Ladakh

Pangong Lake. Photo: Wikimedia Commons

सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया में भारत ने किसी भी इलाके से दावा नहीं छोड़ा: रक्षा मंत्रालय

सरकार का यह बयान कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार ने ‘भारत माता का एक टुकड़ा’ चीन को दे दिया. नौ माह तक चले गतिरोध के बाद भारत और चीन की सेनाओं के बीच पैंगोंग झील के उत्तरी एवं दक्षिणी तटों से सैनिकों को हटाने की सहमति बनी है.

New Delhi: Minister of State for External Affairs VK Singh addresses a press conference on Pravasi Bharatiya Divas, in New Delhi, Friday, Jan. 11, 2019. (PTI Photo/Vijay Verma) (PTI1_11_2019_000050B)

भारत ने चीन से अधिक बार एलएसी का अतिक्रमण किया: केंद्रीय मंत्री वीके सिंह

केंद्रीय मंत्री और पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह ने कहा कि आप में से किसी को भी पता नहीं है कि हमने कितनी बार अतिक्रमण किया. चीनी मीडिया इसे कवर नहीं करता है. मैं आपको आश्वस्त करता हूं, अगर चीन ने 10 बार अतिक्रमण किया है, तो हमने कम से कम 50 बार किया होगा.

New Delhi: External Affairs Minister S Jaishankar addresses during The Growth Net Summit 7.0, in New Delhi, Thursday, June 06, 2019. (PTI Photo/Kamal Kishore)(PTI6_6_2019_000031B) *** Local Caption ***

चीन से लगी सीमा के कुछ हिस्सों में सैनिकों के पीछे हटने पर बनी सहमति का असर नहीं: विदेश मंत्री

भारत और चीन के बीच बीते साल पांच मई से पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध चल रहा है. गतिरोध ख़त्म करने लिए दोनों देशों के बीच कई दौर की सैन्य और राजनयिक स्तर की वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकल पाया है.

(फोटो: रॉयटर्स)

सिक्किम के नाकू ला में पिछले सप्ताह भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने आए

नाकू ला वही स्थान है जहां पर पिछले साल नौ मई को भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई थी. इसके बाद पूर्वी लद्दाख के पेंगोंग झील इलाके में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई और तब से अब तक क़रीब नौ महीने से वहां सैन्य गतिरोध जारी है.

अरुणाचल प्रदेश में अगस्त 2019 और नवंबर, 2020 की सैटेलाइट तस्वीरें. (फोटो साभार: एनडीटीवी)

अरुणाचल प्रदेश में गांव बनाने पर चीन ने कहा- अपने क्षेत्र में निर्माण सामान्य गतिविधि

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने एक मीडिया ब्रीफिंग कहा कि जंगनान क्षेत्र (दक्षिण तिब्बत) पर चीन की स्थिति स्पष्ट है. हमने कभी भी तथाकथित अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं दी. हमारे अपने क्षेत्र में विकास और निर्माण गतिविधियां होना सामान्य है.

अरुणाचल प्रदेश में अगस्त 2019 और नवंबर, 2020 की सैटेलाइट तस्वीरें. (फोटो साभार: एनडीटीवी)

अरुणाचल प्रदेश में चीनी गांव पर विवाद के बीच विदेश मंत्रालय ने माना- निर्माण की जानकारी है

एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के विवादित क्षेत्र में क़रीब सवा साल में एक गांव बसा दिया है. भारत और चीन के बीच यह क्षेत्र 1959 से विवादित है, लेकिन तब यहां चीन की एक सिर्फ़ मिलिट्री पोस्ट थी. मामला सामने आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा है.

Leh: Vehicles pass through the Leh Gate in Leh, Ladakh, Sunday, July 12, 2020. (PTI Photo) (PTI12-07-2020 000194B)

लद्दाख: भाजपा सहित सभी राजनीतिक-धार्मिक समूहों ने पहाड़ी परिषद चुनाव के बहिष्कार का फैसला किया

नवनिर्मित केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के बौद्ध बहुल लेह जिले में भाजपा सहित सभी राजनीतिक और धार्मिक संगठनों की मांग है कि क्षेत्र को संविधान की छठी अनुसूची के तहत लाया जाए. ये समूह क्षेत्र की जनसांख्यिकी, भूमि और नौकरियों की सुरक्षा के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं.

New Delhi: Former J&K governor GC Murmu assumes office of the Comptroller and Auditor General (CAG) of India, in New Delhi, Saturday, Aug 8,2020. (PTI Photo/Kamal Singh)(PTI08-08-2020 000042B)

जीसी मुर्मू ने नए कैग का कार्यभार संभाला

गुजरात काडर के 1985 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी (सेवानिवृत) जीसी मुर्मू का कैग के तौर पर कार्यकाल 20 नवंबर 2024 तक होगा. ​बीते पांच अगस्त को उन्होंने जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल पद से अचानक इस्तीफ़ा दे दिया था.

New Delhi: Telecom Minister Manoj Sinha addresses a press conference regarding the achievements of his ministry in the four years of NDA government, in New Delhi on Tuesday, June 12, 2018. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI6_12_2018_000053B)

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल जीसी मुर्मू का इस्तीफ़ा, भाजपा नेता मनोज सिन्हा होंगे नए एलजी

1985 बैच के आईएएस अधिकारी जीसी मुर्मू के इस्तीफ़े के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) नियुक्त किया जा सकता है.

(फोटो साभार: एनसीईआरटी)

कक्षा 12 की एनसीईआरटी राजनीतिक विज्ञान की किताब में जम्मू कश्मीर संबंधी पाठ में बदलाव

एनसीईआरटी की कक्षा 12 की राजनीतिक विज्ञान की किताब में जम्मू कश्मीर की अलगाववादी राजनीति से जुड़ी जानकारियों को हटा दिया है, जबकि चुनावी राजनीति और राज्य के विशेष दर्ज़े को ख़त्म किए जाने संबंधी पाठ को शामिल कर लिया गया है.

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अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री के बीच हुई बातचीत के बावजूद मूल विवाद अब भी बाक़ी है

भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के बाद जो सरकारी बयान जारी किया गया है, उसमें काफी अंतर है. भारत ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति बनाए रखने का ज़ोर दिया है, जबकि चीन ने सीमा को लेकर कोई बात नहीं की और फिर से दावा किया कि गलवान घाटी उनकी सीमा में है.

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चीन के साथ छिड़े ‘ट्रेड वॉर’ में चीन से ज़्यादा नुकसान भारत का है

वीडियो: ​सीमा पर जारी गतिरोध के बीच चीन से सभी व्यापार बंद करने और वहां से आने वाले सामानों पर प्रतिबंध लगाने की मांग हो रही है. इस मुद्दे पर अर्थशास्त्री और अंतरराष्ट्रीय व्यापार ​नीति के विशेषज्ञ अरविंद पनगढ़िया से द वायर के कबीर अग्रवाल की बातचीत.

लद्दाख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: narendramodi.in)

लद्दाख में बोले प्रधानमंत्री मोदी, कमज़ोर शांति की पहल नहीं कर सकता, वीरता शांति की पूर्व शर्त

शुक्रवार को लद्दाख के औचक निरीक्षण पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थलसेना, वायुसेना और आईटीबीपी के जवानों को संबोधित करते हुए बिना चीन का नाम लिए कहा कि विस्तारवाद का युग समाप्त हो गया है, यह विकासवाद का युग है.

(प्रती​कात्मक फोटो: रॉयटर्स)

भारत और चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में पहली बार मई में हुआ था टकराव: रिपोर्ट

भारत और चीन की सेनाओं के बीच 15 जून को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे.