NRC Update

असम की 10 जिला जेलों में  डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं. गोआलपाड़ा जिला जेल. (फोटो: अब्दुल गनी)

असम: डिटेंशन सेंटर में बंद 60 वर्षीय महिला की मौत, कुल मृतकों की संख्या 30 पहुंची

कोकराझार जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने महिला की पहचान राबेदा बेगम के रूप में की, जो कि फरवरी 2018 से हिरासत में थीं.

असम की 10 जिला जेलों में  डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं. गोआलपाड़ा जिला जेल. (फोटो: अब्दुल गनी)

असम के डिटेंशन सेंटर में 799 लोग रखे गए हैं: केंद्र सरकार

इसमें से 95 लोग तीन साल या इससे भी ज्यादा समय से इन केंद्रों में बंद हैं. पिछले चार सालों में डिटेंशन सेंटर में बीमारी से 26 लोगों की मौत हुई है.

असम की 10 जिला जेलों में  डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं. गोआलपाड़ा जिला जेल. (फोटो: अब्दुल गनी)

असम में पिछले साल डिटेंशन सेंटर में दस लोगों की मौत: केंद्र सरकार

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने लोकसभा में बताया कि असम के छह डिटेंशन सेंटर, जहां घोषित विदेशी या दोषी विदेशियों को रखा जाता है. इनमें 3331 लोगों को रखने की क्षमता है. इससे पहले सरकार ने बताया था कि बीते तीन साल में असम के डिटेंशन सेंटर में 29 लोगों की मौत हो चुकी है.

असम की 10 जिला जेलों में  डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं. गोआलपाड़ा जिला जेल. (फोटो: अब्दुल गनी)

असम: डिटेंशन सेंटर में रखे गए शख्स की मौत, कुल मृतकों की संख्या 29 पहुंची

इस मौत के साथ ही अब तक असम स्थित डिटेंशन सेंटरों में रखे गए लोगों की होने वाली मौतों की संख्या 29 पहुंच चुकी है. इन डिटेंशन सेंटरों में करीब 1000 लोगों को रखा गया है.

हिमंता बिस्वा शर्मा. (फोटो साभार: फेसबुक/Himanta Biswa Sarma)

असम सरकार एनआरसी की अंतिम सूची से बाहर हुए हिंदू बंगालियों की संख्या सार्वजनिक करेगी: हिमंता

गृह मंत्री अमित शाह ने 20 नवंबर को राज्यसभा में कहा था कि असम में एनआरसी अपडेट करने की प्रक्रिया भारत के बाकी हिस्से के साथ नये सिरे से चलाई जाएगी, जिसके बाद असम सरकार में मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने बताया था कि राज्य सरकार ने केंद्रीय गृहमंत्री से एनआरसी के मौजूदा स्वरूप को ख़ारिज करने का अनुरोध किया है.

प्रतीक हजेला. (फोटो साभार: फेसबुक/विकिपीडिया)

भ्रष्टाचार के आरोप में एनआरसी के पूर्व संयोजक प्रतीक हजेला पर केस दर्ज

गैर सरकारी संस्था असम पब्लिक वर्क्स (एपीडब्ल्यू) ने प्रतीक हजेला पर एनआरसी अपडेट करने की प्रक्रिया में बड़े स्तर पर सरकारी धनराशि के गबन करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है.

हितेश देव शर्मा. (फोटो: फेसबुक)

प्रतीक हजेला के तबादले के बाद हितेश देव शर्मा बने असम के एनआरसी समन्वयक

पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और असम सरकार को निर्देश दिया था कि असम के पूर्व एनआरसी समन्वयक प्रतीक हजेला को सात दिनों में उनके मूल राज्य मध्य प्रदेश स्थानांतरित कर दिया जाए.

सीजेआई रंजन गोगोई (फाइल फोटो: पीटीआई)

19 लाख बाहर हों या 40 लाख, ये मायने नहीं रखता, एनआरसी भविष्य के लिए एक आधार दस्तावेज: सीजेआई गोगोई

इस बीच उन्होंने एनआरसी का विरोध करने वालों पर भी निशाना साधा और कहा कि ऐसे लोगों को जमीनी हकीकत की जानकारी नहीं है.

