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Muzaffarpur: Children showing symptoms of Acute Encephalitis Syndrome (AES) being treated at a hospital in Muzaffarpur, Saturday, June 15, 2019. Four more children died Friday in Bihar's Muzaffarpur district reeling under an outbreak of brain fever, taking the toll to 57 this month (PTI Photo)(PTI6_15_2019_000044B)

बिहार: भूख के चलते बच्चे की मौत का आरोप, मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार के दो मामले सामने आए

बीते शुक्रवार को आरा कस्बे के जवाहर टोला में रहने वाले राहुल की मौत हो गई थी. उनके पिता दिहाड़ी मजदूर हैं लेकिन लॉकडाउन के चलते वे पिछले कई दिनों से बेरोजगार बैठे हैं.

प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और अभिषेक मनु सिंघवी. (फोटो: ट्विटर/@INCIndia)

यूपी में प्रदर्शनकारियों पर ‘अत्याचार’ के खिलाफ कांग्रेस की मानवाधिकार आयोग से जांच की मांग

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों के दौरान हुए अत्याचारों के संबंध में एक प्रतिवेदन सौंपा और सबूत के तौर पर कुछ वीडियो साझा किए.

नई दिल्ली स्थित एम्स. (फोटो: पीटीआई)

हैदराबाद रेप: आरोपियों के शव का दोबारा पोस्टमार्टम के लिए एम्स ने तीन विशेषज्ञों को भेजा

तेलंगाना हाईकोर्ट ने बीते शनिवार को आदेश दिया था कि पशुचिकित्सक से बलात्कार एवं हत्या मामले में कथित मुठभेड़ में मारे गए चार आरोपियों के शव का फिर से पोस्टमार्टम किया जाए.

(फोटो: पीटीआई)

हैदराबाद एनकाउंटर: सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक जांच का आदेश दिया, छह महीने की समयसीमा तय की

न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस वीएस सिरपुरकर की अगुवाई में जांच समिति गठित की. कोर्ट ने यह भी कहा है कि इस मामले में कोई अन्य न्यायालय या कोई अन्य विभाग तब तक जांच नहीं करेंगे.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

हैदराबाद एनकाउंटर: सुप्रीम कोर्ट ने जांच के लिए पूर्व जज को नियुक्त करने का प्रस्ताव किया

मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने कहा कि न्यायालय ने इस मामले की जांच के लिए जस्टिस पीवी रेड्डी का विचार किया था लेकिन वे उपलब्ध नहीं हैं. पीठ ने पक्षकारों से कहा कि वे इस संबंध में नाम सुझाएं.

हैदराबाद स्थित शादनगर में तैनात पुलिस. ये वही जगह है, जहां महिला डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के चारों आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारे गए. (फोटो: पीटीआई)

हैदराबाद एनकाउंटर: तेलंगाना सरकार ने बनाई एसआईटी, बुधवार को सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

हैदराबाद की डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के चारों आरोपियों के मुठभेड़ में मारे जाने को ‘फर्जी’ बताते हुए जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. याचिका में कहा गया है कि ये जांच सीबीआई, एसआईटी, सीआईडी या किसी अन्य निष्पक्ष जांच एजेंसी से कराई जाए जो तेलंगाना राज्य के अंतर्गत ना हो.

हैदराबाद में उस घटनास्थल पर तैनात पुलिसकर्मी, जहां महिला डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारे गए. (फोटो: पीटीआई)

हैदराबाद एनकाउंटर: रिटायर जज ने कहा, हिरासत में आरोपियों की सुरक्षा करना पुलिस का धर्म होता है

दिल्ली हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस आरएस सोढी ने कहा कि हैदराबाद में महिला डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के आरोपियों के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने की घटना जंचती नहीं. यह हिरासत में की गई हत्या है. कानून कहता है कि इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

हैदराबाद स्थित शादनगर में तैनात पुलिस. ये वही जगह है, जहां महिला डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के चारों आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारे गए. (फोटो: पीटीआई)

हैदराबाद एनकाउंटर की एसआईटी जांच के लिए शीर्ष न्यायालय में दो जनहित याचिकाएं दायर

याचिकाओं में महिला डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के चारों आरोपियों के एनकाउंटर में मारे जाने का ग़ैर-न्यायिक हत्या क़रार दिया गया है. साथ ही पुलिस को उकसाने के लिए सपा सांसद जया बच्चन तथा दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग गई है.

