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उत्तर प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू. (फोटो: फेसबुक)

प्रवासियों के लिए बस से जुड़े विवाद में गिरफ़्तार यूपी कांग्रेस अध्यक्ष को एक महीने बाद ज़मानत

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को ज़मानत देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के जस्टिस एआर मसूदी ने अपने आदेश में प्रवासी मज़दूरों के लिए बसों की व्यवस्था को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और कांग्रेस के आपसी गतिरोध में उलझने पर चिंता जताई.

आनंद विहार बस टर्मिनल के बाहर प्रवासियों की भीड़. (फोटो:  अनुज श्रीवास/द वायर)

लॉकडाउन: क्या सरकार का ये दावा सही है कि आनंद विहार में झूठी ख़बरों से मज़दूरों की भीड़ जुटी?

बीते 28 मार्च की शाम दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे पर लॉकडाउन के बीच विभिन्न राज्यों से आए प्रवासी मज़दूरों की भीड़ घर जाने के लिए जुट गई. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा है कि फेक न्यूज़ के कारण यह भीड़ जुटी थी.

उत्तर प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू. (फोटो: फेसबुक)

उत्तर प्रदेश: बस विवाद में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

कांग्रेस द्वारा उपलब्ध कराई गई बसों को उत्तर प्रदेश में प्रवेश नहीं देने की वजह से धरने पर बैठने के लिए गिरफ्तार किए गए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को आगरा की एक अदालत ने बुधवार को जमानत दे दी थी. इसके बाद लखनऊ पुलिस ने उन्हें धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज के मामले में गिरफ्तार कर लिया था.

Migrants board special buses to return to their hometowns after they arrived at Charbagh Railway Station from various parts of the country, during ongoing COVID-19 lockdown in Lucknow. Photo PTI

प्रवासी श्रमिकों के लिए कांग्रेस की बसों को यूपी में प्रवेश क्यों नहीं करने दे रही योगी सरकार?

प्रवासी श्रमिकों के लिए 1000 बसें उपलब्ध कराने की कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की पेशकश स्वीकार करने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने बसों की सूची में कुछ अन्य वाहनों के नंबर होने का आरोप लगाते हुए प्रियंका गांधी के निजी सचिव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तथा अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है.

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उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में घर जाने के लिए फिर उमड़ी प्रवासी श्रमिकों की भीड़

वीडियो: दिल्ली से लगे गाज़ियाबाद के रामलीला मैदान में सोमवार को अचानक घर जाने की उम्मीद में प्रवासी श्रमिकों का हुजूम उमड़ आया था, जिसे संभालने में प्रशासन को काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. मंगलवार को गाज़ियाबाद प्रशासन ने मैदान में मज़दूरों को जाने से रोक दिया. द वायर की डिप्टी एडिटर संगीता बरुआ पिशारोती और गौरव भटनागर की इन श्रमिकों से बातचीत.

New Delhi: Migrant take rest near Ghazipur after being stopped by the police, during ongoing COVID-19 lockdown, in New Delhi, Monday, May 18, 2020. (PTI Photo/Kamal Kishore)(PTI18-05-2020 000328B

दिल्ली: घर जाने की आस में शहर में भटक रहे हैं प्रवासी श्रमिक और उनके परिवार

25 साल के हरीराम चौधरी द्वारका में रहकर मार्बल काटने का काम करते थे, जो दो महीने से ठप है. पांच दिन पहले अपनी मां की मौत की ख़बर पाने के बाद से वे घर जाने की उम्मीद लिए पैदल ही शहर भर की खाक़ छान रहे हैं.

(फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन में श्रमिकों को पूरी सैलरी देने के आदेश को गृह मंत्रालय ने वापस लिया

गृह मंत्रालय ने 29 मार्च को आदेश जारी कर कहा था कि सभी नियोक्ताओं को लॉकडाउन के दौरान अपने श्रमिकों की सैलरी में कोई कटौती किए बिना पूरी सैलरी देनी होगी.

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मज़दूरों से मिले राहुल गांधी ​तो क्यों भड़कीं निर्मला सीतारमण?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रवासी मज़दूरों से बीते दिनों मुलाकात की थी. राहुल गांधी के इस क़दम को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उन्हें ड्रामेबाज़ बताया था. इस मुद्दे पर द वायर की सीनियर एडिटर आरफा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.

