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फोटो: पीटीआई

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से तीन महीने पहले मुख्य निर्वाचन अधिकारी का तबादला

महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अश्विनी कुमार ने लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन के दो मामलों पर अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. ये रिपोर्ट लातूर और वर्धा में नरेंद्र मोदी के भाषण को लेकर थी.

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लवासा की असहमति वाली टिप्पणियां सार्वजनिक करने से ‘जान का ख़तरा’ हो सकता है: चुनाव आयोग

लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाने वाली शिकायतों पर किए गए फैसलों पर चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने असहमति व्यक्त की थी.

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी. (फोटो: पीटीआई)

2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान मीडिया ने केवल विपक्ष से सवाल पूछा: पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई क़ुरैशी ने कहा कि सामान्य तौर पर मीडिया की भूमिका सरकार से सवाल पूछने की होती है. लेकिन यहां पर मीडिया ने केवल विपक्ष से सवाल पूछा. विपक्षी पार्टियों से सवाल पूछा गया कि उन्होंने 50 साल पहले कुछ क्यों नहीं किया? क्या मीडिया को यही करना होता है?

New Delhi: Chief Election Commissioner Sunil Arora addresses the concluding session of the Training workshop on ICT Application for General Elections 2019, in New Delhi, Friday, Feb 8, 2019. (PIB Photo via PTI) (PTI2_8_2019_000236B)

नरेंद्र मोदी और अमित शाह को तथ्यों के आधार पर क्लीनचिट दी गई: मुख्य चुनाव आयुक्त

लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष के भाषणों से जुड़ीं शिकायतों पर चुनाव आयोग द्वारा उन्हें दी गई सिलसिलेवार क्लीनचिट पर चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने असहमति जताई थी.

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील कुमार अरोड़ा, चुनाव आयुक्त अशोक लवासा और चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा. (फोटो: पीटीआई)

असहमति के मत को चुनाव आयोग के फैसले में शामिल करने की अशोक लवासा की मांग ख़ारिज

असहमति के मत को आयोग के फैसले का हिस्सा बनाने के मामले में चुनाव आयोग ने मौजूदा व्यवस्था को ही बरक़रार रखते हुए कहा कि असहमति और अल्पमत के फैसले को आयोग के फैसले में शामिल कर सार्वजनिक नहीं किया जाएगा.

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सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख़ के बाद मैंने कई सुझाव दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई: अशोक लवासा

चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने आचार संहिता के उल्लंघन के पांच मामलों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को दिए गए क्लीनचिट का विरोध किया था.

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील कुमार अरोड़ा, चुनाव आयुक्त अशोक लवासा और चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा. (फोटो: पीटीआई)

आयोग में मतभेद पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, एक-दूसरे के क्लोन नहीं हो सकते सदस्य

चुनाव आयुक्त अशोक लवासा के चुनाव आचार संहिता के मुद्दे पर चर्चा करने वाली सभी बैठकों से ख़ुद को अलग करने की रिपोर्ट सामने आने के बाद विवाद खड़ा होने पर मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने जवाब दिया.

चुनाव आयुक्त अशोक लवासा. (फोटो साभार: ट्विटर)

फैसले में असहमति को शामिल नहीं किए जाने पर चुनाव आयुक्त ने आयोग की बैठक का किया बहिष्कार

चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने 4 मई से ही चुनाव आचार संहिता के मुद्दे पर चर्चा करने वाली सभी बैठकों से खुद को अलग कर लिया है. उन्होंने कहा है कि वे चुनाव आचार संहिता के मुद्दे पर चर्चा करने वाली बैठकों में तभी शामिल होंगे जब अलग मत वाले और असंतोष जताने वाले फैसलों को भी आयोग के आदेशों में शामिल किया जाएगा.

(फोटो: रॉयटर्स)

चुनाव आयोग को भाजपा नेताओं के ख़िलाफ़ मिलीं सबसे अधिक आचार संहिता उल्लंघन की शिकायतें

इस लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की कुल 46 शिकायतें मिलीं. इनमें से 29 भाजपा, 13 कांग्रेस, दो समाजवादी पार्टी और एक-एक टीआरएस और बसपा नेताओं के ख़िलाफ़ थीं.

