National Green Tribunal

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तेलंगाना में कालेश्वरम सिंचाई परियोजना को क़ानून का उल्लंघन कर पर्यावरण मंज़ूरी दी गई: एनजीटी

विश्व की सबसे बड़ी सिंचाई और पेयजल कालेश्वरम बहुउद्देशीय लिफ्ट सिंचाई परियोजना का उद्घाटन पिछले साल मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने किया था. एनजीटी ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि पेयजल आपूर्ति को छोड़कर वे अगले आदेश तक इस प्रोजेक्ट के सभी कामों पर रोक लगाएं.

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दिल्ली में झुग्गी बस्ती गिराई गई, सैकड़ों लोग बेघर

ग्राउंड रिपोर्ट: दिल्ली विकास प्राधिकरण ने एनजीटी के आदेश पर बीते 24 सितंबर को ओखला के धोबीघाट के पास करीब ढाई एकड़ में बसी झुग्गियों को तोड़कर सैकड़ों लोगों को बेघर कर दिया.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

ईंट-भट्ठों में अपशिष्ट से प्रदूषण संबंधी याचिका पर एनजीटी ने पर्यावरण मंत्रालय को लगाई फटकार

एनजीटी में दाख़िल एक याचिका में आरोप लगाया गया है कि सस्ते अपशिष्ट कागज और सड़क की सफाई से निकलने वाले अपशिष्ट को ईंट-भट्ठों में जलाने के लिए अमेरिका, यूरोप तथा अन्य देशों से आयात किया जाता है, जिससे भूमि एवं वायु प्रदूषण होता है.

(फोटो: पीटीआई)

यमुना को पुनर्जीवित करने के लिए जल समझौते पर दोबारा काम करने की ज़रूरत: एनजीटी समिति

एनजीटी द्वारा गठित यमुना निगरानी समिति ने यह भी कहा है कि राज्यों को यमुना के कम पानी और संरक्षण पर ध्यान देना होगा. इसके लिए हो सकता है कि राज्यों को कम पानी में काम चलाना पड़े.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

ऐश डैम में दरार के मामले में एनजीटी ने एनटीपीसी विंध्याचल पर लगाया 10 करोड़ रुपये का जुर्माना

अक्टूबर 2019 में एनटीपीसी विंध्याचल का ऐश डैम टूटने के बाद क़रीब 35 लाख मीट्रिक टन से ज़्यादा राख रिहंद जलाशय में गिरी थी. यह जलाशय सिंगरौली और सोनभद्र ज़िलों के पीने योग्य पानी का एकमात्र स्रोत है. एनजीटी में दायर याचिका में एनटीपीसी पर लापरवाही का आरोप लगाया गया था.

A Hindu devotee takes a ritual dip in the polluted Yamuna river in New Delhi March 21, 2010. The Earth is literally covered in water, but more than a billion people lack access to clean water for drinking or sanitation as most water is salty or dirty. March 22 is World Water Day. REUTERS/Danish Siddiqui (ENVIRONMENT)

यमुना में अशोधित जल-मल गिराने के एवज़ में दिल्ली के सभी मकानों से सीवेज शुल्क ले सरकार: एनजीटी

सुप्रीम कोर्ट द्वारा साल 2015 में दिए एक फ़ैसले का हवाला देते हुए एनजीटी ने दिल्ली सरकार से कहा कि प्रदूषित पानी छोड़कर पानी को गंदा करने वाले दिल्ली के रहवासियों से पर्यावरणीय मुआवज़ा वसूल किया जाए.

New Delhi: A view from the ITO bridge shows a small island covered with garbage, surrounded by the polluted waters of river Yamuna, in New Delhi, on Monday. According to the UN, the theme for World Water Day 2018, observed on March 22, is ‘Nature for Water’ – exploring nature-based solutions to the water challenges we face in the 21st century. PTI Photo by Ravi Choudhary(PTI3_21_2018_000119B)

यमुना की सफ़ाई में सबसे बड़ी चुनौती आधिकारिक उदासीनता से पार पाना है: एनजीटी समिति

यमुना सफ़ाई को लेकर एनजीटी के विशेषज्ञ सदस्य बीएस साजवान और दिल्ली की पूर्व मुख्य सचिव शैलजा चंद्रा की दो सदस्यीय यमुना निगरानी समिति ने एनजीटी को सौंपी अपनी अंतिम रिपोर्ट में बीते 23 महीनों के दौरान अपने अनुभव को साझा किया है.

