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मध्य प्रदेश: ज़हरीली शराब के मामलों में मृत्युदंड देने के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की मंज़ूरी

मंत्रिमंडल ने मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम (संशोधन) विधेयक 2021 को मंज़ूरी दी है. इसमें ज़हरीली शराब के सेवन से हुई मौतों से संबंधित मामलों में मृत्युदंड, आजीवन कारावास और 20 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

मध्य प्रदेश: ‘ज़हरीली शराब से 24 मौतों के बाद सरकार जागी, पहले कार्रवाई करती तो कोई मरता नहीं’

ग्राउंड रिपोर्ट: मुरैना ज़िले के मानपुर, छैरा समेत आसपास के कुछ गांवों में बीते हफ़्ते ज़हरीली शराब से 24 लोगों की मौत हो गई. इसके बाद ज़िले के ही तीन अन्य गांवों में पांच और लोगों की जान गई. ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में फल-फूल रहे अवैध शराब के धंधे के बारे में कई शिकायतें कीं, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया.

मुरैना ज़हरीली शराब कांड: मरने वालों की संख्या 24 हुई, डीएम एवं एसपी को हटाने का निर्देश

मध्य प्रदेश के मुरैना ज़िले के बागचीनी और सुमावली थाना क्षेत्र का मामला. राज्य सरकार ने इस घटना के सभी पहलुओं पर जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है. मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में सीधे तौर पर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा.

मध्य प्रदेश: मुरैना में ज़हरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत, कई बीमार

घटना मुरैना ज़िले के बागचीनी और सुमावली थाना क्षेत्र की है. पुलिस के अनुसार कुछ ग्रामीणों ने सफ़ेद रंग की शराब का सेवन किया, जिसके बाद उनकी तबियत बिगड़ी. मामले में संबंधित थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया है.

‘हम अभिनय के छात्र हैं और बिना प्रैक्टिकल किए हमारी पढ़ाई पूरी नहीं हो सकती’

भोपाल में मध्य प्रदेश स्कूल ऑफ ड्रामा के एक वर्षीय अभिनय प्रशिक्षण कोर्स के 2019-20 सत्र के विद्यार्थी बीते दो सप्ताह से अधिक समय से प्रबंधन के ख़िलाफ़ आंदोलनरत हैं. उनका कहना है कि कोरोना के चलते उनके बैच को प्रमोशन देकर नया सत्र शुरू किया जा रहा है जबकि उनका प्रशिक्षण अभी तक पूरा नहीं हुआ है.

पत्रकार रवीश कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए भाषण लिखा है, क्या वे इसे पढ़ सकते हैं?

भाजपा की सरकार ने उच्च शिक्षा पर उच्चतम पैसे बचाए हैं. हमारा युवा ख़ुद ही प्रोफेसर है. वो तो बड़े-बड़े को पढ़ा देता है जी, उसे कौन पढ़ाएगा. मध्य प्रदेश का पौने छह लाख युवा कॉलेजों में बिना प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक के ही पढ़ रहा है. हमारा युवा देश मांगता है, कॉलेज और कॉलेज में टीचर नहीं मांगता है.