प्रतीक हजेला. (फोटो साभार: फेसबुक/विकिपीडिया)

असम एनआरसी समन्वयक प्रतीक हजेला को मध्य प्रदेश स्थानांतरित करने के लिए केंद्र ने मांगा समय

उच्चतम न्यायालय ने केंद्र और असम सरकार को 18 अक्टूबर को निर्देश दिया था कि असम एनआरसी समन्वयक प्रतीक हजेला को सात दिनों में उनके मूल राज्य मध्य प्रदेश स्थानांतरित कर दिया जाए.

प्रतीक हजेला. (फोटो साभार: फेसबुक)

एनआरसी का ऑडिट पूरा होने तक प्रतीक हजेला का पासपोर्ट ज़ब्त रखा जाए: एपीडब्ल्यू संगठन

असम पब्लिक वर्क (एपीडब्ल्यू) नामक संगठन के अध्यक्ष अभिजीत शर्मा ने कहा कि सरकार पर यह पता लगाने की बड़ी ज़िम्मेदारी है कि एक अधिकारी जिसने 1,600 करोड़ रुपये का सरकारी धन ख़र्च किया हो, वह ख़र्च की विस्तृत रिपोर्ट जमा किए बिना कैसे असम छोड़ सकता है.

Pratik Hajela Photo Northeast today

सुप्रीम कोर्ट ने दिए एनआरसी समन्‍वयक प्रतीक हजेला के तत्काल तबादले के आदेश

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस आरएफ नरीमन की पीठ द्वारा जारी आदेश में तत्काल प्रभाव से प्रतीक हजेला का तबादला मध्य प्रदेश करने को कहा गया है, लेकिन इसकी वजह नहीं बताई गई है.

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीआईबी)

भारत ने एनआरसी को आंतरिक प्रक्रिया बताया, मगर हम अपनी आंखें खुली रखे हैं: बांग्लादेश

भारत दौरे पर आईं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान एनआरसी का मुद्दा उठाया.

Guwahati: Members of Assam Public Works (APW) sit in protest after declaration of final draft of National Register of Citizens (NRC), in Guwahati, Saturday, Aug 31, 2019,. (PTI Photo) (PTI8_31_2019_000121B)

नॉर्थ ईस्ट डायरी: एनआरसी की सूची से क्यों नाख़ुश हैं मूल याचिकाकर्ता

असम से विदेशियों को निकालने के लिए 2009 में असम पब्लिक वर्क्स (एपीडब्ल्यू) नाम के गैर-सरकारी संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. 31 अगस्त को आई एनआरसी की अंतिम सूची से संगठन असंतुष्ट है और इसके 100 फीसदी रीवेरीफिकेशन की मांग कर रहा है. एपीडब्ल्यू के अध्यक्ष अभिजीत शर्मा से मीनाक्षी तिवारी की बातचीत.

Guwahati: Hindu Yuba Chatra Parisad members protest against the release of NRC final draft, in Guwahati, Saturday, Aug 31, 2019. More than 19 lakh people have been left out and over 3.11 crore included in the final NRC list in Assam. (PTI Photo) (PTI8_31_2019_000062B)

सुनिश्चित करें कि असम में एनआरसी से लोग राज्यविहीन न हों: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बैचलेट ने भारत सरकार से अपील की कि सूची में शामिल नहीं किए गए लोगों की अपील के लिए वाजिब प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए. लोगों को निर्वासित नहीं किया जाए या हिरासत में नहीं लिया जाए.

फोटो: रॉयटर्स/nrcassam.nic.in

एनआरसी मामले पर पूर्व जजों और नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं के समूह ने सुप्रीम कोर्ट की आलोचना की

पीपुल्स ट्रिब्यूनल की जूरी ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर चलाए गए अभियान के बावजूद न्यायपालिका की समय सीमा तय करने की जिद ने प्रक्रिया और इसमें शामिल लोगों पर दबाव बढ़ा दिया.