Manual Scavenging

kanker map

छत्तीसगढ़: शौचालय की टंकी में उतरे चार ग्रामीणों की मौत, एक बीमार

बीजापुर ज़िले के पेगड़ापल्ली गांव में नवनिर्मित मकान के शौचालय की टंकी तीन महीने से बंद थी. सफाई के लिए मकान मालिक, उनका बेटा और कुछ ग्रामीण टंकी में उतरे, जहां दम घुटने से उनकी मौत हो गई.

manual-scavenger Jahnavi The Wire

‘जब तक जातिवाद का सफाया नहीं होगा तब तक स्वच्छ भारत की बात भी कैसे हो सकती है’

वीडियो: मैला ढोने के कार्य से जुड़े श्रमिकों की वर्तमान स्थिति और पुनर्वास पर सफाई कर्मचारी आंदोलन के समन्वयक और मैगसेसे पुरस्कार विजेता बेज़वाड़ा विल्सन से सृष्टि श्रीवास्तव की बातचीत.

Purnea

बिहार के पूर्णिया में सेप्टिक टैंक की मरम्मत के दौरान तीन मज़दूरों की मौत

दम घुटने से मौत होने की आशंका. तीनों मज़दूरों में से दो सगे भाई थे. स्थानीय लोगों ने करंट लगने से मौत होने का आरोप लगाया.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रायटर्स)

दिल्ली में सीवेज संयंत्र के अंदर ज़हरीली गैस से दो की मौत

दिल्ली के ख़ान मार्केट स्थित ताज विवांता होटल सीवेज संयंत्र के अंदर ज़हरीली गैस के चपेट में आने से पांच लोग गंभीर से रूप से बीमार हो गए थे. तीन लोगों का इलाज चल रहा है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रायटर्स)

2017 में सेप्टिक टैंकों की सफाई के दौरान 12 लोगों की मौत: दिल्ली सरकार

दिल्ली विधानसभा में शहरी विकास मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान मरने वाले कोई भी नगर निगम या सरकार के किसी अन्य नगर निकाय से संबद्ध नहीं था.

Manual Scavenging Reuters

मैला ढोने की प्रथा को गंभीरता से ले मंत्रालय: संसदीय समिति

संसद की एक समिति ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को फटकार लगाते हुए कहा है कि मैला ढोने के काम में लगे लोगों के पुनर्वास हेतु स्व-रोजगार योजना का बजट आवंटन बढ़ाया जाए.

An Indian labourer is lowered to clean a sewage hole in the eastern Indian city of Kolkata December 16, 2005. Acceleration in economic growth has made India amongst the 10 fastest growing developing countries. Yet, about 30 percent of India's more than one billion people live below the official poverty line of 2,100-2,400 calories a day. REUTERS/Parth Sanyal - RTR1B4O1

किसी से सिर पर मैला ढोने का काम न लें सरकारें: मद्रास उच्च न्यायालय

अदालत ने कहा, नालों और सेप्टिक टैंकों की नुकसानदेह सफाई के लिए रोज़गार या ऐसे कामों के लिए लोगों की सेवाएं लेने पर प्रतिबंध है.

scavenging1

क्यों कानून बनने के 24 साल बाद भी मैला ढोने की प्रथा समाप्त नहीं हुई?

मैला ढोने के कार्य से जुड़े श्रमिकों के पुनर्वास के लिए स्व-रोजगार योजना के पहले के वर्षों में 100 करोड़ रुपए के आसपास आवंटित किया गया था, जबकि 2014-15 और 2015-16 में इस योजना पर कोई भी व्यय नहीं हुआ.