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जवाहरलाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी देश के आदर्श नेता हैं: नितिन गडकरी

एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकतंत्र में विपक्ष की ज़रूरत पर बात करते हुए कहा कि लोकतंत्र की गाड़ी के दो पहिए सत्तापक्ष और विपक्ष हैं. विपक्ष को मज़बूत होना चाहिए और सत्तापक्ष पर उसका अंकुश बना रहना चाहिए. नेहरू हमेशा वाजपेयी जी का सम्मान करते थे और कहते थे कि विपक्ष भी आवश्यक है.

गृह मंत्रालय ने दिल्ली में यूएपीए के तहत गिरफ़्तार लोगों के नाम बताने से क्यों इनकार किया

बीते दिनों लोकसभा में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद रॉय ने ‘सार्वजनिक हित’ का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज यूएपीए मामलों की जानकारी देने से मना कर दिया. हैरानी की बात यह है कि इस बारे में सारी जानकारी सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध है. यह भी गौर करने योग्य है कि दिल्ली में इस कड़े क़ानून के तहत गिरफ़्तार 34 लोगों में अधिकांश धार्मिक अल्पसंख्यक हैं.

2014-15 से 2020-21 के बीच सरकार ने जनता से पेट्रोल-डीज़ल पर 14.4 लाख करोड़ रुपये का उत्पाद शुल्क वसूला

वित्त राज्‍य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में बताया कि पेट्रोल (अनब्रांडेड) पर केंद्रीय उत्‍पाद शुल्‍क 32.90 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीज़ल (अनब्रांडेड) पर यह 31.80 रुपये प्रति लीटर है. बीते 19 जुलाई को केंद्र सरकार ने बताया था कि वित्त वर्ष 2020-21 में पेट्रोल-डीज़ल पर केंद्र की ओर से लगाए जाने वाले उत्पाद शुल्क के ज़रिये राजस्व का संग्रह 88 प्रतिशत बढ़कर 3.35 लाख करोड़ रुपये हो गया.

मनीष तिवारी का दावा- केंद्र सरकार लोकसभा की क्षमता बढ़ाने वाला प्रस्ताव लाने वाली है

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने दावा किया है कि उन्हें भाजपा के संसदीय सहयोगियों द्वारा विश्वसनीय रूप से सूचित किया गया है कि 2024 से पहले लोकसभा की संख्या 1000 या उससे अधिक करने का प्रस्ताव है. ऐसा करने से पहले एक गंभीर सार्वजनिक परामर्श होना चाहिए. वर्तमान में लोकसभा में 543 और राज्यसभा में 245 सदस्य हैं.

पिछले वित्त वर्ष में पेट्रोल-डीज़ल पर उत्पाद शुल्क के ज़रिये सरकार ने 3.35 लाख करोड़ रुपये वसूले

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने लोकसभा में कहा कि पिछले वित्त वर्ष में पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क को 19.98 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 32.9 रुपये, जबकि डीज़ल पर इसे 15.83 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 31.8 रुपये कर दिया गया था, जिससे उत्पाद शुल्क का संग्रह बढ़कर 3.35 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो इससे एक साल पहले 1.78 लाख करोड़ रुपये था.

तेलंगाना कांग्रेस प्रमुख और अन्य नेताओं को घरों में नज़रबंद करने का आरोप

आरोप है कि तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष और मल्काजगिरि से लोकसभा सांसद ए. रेवंत रेड्डी ने ज़मीन की ई-नीलामी में 1,000 करोड़ रुपये की अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सोमवार को धरना करने का निर्णय लिया था, लेकिन इससे पहले ही उन्हें घरों में नज़रबंद कर दिया गया. रेड्डी ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर विशेषाधिकार उल्लंघन का मामला उठाया है.

गुजरात सरकार ने मनरेगा को सराहा, महामारी के दौरान श्रमिकों के लिए ‘जीवन रक्षक’ बताया

मुख्यमंत्री विजय रुपाणी द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रमिक शहरों में जितना कमा रहे थे, उसके मुकाबले मनरेगा की दिहाड़ी काफी कम है, इसके बावजूद कोविड-19 से उत्पन्न संकट के दौरान यह उनके और उनके परिवार के पालन-पोषण में मददगार रही है.

