Naxals

छत्तीसगढ़: जांच रिपोर्ट में कहा गया कि 2013 की मुठभेड़ में मारे गए नक्सली नहीं, निहत्थे आदिवासी थे

छत्तीसगढ़ के बीजापुर ज़िले के एडेसमेट्टा गांव में साल 2013 में सीआरपीएफ की कोबरा इकाई द्वारा की गई फायरिंग में आठ लोग मारे गए थे, जिसमें से चार नाबालिग थे. सुरक्षाबलों ने दावा किया था कि वे नक्सली थे. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज जस्टिस वीके अग्रवाल ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस मुठभेड़ को ‘एक ग़लती’ बताया है.

छत्तीसगढ़ः दंतेवाड़ा में नक्सलियों की मौजूदगी के आधार पर हो रहा गांवों का वर्गीकरण

छत्तीसगढ़ की दंतेवाड़ा पुलिस ने ‘पंचायतवार नक्सल संवेदनशील सर्वे’ शुरू किया है, जिसे साल में दो बार छह महीने पर किया जा जाएगा. सर्वे में नक्सलियों की मौजूदगी से जुड़े सवाल होंगे हैं, जिनके आधार पर गांवों को हरे, पीले और लाल क्षेत्रों में वर्गीकृत किया जाएगा. ‘हरे’ से मतलब नक्सल मुक्त क्षेत्र होगा, ‘पीले’ से नक्सल संवेदनशील क्षेत्र, जबकि ‘लाल’ से नक्सल अतिसंवेदनशील क्षेत्र से होगा. यह सर्वे इस साल जनवरी और जुलाई में किया जा चुका है.

छत्तीसगढ़: नक्सलियों ने बीजापुर से अपहृत पुलिस अधिकारी की हत्या की

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने अपहृत पुलिस अधिकारी मुरली ताती के शव के पास एक पर्चा भी रखा था, जिसमें ताती को जन अदालत में सजा दिए जाने की बात कही गई है. बीते 21 अप्रैल को नक्सलियों ने बीजापुर ज़िले के पालनार क्षेत्र से मुरली ताती का अपहरण कर लिया था. पालनार ताती का गृह ग्राम है. वह बस्तर ज़िले के जगदलपुर में तैनात थे.

छत्तीसगढ़ में जवानों की शहादत के लिए अफ़सरों की अक्षमता और झूठा अहंकार ज़िम्मेदार है

नक्सल समस्या केवल ‘पुलिस समस्या’ नहीं है जो केवल बल प्रयोग से हल हो जाए- इसके अनेक जटिल पहलू हैं. सरकार को अपना झूठा अहंकार त्यागकर उन पहलुओं को भी संबोधित करना चाहिए.

छत्तीसगढ़ः नक्सलियों ने बंधक बनाए गए सीआरपीएफ जवान को रिहा किया

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में तीन अप्रैल को नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर हमले के बाद कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह मिन्हास को बंधक बना लिया था. उनकी रिहाई के लिए नक्सलियों ने कुछ शर्तें रखी थीं, लेकिन गुरुवार को उन्हें बिना किसी शर्त के रिहा कर दिया गया.

भाजपा नेताओं की तरह सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में कहा- किसान आंदोलन में हुई खालिस्तानी घुसपैठ

सुप्रीम कोर्ट में सरकार की इस स्वीकारोक्ति से पहले पिछले कुछ महीनों में कई भाजपा नेता किसान आंदोलन में खालिस्तानियों के शामिल होने का आरोप लगा चुके हैं. यहां तक कैबिनेट मंत्री रविशंकर प्रसाद, पीयूष गोयल और कृषि नरेंद्र तोमर ने भी इस संबंध में माओवादी और टुकड़-टुकड़े गैंग जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है.

