NIA

(फोटो: पीटीआई)

यूएपीए संशोधन के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया

याचिकाकर्ताओं की मांग है कि इस विधेयक को असंवैधानिक घोषित किया जाए क्योंकि ये संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.

Upendra-Kaul-Facebook

ब्लड टेस्ट रिपोर्ट को हवाला लेन-देन समझ बैठी एनआईए, प्रतिष्ठित हृदय रोग डॉक्टर से पूछताछ

पद्मश्री से सम्मानित कॉर्डियोलॉजिस्ट उपेंद्र कौल कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक के डॉक्टर हैं और उन्होंने मलिक को उनकी ब्लड रिपोर्ट के संबंध में कुछ टेक्स्ट मैसेज किए थे.

New Delhi: Union Home Minister Amit Shah speaks during the resolution on Kashmir in the Lok Sabha, in New Delhi, Tuesday, Aug 6, 2019. (LSTV/PTI Photo) (PTI8_6_2019_000028B)

सरकार को बिना मुकदमे के किसी को आतंकवादी घोषित करने का अधिकार देना ख़तरनाक है

नया यूएपीए क़ानून सरकार को अभूतपूर्व शक्तियां देने वाला है, जो उसकी ताक़त के साथ ही उसकी जवाबदेही भी बढ़ाता है.

जम्मू कश्मीर के पूर्व निर्दलीय विधायक इंजीनियर राशिद. (फोटो साभार: फोसबुक)

कश्मीर: नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बीच आतंकी फंडिंग मामले में राशिद इंजीनियर गिरफ़्तार

जम्मू-कश्मीर के पूर्व निर्दलीय विधायक राशिद इंजीनियर से बीते कुछ दिनों से कश्मीरी अलगाववादियों द्वारा लश्कर-ए-तैयबा सरगना हाफिज सईद सहित पाकिस्तान से पैसे लेकर घाटी में तनाव फैलाने के संबंध में पूछताछ की जा रही थी.

(फोटो: पीटीआई)

किसी व्यक्ति को आतंकवादी घोषित करने संबंधी यूएपीए संशोधन विधेयक को संसद ने दी मंज़ूरी

यूएपीए संशोधन विधेयक को राज्यसभा ने 42 के मुकाबले 147 मतों से मंज़ूरी दी. कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि इस संशोधन विधेयक के ज़रिये एनआईए को और अधिक शक्तिशाली बनाने की बात कही गई है, लेकिन सच यह है कि इसके ज़रिये अधिक शक्तियां केंद्र सरकार को मिल रही हैं.

Home minister Amit Shah outside parliament. Image: PTI

समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले को लेकर किए अमित शाह के दावों में कितनी सच्चाई है?

गृहमंत्री अमित शाह का दावा है कि पिछली सरकार ने हिंदू धर्म को आतंकवाद से जोड़ने के लिए असली दोषियों को छोड़ दिया था, यदि ऐसा है तो एनआईए उन्हें पकड़ने की दिशा में कोई कदम क्यों नहीं उठा रही है?

FILE PHOTO: A view of a burnt carriage of Samjhauta Express train in Deewana, near Panipat town, February 19, 2007. REUTERS/Desmond Boylan/File Photo

समझौता विस्फोट: असीमानंद सहित चार को बरी किए जाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती

पाकिस्तान की एक महिला ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में दाख़िल की याचिका. फरवरी 2007 में दिल्ली-लाहौर समझौता एक्सप्रेस में हुए विस्फोट के मामले के चारों आरोपियों स्वामी असीमानंद, लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजिंदर चौधरी को बीते मार्च महीने में अदालत ने बरी कर दिया था.

(फोटो: पीटीआई)

आतंक के आरोपी का दावा, एनआईए के सुझाव पर आरोप स्वीकार कर लिया था

साल 2012 में पांच लोगों को लश्कर-ए-तैयबा आतंकी होने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था. सात साल बाद इस हफ्ते बॉम्बे हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा होने वाले उनमें से एक मोहम्मद इरफान गौस ने दावा किया है कि वह निर्दोष थे.