**EDS: FILE PHOTO** New Delhi: In this Saturday, Aug 17, 2019 file photo Justice Sharad Bobde attends the 17th All India Meet of State Legal Services Authorities, in Nagpur, Maharashtra. Justice Bobde will succeed Justice Ranjan Gogoi as the next Chief Justice of India.(PTI Photo) (PTI10_29_2019_000034B)

हैदराबाद एनकाउंटर के एक दिन बाद सीजेआई बोले- न्याय को कभी बदले का स्थान नहीं लेना चाहिए

तेलंगाना में महिला डॉक्टर से बलात्कार और उसकी हत्या के आरोपियों के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के एक दिन बाद सीजेआई शरद अरविंद बोबडे ने कहा कि मैं यह नहीं मानता हूं कि न्याय कभी भी तुरंत हो सकता है और तुरंत होना चाहिए. मेरा मानना है कि बदले का स्थान लेने पर न्याय अपना मूल स्वरूप खो देगा.

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अराजक पुलिस और बर्बर होता समाज

वीडियो: हैदराबाद में महिला डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के सभी चारों आरोपियों की पुलिस एनकाउंटर में मौत के बाद लोग पुलिस के समर्थन में सामने आए हैं, वहीं इस एनकाउंटर की जांच की मांग भी उठ रही है. इस मुद्दे पर द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.

Hyderabad: Cyberabad Police Commissioner VC Sajjanar, who carried out the "encounter" of the four accused in the Hyderabad veterinarian rape and murder case, addresses the media, in Hyderabad, Friday, Dec. 6, 2019. (PTI Photo) (PTI12_6_2019_000238B)

हैदराबाद एनकाउंटर: हाईकोर्ट ने डॉक्टर के रेप-हत्या के आरोपियों के शव सुरक्षित रखने को कहा

तेलंगाना हाईकोर्ट ने यह आदेश मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय को मिले एक प्रतिवेदन पर दिया, जिसमें महिला पशु चिकित्सक से बलात्कार और उसकी हत्या के आरोपियों के कथित पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के मामले पर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई थी.

हैदराबाद स्थित शादनगर में तैनात पुलिस. ये वही जगह है, जहां महिला डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के चारों आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारे गए. (फोटो: पीटीआई)

हैदराबाद: मानवाधिकार कार्यकर्ता बोले- पुलिस हत्या करने वाली भीड़ की तरह काम नहीं कर सकती

हैदराबाद में महिला डॉक्टर के सामूहिक बलात्कार और हत्या के आरोपियों को पुलिस एनकाउंटर में मार दिए जाने की घटना पर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह एनकाउंटर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने में पुलिस की नाकामी से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए किया गया है.

बलात्कार के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल. (फोटो साभार: एएनआई)

केरल: नन ने रेप के आरोपी बिशप की शिकायत राष्ट्रीय, राज्य महिला आयोग और एनएचआरसी से की

नन ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि बिशप फ्रैंको मुलक्कल और उनके समर्थक सोशल मीडिया और यूट्यूब चैनलों के माध्यम से उसे और मामले में गवाह उसकी साथी ननों को अपमानित कर रहे हैं.

New Delhi: Home Minister Amit Shah addresses during the 46th National Management Convention of the All India Management Association (AIMA), in New Delhi, Tuesday, Sept. 17, 2019. (PTI Photo/Kamal Singh)(PTI9_17_2019_000034B)

मानवाधिकारों पर पश्चिमी मानक को भारत में आंख बंद करके लागू नहीं किया जा सकता: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के 26वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही.

Muzaffarpur: People take part in a candle light march to protest against the death of children due to Acute Encephalitis Syndrome (AES), in Muzaffarpur, Sunday, June 23, 2019. (PTI Photo) (PTI6_23_2019_000113B)

बिहार: चमकी बुखार से मरने वालों में अधिकतर गरीब परिवारों के बच्चे, 62 फीसदी लड़कियां

बिहार में इस साल एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से जिन बच्चों की मौत हुई उनमें से 85 फीसदी से अधिक परिवार दिहाड़ी मजदूर हैं. वहीं, इस साल मरने वाले 168 बच्चों में से 104 लड़कियां थीं.

Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar attends the foundation stone laying ceremony of 'Multipurpose Prakash Kendra and Udyan' at the campus of Guru Ka Bagh in Patna, Sunday, Sept 9, 2018. (PTI Photo)(PTI9_9_2018_000102B)

बिहार में डॉक्टरों के 57 फीसदी और नर्सों के 71 फीसदी पद खाली

बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाख़िल कर ये जानकारी दी. हाल ही में चमकी बुखार के कारण राज्य में 150 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है.

A relative sits next to a child patient who is suffering from acute encephalitis syndrome at a hospital in Muzaffarpur (Photo: Reuters)

‘सरकार ईमानदारी से काम करे, तो अगले साल इंसेफलाइटिस से एक भी बच्चे की जान नहीं जाएगी’

साक्षात्कार: बिहार में इस साल अब तक एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के चलते मुज़फ़्फ़रपुर व उसके आसपास के ज़िलों में 150 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है. यह बीमारी 1995 में सामने आई थी, तब से हर साल बच्चों की मौत हो रही है, कभी कम तो कभी ज़्यादा. इस बीमारी के तमाम पहलुओं को लेकर मुज़फ़्फ़रपुर में साढ़े तीन दशक से काम कर रहे प्रख्यात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.अरुण शाह से उमेश कुमार राय की बातचीत.

Vishesh Report

नीतीश सरकार ने चमकी बुखार पर शोध, जागरूकता, पुनर्वास के लिए कोई फंड नहीं मांगा

चमकी बुखार या एईएस से बिहार में अब तक क़रीब 150 बच्चों की मौत हो चुकी है. एईएस से निपटने के लिए बिहार सरकार की लापरवाही का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन 2019-20 के तहत इस पर शोध, पीड़ितों का पुनर्वास और लोगों को जागरूक करने के लिए किसी फंड की मांग नहीं की.

बिहार के हरिवंशपुर गांव में गिरफ्तार किए गए लोगों के रिश्तेदार. (फोटो साभार: एएनआई)

बिहार: चमकी बुखार से बच्चों की मौत के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने वाले 39 लोगों पर केस दर्ज

बीते 18 जून को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुज़फ्फ़रपुर दौरे पर जाने के दौरान हरिवंशपुर गांव के लोगों ने चमकी बुखार से बच्चों की मौत और पानी की कमी को लेकर सड़क का घेराव किया था, जिसके चलते पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. नामजदों में क़रीब आधे दर्जन वे लोग हैं जिनके बच्चों की मौत चमकी बुखार से हुई है.

एईएस बीमारी से अब तक करीब 60 बच्चों की मौत हो चुकी है.

चमकी बुखार से प्रभावित करीब 75 फीसदी परिवार गरीबी रेखा के नीचे हैं: रिपोर्ट

बिहार सरकार द्वारा कराए गए सर्वे में ये जानकारी सामने आई है. राज्य में एईएस या चमकी बुखार से अब तक 130 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है.

(फोटो: पीटीआई)

इंसेफलाइटिस से बच्चों की मौत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, बिहार सरकार को नोटिस जारी किया

कोर्ट ने कहा कि राज्य और केंद्र दोनों सात दिन के भीतर हलफनामा दाखिल कर बताएं कि उन्होंने इंसेफलाइटिस से हो रहे बच्चों की मौत को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं.

Muzaffarpur: Children showing symptoms of Acute Encephalitis Syndrome (AES) being treated at a hospital in Muzaffarpur, Saturday, June 15, 2019. Four more children died Friday in Bihar's Muzaffarpur district reeling under an outbreak of brain fever, taking the toll to 57 this month (PTI Photo)(PTI6_15_2019_000045B)

क्यों 25 साल बाद भी हमें नहीं पता कि बच्चों को चमकी बुखार से कैसे बचाया जाए?

वर्ष 1995 में बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में यह एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम का पहला मामला सामने आने के बाद 25 साल गुज़र गए, इसके बाद भी इस बीमारी के सही कारणों और निदान का पता नहीं चल पाया है.