Forbesganj: Prime Minister Narendra Modi addresses an election rally at Araria lok sabha constituency, in Forbesganj, Saturday, April 20, 2019. (PTI Photo) (PTI4_20_2019_000038B)

राजीव गांधी को ‘भ्रष्टाचारी नंबर वन’ कहने वाले बयान पर भी चुनाव आयोग ने मोदी को क्लीनचिट दी

चुनाव आयोग अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आचार संहिता उल्लंघन के नौ मामलों में क्लीनचिट दे चुका है.

चुनाव आयुक्त अशोक लवासा. (फोटो साभार: ट्विटर)

मोदी-शाह को मिली पांच क्लीनचिट का चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने किया था विरोध

इन पांच शिकायतों में से चार शिकायतें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी हैं. सभी मामलों का फैसला 2-1 के बहुमत से हुआ है. चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने इन मामलों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (रॉयटर्स)

चुनाव आयोग द्वारा नरेंद्र मोदी को मिली छठी क्लीनचिट

चुनाव आयोग अब तक प्रधानमंत्री मोदी के ख़िलाफ़ आचार संहिता के उल्लंघन की पांच अन्य शिकायतों को गलत बताते हुए उन्हें क्लीनचिट दे चुका है.

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की एक रैली (फोटो साभार: फेसबुक)

चुनाव आयोग ने अमित शाह के दो भाषणों को दी क्लीनचिट, सर्वसम्मति से नहीं हुआ फैसला

पश्चिम बंगाल के नादिया में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि बालाकोट में आतंकी अड्डों पर बमबारी के बाद पाकिस्तान और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यालय में मातम था. ऐसा ही एक बयान उन्होंने नागपुर में भी दिया था जिसे क्लीनचिट देने पर एक आयुक्त द्वारा असहमति जताई गई थी.

PM Modi addressing rally at Nashik district of Maharashtra. (Photo: PTI)

चुनाव आयोग का मोदी को क्लीनचिट देने का सिलसिला जारी, दो अन्य भाषणों को भी क्लीनचिट

चुनाव आयोग आचार संहिता उल्लंघन मामले में अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ पांच शिकायतों पर उन्हें क्लीनचिट दे चुका है.

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क्या मोदी ने भी वही क़ानून तोड़ा है, जिसके चलते इंदिरा गांधी को अयोग्य घोषित किया गया था?

प्रधानमंत्री कार्यालय ने कथित तौर पर विभिन्न राज्यों के नौकरशाहों से उन जगहों के बारे में जानकारियां मांगी, जहां प्रधानमंत्री को चुनाव प्रचार के लिए जाना था. अगर यह साबित हो जाता है तो न केवल आदर्श आचार संहिता बल्कि जनप्रतिनिधि क़ानून का उल्लंघन होगा.

चुनाव आयोग. (फोटो: रॉयटर्स)

चुनाव आयोग द्वारा नरेंद्र मोदी को क्लीनचिट देने का फ़ैसला सर्वसम्मति से नहीं लिया गया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आचार संहिता उल्लंघन के तीन मामलों में चुनाव आयोग से क्लीनचिट मिली है. इनमें से दो मामलों में आयोग की राय एकमत नहीं थी.

Prime Minister Narendra Modi during BJP National Executive Meet, in New Delhi, Saturday, Sept 8, 2018. (PTI Photo/Atul Yadav)

आचार संहिता उल्लंघन मामले में नरेंद्र मोदी को चुनाव आयोग से तीसरी बार क्लीनचिट मिली

राजस्थान के बाड़मेर में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत के परमाणु हथियार दिवाली के लिए इस्तेमाल किए जाने के लिए नहीं रखे गए हैं. इसी बयान को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की गई थी.

राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

राहुल गांधी के ख़िलाफ़ मोदी के बहुसंख्यक-अल्पसंख्यक भाषण को चुनाव आयोग ने दी क्लीन चिट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अप्रैल को महाराष्ट्र के वर्धा में एक रैली को संबोधित करते हुए कथित रूप से कहा था कि विपक्षी दल लोकसभा की उन सीटों से अपने नेताओं को खड़ा करने से डरता है जहां बहुसंख्यकों का प्रभुत्व है.

नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

मोदी के ख़िलाफ़ आचार संहिता उल्लंघन मामला: नहीं हुई चुनाव आयोग के फुल कमीशन की एक भी बैठक

चुनाव आयोग के फुल कमीशन में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा और चुनाव आयुक्त अशोक लवासा और सुशील चंद्रा हैं. एक चुनावी रैली में मोदी के संबोधन को लेकर कांग्रेस की पहली शिकायत चुनाव आयोग को पांच अप्रैल को मिली थी.

