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न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि यूपीए सरकार के मुकाबले काफ़ी कम: आरबीआई

रिज़र्व बैंक ने कहा कि 2008-09 और 2012-13 में यूपीए सरकार द्वारा की गई एमएसपी में वृद्धि मौजूदा दाम के मुकाबले ज़्यादा थी.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the gathering at Kisan Kalyan Mela, in Sehore, Madhya Pradesh on February 18, 2016.

मोदी सरकार फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी पर सच क्यों नहीं बोल रही है?

केंद्र की मोदी सरकार धान का एमएसपी 200 रुपये बढ़ाकर ऐतिहासिक मूल्य वृद्धि का दावा कर रही है लेकिन सच्चाई ये है कि ये मूल्य स्वामीनाथन आयोग की सिफ़ारिश के मुक़ाबले 590 रुपये कम है.

Mumbai: Farmers of All Indian Kisan Sabha (AIKS) march from Nashik to Mumbai to gherao Vidhan Bhawan on March 12, demanding a loan waiver, in Mumbai on Sunday. PTI Photo by Mitesh Bhuvad (PTI3_11_2018_000152B)

कृषि संकट पर अखिल भारतीय किसान सभा का जेल भरो आंदोलन, एमएस स्वामीनाथन ने किया समर्थन

कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन ने कहा कि किसानों के लिए सी2+50 प्रतिशत पर आधारित एमएसपी और एक अनुकूल खरीद नीति होनी चाहिए.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 279: किसान आंदोलन और भारत-पाक सैन्य अभ्यास

जन गण मन की बात की 279वीं कड़ी में विनोद दुआ नई दिल्ली में हुए किसान आंदोलन और भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले सैन्य अभ्यास पर चर्चा कर रहे हैं.

Jaipur: A farmer harvests wheat crop at a field in Chandlai village of Jaipur on Friday. PTI Photo(PTI3_23_2018_000200B)

न्यूनतम समर्थन मूल्य: मोदी सरकार का ऐतिहासिक दाम का दावा ऐतिहासिक झूठ है

वीडियो: मोदी सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य में किए गए बदलाव और किसानों के मुद्दों पर स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव से कबीर अग्रवाल की बातचीत.

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अख़बारों की चिंता में किसान नहीं बल्कि उनके उत्पादों का इस्तेमाल करने वाले लोग हैं

अमर्त्य सेन कह चुके हैं कि भारतीय मीडिया तेज़ी से अमीरों का पक्षधर होता जा रहा है, बीते महीने हुए किसान आंदोलन की हिंदी अख़बारों में कवरेज सेन के कथन की पुष्टि करती है. आंदोलन के दौरान अख़बारों की चिंता किसानों की समस्याएं, उनकी दयनीय हालत और हालत के लिए ज़िम्मेदार लोगों के बजाय आंदोलन के चलते उत्पादों की बढ़ी कीमतें और इससे शहरों में हुई परेशानी रही.

योगेंद्र यादव. (फोटो: द वायर)

मुझे डराने के लिए मोदी सरकार मेरे परिवार को निशाना बना रही है: योगेंद्र यादव

स्वराज इंडिया पार्टी के नेता योगेंद्र यादव ने किसानों को फसल की उचित कीमत दिलाने और हरियाणा के रेवाड़ी में शराब की दुकानों के ख़िलाफ़ आंदोलन छेड़ा हुआ है. यादव ने कहा कि आयकर विभाग ने मुझे डराने के लिए मेरी बहन के अस्पताल पर छापा मारा.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रायटर्स)

महाराष्ट्र में मई के ​आख़िर तक 1092 किसान ने की आत्महत्या

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के क्षेत्र विदर्भ में सबसे ज़्यादा किसानों ने आत्महत्या की है. पिछले पांच महीने में विदर्भ में 504 किसानों ने आत्महत्या की.

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​जन गण मन की बात, एपिसोड 270: सोशल मीडिया और न्यूनतम समर्थन मूल्य

जन गण मन की बात की 270वीं कड़ी में विनोद दुआ फेक न्यूज़, ट्रोलिंग और लिंचिंग की घटनाओं के लिए सोशल मीडिया को ज़िम्मेदार ठहराने की प्रवृत्ति और केंद्र सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य में किए गए बदलाव पर चर्चा कर रहे हैं.

