Mid Day Meal

(फोटो: रॉयटर्स)

बिहार हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा- शिक्षा के साथ बच्चों के लिए मिड-डे मील सुनिश्चित करें

बिहार हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मिड-डे मील और सर्व शिक्षा से जुड़ीं योजनाओं को जारी रखने के साथ सरकारी स्कूल के छात्रों को पाठ्य पुस्तकें और नोटबुक मुहैया कराने का आदेश दिया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

मिड-डे मील से वंचित बच्चों में पोषण की कमी अधिक राशन देकर पूरी हो सकती है: विश्व खाद्य कार्यक्रम

संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम की ओर से कहा गया है कि कोविड-19 संकट के कारण कुपोषण को कम करने की पहल की प्रगति पर असर पड़ा और वर्तमान चुनौतियां और भी बढ़ गई हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

मिड-डे-मील पर दिल्ली सरकार के हलफ़नामे पर हाईकोर्ट ने नाराज़गी जताई

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार ने दावा किया था कि वह मिड-डे मील योजना के तहत हर महीने प्रत्येक बच्चे को 540 रुपये का भुगतान करती है, लेकिन इस साल मार्च में उसके ख़ुद के हलफ़नामे में कहा गया कि उसने पंजीकृत 8.21 लाख बच्चों को क़रीब सात करोड़ रुपये का भुगतान किया, जो प्रति बच्चा 100 रुपये से भी कम है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

नई शिक्षा नीति में नया क्या है

सरकार द्वारा हाल ही में लाई गई नई शिक्षा नीति को लेकर विशेषज्ञों एवं शिक्षाविदों की विभिन्न राय है. कुछ लोग जहां इसे प्रगतिशील दस्तावेज़ बता रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि यह हाशिये पर पड़े लोगों एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े अल्पसंख्यकों, एससी/एसटी, ओबीसी जैसे वर्ग को कोई ख़ास राहत प्रदान नहीं करती है.

प्रतीकात्मक फोटो

नई शिक्षा नीति में मध्याह्न भोजन के साथ स्कूली बच्चों को सुबह नाश्ता देने का प्रस्ताव

नई शिक्षा नीति में प्रस्ताव किया गया है कि मध्याह्न भोजन के दायरे का विस्तार कर उसमें नाश्ते का प्रावधान जोड़ा जाए. सुबह के समय पोषक नाश्ता मिलना अधिक मेहनत वाले विषयों की पढ़ाई में लाभकर हो सकता है.

School children eat their free mid-day meal, distributed by a government-run primary school, at Brahimpur village in Chapra district of the eastern Indian state of Bihar July 19, 2013. Police suspect that India's worst outbreak of mass food poisoning in years was caused by cooking oil that had been kept in a container previously used to store pesticide, the magistrate overseeing the investigation said on Friday. REUTERS/Adnan Abidi

मिड-डे मील: मिज़ोरम में सिर्फ़ चावल मिला, बच्चों को अब भी खाना पकाने की राशि का इंतज़ार

द वायर द्वारा ​सूचना के अधिकार क़ानून के तहत प्राप्त दस्तावेज़ों से पता चला है कि मिज़ोरम में लॉकडाउन के दौरान मार्च-अप्रैल में बंद हुए स्कूलों के हर तीन में से लगभग एक बच्चे को मिड-डे मील के तहत पका हुआ भोजन या इसके एवज में राशन और खाना पकाने की राशि नहीं मिली है.

(फोटो: रॉयटर्स)

बिहार: क्या डिजिटल शिक्षा की रेस में पिछड़ रहे हैं सरकारी स्कूलों के छात्र

कोविड-19 के चलते स्कूल बंद होने के बाद अब राज्य सरकारें मोबाइल और टीवी के ज़रिये छात्रों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं. ऐसी कोशिश बिहार सरकार द्वारा भी की गई है, लेकिन आर्थिक-सामाजिक असमानता के बीच प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बच्चों तक इन माध्यमों से शिक्षा पहुंचा पाना बेहद कठिन है.

(प्रतीकात्मक फोटो साभार: विकिपीडिया)

बिहार: मिड-डे मील न मिलने से कबाड़ बीनने को मजबूर बच्चे, एनएचआरसी ने नोटिस जारी किया

बिहार के भागलपुर ज़िले में मिड-डे मील बंद होने के कारण ग़रीब परिवार से आने वाले बच्चों के कूड़ा बीनने और भीख मांगने के साथ ठेकेदारों के पास काम करने का मामला सामने आया है.

