Law Commission

(फोटो: रॉयटर्स)

क्यों निर्दोष नागरिकों को सालों-साल क़ैद में रखना चुनावी मुद्दा बनना चाहिए

बड़ी संख्या में नागरिकों, विशेष रूप से हाशिये के समुदायों से आने वालों को बेक़सूर होने के बावजूद एक लंबा समय जेल में बिताना पड़ा है. फिर भी कोई प्रमुख राजनीतिक दल इस मुद्दे को उठाना नहीं चाहता.

New Delhi: A general view of Election Commission of India building in New Delhi on Tuesday. PTI Photo by Vijay Verma (PTI1_23_2018_000047B)

चुनाव आयोग की सिफ़ारिश, ग़लत हलफ़नामा दाख़िल करना सदस्यता ख़त्म करने का एक आधार बने

मौजूदा व्यवस्था में ग़लत हलफ़नामा देने वाले उम्मीदवार के ख़िलाफ़ आपराधिक क़ानून के तहत धोखाधड़ी का ही मामला दर्ज होता है.

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यूनीफॉर्म सिविल कोड का मुद्दा भी बोगस निकला

यूनीफॉर्म सिविल कोड के नाम पर चैनलों और अखबारों में कितनी बहस चलाई गई और मुसलमानों के प्रति नफ़रत का वट वृक्ष खड़ा किया जाता रहा. इस डिबेट में पहले भी कुछ नहीं था, अब भी कुछ नहीं है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

सरकार के खिलाफ बोलना देशद्रोह नहीं: विधि आयोग

आयोग ने कहा कि देशभक्ति का कोई एक पैमाना नहीं है. लोगों को अपने तरीके से देश के प्रति स्नेह प्रकट करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए.

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विधि आयोग ने मौत की सज़ा ख़त्म करने की सिफारिश की

विधि आयोग ने आतंकवाद के मामलों को छोड़कर अन्य सभी अपराधों के लिए फांसी की सज़ा ख़त्म करने की सिफारिश की है. राज्यसभा को बुधवार को यह जानकारी दी गई.