MSP

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

प्याज 70-80 रुपये किलो पहुंची, स्टॉक की सीमा पर विचार कर रही है सरकार

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में पिछले सप्ताह प्याज की खुदरा कीमत 57 रुपये किलो रही. वहीं मुंबई में यह 56 रुपये, कोलकाता में 48 रुपये और चेन्नई में 34 रुपये किलो थी. गुरुग्राम और जम्मू में प्याज 60 रुपये किलो पर पहुंच गया है.

Kolkata: Farmers plant paddy saplings in a field as the Boro paddy season starts, in the outskirts of Kolkata on Monday morning. PTI Photo (PTI1_29_2018_000045B)

खरीफ 2019-20 की फसलों के एमएसपी में मामूली बढ़ोतरी, धान में सिर्फ 3.7 फीसदी की वृद्धि

केंद्र सरकार द्वारा धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 65 रुपये प्रति क्विंटल, ज्वार में 120 रुपये प्रति क्विंटल और रागी में 253 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है.

MS Swaminathan mssrf foundation

किसानों की आय बढ़ाने के लिए धान की फसल के हर हिस्से की मूल्यवृद्धि की ज़रूरत: स्वामीनाथन

भारत में हरित क्रांति के जनक एमएस स्वामीनाथन ने राष्ट्रीय किसान आयोग की सिफारिशों को जल्द लागू करने की मांग की. इसके मुताबिक किसानों को लागत का कम से कम डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलना चाहिए.

Budgam: Farmers work in a paddy field during the harvesting season of the crop, in Budgam district of central Kashmir, Sunday, September 30, 2018. The yield of this year is better than the last year, as per reports. ( PTI Photo/S Irfan) (PTI9_30_2018_000081B)

किसानों की आय दोगुनी करना मोदी सरकार की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है

वीडियो: बीते पांच सालों में किसानों की आय के मुद्दे पर लगातार विरोध प्रदर्शन हुए. द वायर के कबीर अग्रवाल बता रहे हैं कि अपने दूसरे कार्यकाल में फसलों की कीमत और किसानों की आय बढ़ाना मोदी सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है.

नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पर 8 अप्रैल 2019 को भाजपा का घोषणापत्र जारी करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह. (फोटो: रॉयटर्स)

भाजपा को भरोसा है कि नौजवान अपनी बेरोज़गारी सीने से चिपकाए उसे नाचते-गाते वोट दे आएंगे

घोषणा-पत्र में सरकारी नौकरियों को एक शब्द के लायक न समझकर भाजपा ने साबित कर दिया है कि उसके लिए नौजवान और रोज़गार दोनों का मतलब बदल गया है.

Kolkata: Farmers plant paddy saplings in a field as the Boro paddy season starts, in the outskirts of Kolkata on Monday morning. PTI Photo (PTI1_29_2018_000045B)

भारत के पास नहीं हैं सही और प्रामाणिक कृषि आंकड़े

कृषि क्षेत्र के बहुत सारे आंकड़े या तो उपलब्ध नहीं है या देरी से जारी किए गए हैं. अक्सर, यह आंकड़े, दूसरे आंकड़ों से मिलते जुलते नहीं हैं.

A worker prepares to package a milk from Holstein Friesian cows into retail sachets at the Som milk farm in the outskirts of Mogadishu, Somalia August 1, 2018.  Picture taken August 1, 2018.  REUTERS/Feisal Omar - RC16ABF2B6B0

जलवायु परिवर्तन के दायरे में दुग्ध उत्पादन भी, नहीं संभले तो अगले साल तक दिखने लगेगा असर

भाजपा सांसद मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 तक चावल के उत्पादन में चार से छह प्रतिशत, आलू में 11 प्रतिशत, मक्का में 18 प्रतिशत और सरसों के उत्पादन में दो प्रतिशत तक की कमी संभावित है. इसके अलावा एक डिग्री सेल्सियस तक तापमान वृद्धि के साथ गेंहू की उपज में 60 लाख टन तक कमी आ सकती है.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi being presented a "Plough" as symbol of farming at the launching ceremony of DD Kisan Channel, in New Delhi on May 26, 2015. 
The Union Minister for Agriculture, Shri Radha Mohan Singh is also seen.

