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(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

ईंट-भट्ठों में अपशिष्ट से प्रदूषण संबंधी याचिका पर एनजीटी ने पर्यावरण मंत्रालय को लगाई फटकार

एनजीटी में दाख़िल एक याचिका में आरोप लगाया गया है कि सस्ते अपशिष्ट कागज और सड़क की सफाई से निकलने वाले अपशिष्ट को ईंट-भट्ठों में जलाने के लिए अमेरिका, यूरोप तथा अन्य देशों से आयात किया जाता है, जिससे भूमि एवं वायु प्रदूषण होता है.

ऑयल इंडिया के कुएं में लगी आग. (फोटो: पीटीआई)

सौ दिन से हो रहे गैस रिसाव में लगी आग दो और महीने जारी रह सकती हैः असम सरकार

तिनसुकिया ज़िले के बाघजान में ऑयल इंडिया लिमिटेड के एक कुएं में 27 मई से शुरू हुए गैस रिसाव में हफ्ते भर बाद आग लग गई थी, जिसे अब तक बुझाया नहीं जा सका है. वाणिज्य और उद्योग मंत्री चंद्रमोहन पटवारी ने विधानसभा में कहा कि कनाडा से विशेषज्ञों को बुलाया गया है, जिन्हें आग बुझाने में दो और महीने लग सकते हैं.

(फोटो: पीटीआई)

असम: गैस रिस रहे क्षतिग्रस्त कुएं को 83 दिनों बाद बंद किया गया

तिनसुकिया ज़िले के बाघजान में 27 मई से ऑयल इंडिया लिमिटेड के एक तेल के कुएं में ब्लो आउट होने के बाद से लगातार गैस रिसाव हो रहा था. कंपनी के अनुसार अब कुएं के मुंह को बंद कर दिया गया है. साथ ही गैस रिसाव और उसमें लगी आग को काबू करने के प्रयास किए जा रहे हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

तमिलनाडु: हाईकोर्ट का वेदांता समूह के स्टरलाइट कॉपर प्लांट को खोलने की मंज़ूरी देने से इनकार

प्रदूषण संबंधी चिंताओं पर हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद तमिलनाडु सरकार ने मई, 2018 में तूतीकोरिन स्थित वेदांता समूह के स्टरलाइट कॉपर प्लांट को बंद करने का निर्देश दिया था. वेदांता समूह ने आदेश को अवैध और असंवैधानिक बताते हुए मद्रास हाईकोर्ट में इसे चुनौती दी थी.

(फोटो: पीटीआई)

असम: तेल के कुएं से गैस रिसाव रोकने का दूसरा प्रयास भी असफल, जून से लगी हुई है आग

तिनसुकिया ज़िले के बाघजान गांव में ऑयल इंडिया लिमिटेड के एक तेल के कुएं में 27 मई से गैस का रिसाव हो रहा है, जिसमें नौ जून को आग लग गई थी. कंपनी के अनुसार कुएं पर ढक्कन रखने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन आग के कारण उसे रखने वाली केबल क्षतिग्रस्त हो गई.

(फोटो: पीटीआई)

यमुना को पुनर्जीवित करने के लिए जल समझौते पर दोबारा काम करने की ज़रूरत: एनजीटी समिति

एनजीटी द्वारा गठित यमुना निगरानी समिति ने यह भी कहा है कि राज्यों को यमुना के कम पानी और संरक्षण पर ध्यान देना होगा. इसके लिए हो सकता है कि राज्यों को कम पानी में काम चलाना पड़े.

(फोटो: अदनान आबिदी/रॉयटर्स)

कोरोना महामारी के बीच दिल्ली में बायोमेडिकल कचरे में क़रीब 15 गुना की वृद्धि

सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में निकल रहे कोविड-19 बायोमेडिकल कचरे की मात्रा मई में 25.18 टन प्रतिदिन थी, जो जून में बढ़कर 372.47 टन प्रतिदिन तक हो गई.

A Hindu devotee takes a ritual dip in the polluted Yamuna river in New Delhi March 21, 2010. The Earth is literally covered in water, but more than a billion people lack access to clean water for drinking or sanitation as most water is salty or dirty. March 22 is World Water Day. REUTERS/Danish Siddiqui (ENVIRONMENT)

यमुना में ज़हरीले झाग पर एनजीटी की समिति ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मांगी रिपोर्ट

बीते शुक्रवार को दिल्ली में यमुना नदी में ज़हरीले झाग वाला पानी देखा गया. एनजीटी द्वारा यमुना निगरानी समिति ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति और उद्योग आयुक्त से इसके स्रोत का पता लगाने और जिम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ त्वरित कार्रवाई करने को कहा है.

