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नॉर्थ ईस्ट डायरीः नई सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा चीन द्वारा अरुणाचल में फिर बनाया गया एन्क्लेव

इस हफ्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, असम, मिजोरम और मणिपुर के प्रमुख समाचार.

नॉर्थ ईस्ट डायरीः पूर्वोत्तर राज्यों में कोरोना के कुल मामलों में से 57.2 फीसदी अकेले मिज़ोरम में

इस हफ्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में मिज़ोरम, असम, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख समाचार.

सिक्किम के नाकू ला में पिछले सप्ताह भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने आए

नाकू ला वही स्थान है जहां पर पिछले साल नौ मई को भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई थी. इसके बाद पूर्वी लद्दाख के पेंगोंग झील इलाके में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई और तब से अब तक क़रीब नौ महीने से वहां सैन्य गतिरोध जारी है.

अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री के बीच हुई बातचीत के बावजूद मूल विवाद अब भी बाक़ी है

भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के बाद जो सरकारी बयान जारी किया गया है, उसमें काफी अंतर है. भारत ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति बनाए रखने का ज़ोर दिया है, जबकि चीन ने सीमा को लेकर कोई बात नहीं की और फिर से दावा किया कि गलवान घाटी उनकी सीमा में है.

चीन के साथ छिड़े ‘ट्रेड वॉर’ में चीन से ज़्यादा नुकसान भारत का है

वीडियो: ​सीमा पर जारी गतिरोध के बीच चीन से सभी व्यापार बंद करने और वहां से आने वाले सामानों पर प्रतिबंध लगाने की मांग हो रही है. इस मुद्दे पर अर्थशास्त्री और अंतरराष्ट्रीय व्यापार ​नीति के विशेषज्ञ अरविंद पनगढ़िया से द वायर के कबीर अग्रवाल की बातचीत.

लद्दाख में बोले प्रधानमंत्री मोदी, कमज़ोर शांति की पहल नहीं कर सकता, वीरता शांति की पूर्व शर्त

शुक्रवार को लद्दाख के औचक निरीक्षण पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थलसेना, वायुसेना और आईटीबीपी के जवानों को संबोधित करते हुए बिना चीन का नाम लिए कहा कि विस्तारवाद का युग समाप्त हो गया है, यह विकासवाद का युग है.

भारत और चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में पहली बार मई में हुआ था टकराव: रिपोर्ट

भारत और चीन की सेनाओं के बीच 15 जून को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे.

गलवान घाटी: सैटेलाइट तस्वीरों में दिखाई दिए चीन के बनाए ढांचे

स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी मैक्सर द्वारा जारी तस्वीरें दिखाती हैं कि वास्तविक नियंत्रण रेखा के समीप चीन ने रक्षात्मक दृष्टि से निर्माण किया है. विशेषज्ञों के अनुसार उनके द्वारा इसी ज़रिये भारतीय सीमा में घुसपैठ की गई होगी. तस्वीरों में टैंक आदि हथियार से लैस वाहन भी देखे गए हैं.

क्यों चीन के साथ व्यापार पर प्रतिबंध लगाना भारत के लिए फ़ायदे का सौदा नहीं है

भारत और चीन के बीच व्यापार प्रतिबंध लगाने से सबसे ज़्यादा नुकसान मध्यम और निम्न आय वर्ग वालों को ही झेलना पड़ेगा. भारत में चीन के बने सामानों की मांग इसलिए ज़्यादा है, क्योंकि अन्य देशों के उत्पादों की तुलना में ये सस्ते और भारत की बड़ी आबादी की आय क्षमता के अनुकूल रहते हैं.

एलएसी पर चीन के साथ गतिरोध का मुख्य कारण सरकार का कुप्रबंधन: सोनिया गांधी

कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चीन ने हमारी ज़मीन ले ली और कहा कि यह भारत की ज़मीन नहीं है और प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक रूप से चीन के दावे का समर्थन किया है.

साल 2016 से 2018 के बीच चीनी सेना ने 1,025 बार सीमा पर घुसपैठ किया: सरकार

लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के जवानों के बीच हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने पर दोनों देशों के बीच तल्ख़ी आ गई है. भारत में इसे लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज़ हो गई है.

लद्दाख में हिंसक झड़प के बाद सेना ने चीन सीमा पर हथियार नीति में बदलाव किया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ पूर्वी लद्दाख में स्थिति की समीक्षा किए जाने के बाद सूत्रों ने कहा है कि सेना के ज़मीनी कमांडरों को असाधारण परिस्थितियों में हथियार के इस्तेमाल की अनुमति दे दी गई है.

प्रधानमंत्री को अपने कहे गए शब्दों के असर के प्रति सचेत होना चाहिए: मनमोहन सिंह

लद्दाख में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में शहीद हुए 20 भारतीय सैनिक के संबंध में जारी एक बयान में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि आज हम इतिहास के एक नाज़ुक मोड़ पर खड़े हैं. हमारी सरकार के निर्णय एवं उसके द्वारा उठाए गए क़दम तय करेंगे कि भविष्य की पीढ़ियां हमारा आकलन कैसे करेंगी.

प्रधानमंत्री के बयान के बाद पीएमओ की सफाई, कहा- एलएसी पर बड़ी संख्या में आए चीनी सैनिक

भारत-चीन सीमा पर चल रहे गतिरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा था कि भारतीय सीमा में न कोई घुसा है, न किसी पोस्ट को क़ब्ज़े में लिया गया है. इस पर सवाल उठने के बाद पीएमओ ने स्पष्टीकरण जारी कर कहा है कि प्रधानमंत्री की टिप्पणियों की ‘शरारतपूर्ण व्याख्या’ की कोशिश की जा रही है.