National Investigation Agency

आनंद तेलतुम्बड़े और गौतम नवलखा. (फोटो साभार: फेसबुक/विकिपीडिया)

तेलतुम्बड़े, नवलखा के सरेंडर को लेकर सीजेआई को पत्र लिख कार्यकर्ताओं ने कहा- ये बेहद अमानवीय

सीजेआई एसए बोबडे को लिखे पत्र में इतिहासकार रोमिला थापर और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि हमें इस बात की पीड़ा है कि हमारी अदालतों ने उन लोगों को निरंतर कारावास की सज़ा दी है, जिन्होंने बे-आवाज़ और हाशिये के लोगों के अधिकारों की रक्षा करने की हिम्मत की है.

सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

90 दिन में आरोपपत्र नहीं दाखिल होने पर अखिल गोगोई को मिली जमानत, लेकिन नहीं होगी रिहाई

असम में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान पिछले साल दिसंबर में गिरफ्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई को तीन अन्य लंबित मामलों के कारण जेल से रिहा नहीं किया जाएगा.

आनंद तेलतुम्बड़े और गौतम नवलखा. (फोटो साभार: फेसबुक/विकिपीडिया)

भीमा-कोरेगांव हिंसा: गौतम नवलखा और आनंद तेलतुम्बड़े की अग्रिम जमानत याचिका ख़ारिज

भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में सप्रीम कोर्ट की पीठ ने नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं गौतम नवलखा और आनंद तेल्तुम्बड़े को तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने को कहा है. दोनों को अपने पासपोर्ट तत्काल जमा कराने का भी निर्देश दिया गया है.

गौतम नवलखा (फोटो: यूट्यूब)

भीमा कोरेगांव: बॉम्बे हाईकोर्ट ने गौतम नवलखा, आनंद तेलतुंबडे की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एल्गार परिषद के कथित माओवादी संपर्क मामले में नागरिक अधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबडे को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत की अवधि चार सप्ताह के लिए बढ़ा दी ताकि वे सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकें.

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी. (फोटो: पीटीआई)

‘लव जिहाद’ का कोई मामला केंद्रीय एजेंसियों के संज्ञान में नहीं आया: गृह मंत्रालय

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने लोकसभा में बताया कि ‘लव जिहाद’ शब्द मौजूदा कानूनों के तहत परिभाषित नहीं है. संविधान का अनुच्छेद 25 किसी भी धर्म को स्वीकारने, उस पर अमल करने और उसका प्रचार-प्रसार करने की आजादी देता है.

माओवादियों से संबंध और प्रधानमंत्री की हत्या की साज़िश के आरोप में गिरफ्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर धावले, सुरेंद्र गाडलिंग, शोमा सेन महेश राउत और रोना विल्सन (बाएं से दाएं)

भीमा कोरेगांव: एनआईए ने एफआईआर से राजद्रोह के आरोप हटाए, यूएपीए के तहत 11 पर मामला दर्ज

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा भीमा कोरेगांव हिंसा की जांच एनआईए को सौंपे जाने के बाद एजेंसी द्वारा दर्ज प्राथमिकी में इस मामले में गिरफ़्तार नौ सामाजिक कार्यकर्ताओं और वकीलों के साथ सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा और प्रोफेसर आनंद तेलतुम्बड़े को भी आरोपी बनाया गया है.

(फोटो: पीटीआई)

एनआईए एक्ट के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

छत्तीसगढ़ सरकार ने दीवानी मुकदमा दायर करते हुए 2008 के राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की है. एडवोकेट जनरल सतीश वर्मा ने कहा कि एनआईए द्वारा राजनीतिक रूप से जुड़े चुने हुए मामलों की जांच करने के कारण उन्हें याचिका दाखिल करनी पड़ी.

Guwahati: Krishak Mukti Sangram Samiti (KMSS) Advisior Akhil Gogoi waves black flags as he is detained along with supporters in bus, during a protest before the arrival of BJP President Amit Shah at Panjabari in Guwahati on Sunday. PTI Photo (PTI5_20_2018_000056B)

असम के किसान नेता अखिल गोगोई को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

विशेष अदालत ने उनकी हिरासत 10 दिन बढ़ाने के लिए एनआईए की अर्जी खारिज कर दी. गोगोई को यूएपीए कानून के तहत 12 दिसंबर को जोरहाट से तब गिरफ्तार किया था, जब असम में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहा था.