कृषि को लेकर नीतियां बहुत हैं लेकिन किसानों की आय बढ़ाने पर ज़ोर नहीं: संसदीय समिति

वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने कहा कि सरकार टिकाऊ खेती के लिए पहल तो कर रही है लेकिन उसमें किसान केंद्र में नहीं है. स्थायी व्यवसाय के रूप में कृषि तभी बच सकती है जब किसानों को खुद को बचाए रखने का मौका दिया जाएगा.

फोटो: रॉयटर्स

19000 किलो आलू बेचने पर किसान को मिले 490 रुपये, नाराज़ होकर पूरा पैसा मोदी को भेजा

उत्तर प्रदेश में आगरा के किसान प्रदीप शर्मा ने फसल बीमा के संबंध में कृषि विभाग में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया है. इससे पहले शर्मा ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी थी.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

जलवायु परिवर्तन से कृषि पर पड़ रहा बुरा प्रभाव, 23 प्रतिशत तक कम हो सकता है गेहूं का उत्पादन

विशेष रिपोर्ट: कृषि मंत्रालय ने वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली संसद की प्राक्कलन समिति को बताया कि अगर समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो धान, गेहूं, मक्का, ज्वार, सरसों जैसी फसलों पर जलवायु परिवर्तन का काफी बुरा प्रभाव पड़ सकता है. समिति ने इस समस्या को हल करने के लिए सरकार की कोशिशों को नाकाफी बताया है.

फोटो: रॉयटर्स

किसानों को नहीं मिल रही एमएसपी, औने-पौने दाम पर उपज बेचने को मजबूर

सभी फसलों के लिए एमएसपी निर्धारित नहीं की जाती है जिसकी वजह से टमाटर, प्याज और आलू जैसे उत्पादों की हालत बेहद ख़राब है.

Rahul Gandhi Chhattisgarh Leaders 2 Twitter

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के लिए यह प्रायश्चित करने का मौका है

जहां एक ओर कांग्रेस के लिए यह नक्सल समस्या को सुलझाने का एक नया मौका है, वहीं राहुल गांधी के लिए यह साबित करने का अवसर है कि वे और उनकी पार्टी वास्तव में देश के आदिवासियों की चिंता करते हैं.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi looks on during the launch of India Post Payments Bank (IPPB), in New Delhi on Saturday, Sept 1, 2018. (PTI Photo/Subhav Shukla) (PTI9 1 2018 000073B)

पीएमओ ने वापस लौटाया नाराज़ किसान का मनीऑर्डर, कहा- ऑनलाइन भेजो पैसे

महाराष्ट्र के किसान संजय साठे ने 750 किलो प्याज़ के महज़ 1,064 रुपये मिलने से नाराज़ होकर इसे मनीऑर्डर के ज़रिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा था. पीएमओ ने इसे लेने से इनकार करते हुए उन्हें डिजिटल माध्यम से पैसे भेजने को कहा है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

महाराष्ट्र: कम दाम मिलने के कारण दो दिन में दो प्याज़ किसानों ने की आत्महत्या

प्याज़ की कम कीमत मिलने के कारण तात्याभाउ खैरनर और मनोज धोंडगे ने आत्महत्या कर ली. महाराष्ट्र से लगातार ये ख़बरे आ रही हैं कि प्याज के किसान अपने उत्पाद को कम दाम में बेचने को मजबूर हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

महाराष्ट्र: 2,657 किलो प्याज़ बेचने पर 6 रुपये की बचत, नाराज़ किसान ने पूरा पैसा मुख्यमंत्री को भेजा

अहमदनगर ज़िले के एक किसान श्रेयस अभाले ने 2,657 किलो प्याज़ बेची तो उन्हें 2,916 रुपये मिले. मजदूरी और परिवहन पर आए ख़र्च के तौर पर 2,910 रुपये चुकाने के बाद किसान के पास मात्र छह रुपये बचे.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

महाराष्ट्र: 500 किलो प्याज़ बेचने पर मिले 216 रुपये, किसान ने मुख्यमंत्री को भेजे

नासिक की येओला तहसील में कृषि उत्पादन बाजार समिति में एक किसान ने 545 किलोग्राम प्याज़ 51 पैसे प्रति किलोग्राम के भाव से बेचा. किसान का कहना है कि क्षेत्र में सूखे जैसी स्थिति है. इस आय में कैसे घर चलाऊं, कैसे अपने क़र्ज़ चुकाऊं.