Navi Mumbai: Migrants who were stranded in Panvel walk along a road towards their native places in Uttar Pradesh, during the nationwide lockdown, imposed in wake of the coronavirus pandemic, in Navi Mumbai, Friday, May 8, 2020. (PTI Photo)(PTI08-05-2020_000295B)

लॉकडाउन: हैदराबाद से ओडिशा जा रहे एक मज़दूर की 300 किमी पैदल चलने के बाद हुई मौत

अधिकारियों ने बताया कि प्रवासी मज़दूरों का समूह ओडिशा के मलकानगिरी जाने के लिए बीते 10 मई को हैदराबाद से पैदल निकला था.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

लॉकडाउन: कर्मचारियों को वेतन देने के आदेश के खिलाफ याचिका पर कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

लॉकडाउन के दौरान अपने कर्मचारियों को पूरा वेतन देने संबंधी गृह मंत्रालय की अधिसूचना को नागरीका एक्सपोर्ट्स और फिक्स पैक्स प्राइवेट लिमिटेड सहित तीन निजी कंपनियों ने चुनौती दी है.

New Delhi: A group of migrant workers walk to their villages amid the nationwide complete lockdown, on the GT Road at Dilshan Garden in New Delhi, Thursday, March 26, 2020. The migrants, reportedly, started to foot it to their villages in Uttar Pradesh after they were left with no other option following the announcement of a 21-day lockdown across the country to contain the Covid-19, caused by the novel coronavirus. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI26-03-2020 000032B)

भारत में लॉकडाउन से देश के चार करोड़ प्रवासी कामगार प्रभावित हुए: विश्व बैंक

विश्व बैंक की ‘प्रवासी के नजरिये से कोरोना वायरस संकट’ नामक रिपोर्ट के अनुसार आंतरिक प्रवास की तादाद अंतरराष्ट्रीय प्रवास के मुकाबले करीब ढाई गुना है. विश्व बैंक ने कहा कि सरकारों को नकदी हस्तांतरण तथा अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के जरिए इनकी मदद करनी चाहिए.

लॉकडाउन के दौरान दिल्ली से पलायन करते प्रवासी मजदूर
(फोटो: पीटीआई)

घर लौट रहे मजदूर उपमहाद्वीप में वायरस फैला सकते हैं: विश्व बैंक

अपनी द्विवार्षिक रिपोर्ट में विश्व बैंक ने कहा कि भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान में अंतर्देशीय यात्री परिवहन साधनों पर रोक की घोषणा और इसे लागू करने के बीच एक दिन से भी कम समय लगा जिससे अव्यवस्था उत्पन्न हो गई.

A migrant worker eats food offered by the local residents on a highway as he and others are returning to their villages, after India ordered a 21-day nationwide lockdown to limit the spreading of coronavirus disease in Ghaziabad March 2020. (Photo: Reuters)

भारत में 40 करोड़ मजदूर गरीबी में फंस सकते हैं: अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन

संगठन के मुताबिक भारत में लागू किए गए देशव्यापी लॉकडाउन से मजदूर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और उन्हें अपने गांवों की ओर लौटने को मजबूर होना पड़ा है.

(फोटो: पीटीआई)

कोरोना संकट: शहरी बेरोज़गारी 22 फीसदी बढ़ी, देश में ग़रीबों की संख्या बढ़ने के आसार

भारतीय अर्थव्यवस्था निगरानी केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, भारत में साल 2006 से 2016 के बीच 27.1 करोड़ लोग ग़रीबी से बाहर आए हैं, लेकिन अब लॉकडाउन के चलते कई लोगों की ज़िंदगी अधर में है. इसके चलते हज़ारों लोग बेरोज़गार हुए है और अपने गांव-क़स्बों की ओर लौटने को मजबूर हैं.

New Delhi: People consume meals distributed by volunteers during a nationwide lockdown in the wake of coronavirus outbreak, at Shakur Basti in North West Delhi, Friday, April 3, 2020. (PTI Photo/Vijay Verma)(PTI03-04-2020_000166B)

प्रवासी मजदूरों की हालत पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सरकार के फैसलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहते

एक जनहित याचिका में शहरों से पलायन न करने वाले कामगारों को पारिश्रमिक दिए जाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे बताया गया है कि ऐसे कामगारों को आश्रय गृहों में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है और ऐसी स्थिति में उन्हें पैसे की क्या जरूरत है.