Guwahati: Activists of Krishak Mukti Sangram Samiti (KMSS) adviser Akhil Gogoi and others raise slogans during a protest against the Citizenship Amendment Bill (CAB), in Guwahati, Thursday, Dec. 5, 2019. (PTI Photo)(PTI12_5_2019_000049B)

नागरिकता क़ानून: असम के सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई के आवास पर एनआईए ने की छापेमारी

असम में नागरिकता क़ानून को लेकर हो रहे प्रदर्शनों के बीच सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई को यूएपीए के तहत मामला दर्ज 12 दिसंबर को गिरफ़्तार किया गया था. असम की एक अदालत ने उन्हें 17 दिसंबर को 10 दिन की एनआईए की हिरासत में भेज दिया था.

Guwahati: Activists of Krishak Mukti Sangram Samiti (KMSS) adviser Akhil Gogoi and others raise slogans during a protest against the Citizenship Amendment Bill (CAB), in Guwahati, Thursday, Dec. 5, 2019. (PTI Photo)(PTI12_5_2019_000049B)

नागरिकता क़ानून प्रदर्शन: असम के सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज

राज्य में नागरिकता क़ानून को लेकर हो रहे प्रदर्शनों के बीच अखिल गोगोई को बीते गुरुवार को गिरफ़्तार किया गया था. शनिवार को दायर एफआईआर में एनआईए ने नए यूएपीए क़ानून के तहत मामला दर्ज करते हुए भाकपा माओवादी से संबद्ध बताया है.

New Delhi: Union Home Minister Amit Shah speaks during the flag-off ceremony of the Delhi-Katra Vande Bharat Express from the New Delhi Railway Station, in New Delhi, Thursday, Oct. 3, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist)    (PTI10_3_2019_000102B)

यूएपीए संशोधन संबंधी दस्तावेज़ राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण नहीं दिए जा सकते हैं: गृह मंत्रालय

विशेष रिपोर्ट: अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाकर जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म करने के संबंध में आरटीआई के तहत द वायर की ओर से मांगी गई जानकारी देने से भी गृह मंत्रालय ने मना कर दिया है.

(फोटो: पीटीआई)

यूएपीए संशोधन के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया

याचिकाकर्ताओं की मांग है कि इस विधेयक को असंवैधानिक घोषित किया जाए क्योंकि ये संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.

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ब्लड टेस्ट रिपोर्ट को हवाला लेन-देन समझ बैठी एनआईए, प्रतिष्ठित हृदय रोग डॉक्टर से पूछताछ

पद्मश्री से सम्मानित कॉर्डियोलॉजिस्ट उपेंद्र कौल कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक के डॉक्टर हैं और उन्होंने मलिक को उनकी ब्लड रिपोर्ट के संबंध में कुछ टेक्स्ट मैसेज किए थे.

(फोटो: पीटीआई)

किसी व्यक्ति को आतंकवादी घोषित करने संबंधी यूएपीए संशोधन विधेयक को संसद ने दी मंज़ूरी

यूएपीए संशोधन विधेयक को राज्यसभा ने 42 के मुकाबले 147 मतों से मंज़ूरी दी. कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि इस संशोधन विधेयक के ज़रिये एनआईए को और अधिक शक्तिशाली बनाने की बात कही गई है, लेकिन सच यह है कि इसके ज़रिये अधिक शक्तियां केंद्र सरकार को मिल रही हैं.

FILE PHOTO: A view of a burnt carriage of Samjhauta Express train in Deewana, near Panipat town, February 19, 2007. REUTERS/Desmond Boylan/File Photo

समझौता विस्फोट: असीमानंद सहित चार को बरी किए जाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती

पाकिस्तान की एक महिला ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में दाख़िल की याचिका. फरवरी 2007 में दिल्ली-लाहौर समझौता एक्सप्रेस में हुए विस्फोट के मामले के चारों आरोपियों स्वामी असीमानंद, लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजिंदर चौधरी को बीते मार्च महीने में अदालत ने बरी कर दिया था.