कोरोना लॉकडाउन में बेरोज़गारी हुई भयावह, 11 करोड़ से अधिक लोगों ने किया मनरेगा में काम

बीते साल अप्रत्याशित तरीके से लागू लॉकडाउन के चलते करोड़ों दिहाड़ी मज़दूर अपने गांव लौटने को मजबूर हुए थे, जहां ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा उनकी आजीविका का एकमात्र ज़रिया बनी. आंकड़े दर्शाते हैं कि इससे पहले 2013-14 से 2019-20 के बीच 6.21 से 7.88 करोड़ लोगों ने मनरेगा के तहत रोज़गार पाया था.

कोरोना महामारी के बीच भारत के न्यायालयों में लंबित मामलों में अत्यधिक वृद्धि

नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड के आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2019 से 31 दिसंबर 2020 के बीच सुप्रीम कोर्ट में 10.35 फ़ीसदी, 25 हाईकोर्ट में 20.4 फ़ीसदी और जिला न्यायालयों में 18.2 फ़ीसदी लंबित मामले बढ़े हैं.

बिहार: पुलिस विधेयक विधान परिषद से भी पास, संसद में उठा विधायकों से बदसलूकी का मुद्दा

बीते 23 मार्च पुलिस बल को कथित तौर पर बगैर वारंट के गिरफ़्तारी की शक्ति देने वाला विधेयक नीतीश कुमार सरकार के बिहार विधानसभा में पेश करने के बाद सदन में अराजकता की स्थिति देखने को मिली थी. विधानसभा में पुलिस बुला ली गई थी. कई विपक्षी विधायकों ने पुलिस पर उनके साथ दुर्व्यवहार करने की शिकायत की थी.

दिल्ली में ‘सरकार’ का मतलब उपराज्यपाल संबंधी विधेयक राज्यसभा में पास, आप ने काला दिन बताया

दिल्ली में उपराज्यपाल की शक्तियों को बढ़ाने वाले राष्ट्रीय राजधानी राज्य क्षेत्र शासन संशोधन विधेयक बुधवार को राज्यसभा से पास हो गया. इस विधेयक में दिल्ली विधानसभा में पारित विधान के परिप्रेक्ष्य में ‘सरकार’ का आशय राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के उपराज्यपाल से होगा. राज्यसभा में कम से कम 12 दलों ने इस विधेयक का विरोध किया है.

‘बीमा संशोधन विधेयक 2021’ को मंज़ूरी, एफ़डीआई सीमा बढ़ाकर 74 फ़ीसदी की गई

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाकर 74 फ़ीसदी करने से इस क्षेत्र की कंपनियों की बढ़ती पूंजी ज़रूरत को पूरा करने में मदद मिलेगी. विपक्ष के कुछ सदस्यों के आरोपों को नकारते हुए उन्होंने कहा कि कोई हमारे पैसे को बाहर लेकर नहीं जाएगा, पैसा हमारे यहां ही रहेगा और तो और मुनाफ़े का एक हिस्सा भी यहीं रहेगा.

दिल्ली: उपराज्यपाल, केंद्र को सरकार से अधिक शक्तियां देने वाला विधेयक लोकसभा में पारित

दिल्ली में उपराज्यपाल की शक्तियों को बढ़ाने वाले राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन संशोधन विधेयक को लोकसभा में मिली मंज़ूरी के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे ‘जनता का अपमान’ कहा, वहीं विपक्ष ने केंद्र पर दिल्ली में पिछले दरवाजे से शासन चलाने का आरोप लगाया है.

**EDS PLEASE NOTE: BEST OF THE WEEK, SET OF 13 PICTURES** New Delhi: Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal addresses AAP workers at the party's Pradesh Mahasammelan on the issue of full statehood to Delhi, in New Delhi on Sunday, July 1, 2018. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI7_1_2018_000158B)(PTI7_8_2018_000125B)

दिल्ली में ‘सरकार’ का मतलब उपराज्यपाल, केंद्र ने लोकसभा में पेश किया विधेयक

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधेयक को संविधान पीठ के फैसले के विपरीत बताते हुए भाजपा पर आरोप लगाया कि वह उनकी चुनी हुई सरकार की शक्तियों को बहुत कम करना चाहती है. उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली चुनाव में बुरी तरह हराने के बाद भाजपा अब पिछले दरवाज़े से दिल्ली पर शासन करने की कोशिश कर रही है.

पिछले दो सालों में दो हज़ार रुपये के नोट नहीं छापे गए: सरकार

साल 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालेधन और नकली नोटों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से नोटबंदी की ऐतिहासिक घोषणा की थी. तब 500 और 1,000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर किया गया था. इसके बाद सरकार ने 500 तथा 2,000 रुपये के नए नोट जारी किए थे.