(फोटो साभार: ट्विटर/@IamKalyanRaksha)

गैस लीक: सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र सरकार और एनजीटी को 50 करोड़ रुपये का मुआवज़ा बांटने से रोका

बीते मई में एलजी पॉलीमर्स के विशाखापट्टनम संयंत्र में गैस रिसाव में 12 लोगों की जान चली गई थी. इस मामले को सुनते हुए एनजीटी ने कहा था कि कंपनी से वसूले गए 50 करोड़ रुपये का इस्तेमाल पीड़ितों के मुआवज़े और पर्यावरण को हुए नुकसान को कम करने के लिए किया जाएगा.

(फोटो: पीटीआई)

विशाखापट्टनम गैस लीक के लिए पूरी तरह जवाबदेह है एलजी पॉलीमर्स: एनजीटी

बीती सात मई को एलजी पॉलीमर्स के विशाखापट्टनम स्थित संयंत्र में गैस रिसाव से कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई थी. मामले की सुनवाई करते हुए एनजीटी ने कहा कि कंपनी से वसूले गए 50 करोड़ रुपये के जुर्माने का इस्तेमाल पीड़ितों के मुआवज़े और पर्यावरण को हुए नुकसान को कम करने के लिए किया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

विशाखापट्टनम गैस लीक: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- एलजी पॉलीमर्स को एनजीटी जाना ही होगा

कंपनी ने अदालत से मांग की थी कि इस मामले की जांच के लिए एनजीटी द्वारा गठित कमेटी पर रोक लगाई जानी चाहिए. बीती सात मई को एलजी पॉलीमर्स के विशाखापट्टनम स्थित संयंत्र में गैस रिसाव से कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई थी.

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गैरकानूनी खनन को लेकर एनजीटी ने जिंदल पावर पर 155 करोड़ का जुर्माना लगाया

एनजीटी ने कंपनी को खनन के लिए वन भूमि का इस्तेमाल करने, रसायन और कोयले का पानी खेतों में डालकर किसानों की फसल बर्बाद करने, ग्रीन बेल्ट का निर्माण न करने, खुले ट्रक में कोयला ले जाने, पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाने और प्रदूषण के पीड़ितों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया न कराने का दोषी पाया है.

New Delhi: A view of Rajpath shrouded in smog in New Delhi, Friday, Nov. 1, 2019. The blanket of haze over Delhi thickened on Friday morning with pollution levels increasing overnight by around 50 points, taking the overall air quality index to 459. (PTI Photo/Manvdender Vashist)(PTI11_1_2019_000249B)

दिल्ली चुनाव: वायु प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए राजनीतिक दलों के वादों में कितना दम है?

पिछले सात सालों में भारत के राजधानी की वायु गणवत्ता का वायु गुणवत्ता सूचकांक औसतन 224 रहा है जो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित मानदंड के मुकाबले लगभग 350 फीसदी अधिक है.

(फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली की शकूरबस्ती में प्रदूषण: सीमेंट कंपनियों ने श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच नहीं कराई

एनजीटी में दाख़िल एक याचिका में दावा किया गया है कि सीमेंट के अवैज्ञानिक तरीके से चढ़ाने और उतारने के चलते नई दिल्ली के शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन और इसके आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण है. इससे सीमेंट ढोने वाले मज़दूरों के अलावा यहां रह रहे लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है.

(फोटो साभार: फेसबुक)

आरओ प्यूरीफायर पर प्रतिबंध के लिए दो महीने में पर्यावरण मंत्रालय जारी करे अधिसूचना: एनजीटी

एनजीटी ने कहा कि उसके आदेश के अनुपालन में हो रही देरी के कारण लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है. एनजीटी एक एनजीओ की याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जो आरओ सिस्टम के अनावश्यक उपयोग के कारण इस पर रोक लगाकर पीने योग्य पानी के संरक्षण की मांग कर रहा है.

New Delhi: The sun is vaguely seen behind the Signature Bridge amid heavy smog, in New Delhi, Friday, Nov. 15, 2019. A thick layer of toxic smog engulfed Delhi as the pollution level continued to remain in the 'severe' category for the fourth consecutive day. (PTI Photo)

केंद्र ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत दिल्ली को कोई फंड नहीं दिया

सरकार ने 2024 तक प्रदूषण स्तर को कम करने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत 23 राज्यों के कुल 102 शहरों की पहचान की है. इसमें से एक दिल्ली भी है.