**EDS: RPT WITH DETAIL**Mumbai: BJP MP Pragya Singh Thakur arrives at sessions court for the hearing of Malegaon blast case in Mumbai, Friday, June 7, 2019. Six people were killed and over 100 injured when an explosive device strapped to a motorcycle went off near a mosque in Malegaon on September 29, 2008. According to police, the motorbike was registered in Thakur's name and that led to her arrest in 2008. (PTI Photo/Shashank Parade)(PTI6_7_2019_000032B)

मालेगांव विस्फोट में इस्तेमाल आरोपी प्रज्ञा ठाकुर की बाइक का न्यायाधीश ने परीक्षण किया

साल 2008 में मालेगांव बम धमाके के बाद घटनास्थल से दो बाइक और पांच साइकलों को जब्त किया गया था. आरोप है कि बम में आईईडी से विस्फोट किया गया था और इसे सुनहरे रंग की एलएमएल फ्रीडम बाइक में रखा गया था, जो ठाकुर के नाम पर पंजीकृत है.

मालेगांव ब्लास्ट की तस्वीर. (फोटो: रॉयटर्स)​​​

2006 मालेगांव धमाका: बॉम्बे हाईकोर्ट ने चार आरोपियों को ज़मानत दी

हाईकोर्ट ने चार आरोपियों मनोहर नावरिया, राजेंद्र चौधरी, धन सिंह और लोकेश शर्मा को जमानत दी है. तीन साल पहले एनआईए ने लोकेश शर्मा और धन सिंह को 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में बरी किया था.

**EDS: RPT WITH DETAIL**Mumbai: BJP MP Pragya Singh Thakur arrives at sessions court for the hearing of Malegaon blast case in Mumbai, Friday, June 7, 2019. Six people were killed and over 100 injured when an explosive device strapped to a motorcycle went off near a mosque in Malegaon on September 29, 2008. According to police, the motorbike was registered in Thakur's name and that led to her arrest in 2008. (PTI Photo/Shashank Parade)(PTI6_7_2019_000032B)

अदालत में पेश हुईं प्रज्ञा ठाकुर, कहा- मालेगांव धमाकों के बारे में कुछ नहीं जानतीं

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से पिछले महीने लोकसभा सांसद निर्वाचित होने के बाद प्रज्ञा ठाकुर की एनआईए अदालत में यह पहली पेशी थी. बीते गुरुवार को स्वास्थ्य कारणों की वजह से वह अदालत में पेश नहीं हुई थीं, लेकिन गुरुवार को ही उन्हें भोपाल में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में देखा गया था.

Surat: Sadhvi Pragya Singh Thakur during a roadshow at an event in Surat on Tuesday. PTI Photo(PTI4_24_2018_000059B)

अदालत नहीं पहुंचीं ‘बीमार’ प्रज्ञा ठाकुर, महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम में हुईं शामिल

भोपाल से भाजपा सांसद और मालेगांव बम धमाके की आरोपी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अपनी याचिका में कहा कि उन्हें गुरुवार को अदालत के समक्ष पेश होना था लेकिन अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने से उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा.

(फोटो साभार: पीटीआई/फेसबुक)

क्या प्रधानमंत्री यह कह सकते हैं कि वो गोडसे की विचारधारा से सहमति नहीं रखते?

क्या हम एक राष्ट्र के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह उम्मीद कर सकते हैं कि वो गोडसे के विचारों की निंदा करेंगे. क्या मोदी और भाजपा यह कह सकेंगे कि वो गोडसे की विचारधारा से सहमति नहीं रखते.

Nitish kumar ani

गोडसे वाले बयान के लिए भाजपा प्रज्ञा ठाकुर को निष्कासित करने पर विचार करे: नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, ‘यह बेहद निंदनीय है. हम ऐसी चीजों को बर्दाश्त नहीं करेंगे. बापू राष्ट्रपिता हैं और लोग पसंद नहीं करेंगे अगर कोई इस तरह से गोडसे के बारे में बात करता है.’