छत्तीसगढ़: एसआरपी कल्लूरी का तबादला, बनाया गया परिवहन आयुक्त

विवादित पुलिस अधिकारी आईजी कल्लूरी को बीते दिनों आर्थिक अपराध विभाग और भ्रष्टाचार विरोधी विभाग की ज़िम्मेदारी देने पर भूपेश बघेल सरकार को ख़ासी आलोचना झेलनी पड़ी थी. 15 सांसदों ने कल्लूरी के ख़िलाफ़ जांच के लिए लिखा था सीएम को पत्र.

छत्तीसगढ़: 15 सांसदों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की आईजी कल्लूरी के ख़िलाफ़ जांच की मांग

केरल, असम, तमिलनाडु और त्रिपुरा के 15 सांसदों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आग्रह किया है कि आईजी कल्लूरी के बीते पांच सालों के कार्यकाल की जांच करवाकर उनके किए ग़लत कामों की सज़ा दी जाए.

कल तक कांग्रेस जिस कल्लूरी को ‘अपराधी’ बताती थी, वो आज उन्हें महत्वपूर्ण पद से क्यों नवाज़ रही है?

क्या सत्ता के चरित्र में ही कुछ ऐसा है कि वह आपको अधर्म की ओर ले जाती है? वो भूपेश बघेल जो एसआरपी कल्लूरी को जेल भेजना चाहते थे, वही उन्हें अब महत्वपूर्ण पद सौंप रहे हैं. बघेल कह सकते हैं कि तब वे विपक्ष में थे और उसका कर्तव्य निभा रहे थे और अब उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी उनसे यह काम करवा रही है.

क्या राजनीतिक दबाव में छत्तीसगढ़ के पुलिस अधिकारी कल्लूरी को बचाने में लगी है सीबीआई?

सीबीआई की आंतरिक रिपोर्ट के मुताबिक दो गवाहों ने साल 2011 में छत्तीसगढ़ में बस्तर ज़िले के ताड़मेटला गांव में पुलिस अधिकारी एसआरपी कल्लूरी को आदिवासियों के घरों में आग लगाते हुए देखा था, लेकिन जांच एजेंसी की फाइनल चार्जशीट से इसे हटा दिया गया है.

गढ़चिरौली: गांववालों का आरोप, लापता बच्चों को माओवादी बताने के लिए पुलिस करा रही जबरन दस्तख़त

ग्राउंड रिपोर्ट: गट्टेपल्ली के पास अप्रैल के आखिरी हफ्ते में हुए कथित नक्सल एनकाउंटर के बाद गांव के लापता बच्चों में से एक के पिता ने कहा, ‘पुलिस हमारे बच्चों की हत्याओं को जायज़ ठहराने के लिए हमारा ही इस्तेमाल कर रही है.’

क्या गढ़चिरौली ‘एनकाउंटर’ में नक्सलियों के साथ आम लोग भी मारे गए हैं?

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) द्वारा कथित रूप से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि गढ़चिरौली की इंद्रावती नदी में ‘एनकाउंटर’ के बाद मिले 40 शवों में से केवल 22 शव इस समूह के लोगों के हैं.

गढ़चिरौली से ग्राउंड रिपोर्ट: नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष में गांववाले पिस रहे हैं

गढ़चिरौली में बीते दिनों हुए ‘एनकाउंटर’ में कसनसुर गांव के लोग बच तो गए लेकिन उनके चेहरों पर चिंता साफ़ दिखती है. वे दशकों से जिस भंवरजाल में फंसे हैं, वहां हमेशा एक तरफ पुलिस का ख़तरा बना रहता है तो दूसरी ओर नक्सलियों का.

40 कथित नक्सलियों का पुलिस ‘एनकाउंटर’ और गांव से ग़ायब बच्चे

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में सी-60 कमांडो और नक्सलियों के बीच कथित मुठभेड़ में 40 लोगों की मौत हो जाने के बाद, एक गांव अपने मृतकों की पहचान करने का इंतज़ार कर रहा है.