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तमिलनाडु में एक रोड शो के दौरान राहुल गांधी. (फोटो साभार: ट्विटर/कांग्रेस)

राहुल गांधी का आरोप, प्रधानमंत्री के ज़रिये अर्णब गोस्वामी को मिली थी बालाकोट हमले की जानकारी

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री ने ऐसा नहीं किया तो फिर वह जांच का आदेश क्यों नहीं दे रहे हैं. प्रधानमंत्री जांच का आदेश नहीं दे रहे हैं तो इसका सिर्फ़ एक कारण है कि वह ख़ुद वही व्यक्ति हैं जिसके ज़रिये यह सूचना पत्रकार तक पहुंची.

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मीडिया बोल: अर्णब-गेट से झांकता टीवी उद्योग का चेहरा

वीडियो: अर्णब गोस्वामी कांड से एक बार फिर देश के टीवी उद्योग का चेहरे सामने आया है. सत्ता से गहरे स्तर पर जुड़े चेहरे का यह बहुत छोटा हिस्सा है. यहां टीवी उद्योग का संबंध ख़बर से उतना नहीं, जितना सत्ता के साये से. इस मुद्दे पर द वायर के संस्थापक […]

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बालाकोट हमला चुनावी मक़सद से किया गया एक ड्रामा था: महबूबा मुफ़्ती

वीडियो: जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और अति महत्वपूर्ण मुद्दों को ‘टीआरपी तमाशा’ बना दिया गया है. ‘रिपब्लिक टीवी’ के संपादक अर्णब गोस्वामी और टीआरपी रेटिंग एजेंसी बार्क के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता के बीच लीक हुए कथित वॉट्सऐप चैट को लेकर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की उनसे बातचीत.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

क्या प्रधानमंत्री मोदी ने देश की ख़ुफ़िया जानकारी अर्णब गोस्वामी को लीक की: राहुल गांधी

रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को बालाकोट हवाई हमले की जानकारी तीन दिन पहले होने की ओर इशारा करने वाले लीक हुए वॉट्सऐप चैट के संबंध कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मामले की जांच के लिए संसदीय समिति गठित करने की मांग की. महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने गोस्वामी की तत्काल गिरफ़्तारी की भी मांग की.

(फोटो साभार: फेसबुक)

अदालत के अंतिम आदेश तक रिपब्लिक टीवी को रेटिंग सिस्टम से बाहर रखा जाना चाहिए: एनबीए

अर्णब गोस्वामी और ब्रॉडकास्ट आडिएंस रिसर्च काउंसिल के पूर्व प्रमुख के बीच वॉट्सऐप बातचीत के संबंध में न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन ने भारतीय टीवी प्रसारण फाउंडेशन से अपील की है कि टीवी रेटिंग में हेरफेर से संबंधित मामले के अदालत में लंबित रहने तक रिपब्लिक टीवी की सदस्यता भी तत्काल प्रभाव से निलंबित की जाए.

सुशांत मामले को लेकर विभिन्न टीवी चैनलों की कवरेज (साभार: संबंधित चैनल/वीडियोग्रैब)

सुशांत केस में रिपब्लिक और टाइम्स नाउ पर दिखाई गई कुछ ख़बरें ‘मानहानिकारक’ थीं: हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि मीडिया चैनल्स आत्महत्या के मामलों में ख़बरें दिखाते वक्त संयम बरतें क्योंकि मीडिया ट्रायल के कारण न्याय देने में हस्तक्षेप तथा अवरोध उत्पन्न होता है.

बार्क के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता और रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी. (फोटो साभार: लिंक्डइन/विकीपीडिया/ट्विटर)

टीआरपी घोटाला: वॉट्सऐप चैट में सामने आई अर्णब गोस्वामी और पूर्व बार्क प्रमुख की सांठगांठ

टीआरपी छेड़छाड़ मामले में मुंबई पुलिस द्वारा दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट में अर्णब गोस्वामी और बार्क के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता की कथित वॉट्सऐप चैट भी संलग्न है. यह बातचीत दिखाती है कि अर्णब की पीएमओ सहित कई ऊंची जगहों तक पहुंच है और उन्हें कई महत्वपूर्ण सरकारी निर्णयों की जानकारी थी.

(प्रतीकात्मक  फोटो: पीटीआई)

भारतीय मुसलमानों की विडंबना: हुए अपने ही घर में पराये

जिस तरह देश में सांप्रदायिक वैमनस्य बढ़ रहा है, उससे मुसलमानों के निराश और उससे कहीं ज़्यादा भयग्रस्त होने के अनेकों कारण हैं. समाज एक ‘बाइनरी सिस्टम’ से चलाया जा रहा है. अगर आप बहुसंख्यकवाद से सहमत हैं तो देशभक्त हैं, नहीं तो जिहादी, शहरी नक्सल या देशद्रोही, जिसकी जगह जेल में है या देश से बाहर.

