Manipur

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद अब तक 34 लोगों की मौत: सरकारी आंकड़ा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शुक्रवार शाम को कोविड-19 टीकाकरण पर जारी बुलेटिन के अनुसार, बीते 24 घंटे में टीकाकरण के बाद दो लोगों की मौत हुई है. हालांकि सरकार की ओर यह भी कहा गया है कि अब तक किसी भी मौत के लिए सीधे तौर पर कोविड-19 टीका ज़िम्मेदार नहीं है.

(फोटो: पीटीआई)

मणिपुर: अस्थमा से उबरने के बाद भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को लगाया गया कोविशील्ड टीका, मौत

48 वर्षीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता नवरेम सुंदरी के परिजनों ने दावा किया कि टीका लगवाने से पहले सुंदरी ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को सूचित किया था कि वह एक साल पहले अस्थमा की बीमारी से उबरी थीं और उन्हें एलर्जी का सामना करना पड़ रहा है.

मणिपुरी अखबार पोकनाफाम के कार्यालय पर हमले के विरोध में पत्रकारों ने धरना दिया. (फोटो साभार: ट्विटर @iju_india)

मणिपुर: अख़बार के दफ़्तर पर हमले के ख़िलाफ़ पत्रकारों ने काम बंद किया, अख़बार-टीवी प्रसारण बंद रहे

बीते 13 फरवरी की शाम को इंफाल पश्चिम ज़िले के कीशामपाट थियाम लीकाई में पोकनाफाम अख़बार के दफ़्तर पर हैंड ग्रेनेड फेंका गया था, जिसके विरोध में पत्रकारों ने धरना दिया. उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए अपील की कि राज्य में प्रेस के स्वतंत्र रूप से काम करना सुनिश्चित किया जाए.

(फोटो: पीटीआई)

ग़ैर-न्यायिक हत्या मामले में मुआवज़ा न दिलाने का आरोप, एनएचआरसी और मणिपुर सरकार को नोटिस

साल 2009 को इंफाल में दो व्यक्तियों की हत्या का आरोप मणिपुर पुलिस के कमांडो और 16 असम राइफल्स के जवानों पर लगा था. एनएचआरसी ने पिछले साल मणिपुर सरकार के दावे को ख़ारिज कर दिया था कि मुठभेड़ वास्तविक थी. इसके बाद परिजनों को पांच लाख रुपये का मुआवज़ा देने का निर्देश दिया गया था.

पत्रकार किशोरचंद वांगखेम (बाएं) के साथ पाओजेल चाओबा और प्रधान संपादक धीरेन साडोकपाम. (फोटो साभार: किशोरचंद वांगखेम)

मणिपुर: राजद्रोह और यूएपीए के तहत गिरफ़्तार पत्रकार रिहा, पुलिस ने कहा- केस बंद नहीं

पुलिस ने 17 जनवरी को राज्य के दो वरिष्ठ पत्रकारों- फ्रंटियर मणिपुर न्यूज़ पोर्टल के कार्यकारी संपादक पाओजेल चाओबा और प्रधान संपादक धीरेन साडोकपाम को पोर्टल पर छपे एक लेख पर एफआईआर दर्ज करते हुए हिरासत में लिया था. उन पर यूएपीए और राजद्रोह की धाराएं लगाई गई हैं.

टी. बृंदा. (फोटो साभार: फेसबुक)

मणिपुर: ड्रग्स सप्लाई करने के आरोपी के बरी होने पर पुलिस अधिकारी ने वीरता पुरस्कार लौटाया

मणिपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टी. बृंदा ने 2018 के ड्रग्स मामले के एक मुख्य आरोपी लुखाउसी जू को अदालत द्वारा बरी किए जाने के एक दिन बाद राज्य के पुलिस वीरता पदक को लौटा दिया. बीते जुलाई महीने में उन्होंने मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह पर लुखाउसी जू को बचाने का आरोप लगाया था.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: वीकिमीडिया कॉमन्स)

मणिपुर पुलिस ने संस्कृत ‘थोपे जाने’ का विरोध कर रहे डीयू के छात्र नेताओं को गिरफ़्तार किया

मणिपुर स्टूडेंट्स एसोसिएशन दिल्ली ने बीते दिनों मणिपुर के कुछ स्कूलों और कॉलेजों में संस्कृत को एक विषय के रूप में पेश करने के सरकार के हालिया फ़ैसले का विरोध किया था, जिसके बाद एसोसिएशन के कार्यकारी सदस्य और डीयू के दो छात्रों को राज्य पुलिस द्वारा गिरफ़्तार कर लिया गया.