प्रज्ञा​ सिंह ठाकुर. (फोटो: पीटीआई)

मालेगांव धमाका: एनआईए अदालत का प्रज्ञा ठाकुर समेत सभी आरोपियों को हर हफ्ते पेश होने का आदेश

मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को एक मस्जिद के पास हुए विस्फोट में छह लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे.

Bhopal: BJP candidate Sadhvi Pragya Singh Thakur waves at supporters during her election campaign for Lok Sabha polls, at Sewaniya Gond in Bhopal, Monday, May 6, 2019. (PTI Photo) (PTI5_6_2019_000131B)

गोडसे को लेकर प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर मोदी ने कहा, मैं उन्हें मन से कभी माफ़ नहीं कर पाऊंगा

मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा था कि नाथूराम गोडसे देशभक्त थे, देशभक्त हैं और रहेंगे. उन्हें आतंकी बोलने वाले लोग ख़ुद के गिरेबां में झांककर देखें, अबकी बार चुनाव में ऐसे लोगों को जवाब दे दिया जाएगा.

(फोटो साभार: विकिमीडिया कॉमन्स)

नाथूराम गोडसेजी तो देशभक्त थे ही, गांधी भी थे

‘नाथूराम गोडसेजी देशभक्त थे, हैं और रहेंगे’, ‘हिंदूपन की नई प्रतीक’ प्रज्ञा ठाकुर के इस बयान के बाद जो शोर उठा, उसके बाद के घटनाक्रम पर ध्यान देने से कुछ दिलचस्प बातें उभर कर आती हैं.

Bhopal: BJP candidate Sadhvi Pragya Singh Thakur addresses a party workers meeting for Lok Sabha polls, in Bhopal, Thursday, April 18, 2019. (PTI Photo) (PTI4_18_2019_000241B)

प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने गोडसे को देशभक्त बताने वाले अपने बयान पर माफी मांगी

मालेगांव बम धमाके की आरोपी और भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ने कहा था कि नाथूराम गोडसे देशभक्त थे, देशभक्त हैं और रहेंगे. उन्हें आतंकी बोलने वाले लोगों को खुद के गिरेबां में झांककर देखें, अबकी बार चुनाव में ऐसे लोगों को जवाब दे दिया जाएगा.

प्रज्ञा​ सिंह ठाकुर. (फोटो: पीटीआई)

नाथूराम गोडसे देशभक्त थे, देशभक्त हैं और देशभक्त रहेंगे: प्रज्ञा सिंह ठाकुर

भाजपा ने इस बयान की आलोचना की है और प्रज्ञा ठाकुर से माफी मांगने को कहा है. वहीं, कांग्रेस ने कहा कि गोडसे के उत्तराधिकारी भारत की आत्मा पर हमला कर रहे हैं. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि नाथूराम गोडसे एक हत्यारा था, उसकी महिमा करना देशभक्ति नहीं, राजद्रोह है.

Surat: Sadhvi Pragya Singh Thakur during a roadshow at an event in Surat on Tuesday. PTI Photo(PTI4_24_2018_000059B)

करकरे और बाबरी मस्जिद पर बयान के लिए प्रज्ञा ठाकुर के चुनाव अभियान पर 72 घंटे की रोक

मालेगांव बम धमाके की आरोपी और भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर के चुनाव अभियान पर लगी चुनाव आयोग की रोक गुरुवार सुबह से लागू हो गई है. आयोग ने उनके बयानों की कड़ी निंदा करते हुए भविष्य में इसे न दोहराने की चेतावनी दी है.