बिहार के श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पीछे पड़े कंकाल. (फोटो साभार: एएनआई)

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर में अस्पताल के पीछे मिले मानव कंकाल

बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर स्थित जिस अस्पताल के पीछे मानव कंकाल मिले हैं, वहां एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम से अभी तक 108 बच्चों की मौत हो चुकी है. बिहार में चमकी बुखार से अभी तक करीब 139 बच्चों की मौत हो चुकी है.

Muzaffarpur: A view of an over-crowded ward with children showing symptoms of Acute Encephalitis Syndrome (AES) as they undergo treatment at a hospital, in Muzaffarpur, Monday, June 17, 2019. The death toll rose to 100 in Muzaffarpur and the adjoining districts in Bihar. (PTI Photo) (PTI6_17_2019_000139B)

बिहार: एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम से अब त​क 136 की मौत, 16 जिलों में फैला

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले में सबसे अधिक अब तक 117 की मौत हुई है. इसके अलावा भागलपुर, पूर्वी चंपारण, वैशाली, सीतामढ़ी और समस्तीपुर से मौतों के मामले सामने आए हैं.

Muzaffarpur: Children showing symptoms of Acute Encephalitis Syndrome (AES) undergoing treatment at Sri Krishna Medical College and Hospital (SKMCH), in Muzaffarpur, Monday, June 17, 2019. (PTI Photo)(PTI6_17_2019_000049B)

बिहार: इंसेफलाइटिस से मरने वाले बच्चों की संख्या 115 हुई, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाख़िल

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और अश्विनी कुमार चौबे और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए उनके ख़िलाफ़ मुज़फ़्फ़रपुर की एक अदालत में शिकायत दर्ज कराई गई है.

Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar attends the foundation stone laying ceremony of 'Multipurpose Prakash Kendra and Udyan' at the campus of Guru Ka Bagh in Patna, Sunday, Sept 9, 2018. (PTI Photo)(PTI9_9_2018_000102B)

मुज़फ़्फ़रपुर में बच्चों की मौत के बाद जायजा लेने गए सीएम नीतीश कुमार के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी

इंसेफलाइटिस की चपेट में आकर बच्चों की मौत के मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री के ख़िलाफ़ परिवाद दायर. बिहार में अब तक तकरीबन 120 बच्चों की मौत इंसेफलाइटिस से हो चुकी है.

Bihar Encephalitis PTI

क्या है चमकी बुखार, जिसने बिहार में ली सैकड़ों बच्चों की जान

एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम या दिमागी बुख़ार का दायरा बहुत विस्तृत है, जिसमें अनेक संक्रमण शामिल होते हैं और यह बच्चों को प्रभावित करता है. बिहार में पिछले 20 दिनों में इसके 350 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें क़रीब 120 बच्चों की मौत हो चुकी है.

(फोटो: पीटीआई)

बिहार में बच्चों की मौत पर मानवाधिकार आयोग का स्वास्थ्य मंत्रालय, बिहार सरकार को नोटिस

आयोग ने इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए जापानी इंसेफलाइटिस वायरस, एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम पर नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम को लागू करने की स्थिति पर भी रिपोर्ट मांगी है.

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय. (फोटो साभार: फेसबुक)

मुज़फ़्फ़रपुर: बच्चों की मौतों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्री पूछते नजर आए कितने विकेट गिरे

बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में बीते रविवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे भी मौजूद थे. इसी दिन भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट वर्ल्ड कप का मैच था.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

सीवेज साफ़ करने के दौरान हो रहीं मौतें समाज के लिए अभिशाप: मानवाधिकार आयोग

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस एचएल दत्तू ने कहा कि सरकार को यह बताने की ज़रूरत है कि उसने मैला ढोने की प्रथा को ख़त्म करने के लिए क्या किया है, क्योंकि सिर्फ क़ानून बनाना काफ़ी नहीं है. उन्होंने कहा कि हम राष्ट्रीय राजधानी तक में ऐसी घटनाओं के बारे में सुनते हैं तो देश के बाकी हिस्सों की स्थित की कल्पना भी नहीं की जा सकती है.