National Family Health Survey

11 राज्यों व एक केंद्र शासित प्रदेश की 70% महिलाओं ने साथ हुई घरेलू हिंसा के बारे में नहीं बताया

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के रिपोर्ट के मुताबिक़, जम्मू कश्मीर में अपने साथ हुई घरेलू हिंसा के बारे में न बताने वाली महिलाओं का अनुपात 80 प्रतिशत से अधिक रहा. आठ राज्यों में दस प्रतिशत से भी कम महिलाओं ने शारीरिक हिंसा से बचने के लिए मदद मांगी.

फैमिली हेल्थ सर्वे में पुरुषों की तुलना में अधिक महिलाओं ने पति द्वारा मारपीट को जायज़ बताया

देश के 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में किए गए नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे में पूछा गया था कि क्या पति का पत्नी को मारना-पीटना सही है. सर्वे में शामिल राज्यों में से एक तेलंगाना की 83.8 फीसदी महिलाओं ने इसे जायज़ कहा, वहीं कर्नाटक में 81.9 फीसदी पुरुषों ने इस तरह के व्यवहार को सही ठहराया.

यूपी: भाजपा के 50% विधायकों के तीन या अधिक बच्चे, होगा प्रस्तावित जनसंख्या क़ानून का उल्लंघन

योगी सरकार द्वारा प्रस्तावित जनसंख्या नियंत्रण क़ानून के तहत दो से अधिक बच्चे होने पर सरकारी नौकरियों में आवेदन से लेकर स्थानीय निकायों में चुनाव लड़ने पर रोक होगी. यदि इस आधार पर राज्य के भाजपा विधायकों का मूल्यांकन किया जाएगा, तो इनके पचास फीसदी इस कसौटी पर खरे नहीं उतरेंगे.

उत्तर प्रदेश जनसंख्या नीति: विभिन्न समुदायों में आबादी का संतुलन और निम्न प्रजनन दर उद्देश्य

विधि आयोग ने उत्तर प्रदेश जनसंख्या नियंत्रण विधेयक का प्रारूप जारी करते हुए 19 जुलाई तक जनता से इस पर राय मांगी गई है. इस प्रारूप में दो से अधिक बच्चे होने पर सरकारी नौकरियों में आवेदन से लेकर स्थानीय निकायों में चुनाव लड़ने पर रोक लगाने और सरकारी योजनाओं का भी लाभ न दिए जाने का प्रस्ताव है.

यूपी: जनसंख्या नियंत्रण विधेयक का मसौदा जारी, दो से अधिक बच्चे होने पर नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी

विधि आयोग ने उत्तर प्रदेश जनसंख्या (नियंत्रण, स्थिरीकरण एवं कल्याण) विधेयक-2021 का प्रारूप जारी करते हुए 19 जुलाई तक जनता से इस पर राय मांगी गई है. इस प्रारूप में दो से अधिक बच्चे होने पर सरकारी नौकरियों में आवेदन से लेकर स्थानीय निकायों में चुनाव लड़ने पर रोक लगाने और सरकारी योजनाओं का भी लाभ न दिए जाने का प्रस्ताव है.

भारतीय मादक पेय कंपनियों के संघ ने की बिहार में शराबबंदी ख़त्म करने की मांग

सीआईएबीसी परिसंघ ने ज्ञापन देकर कहा है कि शराबबंदी के कारण ही बिहार में अवैध शराब की तस्करी बढ़ी है तथा सरकारी ख़ज़ाने को बड़ा नुक़सान हुआ है. हाल ही में आए एनएफएचएस-5 के मुताबिक़ बिना शराबबंदी वाले महाराष्ट्र की तुलना में बिहार में शराब का उपभोग अधिक है.

पूर्ण शराबबंदी वाले बिहार में पी जाती है महाराष्ट्र से ज़्यादा शराब: सरकारी सर्वे

साल 2016 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में शराबबंदी लागू की थी. अब राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे में सामने आया है कि बिना शराबबंदी वाले महाराष्ट्र की तुलना में बिहार में शराब का उपभोग अधिक है.

भारत में 10 में से चार महिलाओं ने ही कभी इंटरनेट इस्तेमाल किया: एनएफएचएस डेटा

स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, पोषण इत्यादि पर आंकड़े इकट्ठा करने वाले राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण यानी एनएफएचएस ने अपने पांचवे सर्वे में पहली बार इंटरनेट इस्तेमाल के आंकड़े जुटाए हैं, जो शहरी, ग्रामीण और लैंगिक स्तर पर असमानताओं को दर्शा रहे हैं.

Mumbai: A view of the crowd of commuters at Chhatrapati Shivaji Maharaj Terminus on World Population Day (WPD), in Mumbai on Wednesday, July 11, 2018. The theme of WPD 2018 is ''Family planning is a human right'. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad) (PTI7_11_2018_000195B)

जनसंख्या नियंत्रण की जनहित याचिका पर केंद्र ने कहा: परिवार नियोजन के लिए बाध्य नहीं कर सकते

भाजपा नेता और अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने एक जनहित याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें अदालत ने देश की बढ़ती आबादी पर नियंत्रण के लिए दो बच्चों के नियम समेत कुछ कदमों को उठाने की मांग करने वाली उनकी याचिका ख़ारिज कर दी थी.

आदिवासियों के स्वास्थ्य से जुड़ी एक सरकारी रिपोर्ट बताती है कि उनकी स्थिति बेहद ख़राब है

स्वास्थ्य एवं आदिवासी मामलों के मंत्रालयों द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समिति द्वारा आदिवासी स्वास्थ्य को लेकर किए गए अध्ययन में पता चला है कि आदिवासियों के स्वास्थ्य की स्थिति बेहद चिंताजनक है.

बाल विवाह के पक्ष में होना महज़ एक विचार नहीं, बल्कि एक घातक विचारधारा है

इस विचारधारा में स्त्रियों, बच्चों, क़ानून, समाज में बराबरी, सहिष्णुता और सुरक्षा के प्रति कोई सम्मान नहीं है. बाल विवाह केवल लड़कियों के जीवन को संकुचित और दुरूह नहीं बनाता है, लड़कों के जीवन को भी उतना ही प्रताड़ित करता है.

क्या भारतीय समाज वास्तव में शाकाहारी है?

भारत की मिथकीय कल्पना एक शाकाहारी समाज के तौर पर की जाती रही है, लेकिन किसी भी सामाजिक समूह के खान-पान या आहार की आदतों से जुड़ा कोई दावा पूरी तरह सही नहीं हो सकता.

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शर्तें उसे महिला विरोधी बनाती हैं

बेस्ट ऑफ 2018: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत दी गई पात्रता शर्तें इसका उद्देश्य पूरा करने की राह में रोड़ा हैं.

देश में 93 लाख से ज़्यादा बच्चे गंभीर कुपोषण के शिकार

स्वास्थ्य राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने एक सवाल के जवाब में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे पर आधारित आंकड़ों की जानकारी राज्यसभा में दी.