Narendra Modi government

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi pays floral tributes to the bust of Shyama Prasad Mukherjee at BJPs national executive meeting at Talkatora stadium, in New Delhi on Monday. PTI Photo by Kamal Kishore (PTI9 25 2017 000034B)

दीनदयाल उपाध्याय: जो मुसलमानों को समस्या और धर्मनिरपेक्षता को देश की आत्मा पर हमला मानते थे

अंत्योदय का नारा देने वाले दीनदयाल उपाध्याय का कहना था कि अगर हम एकता चाहते हैं, तो हमें भारतीय राष्ट्रवाद को समझना होगा, जो हिंदू राष्ट्रवाद है और भारतीय संस्कृति हिंदू संस्कृति है.

parliyamen aliza

अगर अपशब्दों के स्कूल में वे पास हो जाएंगे तो हमारा समाज फेल हो जाएगा

समाज की नैतिकताएं कमज़ोर हुई हैं. उन्हें कमज़ोर किया गया है. क्योंकि इन्हीं कमज़ोरियों ने जाने कितनों को मज़बूत किया हुआ है.

GST Protest PTI

जीएसटी की मार से व्यापारी बेहाल

वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार बता रहे हैं कि टैक्स वसूलने को लेकर सरकार और व्यापारियों के बीच एक तरह की जंग चल रही है. व्यापारी डर के मारे बोल नहीं पा रहे हैं. कैमरा आॅन होता है तो तारीफ करने लगते हैं.

New Delhi: Congress Vice-President Rahul Gandhi, former PM Manmohan Singh, former JD(U) president Sharad Yadav and CPI(M) General Secretary Sitaram Yechuri attend a day-long convention 'Sajha Virasat Bachao Sammelan' in New Delhi on Thursday. PTI Photo by Kamal Kishore   (PTI8_17_2017_000025B) *** Local Caption ***

शरद के सम्मेलन में बोले राहुल- आरएसएस को जब तक सत्ता नहीं मिली तब तक तिरंगा नहीं फ़हराया

शरद यादव के नेतृत्व में ‘साझी विरासत बचाओ सम्मलेन’ में विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा, संविधान ख़तरे में, देश में अघोषित आपातकाल.

सुप्रीम कोर्ट और आधार कार्ड (फोटो: पीटीआई)

आधार से संबंधित मुद्दों पर संवैधानिक पीठ को करना चाहिए फैसला: उच्चतम न्यायालय

पीठ ने सरकार और याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे प्रधान न्यायाधीश से आधार से जुड़े मुद्दों पर फैसला करने के लिए संवैधानिक पीठ का गठन करने का आग्रह करें.

फोटो: रॉयटर्स

जीएसटी: ‘नई आज़ादी’ के आधी रात के जश्न में गुम न हो जाएं ये सवाल

जीएसटी को लागू किए जाने से पहले सरकार ने छोटे कारोबारियों की चिंताओं को नज़रअंदाज़ किया. किसी को जीएसटी के जटिल प्रारूप के कारण छोटे व्यापारियों पर पड़नेवाले प्रभावों का आकलन करने की फुर्सत नहीं है, जिन पर वकील और सीए अभी से ही शिकारी बाज़ की तरह झपट पड़े हैं.

Jasim-and-Modi

मोदी समर्थक मुस्लिम संगठन की मांग, मुस्लिमों की हत्याओं पर रोक लगाइए

2014 में आम चुनावों में मोदी के जीतने के बाद सबसे पहले उनका अभिवादन करने वाले मुस्लिम कार्यकर्ताओं में से एक जसीम मोहम्मद ने प्रधानमंत्री से मुस्लिमों की हत्याएं रोकने की अपील की है.

Modi Clash

बढ़ते सामाजिक टकराव पर प्रधानमंत्री चुप क्यों?

बढ़ती जातीय और सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं प्रधानमंत्री मोदी की विकास के उनके घोषित एजेंडे के अनुकूल नहीं रहीं, लिहाजा देश को अपेक्षा थी कि ऐसी घटनाओं पर मोदी सख्ती से पेश आएंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ.

Collage_Muslims

क्या मोदी सरकार में एक मुसलमान के सामने ज़िंदा बचे रहना ही सबसे बड़ी चुनौती है?

नरेंद्र मोदी सरकार के पिछले तीन साल के राज में ऐसा बहुत कुछ हुआ जिसने मुसलमानों में असुरक्षा और भय की तीव्र भावना पैदा करने का काम किया.

job reuters

ऐतिहासिक रोज़गार संकट से आंखें चुरा रही है मोदी सरकार

विधानसभा चुनावों में विभाजनकारी और भावनात्मक मुद्दों पर भाजपा को मिल रही जीत ने सरकार में यह भाव भरने का काम किया है कि अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भी सब बढ़िया है.

फोटो: पीटीआई

एक छोटी सी नौकरी का तलबगार हूं मैं, उनसे कुछ और जो मांगूं तो गुनहगार हूं मैं…

मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर छिड़ा ट्विटर वॉर, ट्रेंड कर रहा है ‘अच्छे दिन नौकरी बिन’ और तीन साल गोलमाल.

health reuters

मोदी सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य की योजनाओं का बजट क्यों घटाया?

अनुसूचित जातियों के लिए मैट्रिक से पूर्व की छात्रवृत्ति के लिए 2016-17 के बजट अनुमान में 550 करोड़ रुपये का प्रावधान था पर इस वर्ष 2017-18 में इसका बजट अनुमान मात्र 50 करोड़ रुपये रखा गया है.

फोटो: रॉयटर्स

कश्मीर घाटी में ऐसा क्या हुआ कि 2014 के बाद हालात तेज़ी से ख़राब होने लगे?

कश्मीर के मामले में मोदी सरकार ने न तो पहले की सरकारों की विफलताओं से कोई सबक लिया और न ही कामयाबियों से.

(फोटो: पीटीआई)

कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड ज़रूरी नहीं: सुप्रीम कोर्ट

शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि बैंक खाता खुलवाने समेत गैर कल्याणकारी कार्यों में सरकार आधार के इस्तेमाल को अनिवार्य बनाती है तो उससे कोई आपत्ति नहीं है.

फोटो : पीआईबी

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और फिर उसे चुप कराओ!

अच्छा होता केंद्र सरकार शैक्षिक परिसरों में खुलापन क़ायम करने का प्रयास करती. गुंडा तत्वों, उत्पात मचाने वालों और गुरमेहर को हत्या व रेप आदि की धमकी देने वालों की मुस्तैदी से धरपकड़ की जाती.