MNREGA

केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश की मुरैना लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार नरेंद्र सिंह तोमर. (फोटो साभार: फेसबुक)

सरकार मनरेगा को हमेशा चलाए रखने की पक्षधर नहीं: ग्रामीण विकास मंत्री

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन में कहा कि मनरेगा गरीबों के लिए है और मोदी सरकार का लक्ष्य गरीबी को ख़त्म करना है. गरीबी दूर करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है.

(फोटो साभार: UN Women/Gaganjit Singh/Flickr CC BY-NC-ND 2.0)

आख़िर क्यों मनरेगा मज़दूरों को नहीं मिलती उचित मज़दूरी?

देश में दूसरे रोज़गारों की उपलब्धता इतनी कम है कि ग्रामीणों को मजबूरन मनरेगा में काम करना पड़ रहा है. इस स्थिति में यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि मनरेगा में कार्यरत ग्रामीण बंधुआ मज़दूर बन गए हैं. उनके लिए न तो एक सम्मानजनक मानदेय है और न ही समय पर मज़दूरी मिलने की कोई उम्मीद.

Village women work at a dry pond under the Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act (MNREGA) in a village on the outskirts of Kolkata, 11 February 2014. (Photo: Reuters)

चुनावी मौसम में मज़दूर राजनीतिक विमर्श से ग़ायब क्यों हैं?

किसी भी राष्ट्र के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या होगा जहां करोड़ों मज़दूरों की दुर्दशा राष्ट्रीय चेतना और राजनीतिक विमर्श का हिस्सा ही नहीं है.

Job seekers fill up forms for registration in Chinchwad, India, February 7, 2019 (Danish Siddiqui / REUTERS)

नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशनल स्कीम: 20 लाख युवाओं को करना था रोज़गार के लिए तैयार, हुए सिर्फ 2.90 लाख

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हक़ीक़त पर विशेष सीरीज: 2016 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य रोज़गार के अवसर पैदा करना और युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें रोज़गार देना था. आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक 31 मार्च 2018 तक 20 लाख प्रशिक्षुओं को तैयार करने का लक्ष्य था, जिसमें से केवल 2.90 लाख प्रशिक्षु तैयार हुए. इनमें से भी महज़ 17, 493 को इस योजना का लाभ मिला.

**BEST QUALITY AVAILABLE** Narayanpet: People gather at the site where many labourers reportedly died after a mound of earth collapsed on them, at Narayanpet district, Telangana, Wednesday, April 10, 2019. (PTI Photo)(PTI4_10_2019_000049B)

तेलंगाना: मनरेगा मज़दूरों पर मिट्टी का ढेर गिरा, 10 महिला श्रमिकों की मौत

तेलंगाना के नारायणपेट ज़िले का मामला. मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने इस घटना पर दुख जताते हुए इसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया. अधिकारियों को घायल और मृतकों के परिवार को हरसंभव मदद पहुंचाने का निर्देश दिया है.

Labourers load a truck as they try to revive a dried lake under the National Rural Employment Guarantee Act (NREGA) at Ibrahimpatnam, on the outskirts of Hyderabad, June 17, 2009. The government has started a pilot project to quantify climate benefits from the NREGA, the anti-poverty scheme that could become one of the country's main weapons to fight criticism it is not doing enough to tackle global warming. The flagship anti-poverty plan, started three years ago, provides 100 days of employment every year to tens of millions of rural poor, a move that partly helped the Congress party-led coalition return to power in a general election. REUTERS/Krishnendu Halder (INDIA ENVIRONMENT BUSINESS EMPLOYMENT) - RTR24QZU

मोदी सरकार ने मनरेगा मज़दूरी में सबसे कम बढ़ोतरी की, मात्र 1-5 रुपये ही बढ़ाए गए

केंद्र की मोदी सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए राज्यवार मनरेगा मज़दूरी को अधिसूचित किया है. इसके तहत छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मज़दूरों की रोज़ाना मज़दूरी में एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं हुई है.

राहुल गांधी. (फोटो साभार: ट्विटर/@INCIndia)

नरेंद्र मोदी अमीरों को पैसा देते हैं, कांग्रेस ग़रीबों को पैसा देगीः राहुल गांधी

एक चुनावी सभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि न्यूनतम आय योजना के बारे में कहा कि हमने मनरेगा-1 के जरिए 14 करोड़ भारतीयों को ग़रीबी से बाहर निकाला था. यह मनरेगा का दूसरा चरण है, जहां हम 25 करोड़ लोगों को ग़रीबी से बाहर निकालेंगे.