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन. (फोटो: पीटीआई)

हेमंत करकरे शहीद, लेकिन एटीएस प्रमुख के रूप में उनका काम सही नहीं था: सुमित्रा महाजन

लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा, ‘हेमंत करकरे के दो पहलू हैं. वह शहीद हुए क्योंकि ड्यूटी पर तैनाती के दौरान उनकी मौत हुई, लेकिन एक पुलिस अधिकारी के रूप में उनकी भूमिका सही नहीं थी.’

Bhopal: BJP candidate for Bhopal Lok Sabha seat Sadhvi Pragya Singh Thakur, with BJP vice president Shivraj Singh Chouhan, addresses a press conference at the party's state headquarters in Bhopal, Wednesday, April 17, 2019. BJP has fielded Thakur, an accused in the 2008 Malegaon blasts, as its candidate against Congress leader Digvijay Singh. (PTI Photo) (PTI4_17_2019_000160B)

प्रज्ञा ठाकुर की उम्मीदवारी से शिवराज की छवि धूमिल हुई: भाजपा नेता

पिछले साल नवंबर में हुए मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान राज्य में भाजपा की एकमात्र मुस्लिम उम्मीदवार रहीं फातिमा रसूल सिद्दीकी ने कहा कि प्रज्ञा ठाकुर की उम्मीदवारी को लेकर उन्होंने पार्टी से नाराजगी जाहिर की थी.

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आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, कोई भी धर्म हत्या करना नहीं सिखाता: हेमंत करकरे की बेटी

हेमंत करकरे की बेटी जुइ नवारे ने कहा कि मेरे पिता ने हमें सिखाया कि आतंकवाद एक विचारधारा है और इसे पराजित करना है. मेरे पिता एक रोल मॉडल हैं और उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाना चाहिए.

Bhopal: BJP candidate for Bhopal Lok Sabha constituency Sadhvi Pragya Singh Thakur with BJP National Vice President Shivraj Singh Chouhan before filing her nomination papers for Lok Sabha polls, in Bhopal, Tuesday, April 23, 2019. (PTI Photo) (PTI4_23_2019_000154B)

एमपी: विधानसभा चुनाव में भाजपा की एकमात्र मुस्लिम प्रत्याशी का प्रज्ञा के प्रचार से इनकार

बाबरी मस्जिद को लेकर प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बयान पर भाजपा नेता फ़ातिमा रसूल सिद्दीक़ी ने कहा कि इससे मुसलमानों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की छवि ख़राब हुई है.

Bhopal: BJP candidate Sadhvi Pragya Singh Thakur addresses a party workers meeting for Lok Sabha polls, in Bhopal, Thursday, April 18, 2019. (PTI Photo) (PTI4_18_2019_000241B)

पूर्व नौकरशाहों ने करकरे पर प्रज्ञा ठाकुर के बयान की निंदा की, उम्मीदवारी रद्द करने की मांग

शहीद अधिकारी हेमंत करकरे पर प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बयान से नाराज़ करकरे के पूर्व सहयोगी ने भोपाल लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाख़िल किया.

प्रज्ञा सिंह ठाकुर और आलोक संजर. (फोटो: पीटीआई/फेसबुक)

भाजपा सांसद आलोक संजर ने भोपाल लोकसभा सीट से पार्टी के डमी उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरा

मालेगांव धमाके की आरोपी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने भी भोपाल से अपना नामांकन दाख़िल किया. डमी उम्मीदवार को लेकर मध्य प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि ऐसा इसलिए क्योंकि अगर कहीं आधिकारिक उम्मीदवार का नामांकन किसी तकनीकी या क़ानूनी वजहों से रद्द होता है तो पार्टी के पास विकल्प मौजूद हो.

प्रज्ञा​ सिंह ठाकुर. (फोटो: पीटीआई)

बाबरी मस्जिद गिराए जाने का अफ़सोस नहीं, गर्व है: प्रज्ञा सिंह ठाकुर

मालेगांव बम धमाके की आरोपी और भोपाल से भाजपा की उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा, ‘हमारे प्रभु राम जी के मंदिर में अपशिष्ट पदार्थ थे हमने उनको हटा दिया. हम गर्व करते हैं इस बात पर हमारे देश का स्वाभिमान जागा है. प्रभु राम का भव्य मंदिर भी बनाएंगे.’

