LGBTQ Community

LGBTQ Flag reuters

वीडियो: उर्दू साहित्य और समाज में समलैंगिकता का सवाल

विशेष: उर्दू साहित्य और समाज का समलैंगिकता को लेकर रवैया क्या हमेशा से ही तंग था? भारतीय समाज और इतिहास में समलैंगिकता को लेकर बनी वर्जनाओं (टैबू) के बारे में बता रही हैं यासमीन रशीदी.

Media Bol Ep 66 (1)

मीडिया बोल, एपिसोड 66: सवर्ण भारत बंद, किसान-मज़दूर रैली और समलैंगिक आज़ादी का उल्लास

मीडिया बोल की 66वीं कड़ी में उर्मिलेश एससी-एसटी एक्ट को लेकर सवर्णों द्वारा किए गए भारत बंद, दिल्ली में किसान और मज़दूर संगठनों की रैली और समलैंगिक संबंधों को अपराध के दायरे से बाहर लाने पर वरिष्ठ पत्रकार शैलेष और दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रतन लाल से चर्चा कर रहे हैं.

EDS PLS TAKE NOTE OF THIS PTI PICK OF THE DAY:::::::::Bengaluru: LGBT community supporters celebrate after the Supreme Court verdict which decriminalises consensual gay sex, in Bengaluru, Thursday, Sept 6, 2018. A five-judge constitution bench of the Supreme Court today, unanimously decriminalised part of the 158-year-old colonial law under Section 377 of the IPC which criminalises consensual unnatural sex, saying it violated the rights to equality. (PTI Photo/Shailendra Bhojak)(PTI9_6_2018_000187A)(PTI9_6_2018_000244B)

धारा 377 पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आरएसएस सहमत, लेकिन समलैंगिक विवाह का समर्थन नहीं

आरएसएस के प्रचार प्रमुख अरुण कुमार ने कहा कि समलैंगिक विवाह प्राकृतिक नहीं होते, इसलिए हम इस तरह के संबंध का समर्थन नहीं करते हैं.

New Delhi: People react after the Supreme Court verdict which decriminalises consensual gay sex, outside the Supreme Court in New Delhi, Thursday, Sept 6, 2018. A five-judge constitution bench of the Supreme Court today, unanimously decriminalised part of the 158-year-old colonial law under Section 377 of the IPC which criminalises consensual unnatural sex, saying it violated the rights to equality. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI9_6_2018_000101B)

सुप्रीम कोर्ट ने धारा 377 को ठहराया गैर-आपराधिक, सहमति से समलैंगिक संबंध बनाना अपराध नहीं

शीर्ष अदालत ने कहा कि एलजीबीटी समुदाय को अन्य नागरिकों की तरह समान मानवीय और मौलिक अधिकार हैं. अदालतों को व्यक्ति की गरिमा की रक्षा करनी चाहिए क्योंकि गरिमा के साथ जीने के अधिकार को मौलिक अधिकार के तौर पर मान्यता दी गई है.

LGBT-Rights-India-PTI A file photo of supporters of the equal rights protesting the Decmeber 11, 2013 decision of the Supreme Court that upheld the section 377 of the Indian Penal Code. Jantar Mantar, New Delhi, 2013 - File Photo, PTI

समलैंगिकता को अपराध न मानने पर एलजीबीटीक्यू के प्रति भेदभाव भी ख़त्म हो जाएगा: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिकता को अपराध के दायरे से बाहर करने संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ऐसे लोगों के साथ भेदभाव ने उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर डाला है.