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मीडिया बोल: वॉट्सऐप का फ़रमान, टीवी पर वैक्सीन-वैक्सीन और किसान अंतर्ध्यान

वीडियो: वॉट्सऐप ने अपनी सेवा शर्तों और प्राइवेसी नीति में बदलाव किया है. वह अपने यूज़र्स के डेटा/कंटेंट का ज़्यादा व्यापक इस्तेमाल चाहता है. दूसरी तरफ न्यूज़ चैनलों पर वैक्सीन-वैक्सीन के शोर के बीच किसान आंदोलन को नज़रअंदाज़ कर दिया गया है. मीडिया बोल की इस कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश के रे और टीवी पत्रकार व लेखक डॉ. मुकेश कुमार से उर्मिलेश की बातचीत.

(फोटो: रॉयटर्स)

अदालत गोपनीय जानकारी साझा नहीं करती, सूत्रों वाली ख़बरों से सावधान रहें: सुप्रीम कोर्ट

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा उच्चतर न्यायपालिका के जज के ख़िलाफ़ शिकायत पर सीजेआई की संभावित कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट के सूत्रों के हवाले से प्रकाशित हुई ख़बरों के बाद शीर्ष अदालत ने कहा है कि इस तरह की प्रक्रियाएं आतंरिक होती हैं, जिनकी जानकारी जारी नहीं की जाती.

(फोटो: पीटीआई)

अर्णब गोस्वामी बनाम अन्य: क्या सुप्रीम कोर्ट की नज़र में सभी नागरिक समान नहीं हैं?

हाल ही में रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को ज़मानत देते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने हाईकोर्ट एवं ज़िला न्यायालयों को निर्देश दिया कि वे बेल देने पर जोर दें, न कि जेल भेजने में. सवाल ये है कि क्या ख़ुद शीर्ष अदालत हर एक नागरिक पर ये सिद्धांत लागू करता है या फिर रसूख वाले और सत्ता के क़रीबी लोगों को ही इसका लाभ मिल पा रहा है?

Mumbai: Republic TV Editor-In-Chief Arnab Goswami after being released from Taloja Central Jail on interim bail in the 2018 abetment to suicide case, in Mumbai, Wednesday, Nov. 11, 2020. (PTI Photo)(PTI11-11-2020 000233B)

अर्णब ने टीआरपी बढ़ाने के लिए बार्क के पूर्व सीईओ को दी थी लाखों रुपये की घूस: मुंबई पुलिस

बीते आठ अक्टूबर को मुंबई पुलिस ने टीआरपी से छेड़छाड़ करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया था. मुंबई के पुलिस आयुक्त ने दावा किया था कि रिपब्लिक टीवी सहित कुछ चैनलों ने टीआरपी के साथ हेराफेरी की है.

New Delhi: Activist Shehla Rashid during opposition parties' protest, demanding the release of leaders detained in J&K, at Jantar Mantar in New Delhi, Thursday, Aug 22, 2019. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI8_22_2019_000035B)

शहला राशिद के ख़िलाफ़ अपमानजनक और निजी सामग्री प्रकाशित करने से उनके पिता और मीडिया पर रोक

शहला राशिद, उनकी मां ज़ुबेदा अख़्तर और बहन अस्मा राशिद ने यह कहते हुए मुक़दमा दायर किया था कि उनके पिता अब्दुल राशिद शोरा झूठे और तुच्छ आरोप लगाकर उनकी प्रतिष्ठा को कम करने का काम कर रहे हैं, जिसमें उन्हें राष्ट्रविरोधी कहना तक शामिल है. प्रतिवादियों में अब्दुल, कुछ मीडिया आउटलेट्स, फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब और गूगल शामिल हैं.

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त्रिपुरा: भाजपा-माकपा के बीच झड़प की कवरेज पर गए तीन पत्रकारों पर हमला

पुलिस के अनुसार हमले में कोई पत्रकार घायल नहीं हुआ है. वहीं राज्य के एक मीडिया संगठन का कहना है कि यह हमला अचानक हुई घटना नहीं है बल्कि सितंबर में मुख्यमंत्री बिप्लब देब के मीडिया को कथित तौर पर धमकाने के बाद राज्य भर में पत्रकारों पर हुए लगातार हमलों का हिस्सा है.

(फोटो: रॉयटर्स)

मीडिया में चुनिंदा सूचना आने से पीड़ित और आरोपी के अधिकार प्रभावित होते हैं: सुप्रीम कोर्ट

दहेज हत्या से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी की ज़िम्मेदारी होती है कि वो निष्पक्ष जांच करे, लेकिन ये काम पूरी ईमानदारी से नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण मीडिया में कई जानकारियां चुनिंदा तरीके से लीक कर दी जाती हैं.