Kupwara: Army personnel cordon off the spot where militants were hiding during an encounter in which four militants and four security personnel including two policemen and two army jawans were killed, at Halmatpora in Kupwara district of North Kashmir on Wednesday. PTI Photo (PTI3_21_2018_000161B)

केंद्र ने एक लाख से ज़्यादा सैन्यकर्मियों को ज़्यादा मिलिट्री सेवा भत्ता देने की मांग ख़ारिज की

मोदी सरकार के इस फैसले से थलसेना के 87,646 जूनियर कमीशंड अधिकारी और नौसेना एवं वायुसेना में जूनियर कमीशंड अधिकारियों के समकक्ष 25,434 कर्मचारियों सहित क़रीब 1.12 लाख सैन्यकर्मी प्रभावित होंगे.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

मध्य प्रदेश: मंडी में कौड़ियों के भाव लहसुन-प्याज़, फसल फेंकने को मजबूर किसान

राज्य की सबसे बड़ी नीमच मंडी में प्याज़ 50 पैसे प्रति किलोग्राम और लहसुन 2 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बिका. मंडी सचिव का कहना है कि किसान बेहतर गुणवत्ता का माल लेकर मंडी आएंगे तो बेहतर दाम मिलेगा.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

750 किलो प्याज़ बेचने पर मिले महज़ 1064 रुपये, नाराज़ किसान ने पूरा पैसा नरेंद्र मोदी को भेजा

महाराष्ट्र के संजय साठे नाम के एक किसान को अपना 750 किलो प्याज़ मात्र 1.40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचनी पड़ी. इससे नाराज़ किसान ने पूरा पैसा प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के आपदा राहत कोष में दान कर दिया.

Farmers Protest Delhi The Wire

हम भी भारत, एपिसोड 57, देश भर से आए किसानों के ‘मन की बात’

राजधानी दिल्ली में देश भर से इकट्ठा हुए हज़ारों किसान संसद का एक संयुक्त सत्र बुलाने की मांग कर रहे हैं, जहां कृषि संकट से जुड़े उनके सवाल उठाए जा सकें. किसानों से आरफा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

राजधानी नई दिल्ली में हुए किसान आंदोलन के दौरान अरविंद केजरीवाल, फ़ारूक़ अब्दुल्ला, शरद पवार, सीताराम येचुरी और अन्य नेताओं के साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

मोदी अगर 15 अमीरों का क़र्ज़ माफ़ कर सकते हैं तो किसानों का क्यों नहीं: राहुल गांधी

राजधानी नई दिल्ली में हुए किसानों के आंदोलन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी दलों के कई नेता साथ नज़र आए. किसानों ने कहा कि राहुल गांधी ने वादे किए हैं, समय आने पर हिसाब लिया जाएगा.

New Delhi: All India Kisan Sangharsh Coordination Committee (AIKSCC) members and farmers arrive for a two-day rally to press for their demands, including debt relief and remunerative prices for their produce, at Ramlila Maidan in New Delhi, Thursday, Nov. 29, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_29_2018_000077B)

दिल्ली की सड़कों पर उतरे देश भर के किसान बोले- अयोध्या नहीं, क़र्ज़ माफ़ी

गुरुवार को रामलीला मैदान में देश के विभिन्न हिस्सों से आए किसानों ने कहा कि उन्हें राम मंदिर या राम मूर्ति के बजाय क़र्ज़ माफ़ी और अपने उत्पादों का लाभकारी मूल्य चाहिए.

New Delhi: All India Kisan Sangharsh Coordination Committee (AIKSCC) members and farmers arrive for a two-day rally to press for their demands, including debt relief and remunerative prices for their produce, in New Delhi, Thursday, Nov. 29, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_29_2018_000075B)

‘किसनवा के भेजले मौत के करीब भईया, देसवा क फूटल नसीब भईया’

देश के विभिन्न हिस्सों से आए किसान अपनी मांगों के साथ दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं. इनकी मुख्य मांग है कि उनका कर्ज़ा माफ़ किया जाए और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू कर उन्हें फसलों की लागत का डेढ़ गुना मूल्य दिया किया जाए.