Bhopal: BJP candidate Sadhvi Pragya Singh Thakur gestures while addressing a party workers' meeting for Lok Sabha polls, in Bhopal, Thursday, April 18, 2019. (PTI Photo) (PTI4_18_2019_000258B)

शहीद हेमंत करकरे को लेकर प्रज्ञा ठाकुर का बयान राजद्रोह: भाजपा विधायक

उत्तर प्रदेश में गोरखपुर से भाजपा विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि हेमंत करकरे आतंकवादियों से मुक़ाबला करते हुए शहीद हो गए और उनकी शहादत का अपमान करना शर्मनाक है.

Bhopal: BJP candidate Sadhvi Pragya Singh Thakur addresses a party workers meeting for Lok Sabha polls, in Bhopal, Thursday, April 18, 2019. (PTI Photo) (PTI4_18_2019_000241B)

मेरे बयान से देश के दुश्मनों को लाभ मिल रहा, इसलिए बयान वापस लेती हूं: प्रज्ञा ठाकुर

मालेगांव धमाका मामले की आरोपी और भोपाल से भाजपा की उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने बोला था, ‘हेमंत करकरे से मैंने कहा था कि तेरा सर्वनाश होगा.’

हेमंत करकरे (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

करकरे पर प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर आईपीएस एसोसिएशन ने कहा- शहीदों के बलिदान का सम्मान होना चाहिए

आईपीएस एसोसिएशन ने भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर द्वारा महाराष्ट्र एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे को ‘श्राप’ देने वाले बयान की निंदा की है.

Bhopal: BJP candidate Sadhvi Pragya Singh Thakur gestures while addressing a party workers' meeting for Lok Sabha polls, in Bhopal, Thursday, April 18, 2019. (PTI Photo) (PTI4_18_2019_000258B)

हेमंत करकरे को मैंने कहा था तेरा सर्वनाश होगा: साध्वी प्रज्ञा

2008 में हुए आतंकवादी हमले में मारे गए महाराष्ट्र एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे पर टिप्पणी करते हुए भोपाल से भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि जिस मैं वहां गई तो इसके सूतक लग गया, सवा महीने बाद जब इसे आतंकवादियों ने मारा, तब उसका अंत हुआ.

Surat: Sadhvi Pragya Singh Thakur during a roadshow at an event in Surat on Tuesday. PTI Photo(PTI4_24_2018_000059B)

साध्वी प्रज्ञा को प्रत्याशी बना भाजपा देखना चाहती है कि हिंदुओं को कितना नीचे घसीटा जा सकता है

लोग कह रहे हैं कि इस चुनाव में भाजपा का भरोसा छूट रहा है, उसने साध्वी को लाकर ब्रह्मास्त्र चलाया है. यह परीक्षा वास्तव में भाजपा की नहीं है, यह हिंदुओं का इम्तिहान है. क्या वे धर्म के इस अर्थ को स्वीकार करने को तैयार हैं?

रिज़वान असद पंडित के ग़मगीन परिजन (फोटो: पीटीआई)

तीन घटनाएं, जो बताती हैं कि कश्मीर की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है

भाजपा मतदाताओं को यह दिखाने के लिए कि वह आतंक पर सख़्त है, उस मौजूदा कश्मीर नीति से छेड़छाड़ कर रही है, जो अलगाववादियों के साथ सामंजस्य लाने के उद्देश्य से बनाई गई थी. एक ऐसी नीति, जो राज्य को बर्बादी की कगार से वापस लाई थी.