Kolkata: Farmers plant paddy saplings in a field as the Boro paddy season starts, in the outskirts of Kolkata on Monday morning. PTI Photo (PTI1_29_2018_000045B)

न्यूनतम समर्थन मूल्य में इज़ाफ़ा करके वादा निभाया: मोदी, कांग्रेस ने कहा- चुनावी लॉलीपॉप

अखिल भारतीय किसान सभा ने कहा, धान के एमएसपी में 200 रुपये की वृद्धि किसानों के साथ ऐतिहासिक विश्वासघात है.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 254: विश्व पर्यावरण दिवस और किसान आंदोलन

जन गण मन की बात की 254वीं कड़ी में विनोद दुआ विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर देश में बढ़ते प्रदूषण और विभिन्न मांगों को लेकर गांवबंद आंदोलन कर रहे किसानों पर चर्चा कर रहे हैं.

मोकामा टाल स्थित चिंतामणिचक के किसान भवेश कुमार का कहना है कि व्यापारी दाल खरीद भी लेते हैं तो तुरंत पैसा नहीं देते हैं. (फोटो: उमेश कुमार राय/द वायर)

दाल का कटोरा कहे जाने वाले मोकामा टाल के किसान नरेंद्र मोदी से नाराज़ क्यों है

बिहार से ग्राउंड रिपोर्ट: लाखों दलहन किसान अपनी फसल को लागत से कम कीमत पर बेचने को मजबूर हैं.

फोटो: रॉयटर्स

1 से 10 जून के बीच देश भर में किसान करेंगे ‘गांवबंदी’

राष्ट्रीय किसान महासंघ ने देश भर में एक जून से दस दिनों तक सब्जियों, अनाजों और दूध जैसे कृषि उत्पादों की आपूर्ति नहीं करने की घोषणा की है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

न्यूनतम समर्थन मूल्य का वादा पूरा नहीं किया तो अगले चुनाव में सरकार बदल देंगे: किसान यूनियन

भारतीय किसान यूनियन ने कहा कि किसानों की स्थिति पहले कभी इतनी दयनीय नहीं थी. सरकार को महज़ 24 फसलों का ही नहीं बल्कि सारी फसलों का एमएसपी निर्धारित करना चाहिए.

A woman winnowing wheat at a wholesale grain market on the outskirts of Ahmedabad, Gujarat, May 7, 2013. Credit Amit Dave/Reuters

किसानों को लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का वादा एक जुमले से ज़्यादा कुछ नहीं

बजट में न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर केंद्र की मोदी सरकार की ओर से किए गए प्रावधानों पर कृषि विशेषज्ञों को संदेह है. उनके अनुसार, न्यूनतम समर्थन मूल्य में इज़ाफ़ा काफ़ी नहीं, यह भी देखा जाना ज़रूरी है कि बहुत थोड़े किसानों की पहुंच एमएसपी तक है.

Kolkata: Farmers plant paddy saplings in a field as the Boro paddy season starts, in the outskirts of Kolkata on Monday morning. PTI Photo (PTI1_29_2018_000045B)

बजट किसानों को चकमा देने के लिए होगा, वादे लबालब और नतीजे ठनठन

आपके मुल्क में अक्टूबर से लेकर आधी जनवरी तक एक फिल्म को लेकर बहस हुई है. साढ़े तीन महीने बहस चली. नौकरी पर इतनी लंबी बहस हुई? बेहतर है आप भी सैलरी की नौकरी छोड़ हिंदू-मुस्लिम डिबेट की नौकरी कर लीजिए.

पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा और द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु. (फोटो: द वायर)

मोदी के कार्यकाल को देखें तो यह आर्थिक मोर्चे पर नाकामी की कहानी है: यशवंत सिन्हा

विशेष साक्षात्कार: पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत सिन्हा से मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों, कृषि संकट और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलता तो 36,000 करोड़ का होगा नुकसान: किसान संगठन

20 नवंबर को कृषि उत्पादों के लाभकारी मूल्य, ऋण माफी और अन्य मांगों को लेकर दिल्ली में होगी किसान मुक्ति संसद.

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जिस सरकार ने नोटबंदी की, उसी को क़र्ज़ माफ़ी का ख़र्च भी उठाना चाहिए

अगर न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग उथली राजनीति है तो नरेंद्र मोदी का देश भर में घूम-घूम कर चुनावी सभाओं में वादा करना उथली राजनीति नहीं थी?

New Delhi: Children of the farmers who have committed suicide take part in a protest against the issue during 'Kisan Mukti Sansad' at Jantar Mantar, in New Delhi on Wednesday. PTI Photo by Subhav Shukla (PTI7_19_2017_000059A)

‘जीएसटी के लिए संसद को 12 बजे रात को खोला जा सकता है, मगर किसानों पर एक मिनट बात नहीं हो सकती’

राजग में शामिल पार्टी के सांसद का सवाल, क्या किसान आतंकवादी हैं? विपक्ष ने कहा, पहले फ़सलों के दाम दोगुना करने का वादा किया, अब किसानों पर गोली चला रही है सरकार.