मज़दूरों की मौत हुई. दूसरी घटना में लखनऊ-बहराइच राजमार्ग पर एक मेटाडोर अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें एक मज़दूर की मौत हो गई.

लॉकडाउन: तकरीबन दो महीने बाद आज से कुछ यात्री ट्रेनें शुरू

रेलवे ने एक बयान में कहा है कि एक मई से अब तक 542 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं और लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे 6.48 लाख प्रवासियों को उनके घर पहुंचाया है.

लॉकडाउन: दिल्ली से साइकिल पर बिहार जा रहे मज़दूर की कार की टक्कर से मौत

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुआ हादसा. पुलिस ने बताया कि बीते पांच मई को दिल्ली से आठ मज़दूर साइकिल से बिहार जाने के लिए निकले थे और नौ मई को वे लखनऊ पहुंचे थे.

लॉकडाउन: अब श्रमिक स्पेशल ट्रेन में 1200 की बजाय क़रीब 1700 यात्री होंगे सवार, तीन ठहराव होंगे

​श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में 24 कोच होंगे. सामाजिक दूरी के प्रोटोकॉल का पालन के तहत वर्तमान में हर कोच में सिर्फ 54 यात्रियों को लेकर ले जाया जा रहा है, लेकिन अब 72 सीटों पर 72 यात्री होंगे.

लॉकडाउन: राजस्थान से वापस मध्य प्रदेश आए तीन मज़दूरों की ट्रक के कुचलने से मौत

कोरोना वायरस के चलते देशभर में लागू लॉकडाउन से बेरोज़गार हुए ये मज़दूर सरकार द्वारा बसों से राजस्थान के जैसलमेर शहर से मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर लाए गए थे.

लॉकडाउन: वेतन में कटौती न करने, मज़दूरों और छात्रों से किराया न लेने का आदेश

गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सभी नियोक्ता, चाहे वह उद्योग में हों या दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में, लॉकडाउन की अवधि में अपने श्रमिकों के वेतन का भुगतान बिना किसी कटौती के करेंगे.