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A woman winnowing wheat at a wholesale grain market on the outskirts of Ahmedabad, Gujarat, May 7, 2013. Credit Amit Dave/Reuters

किसानों को लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का वादा एक जुमले से ज़्यादा कुछ नहीं

बजट में न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर केंद्र की मोदी सरकार की ओर से किए गए प्रावधानों पर कृषि विशेषज्ञों को संदेह है. उनके अनुसार, न्यूनतम समर्थन मूल्य में इज़ाफ़ा काफ़ी नहीं, यह भी देखा जाना ज़रूरी है कि बहुत थोड़े किसानों की पहुंच एमएसपी तक है.

Kolkata: Farmers plant paddy saplings in a field as the Boro paddy season starts, in the outskirts of Kolkata on Monday morning. PTI Photo (PTI1_29_2018_000045B)

बजट किसानों को चकमा देने के लिए होगा, वादे लबालब और नतीजे ठनठन

आपके मुल्क में अक्टूबर से लेकर आधी जनवरी तक एक फिल्म को लेकर बहस हुई है. साढ़े तीन महीने बहस चली. नौकरी पर इतनी लंबी बहस हुई? बेहतर है आप भी सैलरी की नौकरी छोड़ हिंदू-मुस्लिम डिबेट की नौकरी कर लीजिए.

पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा और द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु. (फोटो: द वायर)

मोदी के कार्यकाल को देखें तो यह आर्थिक मोर्चे पर नाकामी की कहानी है: यशवंत सिन्हा

विशेष साक्षात्कार: पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत सिन्हा से मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों, कृषि संकट और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलता तो 36,000 करोड़ का होगा नुकसान: किसान संगठन

20 नवंबर को कृषि उत्पादों के लाभकारी मूल्य, ऋण माफी और अन्य मांगों को लेकर दिल्ली में होगी किसान मुक्ति संसद.

Modi Farmers PTI

जिस सरकार ने नोटबंदी की, उसी को क़र्ज़ माफ़ी का ख़र्च भी उठाना चाहिए

अगर न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग उथली राजनीति है तो नरेंद्र मोदी का देश भर में घूम-घूम कर चुनावी सभाओं में वादा करना उथली राजनीति नहीं थी?

New Delhi: Children of the farmers who have committed suicide take part in a protest against the issue during 'Kisan Mukti Sansad' at Jantar Mantar, in New Delhi on Wednesday. PTI Photo by Subhav Shukla (PTI7_19_2017_000059A)

‘जीएसटी के लिए संसद को 12 बजे रात को खोला जा सकता है, मगर किसानों पर एक मिनट बात नहीं हो सकती’

राजग में शामिल पार्टी के सांसद का सवाल, क्या किसान आतंकवादी हैं? विपक्ष ने कहा, पहले फ़सलों के दाम दोगुना करने का वादा किया, अब किसानों पर गोली चला रही है सरकार.