National Register For Citizens

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नागरिकता पर ये ख़तरनाक खेल क्यों?

वीडियो: आरफ़ा का इंडिया की इस कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और नागरिकता संशोधन विधेयक पर चर्चा कर रही हैं.

New Delhi: A view of Supreme Court of India in New Delhi, Thursday, Nov. 1, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_1_2018_000197B)

असम में नागरिक रजिस्टर को अंतिम रूप देने की समयसीमा 31 जुलाई से आगे नहीं बढ़ेगी: सुप्रीम कोर्ट

असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर का मसौदा 30 जुलाई, 2018 को प्रकाशित हुआ था, जिसमें 3.29 करोड़ लोगों में से 2.89 करोड़ लोगों के नाम ही शामिल किए गए थे. इसमें 40,70,707 व्यक्तियों के नाम नहीं थे.

Raiganj: BJP National President Amit Shah addresses an election rally for Lok Sabha polls, in Raiganj, Uttar Pradesh, Thursday, April 11, 2019. (PTI Photo) (PTI4_11_2019_000243B)

भाजपा सरकार बनी तो अनुच्छेद 370 निरस्त करेंगे, एनआरसी लागू करेंगे: अमित शाह

एक रैली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि अवैध प्रवासी दीमक की तरह हैं. वे गरीबों को मिलने वाले अनाज खा रहे हैं, हमारी नौकरियां छीन रहे हैं.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

असम: राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में शामिल होने का दावा करने की अवधि 31 दिसंबर तक बढ़ी

राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में शामिल नहीं किए गए 40.70 लाख लोगों में से अब तक 14.28 लाख व्यक्तियों ने ही प्राधिकारियों के यहां दावे और आपत्तियां दाख़िल की हैं. दावों और आपत्तियों की छानबीन की अंतिम तिथि 15 फरवरी, 2019 होगी.

Agartala: Home Minister Rajnath Singh addresses a gathering during the Tripura assembly election campaign, at Agartala on Saturday. PTI Photo (PTI2_3_2018_000169B)

नॉर्थ ईस्ट डायरी: केंद्र सरकार ने कहा, त्रिपुरा में एनआरसी लागू करने की कोई योजना नहीं

इस हफ्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में त्रिपुरा, मिज़ोरम, असम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर के प्रमुख समाचार.

Sanjoy Hazarika collage

आइडिया ऑफ इंडिया में पूर्वोत्तर भी शामिल, लेकिन इसे खुलकर नहीं अपनाया गया: संजय हज़ारिका

साक्षात्कार: पूर्वोत्तर राज्यों पर लिखी संजय हज़ारिका की नई किताब ‘स्ट्रेंजर्स नो मोर’ पिछली किताब ‘स्ट्रेंजर्स ऑफ द मिस्ट’ के करीब 25 साल बाद आई है. इस बीच इस क्षेत्र ने कई बदलाव देखे, लेकिन हज़ारिका का मानना है कि यहां के मूल मुद्दे अब भी वही हैं, जो तब थे.