A boy eats at an orphanage run by a non-governmental organisation on World Hunger Day, in the southern Indian city of Chennai May 28, 2014. REUTERS/Babu

मिड-डे मील: बंगाल में बच्चों को सिर्फ़ चावल और आलू मिला, वो भी प्रावधान से काफी कम

द वायर द्वारा आरटीआई के तहत प्राप्त किए गए दस्तावेज़ों से पता चलता है कि लॉकडाउन के दौरान पश्चिम बंगाल में अप्रैल महीने में 2.92 लाख और मई महीने में 5.35 लाख बच्चों को मिड-डे मील योजना का कोई लाभ नहीं मिला है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली सरकार ने अप्रैल से जून तक किसी बच्चे को मिड-डे मील योजना का लाभ नहीं दिया: आरटीआई

आरटीआई दस्तावेज़ों से पता चला है कि दिल्ली सरकार ने मार्च महीने में मिड-डे मील के तहत पके हुए भोजन के बदले में छात्रों के खाते में कुछ राशि डाली है, लेकिन ये भोजन पकाने के लिए निर्धारित राशि से भी कम है. इसके अलावा ये धनराशि भी सभी पात्र लाभार्थियों को नहीं दी गई है.

(फोटो: रॉयटर्स)

लॉकडाउन: त्रिपुरा सरकार ने चार लाख से ज़्यादा बच्चों को मिड-डे मील का खाद्यान्न तक नहीं दिया

कोरोना वायरस महामारी के कारण स्कूल बंद होने की अवधि में त्रिपुरा की भाजपा सरकार ने मिड-डे मील के एवज में छात्रों के खाते में कुछ राशि ट्रांसफर करने का आदेश दिया था, जो कि सिर्फ़ खाना पकाने के लिए निर्धारित राशि से भी कम है.

School children eat their free mid-day meal, distributed by a government-run primary school, at Brahimpur village in Chapra district of the eastern Indian state of Bihar July 19, 2013. Police suspect that India's worst outbreak of mass food poisoning in years was caused by cooking oil that had been kept in a container previously used to store pesticide, the magistrate overseeing the investigation said on Friday. REUTERS/Adnan Abidi

कोरोना: उत्तराखंड में हर पांच में से एक बच्चे को मिड-डे मील के तहत खाद्यान्न नहीं मिला

द वायर द्वारा प्राप्त किए गए दस्तावेजों से पता चलता है कि उत्तराखंड राज्य ने अप्रैल और मई महीने में लगभग 1.38 लाख बच्चों को मिड-डे मील मुहैया नहीं कराया है. राज्य ने इस दौरान 66 कार्य दिवसों में से 48 कार्य दिवसों पर ही बच्चों को राशन दिया.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

केंद्र ने राज्यों से कहा, स्कूल बंद होने से घरों में बच्चों को भोजन उपलब्ध कराएं या भत्ता दें

सुप्रीम कोर्ट ने इस सप्ताह राज्य सरकारों को नोटिस देकर पूछा था कि वे यह बताएं कि कोरोना वायरस की वजह से स्कूल बंद हैं. ऐसे में वे बच्चों को मिड-डे मील देना कैसे सुनिश्चित करेंगे. इसके बाद केंद्र सरकार का यह आदेश आया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना वायरस: सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल बंद होने से मिड-डे मील न मिलने पर नोटिस किया जारी

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी कर पूछा कि स्कूल बंद किए जाने पर बच्चों को मिड-डे मील कैसे उपलब्ध कराया जा रहा है.

Mirzapur map

उत्तर प्रदेश: मिर्ज़ापुर में मिड डे मील के गर्म भगौने में गिरी तीन साल की बच्ची, मौत

मिर्ज़ापुर के जिलाधिकारी ने बताया कि बीते सोमवार को दोपहर में खाना तैयार होने के बाद रसोईये किसी काम से बाहर थे, जब खाना लेने के लिए जमा बच्चों की धक्का-मुक्की में एक बच्ची गर्म सब्ज़ी में गिर गई. स्कूल के प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया है और रसोइयों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज हुआ है.