(फोटो: पीटीआई)

देश में 1.60 लाख से अधिक स्वास्थ्य प्रतिष्ठान बिना अनुमति के चल रहे: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

राष्ट्रीय ​हरित अधिकरण में याचिका दायर कर आग्रह किया गया है कि ऐसे सभी अस्पतालों और चिकित्सा प्रतिष्ठानों तथा कचरा निस्तारण संयंत्रों को बंद किया जाए जो कचरा प्रबंधन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

ऐश डैम में दरार के मामले में एनजीटी ने एनटीपीसी विंध्याचल पर लगाया 10 करोड़ रुपये का जुर्माना

अक्टूबर 2019 में एनटीपीसी विंध्याचल का ऐश डैम टूटने के बाद क़रीब 35 लाख मीट्रिक टन से ज़्यादा राख रिहंद जलाशय में गिरी थी. यह जलाशय सिंगरौली और सोनभद्र ज़िलों के पीने योग्य पानी का एकमात्र स्रोत है. एनजीटी में दायर याचिका में एनटीपीसी पर लापरवाही का आरोप लगाया गया था.

A Hindu devotee takes a ritual dip in the polluted Yamuna river in New Delhi March 21, 2010. The Earth is literally covered in water, but more than a billion people lack access to clean water for drinking or sanitation as most water is salty or dirty. March 22 is World Water Day. REUTERS/Danish Siddiqui (ENVIRONMENT)

यमुना में अशोधित जल-मल गिराने के एवज़ में दिल्ली के सभी मकानों से सीवेज शुल्क ले सरकार: एनजीटी

सुप्रीम कोर्ट द्वारा साल 2015 में दिए एक फ़ैसले का हवाला देते हुए एनजीटी ने दिल्ली सरकार से कहा कि प्रदूषित पानी छोड़कर पानी को गंदा करने वाले दिल्ली के रहवासियों से पर्यावरणीय मुआवज़ा वसूल किया जाए.

New Delhi: A view from the ITO bridge shows a small island covered with garbage, surrounded by the polluted waters of river Yamuna, in New Delhi, on Monday. According to the UN, the theme for World Water Day 2018, observed on March 22, is ‘Nature for Water’ – exploring nature-based solutions to the water challenges we face in the 21st century. PTI Photo by Ravi Choudhary(PTI3_21_2018_000119B)

यमुना की सफ़ाई में सबसे बड़ी चुनौती आधिकारिक उदासीनता से पार पाना है: एनजीटी समिति

यमुना सफ़ाई को लेकर एनजीटी के विशेषज्ञ सदस्य बीएस साजवान और दिल्ली की पूर्व मुख्य सचिव शैलजा चंद्रा की दो सदस्यीय यमुना निगरानी समिति ने एनजीटी को सौंपी अपनी अंतिम रिपोर्ट में बीते 23 महीनों के दौरान अपने अनुभव को साझा किया है.

(फोटो साभार: ट्विटर/@IamKalyanRaksha)

गैस लीक: सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र सरकार और एनजीटी को 50 करोड़ रुपये का मुआवज़ा बांटने से रोका

बीते मई में एलजी पॉलीमर्स के विशाखापट्टनम संयंत्र में गैस रिसाव में 12 लोगों की जान चली गई थी. इस मामले को सुनते हुए एनजीटी ने कहा था कि कंपनी से वसूले गए 50 करोड़ रुपये का इस्तेमाल पीड़ितों के मुआवज़े और पर्यावरण को हुए नुकसान को कम करने के लिए किया जाएगा.

(फोटो: पीटीआई)

विशाखापट्टनम गैस लीक के लिए पूरी तरह जवाबदेह है एलजी पॉलीमर्स: एनजीटी

बीती सात मई को एलजी पॉलीमर्स के विशाखापट्टनम स्थित संयंत्र में गैस रिसाव से कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई थी. मामले की सुनवाई करते हुए एनजीटी ने कहा कि कंपनी से वसूले गए 50 करोड़ रुपये के जुर्माने का इस्तेमाल पीड़ितों के मुआवज़े और पर्यावरण को हुए नुकसान को कम करने के लिए किया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

विशाखापट्टनम गैस लीक: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- एलजी पॉलीमर्स को एनजीटी जाना ही होगा

कंपनी ने अदालत से मांग की थी कि इस मामले की जांच के लिए एनजीटी द्वारा गठित कमेटी पर रोक लगाई जानी चाहिए. बीती सात मई को एलजी पॉलीमर्स के विशाखापट्टनम स्थित संयंत्र में गैस रिसाव से कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई थी.