Muslim

New Delhi: Tight police security at the Jawaharlal Nehru University (JNU), in New Delhi, Monday, Jan. 6, 2020. A group of masked men and women armed with sticks, rods and acid allegedly unleashed violence on the campus  of the University, Sunday evening. (PTI Photo/Atul Yadav) (PTI1_6_2020_000044B)

दिल्ली हिंसा की पटकथा लिखने के बाद पुलिस कोर्ट और जनता को इस पर यक़ीन कराने का प्रयास कर रही है

दिल्ली पुलिस इस बात पर यक़ीन करने को कह रही है कि फरवरी में दिल्ली में हुई हिंसा के पीछे एक षड्यंत्र है और इसमें वे ही लोग शामिल हैं जिन्होंने किसी न किसी रूप में नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में हुए प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था. पुलिस को यह पटकथा उसके राजनीतिक आकाओं ने दी और जांच एजेंसियों ने इसे कहानी के रूप में विकसित किया है.

Paatal Lok

समाज और सिस्टम की पोल खोलते ‘पाताल लोक’ को हिंदूफोबिक कौन बता रहा है?

वीडियो: अमेज़ॉन प्राइम पर आई वेब सीरीज़ ‘पाताल लोक’ लगातार विवादों के केंद्र में है. सोशल ​मीडिया पर इसे हिंदूफोबिक बताया जा रहा है. इसे लेकर आख़िर विवाद क्या है? सृष्टि श्रीवास्तव की समीक्षा.

सुप्रीम कोर्ट. (फोटो: द वायर)

नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ नई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया

नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ दाख़िल की गईं नई याचिकाओं में कहा गया है कि इस क़ानून में मुस्लिम वर्ग को स्पष्ट रूप से अलग रखना संविधान में प्रदत्त मुसलमानों के समता और पंथनिरपेक्षता के अधिकारों का हनन है.

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मोदी को इस्लामोफ़ोबिया के ख़िलाफ़ बोलना चाहिए: गल्फ न्यूज़ के पूर्व संपादक

वीडियो: गल्फ न्यूज़ के पूर्व संपादक ख़ालिद अल-मीना भारत में कोरोना और मुस्लिमों को लेकर हुए विवादों पर कहते हैं कि मैं भारत के हिंदू भाइयों को मैसेज देना चाहता हूं कि अरब में जब कोरोना आया तो हमने धर्म-पहचान-देश देखे बिना सबको बराबर का इलाज दिया.कुछ बुरे लोगों को अपने देश का नाम ख़राब मत करने दीजिए, हिंसा की बात मत कीजिए. उनसे द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

नई दिल्ली का निज़ामुद्दीन मरकज इलाका (फोटो: पीटीआई)

कोविड-19 संक्रमण की आपराधिक जवाबदेही तबलीग़ी जमात के माथे ही क्यों है?

डब्ल्यूएचओ कहता है कि नागरिकों का स्वास्थ्य सरकारों की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है. लेकिन भारत सरकार के यात्राओं पर प्रतिबंध, हवाई अड्डों पर सबकी स्क्रीनिंग के निर्णय में हुई देरी पर बात नहीं हुई, न ही कोविड जांच की बेहद कम दर की बात उठी. जमात ने ग़लती की है पर क्या सरकारों को कभी उनकी नाकामियों के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा?

बिहार के नालंदा जिले के बिहार शरीफ में दुकानों पर लगाए गए भगवा झंडे, जिसे बाद में प्रशासन ने उतरवा दिया. (फोटो: वीडियो ग्रैब)

बिहार में पहचान के लिए दुकानों पर भगवा झंडा बांटने के आरोप में बजरंग दल सदस्यों पर केस

बिहार में नालंदा ज़िले के बिहार शरीफ़ का मामला. पुलिस ने बताया कि आईपीसी ​की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किए जाने के बाद आरोपियों की गिरफ़्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है.

Bihar Sharif Corona Story

क्या नीतीश कुमार के गृह जनपद में मुसलमान सामाजिक बहिष्कार का सामना कर रहे हैं?

कोरोना संकट के दौरान गहराती सांप्रदायिकता का नया उदाहरण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह ज़िले नालंदा के बिहार शरीफ में देखने को मिला है, जहां मुस्लिम रहवासियों का आरोप है कि हिंदू दुकानदारों द्वारा उन्हें सामान नहीं दिया जा रहा और उनका सामाजिक बहिष्कार किया जा रहा है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

कोरोना वायरस: मुंबई में मुस्लिम डिलीवरी बॉय से सामान लेने से इनकार करने वाला व्यक्ति गिरफ़्तार

ठाणे ज़िले के कशीमीरा इलाके का मामला. पुलिस ने धार्मिक भावना को आहत करने के उद्देश्य से दुर्भावनापूर्ण हरकत करने का मामला दर्ज किया है.