Samjhautha Blast Rajnath Aseemanand PTI Reuters

जब मुक़दमा चलानेवाले एनआईए जैसे हों, तो बचाव में वकील रखने की क्या ज़रूरत है

समझौता एक्सप्रेस मामले की सुनवाई कर रहे जज ने कहा कि अभियोजन कई गवाहों से पूछताछ और उपयुक्त सबूत पेश करने में नाकाम रहा इसलिए मजबूरन आरोपियों को बरी करना पड़ा. जब एनआईए जैसी शीर्ष जांच एजेंसी एक भयानक आतंकी हमले के हाई-प्रोफाइल मामले में इस तरह बर्ताव करती है, तो देश की जांच और अभियोजन व्यवस्था की क्या साख रह जाती है?

असीमानंद, समझौता एक्सप्रेस और गृह मंत्री राजनाथ सिंह (फोटो: पीटीआई/रॉयटर्स)

समझौता एक्सप्रेस मामले में क्यों एनआईए ने एक राजनीतिक विचारधारा के लिए अपनी साख दांव पर लगाई

भारत सरकार यूं तो कहती है कि आतंकवादी कहीं छिपा हो वह उसे निकाल लाएगी, लेकिन इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री का कहना था कि क्यों सरकार आगे की अदालत में इस फैसले के ख़िलाफ़ अपील करे? जिसे करना हो करे, सरकार क्यों करे? इससे क्या फायदा होगा?

New Delhi: **FILE** File photo of Mecca Masjid blast accused Swami Aseemanand who was acquitted by a special NIA court in Hyderabad on Monday. PTI Photo (PTI4_16_2018_000050B)

समझौता एक्सप्रेस विस्फोट: अदालत ने कहा, सबूतों के अभाव में गुनहगारों को सजा नहीं मिल पाई

एनआईए अदालत के जज जगदीप सिंह ने अपने फैसले में कहा, ‘मुझे गहरे दर्द और पीड़ा के साथ फैसले का समापन करना पड़ रहा है क्योंकि विश्वसनीय और स्वीकार्य साक्ष्यों के अभाव की वजह से इस जघन्य अपराध में किसी को गुनहगार नहीं ठहराया जा सका.’

Jammu: Army personnel stand guard at Gujjar Nagar area during a curfew, imposed on the third day after the clash between two communities over the protest against the Pulwama terror attack, in Jammu, Sunday, Feb. 17, 2019. (PTI Photo)(PTI2_17_2019_000035B)

जम्मू-कश्मीर: पुलिस हिरासत में स्कूल प्रिंसिपल की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

दक्षिणी कश्मीर के अवंतिपुरा में पूछताछ के लिए हिरासत में लिए एक स्कूल प्रिंसिपल रिज़वान असद पंडित की मौत पर पुलिस ने मजिस्ट्रेट जांच कराने की बात कही है. परिजनों ने कहा, किसी जांच पर विश्वास नहीं.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा- आतंकवाद के चलते कंप्यूटरों की निगरानी ज़रूरी

केंद्र सरकार ने कहा कि यह ज़रूरी है कि कानूनी इंटरसेप्शन (निगरानी) के अनुरोध का मामला कार्यपालिका अधिकारियों द्वारा देखा जाना चाहिए ताकि फैसले लेने में गति और तत्परता बरकरार रखी जा सके.

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह. (फोटो: पीटीआई)

2014 से अब तक में कितनी बार फोन टैपिंग की गई, ये जानकारी नहीं दे सकते: गृह मंत्रालय

द वायर द्वारा दायर किए गए आरटीआई के जवाब में मंत्रालय ने कहा कि इस जानकारी का खुलासा नहीं किया जा सकता क्योंकि इससे देश हित प्रभावित होंगे, किसी व्यक्ति को ख़तरा हो सकता है या जांच की प्रक्रिया बाधित हो सकती है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

लोगों के कंप्यूटर की निगरानी के कारणों का खुलासा करने से केंद्र सरकार का इनकार

आरटीआई के ज़रिये उन सभी आधिकारिक रिकॉर्डों की कॉपी मांगी थी जिनमें 10 सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों को किसी के भी कंप्यूटर में मौजूद डेटा को हासिल करने का अधिकार दे दिया गया है.