(फोटो: रॉयटर्स)

ग्रामीण संकट: आठ सालों में पिछले साल मनरेगा के तहत नौकरियों की सबसे अधिक मांग रही

मौजूदा वित्त वर्ष (25 मार्च तक) में मनरेगा के तहत 255 करोड़ व्यक्ति कार्य दिवस पैदा किया गया जो कि 2010-11 के बाद से इस योजना के तहत व्यक्ति कार्य दिवस की सबसे अधिक संख्या है.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi at the silver jubilee celebration of National Human Right Commission, in New Delhi, Friday, Oct 12, 2018. (PTI Photo/Atul Yadav) (PTI10_12_2018_100099B)

मनरेगा फंड में कमी: 250 सांसदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा पत्र

पत्र में कहा गया है, ‘आपकी सरकार में देश के विकास को गति देने के लिए रोजगार और नौकरियों के सृजन का बार बार वादा किए जाने के बावजूद देश की एकमात्र रोजगार गारंटी योजना मनरेगा को धीरे धीरे समाप्त किया जा रहा है.’

(फोटो: रॉयटर्स)

मनरेगा की मज़दूरी के भुगतान में देरी स्वीकार्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

शीर्ष अदालत ने कहा कि मज़दूरों को काम पूरा होने के एक पखवाड़े के भीतर अपना भुगतान पाने का अधिकार है. यदि कोई खामी है तो यह राज्य सरकारों और ग्रामीण विकास मंत्रालय की ज़िम्मेदारी है.

(फोटो: रॉयटर्स)

‘मुनाफ़े के लिए नहीं बल्कि ग़रीबों के लिए चलाएं सरकारी बैंक’

मज़दूर दिवस के मौके पर झारखंड के मनरेगा मज़दूर और पेंशनधारियों ने बैंक भुगतान में आ रही समस्याओं के बारे में रिज़र्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल को अपनी मांगें लिखकर भेजी हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

मनरेगा की गुणवत्ता सुधारने के नाम पर मज़दूरों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है

मनरेगा अब काम का अधिकार देने की बजाय स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और समेकित बाल विकास सेवाओं जैसे कार्यक्रमों की आवश्यकताएं पूरा करने का साधन ज़्यादा बन गया है.

Village women work at a dry pond under the Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act (MNREGA) in a village on the outskirts of Kolkata, 11 February 2014. (Photo: Reuters)

छत्तीसगढ़: भाजपा विधायक ने कहा- 2015 से मनरेगा मज़दूरों को नहीं मिली मज़दूरी

सदन में भाजपा विधायक ने उठाया मज़दूरों को भुगतान न होने का मुद्दा. समर्थन में विपक्ष ने कहा कि पूरे प्रदेश में यही हाल है.

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झारखंड: मनरेगा मज़दूरों की ज़रूरतें राजनीतिक नारे से कहीं ज़्यादा हैं

भाजपा की रघुबर दास सरकार के बड़े बोलों के बावजूद राज्य में मनरेगा मज़दूरों को नियत समय पर भुगतान मिलने जैसे कई अधिकारों का व्यापक स्तर पर उल्लंघन हो रहा है.

Applicants look at job offers displayed on a glass window of a recruitment agency in Manila in this October 9, 2010 file photo.   REUTERS/Cheryl Ravelo/File Photo

पर्याप्त रोज़गार पैदा नहीं होने से देश में बढ़ेगी आय असमानता: अध्ययन

वित्तीय सेवा प्रदाता एमबिट कैपिटल के अध्ययन में बताया गया है कि बेरोज़गारी और असमानता के कारण अपराधों में तेज़ी और सामाजिक तनाव में वृद्धि हो सकती है.

फोटो: पीटीआई

बिहार में मनरेगा कार्यकर्ता की गिरफ़्तारी का सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया विरोध

नरेगा संघर्ष मोर्चा ने मनरेगा कार्यकर्ता संजय साहनी की गिरफ़्तारी की निंदा करते हुए कहा है कि भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लगातार संघर्ष के कारण समाज परिवर्तन शक्ति संगठन के लोगों पर निशाना साधा जा रहा है.

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मिड डे मील चाहिए तो आधार कार्ड दिखाइए

मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से जारी फरमान के अनुसार, स्कूली बच्चों के अलावा मिड डे मील बनाने वाले रसोइयों और सहायकों के पास भी आधार कार्ड होना ज़रूरी है.