Madhya Pradesh Assembly Election 2018

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह. (फाइल फोटो: पीटीआई)

दस साल तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह इतने सन्नाटे में क्यों हैं?

विशेष रिपोर्ट: मध्य प्रदेश में कांग्रेस के आख़िरी मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह चुनाव प्रचार से पूरी तरह से ग़ायब हैं. क्या उन्हें हाशिये पर धकेला जा चुका है या फिर उन्हें पर्दे के पीछे रखना चुनावी रणनीति का हिस्सा है?

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी. (फोटो साभार: पीटीआई/फेसबुक)

मध्य प्रदेश: भाजपा और कांग्रेस की हिंदुत्ववादी सियासत के बीच विकास के मुद्दे कहीं गुम से गए हैं

ग्राउंड रिपोर्ट: भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही मध्य प्रदेश को हिंदुत्व की प्रयोगशाला में तब्दील कर दिया है. विस्थापन, आदिवासी अधिकार, कुपोषण, भुखमरी, खेती-किसानी जैसे मुद्दों पर कोई भी बात नहीं कर रहा है.

गुलाब सिंह किरार. (फोटो साभार: फेसबुक)

मध्य प्रदेश: व्यापमं घोटाले के आरोपी पूर्व मंत्री को राहुल गांधी ने दिलाई कांग्रेस की सदस्यता

व्यापमं घोटाले को लेकर सीबीआई द्वारा डॉ. गुलाब सिंह किरार और उनके बेटे ​के ख़िलाफ़ केस दर्ज किए जाने के बाद भाजपा ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था.

मध्य प्रदेश में जनता का सुझाव मांगने के लिए भाजपा की ओर से लगाए गए होर्डिंग. (फोटो: दीपक गोस्वामी/द वायर)

लोगों की राय से मध्य प्रदेश को समृद्ध बनाने की याद भाजपा को 15 साल बाद क्यों आई?

ग्राउंड रिपोर्ट: भाजपा की मध्य प्रदेश इकाई ने चुनावी माहौल में ‘समृद्ध मध्य प्रदेश’ अभियान की शुरुआत की है जिसके तहत प्रदेश की जनता से सरकार बनने पर शासन कैसे चलाया जाये, इस संबंध में सुझाव मांगे जा रहे हैं.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

हर दिन 92 बच्चों की मौत के बावजूद मध्य प्रदेश में कुपोषण चुनावी मुद्दा क्यों नहीं है?

ग्राउंड रिपोर्ट: सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2016 से जनवरी 2018 के बीच राज्य में 57,000 बच्चों ने कुपोषण के कारण दम तोड़ दिया था. कुपोषण की वजह से ही श्योपुर ज़िले को भारत का इथोपिया कहा जाता है.

शराब की बोतल पर लगाए गए स्टीकर झाबुआ ज़िला प्रशासन की ओर बंटवाए गए थे. (फोटो साभार: एएनआई)

मध्य प्रदेश: शराब की बोतलों पर ‘सबका वोट ज़रूरी है’ के स्टिकर, विवाद के बाद हटाए गए

मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल झाबुआ ज़िले में प्रशासन ने बंटवाए थे स्टीकर. आदिवासी भाषा में लिखा हुआ था, ‘हंगला वोट ज़रूरी से, बटन दबावा नूं, वोट नाखवा नूं’ यानी ‘सबका वोट ज़रूरी है, बटन दबाना है, वोट डालना है’.

Bhopal: Senior Congress leader Digvijay Singh along with party activists appeal to shopkeepers and public to support Bharat Bandh called by Congress Party in relation to fuel price hike, in Bhopal, Saturday, Sept 8, 2018. (PTI Photo) (PTI9_8_2018_000154B)

मेरे भाषण देने से कांग्रेस के वोट कटते हैं, इसलिए प्रचार करने नहीं जाता: दिग्विजय सिंह

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह एक वीडियो में ऐसा कहते नज़र आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि मीडिया इस वीडियो को सही परिप्रेक्ष्य में नहीं दिखा रहा है.

New Delhi: Chief Election Commissioner OP Rawat flanked by Election Commissioners Sunil Arora (L) and Ashok Lavasa (R) address a press conference to announce the dates for Assembly elections in five states, in Delhi, Saturday, Oct 6,2018. ( PTI Photo/ Kamal Singh) (PTI10_6_2018_000093A)

चुनाव आयोग का सिर्फ निष्पक्ष होना ही नहीं बल्कि नज़र आना भी ज़रूरी है

पांच राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम के विधानसभा चुनाव कार्यक्रम के ऐलान के लिए बुलाये गए संवाददाता सम्मेलन को लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवाल गंभीर हैं.

मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत. (फोटो: पीटीआई)

क्या चुनाव आयोग भाजपा का चुनाव प्रभारी बन गया है?

चुनाव आयोग लगातार अपनी विश्वसनीयता से खिलवाड़ कर रही है. गुजरात विधानसभा की तारीख़ तय करने के मामले में यही हुआ. यूपी के कैराना में उपचुनाव हो रहे थे, आचार संहिता लागू थी और आयोग ने प्रधानमंत्री को रोड शो करने की अनुमति दी.