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कृषि ऋण देने वाला नाबार्ड एकमात्र बैंक जिसका एनपीए शून्य है: मुख्य महाप्रबंधक

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के मुख्य महाप्रबंधक एसके बंसल ने कहा कि कृषि उत्पादन और उत्पादकता है लेकिन इसका सही मूल्य किसानों को नहीं मिल पा रहा है.

FILE PHOTO: A cashier displays the new 2000 Indian rupee banknotes inside a bank in Jammu, November 15, 2016. REUTERS/Mukesh Gupta/File photo - RTX33SVL

​सरकारी और निजी बैंकों ने वित्त वर्ष 2017-18 में 1.44 लाख करोड़ रुपये बट्टा खाते में डाले

बैंकों द्वारा बट्टा खाते में डाली गई यह राशि पिछले साल की तुलना में 61.8 प्रतिशत ज़्यादा है. पिछली साल बैंकों द्वारा 89,048 करोड़ रुपये बट्टा खाते में डाले गए थे.

(फोटो: रॉयटर्स)

आने वाले साल बैंकों के लिए मुश्किल भरे होंगे: स्टेट बैंक

2017-18 में 21 में से 19 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को कुल 85,370 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ. सबसे ज़्यादा घाटा घोटाले की मार झेल रहे पंजाब नेशनल बैंक को करीब 12,283 करोड़ रुपये का हुआ.

People stand in queues at cash counters to deposit and withdraw money inside a bank in Chandigarh, India, November 10, 2016. Ajay Verma/ REUTERS

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का चौथी तिमाही में घाटा बढ़ा

बैंकों का कहना है कि बढ़ते फंसे क़र्ज़ व उसके लिए ऊंचे प्रावधान के चलते वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही में उनका घाटा बढ़ा.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 205: बैंक डिफॉल्टर और भाजपा की जीत

जन गण मन की बात 205वीं कड़ी में विनोद दुआ जान-बूझकर कर्ज न चुकाने वाले बैंक डिफॉल्टरों और पूर्वोत्तर के विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत पर चर्चा कर रहे हैं.

A bird flies past the logo of Punjab National Bank installed on the facade of its office in Mumbai, India February 21, 2018. REUTERS/Danish Siddiqui

आर्थिक सुधारों के बाद से उद्योग घरानों ने ही बैंकों को लूटा है

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को आर्थिक संकट में उद्योगपतियों ने ही डाला है और कमाल की बात यह है कि निजीकरण के तहत इन बैंकों को एक तरह से उनके ही क़ब्ज़े में देने की बातें हो रही हैं.

Narendra Modi Reuters

सब कुछ बदलने का वादा करके आए मोदी ने भ्रष्ट आर्थिक नीतियों को ही आगे बढ़ाया

आज जब दुनिया में नाना प्रकार के खोट उजागर होने के बाद भूमंडलीकरण की ख़राब ​नीतियों पर पुनर्विचार किया जा रहा है, हमारे यहां उन्हीं को गले लगाए रखकर सौ-सौ जूते खाने और तमाशा देखने पर ज़ोर है.

Modi-Selfie-PTI

प्रधानमंत्री जी, आम लोगों की मेहनत की कमाई से कॉरपोरेट लूट की भरपाई कब तक होती रहेगी?

पिछली सरकारों में व्यवस्था को अपने फ़ायदे के लिए तोड़ने-मरोड़ने वाले पूंजीपति मोदी सरकार में भी फल-फूल रहे हैं.

एसबीआई (फोटो: रायटर्स)

स्टेट बैंक ने 20 हज़ार करोड़ से ज़्यादा का क़र्ज़ बट्टे खाते में डाला

वित्त वर्ष 2016-17 में हज़ार करोड़ से ऊपर की राशि बट्टे खाते में डालने वाले स्टेट बैंक ने अप्रैल से नवंबर 2017 के बीच न्यूनतम बैलेंस न रखने पर आम ग्राहकों से 1,771 करोड़ का जुर्माना वसूला था.

A man walks past a logo of the Reserve Bank of India (RBI) in front of its building in Kolkata May 21, 2012. REUTERS/Rupak De Chowdhuri/Files

बैंकों ने पांच वर्षों में 2,30,287 करोड़ का क़र्ज़ बट्टे खाते में डाला: सरकार

लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि पिछले पांच वर्ष की अवधि के दौरान बैंकों के 2,30,287 करोड़ रुपये के क़र्ज़ को बट्टे खाते में डाल दिया गया.

​(फोटो: रॉयटर्स)​​​

सार्वजनिक बैंकों का एनपीए सितंबर अंत तक 7.34 लाख करोड़ रुपये पहुंचा

वित्त मंत्रालय ने कहा कि एनपीए में करीब 77 प्रतिशत हिस्सेदारी शीर्ष औद्योगिक घरानों के पास फंसे क़र्ज़ का है.