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पुलवामा हमले के बाद आतंकियों की तबाही के लिए मोदी ने भेजी ‘अपनी वायुसेना’: अमित शाह

सोमवार को पश्चिम बंगाल की एक चुनावी रैली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का यह बयान योगी आदित्यनाथ के सैन्य बलों को ‘मोदीजी की सेना’ संबोधित करने के कुछ हफ्तों बाद आया है. योगी के बयान पर चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस देते हुए भविष्य में ऐसे बयानों से बचने की चेतावनी दी थी.

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी. (फोटो: पीटीआई)

प्रधानमंत्री मोदी बार-बार आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं: पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के हेलीकॉप्टर की जांच करने वाले पर्यवेक्षक का निलंबन न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि हमने चुनाव आयोग और प्रधानमंत्री जैसी संवैधानिक संस्थाओं की छवि सुधारने का बढ़िया मौका भी गंवा दिया.

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संपादकीयः नफ़रत भरी चुनावी राजनीति पर चुनाव आयोग की चुप्पी भी अपराध है

चुनाव आयोग का संवैधानिक दायित्व केवल आदर्श आचार संहिता ही नहीं बल्कि जनप्रतिनिधि क़ानून को भी बरक़रार रखना है, जिसके तहत प्रधानमंत्री सहित विभिन्न भाजपा नेताओं के नफ़रत भरे भाषण अपराध की श्रेणी में आते हैं.

Sidhu-Satpal-Satti-PTI

विवादित बयानबाज़ी को लेकर नवजोत सिंह सिद्धू और सतपाल सत्ती के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने एक संप्रदाय विशेष को लेकर विवादित बयान दिया था, जबकि हिमाचल प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था.

Maneka Gandhi Azam Khan PTI

चुनाव आयोग ने आज़म ख़ान को 72 घंटे और मेनका गांधी को 48 घंटे तक चुनाव प्रचार करने से रोका

समाजवादी पार्टी के नेता आज़म ख़ान ने भाजपा उम्मीदवार जयाप्रदा के ख़िलाफ़ अपमानजनक टिप्पणी की थी जबकि केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने एक संप्रदाय विशेष के बारे में विवादित बयान दिया था, जिसके बाद चुनाव आयोग ने संज्ञान लेते हुए यह रोक लगाई.

योगी आदित्यनाथ और मायावती.(फोटो: पीटीआई)

योगी आदित्यनाथ पर तीन दिन और मायावती पर दो दिन के लिए चुनाव प्रचार करने पर प्रतिबंध

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बसपा प्रमुख मायावती द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान सांप्रदायिकता से जुड़े बयान की शिकायतों पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया है. योगी ने ‘अली’ और ‘बजरंग बली’ से जुड़ा बयान दिया था, जबकि मायावती ने मुस्लिम मतदाताओं से एक पार्टी विशेष को वोट नहीं देने की अपील की थी.

Bulletin 3rd april

द वायर बुलेटिन: सूचना व प्रसारण मंत्रालय ने ‘नमो टीवी’ को बताया विज्ञापन प्लेटफॉर्म

अरुणाचल प्रदेश के तीन जिलों से आंशिक रूप से आफस्पा हटने समेत आज की बड़ी ख़बरें. दिनभर की महत्वपूर्ण ख़बरों का अपडेट.

(फोटो साभार: ट्विटर)

नमो टीवी पर चुनाव आयोग ने मांगा जवाब, सूचना व प्रसारण मंत्रालय ने कहा- यह विज्ञापन प्लेटफॉर्म है

लोकसभा चुनाव से पहले ‘नमो टीवी’ के लॉन्च होने पर विपक्षी पार्टियों ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत की थी. इस पर चुनाव आयोग ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से जवाब मांगा था.

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मतदान से 48 घंटे पहले राजनीतिक दलों को घोषणापत्र जारी करना ज़रूरी: चुनाव आयोग

चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों के लिए घोषणापत्र जारी करने की समयसीमा निर्धारित कर दी है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि मतदान से पहले और प्रचार थमने के बाद चुनावी घोषणा पत्र जारी नहीं होंगे.

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चुनाव आयोग ने फेसबुक से कहा, भाजपा विधायक द्वारा पोस्ट किए गए विंग कमांडर से जुड़े पोस्टर हटाएं

दिल्ली के भाजपा विधायक ओम प्रकाश शर्मा के फेसबुक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान के साथ दो तस्वीरें पोस्ट करने को आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए चुनाव आयोग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है.