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​पत्रकार गौरी लंकेश हत्या मामले में एसआईटी ने एक और आरोपी को किया गिरफ़्तार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार गौरी लंकेश की पांच सितंबर 2017 को उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. एसआईटी ने बताया कि गिरफ़्तार आरोपी गौरी लंकेश की हत्या की साज़िश का हिस्सा है और इस मामले में 18वां आरोपी है.

सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर. (फोटो: पीटीआई)

दाभोलकर हत्याकांड: सीबीआई ने सनातन संस्था से जुड़े वकील और बम धमाके के आरोपी को गिरफ़्तार किया

सीबीआई ने बताया कि वकील संजीव पुनालेकर और सनातन संस्था के सदस्य विक्रम भावे को गिरफ़्तार कर लिया गया है. पुनालेकर, वकीलों के एक संगठन हिंदू विद्धिन्य परिषद के अध्यक्ष हैं जो कि सनातन संस्था का ही एक अनुसांगिक संगठन है. वहीं, विक्रम भवे पुनालेकर के ऑफिस में काम करता है.

गौरी लंकेश और एमएम कलबुर्गी (फोटो: फेसबुक/पीटीआई)

कलबुर्गी, पानसरे और लंकेश हत्याकांड में यदि समानता है तो सीबीआई जांच करे: सुप्रीम कोर्ट

कोर्ट ने सीबीआई को जनवरी के पहले सप्ताह में यह सूचित करने का निर्देश दिया कि यदि इन सभी मामलों में एक समानता नज़र आती है तो उसे सभी मामलों की जांच क्यों नहीं करनी चाहिए.

एमएम कलबुर्गी. (फोटो साभार: ट्विटर/@prajavani)

सुप्रीम कोर्ट की कर्नाटक सरकार को फटकार, पूछा- कलबुर्गी हत्याकांड की जांच कब तक पूरी होगी

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर ये बताने को कहा है कि जांच कब तक पूरी होगी? कोर्ट ने कहा कि अब तक जांच में कुछ नहीं हुआ है.

तस्वीर: पीटीआई

गौरी लंकेश की हत्या सनातन संस्था द्वारा किया गया एक ‘संगठित अपराध’ है: चार्जशीट

गौरी लंकेश हत्याकांड की जांच कर रहे विशेष जांच दल द्वारा शुक्रवार को स्थानीय अदालत में दाखिल अतिरिक्त आरोप पत्र में यह भी बताया कि संस्था की ‘हिट लिस्ट’ में द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन का भी नाम था.

सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर. (फोटो: पीटीआई)

दाभोलकर हत्या मामले में सीबीआई ने आरोपियों के ख़िलाफ़ आतंकवादी कृत्य के आरोप लगाए

सीबीआई ने तर्कवादी नरेंद्र दाभोलकर की हत्या मामले में हिंदू जनजागृति समिति के सदस्य ईएनटी सर्जन वीरेंद्र सिंह तावड़े, सचिन आंदुरे और शरद कालास्कर सहित छह लोगों को गिरफ़्तार किया है.

दामोदर माऊजो (फोटो: फेसबुक)

सनातन संस्था कैंसर की तरह, इस पर प्रतिबंध लगना चाहिए: साहित्यकार दामोदर माऊजो

73 वर्षीय साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता सा​हित्यकार दामोदर माऊजो ने कहा कि 2009 के मारगाओ ब्लास्ट के बाद सनातन संस्था पर कार्रवाई हुई होती तो गौरी लंकेश, नरेंद्र दाभोलकर, एमएम कलबुर्गी और ​गोविंद पानसरे जैसे लोगों की हत्या नहीं होती.

गौरी लंकेश और एमएम कलबुर्गी (फोटो: फेसबुक/पीटीआई)

एक बंदूक से हुई थी गौरी लंकेश और एमएम कलबुर्गी की हत्या: फॉरेंसिक रिपोर्ट

पुलिस द्वारा कोर्ट को सौंपी गई फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार गौरी और कलबुर्गी की हत्या में इस्तेमाल हुई गोलियां 7.65 एमएम कैलिबर वाली देसी बंदूक से चलाई गई थीं.

एमएम कलबुर्गी. (फोटो साभार: ट्विटर/@prajavani)

केंद्र ने न्यायालय से कहा: एनआईए एमएम कलबुर्गी हत्याकांड की जांच नहीं कर सकता

केंद्र सरकार की ओर से तर्क दिया गया है कि एनआईए इसलिए जांच नहीं कर सकती क्योंकि यह राष्ट्रीय और अंतर्राज्यीय आतंकवाद के मामलों की जांच करने वाली विशेष एजेंसी है.

एमएम कलबुर्गी. (फोटो साभार: ट्विटर/@prajavani)

कलबुर्गी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट का महाराष्ट्र-कर्नाटक सरकार समेत एनआईए और सीबीआई को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने कन्नड़ साहित्यकार एमएम कलबुर्गी की पत्नी द्वारा दायर एसआईटी जांच की याचिका पर इन सभी को 6 हफ्तों के भीतर जवाब देने को कहा है.

लेखक और इतिहासकार रामचंद्र गुहा. (फोटो साभार: द हिंदू)

गौरी लंकेश की हत्या को संघ परिवार से जोड़ने के आरोप में रामचंद्र गुहा के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज

इतिहासकार गुहा ने ट्वीट किया था, ‘आज के भारत में स्वतंत्र लेखकों और पत्रकारों को प्रताड़ित किया जा रहा, यहां तक कि हत्या कर दी जा रही, लेकिन हमें चुप नहीं किया नहीं जा सकता.’

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हत्यारों की भीड़ इस देश की नुमाइंदगी नहीं करती

अंग्रेज़ी प्रभावशाली भाषा है, मगर इसकी पहुंच सीमित है. क्षेत्रीय भाषाओं के पत्रकार असली असर पैदा कर सकते हैं. छोटे शहरों के ऐसे कई साहसी पत्रकार हैं, जिन्होंने अपने साहस की क़ीमत अपनी जान देकर चुकाई है.

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भाजपा ने देश में सांप्रदायिकता और नफ़रत का जिन्न छोड़ दिया है

आम आदमी पार्टी से जुड़े आशीष खेतान का कहना है, यूपीए सरकार भले ही अयोग्य रही हो, वह इन समूहों की विचारधारा से इत्तेफ़ाक नहीं रखती थी, लेकिन वर्तमान सत्ता को इन्हीं समूहों से समर्थन मिलता है.

New Delhi: Demonstrators hold placards with the picture of journalist Gauri Lankesh during a 'Not In My Name' protest at Jantar Mantar in New Delhi on Thursday. PTI Photo(PTI9_7_2017_000157B)

पाकिस्तान का वर्तमान अब भारत का भविष्य नज़र आने लगा है

शब्द और विचार हर किस्म के कठमुल्लों को बहुत डराते हैं. विचारों से आतंकित लोगों ने अब शब्दों और विचारों के ख़िलाफ़ ​बंदूक उठा ली है.