रघुराम राजन (फोटो:रॉयटर्स)

कोरोनावायरस महामारी को सांप्रदायिक रंग देना घातक हो सकता है: रघुराम राजन

पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि देश में राष्ट्रवादी भावनाएं वायरस आने से पहले ही मज़बूत थी, लेकिन अब कोरोना संक्रमण के बीच यह और मुखर हो रही हैं.

Jharkhand lynching Jabir Ansari

झारखंड: चोरी के आरोप में भीड़ ने युवक को बेरहमी से पीटा, छह गिरफ़्तार

घटना हज़ारीबाग ज़िले में हुई, जहां रामगढ़ के पतरातू के रहने वाले 25 साल के जाबिर अंसारी को चोरी के इल्ज़ाम में उग्र भीड़ ने बेरहमी से पीटा. पीड़ित के परिजनों ने उनकी मुस्लिम पहचान के चलते पीटे जाने का आरोप लगाया है.

Prayagraj: Police personnel during a search operation for devotees who had recently attended the religious congregation at Tabligh-e-Jamaats Markaz in Delhis Nizamuddin area, in Prayagraj, Wednesday, April 1, 2020. 24 people who attended the Markaz were found positive for COVID-19 as Nizamuddin area became countrys hotspot for the disease. (PTI Photo)(PTI01-04-2020 000087B)

भारतीय मुसलमानों के लिए दोहरी मार बनकर आया है कोरोना वायरस

सब जानते हैं कि कोविड-19 एक घातक वायरस की वजह से फैला है, लेकिन भारत में इसे सांप्रदायिक जामा पहना दिया गया है. आने वाले समय में यह याद रखा जाएगा कि जब पूरे देश में लॉकडाउन हुआ था, तब भी मुसलमान सांप्रदायिक हिंसा का शिकार हो रहे थे.

(फोटो साभार: tatanagar.com)

झारखंड: मुस्लिम महिला का आरोप, अस्पताल के स्टाफ ने की बदसलूकी और धर्म को लेकर अपमानजनक टिप्पणी

घटना जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल की है. महिला का कहना है कि वह गर्भवती थीं और अचानक शुरू हुई ब्लीडिंग के बाद अस्पताल पहुंची थीं, जहां फर्श पर ख़ून गिर जाने पर स्टाफ ने मारपीट की. इसके बाद वह एक निजी अस्पताल गईं, जहां बताया गया कि गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई है.

New Delhi: People who came for ‘Jamat’, a religious gathering at Nizamuddin Mosque, being taken to LNJP hospital for COVID-19 test, after several people showed symptoms of coronavirus, during a nationwide lockdown, in New Delhi, Tuesday, March 31, 2020. (PTI Photo/Vijay Verma)(PTI31-03-2020 000142B)

तबलीग़ी जमात की ग़लती पर बिना दुर्भावना के बात होती, तो बेहतर होता

तबलीग़ी जमात की आलोचना सही है, लेकिन ज़रूरी है कि उनके इतिहास को पढ़ा जाए और सोच समझकर उनके बारे में कोई राय बनाई जाए.

(फोटो: पीटीआई)

भारत सीएए रद्द करे, यह उसके अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का उल्लंघन करता है: मानवाधिकार संस्था

मानवाधिकार संस्था ह्यूमन राइट्स वॉच के दक्षिण एशिया क्षेत्र की निदेशक ने कहा है कि भारत के प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ एकजुट होकर लड़ने की अपील की है, लेकिन उनके द्वारा मुस्लिम विरोधी हिंसा और भेदभाव के खिलाफ लड़ाई में एकता का आह्वान किया जाना अभी बाकी है.

New Delhi: A medic wearing a protective suit as a preventive measure against coronavirus, stands outside the building gate of Lok Nayak Jai Prakash Narayan (LNJP) hospital, in New Delhi, Friday, April 3, 2020. LNJP is among few hospitals in Delhi where COVID 19 patients are attended round the clock. (PTI Photo/ Shahbaz Khan)(PTI03-04-2020_000114B)

कोरोना: तबलीग़ी जमात की ग़लती गंभीर है लेकिन महामारी का सांप्रदायीकरण भी कम आपराधिक नहीं है

इस देश का दुर्भाग्य है कि इतने बड़े संकट में घिरे होने के बाद भी हम भारतीय अपनी कट्टरता, अंधविश्वास और पूर्वाग्रह से बाहर न निकलकर एक वैश्विक महामारी को भी हिंदू-मुसलमान का मुद्दा बनाए दे रहे हैं.