मणिपुर प्रेस क्लब पर विरोध प्रदर्शन करते पत्रकार. (फोटो: ट्विटर/@ImphalFreePress)

मणिपुर: उग्रवादी समू​ह के दबाव के ख़िलाफ़ मीडियाकर्मियों का प्रदर्शन, प्रकाशन रोका

ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन और एडिटर्स गिल्ड मणिपुर की अगुवाई में मणिपुर प्रेस क्लब में विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने फ्रीडम ऑफ प्रेस की मांग की. उग्रवादी संगठन का नाम बताने से इनकार करते हुए मीडिया समूहों ने कहा कि यह उनके आंतरिक संघर्ष का नतीजा है.

(फोटो: पीटीआई)

उपचुनाव: मणिपुर की चार में से तीन सीटों पर भाजपा और एक सीट पर निर्दलीय की जीत

मणिपुर की लिलोंग सीट पर विजयी निर्दलीय उम्मीदवार वाई. अंतस ख़ान को भाजपा ने समर्थन दिया था. नगालैंड की दो सीटों पर हुए उपचुनाव में एक पर सत्ताधारी एनडीपीपी और दूसरी पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की.

(फोटो: पीटीआई)

उपचुनाव: 11 राज्यों की 58 विधानसभा सीटों पर फैसला आज

मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार 28 सीटों पर हुआ उपचुनाव जिनका परिणाम राज्य की शिवराज सिंह चौहान सरकार का भविष्य तय करेगा. इसके अलावा गुजरात की आठ, उत्तर प्रदेश की सात, मणिपुर की चार सीटों, झारखंड, नगालैंड, ओडिशा और कर्नाटक की दो-दो सीटों तथा तेलंगाना, हरियाणा एवं छत्तीसगढ़ की एक-एक विधानसभा सीट पर जीत-हार का फैसला होगा.

निर्दलीय​ विधायक के समर्थन में हो रही रैलियों में मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह भी शामिल ​हो रहे हैं. (फोटो साभार: ट्विटर/@ManipurAnouba)

मणिपुर: उपचुनाव में खड़े निर्दलीय प्रत्याशी पर आरोप लगाने को लेकर सहायक शिक्षक निलंबित

मणिपुर के थौबल ज़िले के लिलॉन्ग स्थित एक कॉलेज के सहायक प्रोफेसर मोहम्मद सिदिकुर रहमान ने यहां हो रहे उपचुनाव में खड़े निर्दलीय उम्मीदवार अब्दुल नासिर के ख़िलाफ़ कुछ आरोप लगाए गए थे. नासिर भाजपा के समर्थन से चुनाव मैदान में हैं.

Srinagar: Indian tricolour flag flies atop Civil Secretariat, in Srinagar, Oct. 31, 2019. Jammu and Kashmir on Thursday transitioned from a state into two union territories with a wary Valley shutting down as it has for 88 days and Prime Minister Narendra Modi saying the "new system" is aimed at "building a strong link of trust". (PTI Photo/S. Irfan)(PTI10_31_2019_000321B)

परिसीमन आयोग ने जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्यों में नई इकाइयां बनाने पर रोक लगाई

यह रोक जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर के चार राज्यों- असम, मणिपुर, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश में निर्वाचन क्षेत्रों का फिर से गठन होने तक जारी रहेगी. यह रोक 15 जून से प्रभावी है.

राजकुमार इमो सिंह. (फोटो साभार: फेसबुक)

मणिपुर: कांग्रेस ने विधायक राजकुमार इमो सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया

राजकुमार इमो सिंह मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के दामाद हैं. उन्होंने हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार के लिए मतदान किया था. वह सागोलबंद विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं.

मणिपुर के पांच पूर्व कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल. (फोटो सभार: ट्विटर @NBirenSingh)

मणिपुर: पांच पूर्व कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल, राम माधव ने कांग्रेस पर निशाना साधा

पूर्वोत्तर मामलों के भाजपा के प्रमुख रणनीतिकार राम माधव ने आरोप लगाया है कि पिछले दिनों राजस्थान के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस जो आरोप भाजपा पर लगा रही थी, दरअसल वही सारे काम वह मणिपुर में भाजपा नीत एन. बीरेन सिंह सरकार को गिराने के लिए कर रही थी.

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह. (फोटो साभार: फेसबुक/सीएमओ मणिपुर)

मणिपुर: मीडिया में टिप्पणी करने से पहले शिक्षकों को प्रशासन से अनुमति लेने को कहा गया

विश्वविद्यालय एवं उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति ऐसा बयान नहीं देगा, जो केंद्र/राज्य सरकार की किसी भी वर्तमान या हालिया नीति या कार्रवाई की आलोचना हो. आदेश का पालन नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है.