कृषि मामलों के जानकार और पत्रकार पी. साईनाथ. (फोटो: द वायर)

संसद का दरवाज़ा खोलिए, अब किसान देश को संबोधित करेगा: पी. साईनाथ

वीडियो: देश के किसान एक बार फिर विभिन्न मांगों के साथ दिल्ली पहुंच गए हैं. उनकी मांगों और समस्याओं पर कृषि मामलों के जानकार और वरिष्ठ पत्रकार पी. साईनाथ से धीरज मिश्रा की बातचीत.

Shiv Kumar Sharma Kakka Ji FB featured

‘शिवराज सरकार उन पुलिसवालों को बचा रही है, जिनकी गोली से किसानों की जान गई’

साक्षात्कार: मध्य प्रदेश में किसानों की बदहाली किसी से छिपी नहीं. बीते साल हुआ मंदसौर गोलीकांड इसका गवाह है. राज्य में किसान आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, बावजूद इसके प्रदेश में किसानों के मुद्दों पर राजनीतिक दलों ने कोई ख़ास बात नहीं की. किसानों और कृषि के मुद्दों पर राज्य में लंबे समय से काम कर रहे किसान नेता और राष्ट्रीय किसान मज़दूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा (कक्का जी) से दीपक गोस्वामी की बातचीत.

Farmers-Agricuture-India-PTI

ज़्यादातर जगहों पर नहीं मिल रहा किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य, अक्टूबर में 1,000 करोड़ का घाटा

विशेष रिपोर्ट: द वायर की पड़ताल में ये जानकारी सामने आई है कि सोयाबीन के किसानों को सबसे ज़्यादा 542 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. अधिकतर राज्यों में किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी कम दाम पर अनाज बेचने को मजबूर हैं.

Farmers PTI

न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि यूपीए सरकार के मुकाबले काफ़ी कम: आरबीआई

रिज़र्व बैंक ने कहा कि 2008-09 और 2012-13 में यूपीए सरकार द्वारा की गई एमएसपी में वृद्धि मौजूदा दाम के मुकाबले ज़्यादा थी.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the gathering at Kisan Kalyan Mela, in Sehore, Madhya Pradesh on February 18, 2016.

मोदी सरकार फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी पर सच क्यों नहीं बोल रही है?

केंद्र की मोदी सरकार धान का एमएसपी 200 रुपये बढ़ाकर ऐतिहासिक मूल्य वृद्धि का दावा कर रही है लेकिन सच्चाई ये है कि ये मूल्य स्वामीनाथन आयोग की सिफ़ारिश के मुक़ाबले 590 रुपये कम है.

Mumbai: Farmers of All Indian Kisan Sabha (AIKS) march from Nashik to Mumbai to gherao Vidhan Bhawan on March 12, demanding a loan waiver, in Mumbai on Sunday. PTI Photo by Mitesh Bhuvad (PTI3_11_2018_000152B)

कृषि संकट पर अखिल भारतीय किसान सभा का जेल भरो आंदोलन, एमएस स्वामीनाथन ने किया समर्थन

कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन ने कहा कि किसानों के लिए सी2+50 प्रतिशत पर आधारित एमएसपी और एक अनुकूल खरीद नीति होनी चाहिए.

EP 279 Raw

जन गण मन की बात, एपिसोड 279: किसान आंदोलन और भारत-पाक सैन्य अभ्यास

जन गण मन की बात की 279वीं कड़ी में विनोद दुआ नई दिल्ली में हुए किसान आंदोलन और भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले सैन्य अभ्यास पर चर्चा कर रहे हैं.

Jaipur: A farmer harvests wheat crop at a field in Chandlai village of Jaipur on Friday. PTI Photo(PTI3_23_2018_000200B)

न्यूनतम समर्थन मूल्य: मोदी सरकार का ऐतिहासिक दाम का दावा ऐतिहासिक झूठ है

वीडियो: मोदी सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य में किए गए बदलाव और किसानों के मुद्दों पर स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव से कबीर अग्रवाल की बातचीत.

