Lokpal Act

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क्या मोदी सरकार ने चुनावी फायदे के लिए एक स्वतंत्र और विश्वसनीय लोकपाल की बलि दे दी

लोकपाल के अध्यक्ष और इसके सदस्यों की नियुक्ति में सत्ता पक्ष के सदस्यों की संख्या अधिक थी और चयन में पूरी तरीके से गोपनीयता बरती गई. ऐसा करना लोकपाल कानून के प्रावधानों का पूरी तरह से उल्लंघन है. चयन प्रक्रिया से समझौता करके मोदी सरकार ने कामकाज शुरू करने से पहले ही लोकपाल संस्था को कमजोर कर दिया है.

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जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष भारत में लोकपाल के पहले अध्यक्ष नियुक्त

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस पीसी घोष को देश के पहले लोकपाल के अध्यक्ष के तौर पर नियुक्ति को मंजूरी दी. इसके अलावा लोकपाल में आठ सदस्यों की नियुक्ति भी की गई.

अन्ना हजारे. (फोटो: पीटीआई)

लोकपाल की नियुक्ति की मांग पर अन्ना हजारे ने ​भूख हड़ताल शुरू की

अन्ना हजारे ने कहा कि हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तब केंद्र सरकार सत्ता में आने से पहले किए गए अपने वादों जैसे- लोकायुक्त क़ानून बनाने, लोकपाल नियुक्त किए जाने तथा किसानों के मुद्दे सुलझाने को पूरा नहीं कर देती.

(फोटो: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, उम्मीद है जल्द ही लोकपाल की नियुक्ति करेगी सरकार

शीर्ष अदालत ने फ़िलहाल लोकपाल की नियुक्ति को लेकर आदेश जारी करने से इनकार कर दिया है. मामले की अगली सुनवाई 15 मई को होगी.

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे. (फोटो: पीटीआई)

लोकपाल चयन समिति की बैठक में कांग्रेस का शामिल होने से इनकार, खड़गे ने मोदी को लिखा पत्र

लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम साल 2013 में लोकसभा और राज्यसभा की सहमति से पास हुआ था. लेकिन पिछले चार सालों में लोकपाल का चयन नहीं हो पाया है.

(फोटो: पीटीआई)

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, लोकपाल की नियुक्ति के लिए एक मार्च को होगी बैठक

एक जनहित याचिका में सुप्रीम कोर्ट के 27 अप्रैल, 2017 के फैसले के बावजूद अभी तक लोकपाल की नियुक्ति की दिशा में कोई क़दम नहीं उठाए जाने का मुद्दा उठाया गया है.