Newspapers Collage

अख़बारों की चिंता में किसान नहीं बल्कि उनके उत्पादों का इस्तेमाल करने वाले लोग हैं

अमर्त्य सेन कह चुके हैं कि भारतीय मीडिया तेज़ी से अमीरों का पक्षधर होता जा रहा है, बीते महीने हुए किसान आंदोलन की हिंदी अख़बारों में कवरेज सेन के कथन की पुष्टि करती है. आंदोलन के दौरान अख़बारों की चिंता किसानों की समस्याएं, उनकी दयनीय हालत और हालत के लिए ज़िम्मेदार लोगों के बजाय आंदोलन के चलते उत्पादों की बढ़ी कीमतें और इससे शहरों में हुई परेशानी रही.

योगेंद्र यादव. (फोटो: द वायर)

मुझे डराने के लिए मोदी सरकार मेरे परिवार को निशाना बना रही है: योगेंद्र यादव

स्वराज इंडिया पार्टी के नेता योगेंद्र यादव ने किसानों को फसल की उचित कीमत दिलाने और हरियाणा के रेवाड़ी में शराब की दुकानों के ख़िलाफ़ आंदोलन छेड़ा हुआ है. यादव ने कहा कि आयकर विभाग ने मुझे डराने के लिए मेरी बहन के अस्पताल पर छापा मारा.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

महाराष्ट्र में मई के ​आख़िर तक 1092 किसान ने की आत्महत्या

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के क्षेत्र विदर्भ में सबसे ज़्यादा किसानों ने आत्महत्या की है. पिछले पांच महीने में विदर्भ में 504 किसानों ने आत्महत्या की.

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​जन गण मन की बात, एपिसोड 270: सोशल मीडिया और न्यूनतम समर्थन मूल्य

जन गण मन की बात की 270वीं कड़ी में विनोद दुआ फेक न्यूज़, ट्रोलिंग और लिंचिंग की घटनाओं के लिए सोशल मीडिया को ज़िम्मेदार ठहराने की प्रवृत्ति और केंद्र सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य में किए गए बदलाव पर चर्चा कर रहे हैं.

Kolkata: Farmers plant paddy saplings in a field as the Boro paddy season starts, in the outskirts of Kolkata on Monday morning. PTI Photo (PTI1_29_2018_000045B)

न्यूनतम समर्थन मूल्य में इज़ाफ़ा करके वादा निभाया: मोदी, कांग्रेस ने कहा- चुनावी लॉलीपॉप

अखिल भारतीय किसान सभा ने कहा, धान के एमएसपी में 200 रुपये की वृद्धि किसानों के साथ ऐतिहासिक विश्वासघात है.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 254: विश्व पर्यावरण दिवस और किसान आंदोलन

जन गण मन की बात की 254वीं कड़ी में विनोद दुआ विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर देश में बढ़ते प्रदूषण और विभिन्न मांगों को लेकर गांवबंद आंदोलन कर रहे किसानों पर चर्चा कर रहे हैं.

मोकामा टाल स्थित चिंतामणिचक के किसान भवेश कुमार का कहना है कि व्यापारी दाल खरीद भी लेते हैं तो तुरंत पैसा नहीं देते हैं. (फोटो: उमेश कुमार राय/द वायर)

दाल का कटोरा कहे जाने वाले मोकामा टाल के किसान नरेंद्र मोदी से नाराज़ क्यों है

बिहार से ग्राउंड रिपोर्ट: लाखों दलहन किसान अपनी फसल को लागत से कम कीमत पर बेचने को मजबूर हैं.

फोटो: रॉयटर्स

1 से 10 जून के बीच देश भर में किसान करेंगे ‘गांवबंदी’

राष्ट्रीय किसान महासंघ ने देश भर में एक जून से दस दिनों तक सब्जियों, अनाजों और दूध जैसे कृषि उत्पादों की आपूर्ति नहीं करने की घोषणा की है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

न्यूनतम समर्थन मूल्य का वादा पूरा नहीं किया तो अगले चुनाव में सरकार बदल देंगे: किसान यूनियन

भारतीय किसान यूनियन ने कहा कि किसानों की स्थिति पहले कभी इतनी दयनीय नहीं थी. सरकार को महज़ 24 फसलों का ही नहीं बल्कि सारी फसलों का एमएसपी निर्धारित करना चाहिए.